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  • रांची समाचार: ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ का आगाज, डीडीसी के बयान की जानकारी लें

    रांची समाचार: ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ का आगाज, डीडीसी के बयान की जानकारी लें

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में रविवार को ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन नामकुम स्थित हॉकी स्टेडियम के सभागार में हुआ, जहाँ रांची के उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। यह पखवाड़ा 8 मार्च से 22 मार्च तक जिले भर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के साथ चलाया जाएगा।

    जल संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी 💧

    उप विकास आयुक्त ने बताया कि इस期间 जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने दोनों प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र से पांच महिलाओं का चयन करें, जिन्होंने जल संरक्षण और जन जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इन चयनित महिलाओं को 22 मार्च को जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

    इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों से आईं मुखिया और जल सहिया दीदियों ने गांवों में जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सामूहिक प्रयासों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और जल संरक्षण के लिए काम किया जा रहा है।

    सहिया दीदियों का सम्मान 🌟

    कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए एक मुखिया और चार जल सहिया दीदियों को उप विकास आयुक्त द्वारा शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, अन्य जल सहिया दीदियों को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

    इस कार्यक्रम में जल संरक्षण के महत्व और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

  • झारखंड में 28 एफपीओ को 3 करोड़ रुपये का अनुदान, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने हस्तांतरित किया।

    झारखंड में 28 एफपीओ को 3 करोड़ रुपये का अनुदान, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने हस्तांतरित किया।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    राज्य में किसानों के लिए नई संभावनाएँ

    रांची: झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज राज्य के 28 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान FPO के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है। इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन मंत्री ने दीप जलाकर किया।

    किसान उत्पादक संगठनों का महत्व 🧑‍🌾

    मंत्री ने कहा कि यह रकम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी। उन्होंने FPOs को किसानों के लिए जिम्मेदारी निभाने और नेतृत्वशीलता के रूप में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने आगे बताया कि FPO को किसानों को नवीनतम तकनीकी विधियों, सही फसल चयन और आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़कर उनकी आय को दोगुना करने में मदद करनी चाहिए। इससे किसान सरकारी योजनाओं का लाभ भी बेहतर तरीके से उठा सकेंगे।

    योजनाओं की जानकारी साझा करने की आवश्यकता

    मंत्री ने कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि सहायता राशि प्राप्त करने वाले FPO के लिए योजनाओं की पूरी सूची एक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाए, जिससे किसान आसानी से जानकारियों तक पहुंच सकें। इसके साथ ही, सफल किसानों की कहानियों को भी साझा किया जाना चाहिए ताकि अन्य किसान प्रेरित हों।

    प्रेरणादायक उदाहरण: विमला देवी 🥛

    कार्यशाला में मंत्री ने विमला देवी का उदाहरण पेश किया, जो इटकी प्रखंड के ठाकुरगांव की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि विमला देवी ने राष्ट्रीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। उन्होंने एक छोटी शुरुआत से 80,000 लीटर दुग्ध संग्रह करने की उपलब्धि हासिल की है, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मंत्री ने कहा कि झारखंड में कृषि क्षेत्र से 50 प्रतिशत रोजगार जुड़ा हुआ है, जो इसके व्यवसायिक संभावनाओं को दर्शाता है।

    उपस्थित गणमान्य व्यक्तित्व

    इस कार्यक्रम में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एससी दुबे, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, नाबार्ड के सामान्य प्रबंधक आरएस भागवानी, और SLBC के उपमहाप्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा जैसी कई प्रमुख शख्सियतें उपस्थित रहीं।