जमशेदपुर: घाघीडीह जेल में पेयजल संकट और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
जमशेदपुर। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला कारा सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में केंद्रीय कारा घाघीडीह, मंडल कारा साकची और उपकारा घाटशिला की सुरक्षा और संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जेलों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं सहनी जाएगी।
जेल परिसर में पेयजल संकट का समाधान
बैठक में घाघीडीह केंद्रीय कारा में पेयजल की गंभीर समस्या पर विचार किया गया। जेलर ने बताया कि ज्यादातर चापाकल खराब हो चुके हैं, जिससे जलापूर्ति के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। उपायुक्त ने खराब चापाकलों की त्वरित मरम्मत का निर्देश दिया और जेल परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने के लिए प्राक्कलन को यथाशीघ्र तैयार करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, जेल के विभिन्न जर्जर आंतरिक क्षेत्रों के जीर्णोद्धार कार्य की तेजी से स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षा के लिए वॉच टावरों की तैनाती
उपायुक्त ने जेल की बाह्य और आंतरिक सुरक्षा को मजबूती देने के लिए वॉच टावरों के संचालन पर जोर दिया। उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि जैप (JAP) मुख्यालय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रिक्त वॉच टावरों पर जैप फोर्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, एमजीएम अस्पताल में बन रहे विशेष कैदी वार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बिल्डिंग कॉर्पोरेशन के सहयोग से निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के लिए निर्देश दिए।
नियमित पेट्रोलिंग और औचक निरीक्षण
उपायुक्त ने अधिकारियों को कारा परिसरों में नियमित पेट्रोलिंग और समय-समय पर औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि कारा की संरचनात्मक स्थिति को मजबूत करना भी है। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, एडीएम एसओआर राहुल जी आनंद, डीटीओ धनंजय, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

