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  • रिकी पोंटिंग का सुर्यकुमार यादव को टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन को लेकर सुझाव

    रिकी पोंटिंग का सुर्यकुमार यादव को टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन को लेकर सुझाव

    नई दिल्ली: भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव इस समय अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। लंबे समय से बड़ा स्कोर न कर पाना और लगातार असफल पारियां खेलना उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर रहा है।

    इस बीच, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने सूर्या को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है, जिससे उनका बल्ला फिर से चमक सकता है। आईपीएल 2025 के बाद से सूर्या बल्ले से रन बनाने में संघर्ष कर रहे हैं।

    लंबे समय से नहीं चली सूर्या की बल्लेबाजी

    सूर्यकुमार यादव ने अक्टूबर 2024 के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई अर्धशतक नहीं लगाया है। उनकी हालिया कई पारियों में वे 25 रन का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाए हैं। 2025 में उन्होंने 19 पारियों में केवल 218 रन बनाए, और उनका औसत व स्ट्राइक रेट बेहद कम है। यह प्रदर्शन उस खिलाड़ी के नाम से बिल्कुल विपरीत है, जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में से एक माना जाता है।

    रिकी पोंटिंग की नजर में कहां हो रही है गलती

    पोंटिंग का मानना है कि सूर्यकुमार यादव की समस्या मानसिक है। उनके अनुसार, सूर्या अधिक चिंतित हैं कि वे कैसे आउट होंगे। जब कोई खिलाड़ी इस डर में खेलता है, तो वह अपने शॉट्स को खुलकर नहीं खेल पाता। पोंटिंग ने कहा कि जब सूर्या अपनी बेहतरीन फॉर्म में होते हैं, तो वे शुरुआत में कुछ गेंदों को देखा करते हैं और फिर बिना किसी डर के बड़े शॉट्स खेलने लगते हैं।

    रिकी पोंटिंग की सूर्या को सलाह

    पोंटिंग ने स्पष्ट रूप से बताया है कि सूर्या को रन बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आउट होने की चिंता को छोड़कर खुद पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार पहले ही साबित कर चुके हैं कि वे टी20 फॉर्मेट में किसी भी बल्लेबाज से कम नहीं हैं। उन्हें केवल अपने आत्मविश्वास को फिर से हासिल करना है।

    न्यूजीलैंड सीरीज आखिरी मौका

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। यह सीरीज सूर्यकुमार यादव के लिए खुद को साबित करने का एक महत्वपूर्ण मौका साबित हो सकती है। यदि वे इस सीरीज में फॉर्म में लौट आते हैं, तो वर्ल्ड कप में उनका बल्ला फिर से दमक सकता है।

  • जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 41वां टेस्ट शतक लगाकर पोंटिंग की बराबरी की

    जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 41वां टेस्ट शतक लगाकर पोंटिंग की बराबरी की

    नई दिल्ली: इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाज जो रूट इस समय टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज श्रृंखला के अंतिम टेस्ट में उन्होंने एक और शानदार शतक जड़ा, जो उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पारी के जरिये रूट ने टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है।

    सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस पांचवें टेस्ट में जो रूट ने अपना 41वां टेस्ट शतक बनाया। यह इस श्रृंखला में उनका दूसरा शतक है और इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में तृतीय स्थान पर पहुंच गए हैं, जहां उनके पीछे सचिन तेंदुलकर और जैक कैलिस हैं।

    संयम और क्लास का शानदार मेल

    जो रूट ने यह शतक पूरी सावधानी और मितव्ययिता से बनाया। उन्होंने 146 गेंदों में अपने 100 रन पूरे किए। दूसरे दिन की शुरुआत में रूट 72 रन पर नाबाद थे और उन्होंने अपने समय के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना किया। उनकी पारी में बेहतरीन समय पर शॉट्स को खेलना और संयम का बेहतरीन नमूना देखने को मिला। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए और अपनी टीम को मजबूती प्रदान की।

    ऑस्ट्रेलिया में पहली बार दिखा रूट का दबदबा

    इस दौरे से पहले, जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया में कोई अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं बनाया था। लेकिन इस श्रृंखला में उन्होंने अपनी कमी को पूरा किया। ब्रिसबेन टेस्ट में नाबाद 138 रन बनाने के बाद, अब सिडनी में भी उन्होंने शतक लगाया। इस शतक ने साबित कर दिया कि रूट अब ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं।

    कम मैचों में पोंटिंग की बराबरी

    जो रूट ने 163 टेस्ट मैचों में 41 शतक बनाए हैं, जबकि रिकी पोंटिंग ने इतने ही शतक 168 टेस्ट मैचों में लगाए थे। यह आंकड़ा रूट की निरंतरता और उत्कृष्टता को दर्शाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रूट का वर्ष 2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी

    • सचिन तेंदुलकर – 51 शतक
    • जैक कैलिस – 45 शतक
    • रिकी पोंटिंग – 41 शतक
    • जो रूट – 41 शतक
    • कुमार संगकारा – 38 शतक
  • IND vs SA: विराट कोहली को मिल सकते हैं 28,000 रन पूरे करने का अवसर

    IND vs SA: विराट कोहली को मिल सकते हैं 28,000 रन पूरे करने का अवसर

    विशाखापट्टनम: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम में आयोजित होने वाला है। इस मुकाबले में जीत उस टीम की होगी जो इस सीरीज को अपने नाम करेगी।

    इस सीरीज का स्कोर वर्तमान में 1-1 से बराबर है, और भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें एक बार फिर से विराट कोहली पर टिकी हुई हैं। यदि कोहली इस मैच में शतक लगाते हैं, तो वह एक खास रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

    कोहली की शानदार फॉर्म

    विराट कोहली इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। पहले मैच में उन्होंने रांची में 135 रन बनाए और दूसरे मैच में रायपुर में 102 रनों की पारी खेली। ऐसे में तीसरे मैच में यदि वह एक और शतक जड़ देते हैं, तो यह उनके लिए एक नई उपलब्धि होगी। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि यदि वह 90 रन बनाते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे कर लेंगे।

    28,000 रनों का महत्वपूर्ण मील का पत्थर

    • सचिन तेंदुलकर- 34,357 रन
    • कुमार संगकारा- 28,016 रन

    वर्तमान में विराट का स्कोर 27,910 रन है। एक बार 90 रन बनाने पर वह विश्व के तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे जिनके नाम 28,000 से अधिक रन होंगे। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग ने अपने करियर में 27,483 रन बनाए थे, जिसका मतलब है कि विराट पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

    विशाखापट्टनम का मैदान और विराट कोहली

    विराट कोहली को विशाखापट्टनम का मैदान बहुत भाता है। अब तक उन्होंने यहां 7 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उनका औसत लगभग 98 रहा है और उन्होंने 587 रन बनाए हैं। इनमें से 3 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं, जो उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है। ऐसा लगता है कि इस मैदान पर उनका बल्ला हमेशा गरजता है।

    क्या विराट कोहली बनाएंगे लगातार तीसरा शतक?

    पिछले दो मैचों में शतक लगाने के बाद विराट का आत्मविश्वास ऊंचा है। यदि वह विशाखापट्टनम में भी शतक जड़ते हैं, तो वे लगातार तीन वनडे में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।

  • एशेज 2025 से पहले रिकी पोंटिंग ने इंग्लैंड के ‘बाजबॉल’ पर आरोप लगाए

    एशेज 2025 से पहले रिकी पोंटिंग ने इंग्लैंड के ‘बाजबॉल’ पर आरोप लगाए

    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का पहला मुकाबला 21 नवंबर को खेला जाएगा

    नई दिल्ली: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने एशेज सीरीज से पहले इंग्लैंड की टीम पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि इंग्लैंड का प्रसिद्ध ‘बैजबॉल’ खेलने की शैली मात्र ऑस्ट्रेलिया में एशेज जीतने के लिए बनाई गई है।

    पोंटिंग ने इंग्लैंड को झूठी बयानबाजी करने वाला बताया, जो अपने इस खेल के अंदाज को दीर्घकालिक क्रांति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जबकि वास्तविकता पूरी तरह दूसरी है। उन्होंने इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

    बैजबॉल का उद्देश्य सिर्फ ऑस्ट्रेलिया पर विजय प्राप्त करना?

    पोंटिंग का कहना है कि ब्रेंडन मैकलम और बेन स्टोक्स के नेतृत्व में इंग्लैंड ने पिछले दो वर्षों में जो भी किया, वह सब 2025-26 में ऑस्ट्रेलिया दौरे की एशेज के लिए तैयारियों का हिस्सा है।

    उन्होंने 7NEWS से बात करते हुए कहा, “मेरा मानना है कि बैजबॉल केवल इस विशेष सीरीज के लिए विकसित किया गया था। पिछले दो वर्षों में जो कुछ भी हुआ, उसका एक ही लक्ष्य था—ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट मैच जीतने की तैयारी करना।”

    पोंटिंग ने मजेदार टिप्पणी की

    उन्होंने इंग्लैंड की संभावनाओं पर हंसते हुए यह भी कहा कि पिछले 25 वर्षों में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में केवल चार बार टेस्ट मैच जीते हैं। इस बार उनके लिए कम से कम तीन मैच जीतना आवश्यक है। पोंटिंग ने हल्के अंदाज में कहा, “मैं उत्सुकता से देख रहा हूं कि वे ऑस्ट्रेलिया में कैसा प्रदर्शन करते हैं।”

    बैजबॉल में कई परिवर्तन

    पोंटिंग ने आगे कहा, “शुरुआत में यह खेल बहुत ढीला था। लेकिन अब खिलाड़ी सही समय पर सही निर्णय लेने लगे हैं। जो रूट पहले की तरह हर गेंद पर हमला नहीं कर रहे हैं। खुद बेन स्टोक्स भी अब उतने आक्रामक नहीं रहे।”

    उन्होंने आगे कहा, “इंग्लैंड के ओपनर अब भी अपने पुराने अंदाज में खेलते हैं, और ओली पोप भी इसी शैली को अपनाते हैं। इसलिए, इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज इस सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

    इंग्लैंड का आक्रामक रवैया नहीं बदलेगा

    पोंटिंग को पूरा विश्वास है कि इंग्लैंड अपने आक्रामक रवैये को ऑस्ट्रेलिया में भी बरकरार रखेगा। 2023 एशेज के पहले मैच में, जब ऑस्ट्रेलिया ने जैक क्रॉली के लिए डीप बैकवर्ड पॉइंट रखा, तब भी उन्होंने पहली गेंद पर कवर के ऊपर से चौका लगाया। पोंटिंग का कहना है कि ऐसा ही दृश्य इस बार भी देखने को मिल सकता है।”