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  • धोनी का IPL 2026 में CSK में भूमिका पर रॉबिन उथप्पा का बयान

    धोनी का IPL 2026 में CSK में भूमिका पर रॉबिन उथप्पा का बयान

    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले क्रिकेट जगत में महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी के बारे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह उनका अंतिम आईपीएल सीजन हो सकता है। इस संदर्भ में पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने भी संकेत दिए हैं कि धोनी ‘येलो जर्सी’ को अलविदा कहने के करीब हैं।

    महेंद्र सिंह धोनी का आईपीएल करियर अद्वितीय रहा है। उन्होंने 278 मैचों में 5439 रन बनाए हैं और अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार चैंपियन बनाया है। हालांकि, 2024 में उन्होंने कप्तानी का पद छोड़ दिया था, और अब टीम की बागडोर ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों में है। फिर भी, धोनी का प्रभाव टीम में आज भी स्पष्ट नजर आता है।

    मेंटॉर और खिलाड़ी की भूमिका निभाएंगे धोनी?

    रॉबिन उथप्पा के अनुसार, इस सीजन में धोनी की भूमिका में बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि धोनी ‘मेंटॉर और खिलाड़ी’ दोनों के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, उनके बल्लेबाजी क्रम में भी परिवर्तन संभव है, जहां वह नंबर सात की बजाय नंबर आठ पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। यह संकेत देता है कि धोनी धीरे-धीरे टीम से दूर जाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

    टीम में कुछ नए बदलाव

    इस बीच, चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी टीम में कुछ नए चेहरों को शामिल किया है। हाल ही में संजू सैमसन को टीम में शामिल किया गया है, जिसे भविष्य की रणनीति के तहत देखा जा रहा है। टीम प्रबंधन नई पीढ़ी को तैयार करने पर जोर दे रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में टीम की मजबूती बनी रहे।

    अभ्यास में जुटे धोनी

    इन चर्चाओं के बीच, धोनी की तैयारी पूरी तरह से अलग तस्वीर पेश कर रही है। वह हाल ही में चेन्नई पहुंचे हैं और अभ्यास में लगे हुए हैं, साथ ही रांची में भी उनकी ट्रेनिंग पहले से जारी है। यह स्पष्ट है कि वह इस सीजन के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

    28 मार्च से आगाज

    सीएसके के सीईओ ने यह पुष्टि की है कि धोनी पूरे आईपीएल सीजन के दौरान उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, यह तय करना कि वह कितने मैच खेलेंगे और उनकी भूमिका क्या होगी, टीम प्रबंधन द्वारा किया जाएगा। आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, और सभी की नजरें धोनी के प्रदर्शन और उनके भविष्य पर टिकी रहेंगी।

  • पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग तकनीक पर उठाए सवाल

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग तकनीक पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी अपनी अनोखी प्रतिभा के लिए जाने जाने लगे हैं। उन्होंने अपनी युवावस्था में ही ऐसे प्रदर्शन किए हैं, जो बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरान कर देते हैं। पिछले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के साथ अपने आईपीएल करियर की शुरुआत करने वाले वैभव ने आईपीएल 2025 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। केवल 14 साल की उम्र में उन्होंने अद्भुत छक्के लगाए और गेंदबाजों को परेशान किया, जिससे उन्हें एक नई पहचान मिली है।

    वैभव की प्रतिभा का सबसे बड़ा उदाहरण 2026 के अंडर-19 विश्व कप फाइनल में देखने को मिला। इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 80 गेंदों पर 175 रनों की शानदार पारी ने भारत को 400 से अधिक रन बनाने में मदद की और फाइनल में एकतरफा जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वैभव क्रिकेट के मैदान पर भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचने वाले खिलाड़ी हैं।

    आईपीएल में प्रभावशाली स्ट्राइक रेट

    आईपीएल 2025 में वैभव ने 200 से अधिक की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और एक बेहतरीन शतक भी लगाया। इस प्रदर्शन ने साबित किया कि वह बड़े मैचों के लिए बनाए गए खिलाड़ी हैं। राजस्थान रॉयल्स ने जिस विश्वास के साथ उन्हें मौका दिया, वैभव ने उसे पूरी तरह से सही ठहराया है। उनकी ताकतवर हिटिंग ने उन्हें टीम के बल्लेबाजी क्रम का अहम हिस्सा बना दिया है।

    उथप्पा की तकनीकी चिंताएं

    जहां वैभव की तारीफ हो रही है, वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने उनकी बल्लेबाजी तकनीक को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। उथप्पा का मानना है कि वैभव एक बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उनका खेल अब काफी हद तक किस्मत पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल भाग्य के सहारे लंबे समय तक टिकना कठिन है।

    सीखने और सुधार का मौका

    उथप्पा के अनुसार, उच्च स्तर पर गेंदबाज आपकी कमज़ोरियों को तुरंत पहचान लेते हैं। इसलिए, यह सीजन वैभव के लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होगा। रॉबिन ने सुझाव दिया कि वैभव को अपनी बल्लेबाजी की तकनीक और फुटवर्क में सुधार करना होगा। अगर वह अपने पिछले साल के शानदार फॉर्म को बरकरार रख पाते हैं, तो यह उनकी असली परीक्षा होगी।

    राजस्थान रॉयल्स की नई कप्तानी

    आईपीएल के इस सत्र में वैभव का स्थान और बढ़ गया है, और उम्मीद की जा रही है कि वे रियान पराग की कप्तानी में टीम के सभी 14 मैच खेलेंगे। यशस्वी जायसवाल के साथ उनकी ओपनिंग जोड़ी मैदान पर धमाल मचा सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या वैभव अपनी बल्लेबाजी में आवश्यक सुधार कर रॉबिन उथप्पा की चिंताओं को गलत साबित कर पाएंगे।

  • हार्दिक पांड्या टेस्ट क्रिकेट में लौटेंगे, पूर्व खिलाड़ी ने किए बयान

    हार्दिक पांड्या टेस्ट क्रिकेट में लौटेंगे, पूर्व खिलाड़ी ने किए बयान

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में हार्दिक पांड्या फिर से सुर्खियों में हैं। पूर्व खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा ने हाल ही में एक महत्त्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने हार्दिक की टेस्ट क्रिकेट में वापसी की संभावना का जिक्र किया है।

    उथप्पा के अनुसार, हार्दिक नम्बर 7 पर खेलकर टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस बयान से क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। यह ध्यान देने योग्य है कि हार्दिक लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर हैं।

    उथप्पा का बयान

    रॉबिन उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘क्रिकेट में कुछ भी संभव है और कभी हार नहीं माननी चाहिए। यदि हार्दिक खुद टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं, तो बीसीसीआई उनकी रोकथाम नहीं करेगी।’

    उथप्पा ने यह भी जताया कि यदि हार्दिक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने का सपना देखते हैं, तो यह उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मुकाम साबित होगा, क्योंकि उन्होंने पहले ही कई सफेद गेंद की ट्रॉफियां जीती हैं।

    फिटनेस और गेंदबाजी की चर्चा

    उथप्पा ने हार्दिक की मौजूदा फिटनेस की सराहना की। उनका कहना है कि आजकल टेस्ट क्रिकट में ऑलराउंडर से ज्यादा ओवर गेंदबाजी की अपेक्षा नहीं होती। जैसे नितीश कुमार रेड्डी एक पारी में 12-15 ओवर डालते हैं, वैसे ही हार्दिक भी उतने ओवर डाल सकते हैं।

    उथप्पा ने कहा, ‘हार्दिक की फिटनेस अब बहुत अच्छी है, वे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बेहतरीन हैं। यदि वे 12 से 15 ओवर डालें, तो टीम के लिए यह एक बड़ी ताकत होगी।’ हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पर निर्णय हार्दिक को खुद लेना है।

    हार्दिक का टेस्ट करियर

    हार्दिक पांड्या ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2018 में खेला था। उसके बाद पीठ में चोट के कारण वे लाल गेंद वाले क्रिकेट से दूर हो गए और अब केवल सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां वे भारत के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं।

    अब तक हार्दिक ने 11 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 532 रन बनाए हैं। उनका औसत 31.29 है, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 17 विकेट लिए हैं, जिनका औसत 31.05 है।

    टीम इंडिया की ऑलराउंडर की खोज

    भारत टेस्ट टीम में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की कमी महसूस कर रहा है। हाल के मैचों में नितीश रेड्डी, शार्दूल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को आजमाया गया है। उथप्पा का मानना है कि हार्दिक इस भूमिका में उच्चतम स्तर पर फिट बैठते हैं और टीम को संतुलन प्रदान करेंगे।

  • राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की दौड़ में जायसवाल, पराग और जडेजा शामिल

    राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की दौड़ में जायसवाल, पराग और जडेजा शामिल

    नई दिल्ली: आईपीएल 2026 से पहले, राजस्थान रॉयल्स ने अपनी टीम में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। लंबे समय से टीम का नेतृत्व कर रहे संजू सैमसन, अब चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़ चुके हैं। इस ट्रेड के तहत राजस्थान को रवींद्र जडेजा और सैम करन जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्राप्त हुए हैं।

    अब एक बड़ा सवाल उठता है कि अगले सीजन में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कौन संभालेगा। इस विषय में तीन प्रमुख नाम सामने आए हैं, पर यह देखना होगा कि किस खिलाड़ी पर अंतिम मुहर लगती है।

    संजू सैमसन का जाना और नई शुरुआत

    संजू सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स के लिए कई वर्षों तक बहुत अच्छा खेला। वह टीम के मुख्य खिलाड़ियों में से एक थे और कप्तान के रूप में भी उनकी बहुत अहमियत थी। अब, सीएसके के साथ जुड़ने के बाद, यह बदलाव राजस्थान के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। जडेजा की वापसी विशेष है, क्योंकि उन्होंने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत इसी टीम से की थी। उनका अनुभव टीम की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

    कप्तानी की रेस में मुख्य दावेदार

    राजस्थान रॉयल्स के पास कप्तानी के लिए बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रवींद्र जडेजा और रियान पराग सबसे महत्वपूर्ण दावेदार हैं। जडेजा को सबसे मजबूत विकल्प माना जा रहा है, क्यूंकि उन्होंने पहले से ही सीएसके की कप्तानी की है। अनेक रिपोर्टों में यह सामने आया है कि वह कप्तानी की जिम्मेदारी लेने की इच्छा रखते हैं।

    रियान पराग युवा और जोशीले

    रियान पराग ने पिछले सीजन में सैमसन के अनुपस्थित रहने पर टीम का नेतृत्व किया था। वह घरेलू क्रिकेट में असम टीम के कप्तान भी हैं। पराग को टीम का भविष्य माना जा रहा है, और उनकी आक्रामक खेल शैली फैंस के बीच काफी लोकप्रिय है।

    इसके अलावा, यशस्वी जायसवाल एक शानदार बल्लेबाज हैं और भारतीय टीम में भी अपनी जगह बना चुके हैं। हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

    पूर्व दिग्गजों ने भी दी अपनी राय

    पूर्व भारतीय खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा का मानना है कि कप्तानी की प्राथमिकता रियान पराग और रवींद्र जडेजा के बीच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी अब बहुत मजबूत हो चुकी है, सिर्फ कप्तान का चयन बाकी है।

    वहीं, पूर्व कप्तान अनिल कुंबले का कहना है कि कप्तानी टीम के प्रदर्शन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने ध्रुव जुरेल को संजू सैमसन के सबसे करीबी विकल्प के रूप में उल्लेखित किया।

  • पूर्व भारतीय खिलाडिय़ों ने कोलकाता टेस्ट में गंभीर का किया समर्थन

    पूर्व भारतीय खिलाडिय़ों ने कोलकाता टेस्ट में गंभीर का किया समर्थन

    साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में भारत को मिली हार, गौतम गंभीर का बचाव हुआ

    नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। भारत को जीत के लिए 124 रनों का लक्ष्य मिला, लेकिन पूरी टीम केवल 93 रनों पर ऑल आउट हो गई।

    इस हार के बाद सोशल मीडिया पर कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को दोषी ठहराया है। इस बीच, पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने गंभीर का समर्थन किया है।

    रॉबिन उथप्पा का कोचिंग पर बयान

    अपने यूट्यूब चैनल पर विचार व्यक्त करते हुए रॉबिन उथप्पा ने कहा कि हार का दोष कोच पर लगाना गलत है। उन्होंने मजाक में कहा, “कोच तो मैदान पर खेल नहीं रहा है!”

    उथप्पा ने यह भी स्पष्ट किया कि जब खिलाड़ी मैदान में होते हैं, तो कोच की भूमिका सीमित हो जाती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और केवल नतीजों के आधार पर कोच पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

    राहुल द्रविड़ की याद दिलाते हुए

    उथप्पा ने राहुल द्रविड़ की कोचिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि जब द्रविड़ कोच थे तब भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “अगर एक व्यक्ति जिसने 20-30 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं, उसे ट्रोल किया जा सकता है, तो किसी भी कोच के साथ ऐसा हो सकता है।”

    कोलकाता की पिच पर विवाद

    कोलकाता में खेले गए टेस्ट मैच में पिच ने कई सवाल खड़े कर दिए। तीसरे दिन से ही गेंद तेजी से टर्न ले रही थी और उछाल भी असामान्य था। भारत ने टर्निंग पिच की मांग की थी, लेकिन जब बल्लेबाजों ने प्रदर्शन नहीं किया, तो कुछ लोगों ने पिच को दोषी ठहराया।

    गौतम गंभीर ने बताया कि टर्निंग ट्रैक में कोई समस्या नहीं है; समस्या उनकी योजना का पालन न कर पाना था। सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने भी कहा कि पिच में कोई विशेष खामी नहीं थी। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसी पिचें मिलती हैं, लेकिन वहां कोई हंगामा नहीं होता।