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  • क्या वैभव सोर्यवंशी आयरलैंड सीरीज में करेंगे डेब्यू?

    क्या वैभव सोर्यवंशी आयरलैंड सीरीज में करेंगे डेब्यू?

    नई पीढ़ी का उभार: वैभव सूर्यवंशी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम अब अपने सीनियर खिलाड़ियों से एक नई दिशा में बढ़ रही है। टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका देने की प्रक्रिया तेज हो गई है, और इस क्रम में सबसे चमकदार नामों में से एक हैं वैभव सूर्यवंशी, जो अब इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने डेब्यू के लिए तैयार हैं।

    महज 15 साल की उम्र में अपने विस्फोटक खेल से सबको प्रभावित करने वाले वैभव को अब भारतीय टीम में शामिल करने की चर्चा जोरों पर है। यदि चयनकर्ता उन्हें मौका देते हैं, तो यह उनके करियर का एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

    आयरलैंड दौरे पर संभावित डेब्यू

    विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, चयनकर्ता जल्द ही वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारने की योजना बना रहे हैं। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर आगामी आयरलैंड दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची तैयार कर रहे हैं, जिसमें वैभव का नाम भी शामिल किया गया है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया है कि वैभव को अन्य युवा खिलाड़ियों के साथ शॉर्टलिस्ट किया गया है और इस दौरे के दौरान बेंच स्ट्रेंथ का परीक्षण किया जाएगा।

    IPL में वैभव का शानदार प्रदर्शन

    वैभव ने IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने RCB के खिलाफ 26 गेंदों में 78 रन, CSK के खिलाफ 17 गेंदों में 52 रन और MI के खिलाफ 14 गेंदों में 39 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अपने डेब्यू सीजन में उन्होंने एक शतक भी जड़कर सबको अपनी बल्लेबाजी का दीवाना बना दिया था।

    रिकॉर्ड तोड़ने की संभावना

    यदि वैभव को भारतीय टीम में खेलने का मौका मिलता है, तो वह सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। वर्तमान में यह रिकॉर्ड क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने सिर्फ 16 साल और 205 दिन की उम्र में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था।

  • 2 अप्रैल को धोनी के नेतृत्व में भारत ने 28 साल बाद ODI विश्व कप जीता

    2 अप्रैल को धोनी के नेतृत्व में भारत ने 28 साल बाद ODI विश्व कप जीता

    नई दिल्ली: आज से 15 वर्ष पूर्व, 2 अप्रैल 2011 को, भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखा गया था। उस दिन भारत की क्रिकेट टीम ने 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, अपना दूसरा वनडे विश्व कप जीता, जिससे देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई।

    यह ऐतिहासिक मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत का सामना श्रीलंका से हुआ। श्रीलंकाई टीम उस समय एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में जानी जाती थी।

    28 वर्षों का सपना पूरा हुआ

    भारत ने अपना पहला विश्व कप 1983 में पूर्व कप्तान कपिल देव की अगुवाई में जीता था। उसके बाद, भारतीय टीम ने कई बार प्रयास किए, लेकिन हर बार उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। हालांकि, लगभग 28 साल बाद, एक युवा भारतीय टीम ने ऐसा कारनामा किया, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। इस टीम ने मेहनत के बाद एक बार फिर वनडे विश्व कप अपने नाम किया।

    धोनी बने वनडे विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाले दूसरे कप्तान

    आपको जानकर खुशी होगी कि महेंद्र सिंह धोनी, कपिल देव के बाद, वनडे विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने। उस टूर्नामेंट के दौरान, धोनी पर अपनी टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी आई। उन्होंने उस समय बल्लेबाजी की शुरुआत की जब टीम को रनों की आवश्यकता थी और समय कम था।

    धोनी ने युवराज सिंह के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसमें युवराज ने 21 रनों का योगदान दिया। दोनों ने मिलकर मैच का रुख बदल दिया। धोनी ने संयमित और संतुलित खेल खेला, जरूरत पड़ने पर चौकों की बौछार की, लेकिन उन्होंने कोई जोखिम भरा शॉट नहीं खेला।

    गंभीर की 97 रनों की शानदार पारी

    इस ऐतिहासिक मुकाबले में, भारतीय टीम ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर अपना दूसरा आईसीसी विश्व कप जीता। श्रीलंकाई टीम ने भारत को जीत के लिए 275 रनों का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य का पीछा करते हुए, भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 97 रनों की शानदार पारी खेली, जिसने जीत की राह को आसान बना दिया।

    गंभीर के बाद, धोनी ने 91* रन बनाकर भारत को जीत दिलाई, और इस प्रकार 1983 के बाद से चले आ रहे 28 वर्षों के सूखे को समाप्त किया।

  • बीसीसीआई सचिन तेंदुलकर को बदलने की योजना बना रही थी: संदीप पाटिल का खुलासा

    बीसीसीआई सचिन तेंदुलकर को बदलने की योजना बना रही थी: संदीप पाटिल का खुलासा

    नई दिल्ली: विश्व क्रिकेट के प्रसिद्ध बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने वर्ष 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। अपने लंबे क्रिकेट करियर में उन्होंने कई अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाए हैं। आज भी वे टेस्ट और वनडे प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में अग्रणी स्थान पर हैं। हालांकि, उनके करियर के अंतिम चरण में एक ऐसा वाकया हुआ था जब चयनकर्ताओं के बीच उनके भविष्य को लेकर चर्चा होने लगी थी।

    संदीप पाटिल का बड़ा खुलासा

    भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने हाल ही में हुए एक इंटरव्यू में इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी उजागर की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में जब सचिन का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अच्छा नहीं था, तब चयन समिति उनके विकल्प पर विचार कर रही थी। जब यह बात सचिन को पता चली, तो वे इस चर्चा से चकित रह गए थे।

    सचिन से बातचीत

    पाटिल ने बताया कि उन्होंने सचिन से उनके क्रिकेट करियर के भविष्य के बारे में सवाल किया था। इस पर सचिन ने पूछा कि ऐसा प्रश्न क्यों किया जा रहा है। इसके जवाब में उन्हें बताया गया कि चयनकर्ता उनके रिप्लेसमेंट के बारे में सोच रहे हैं। सचिन इस बात से हैरान हुए और बाद में उन्होंने फोन करके फिर से पुष्टि मांगी, जिस पर पाटिल ने उनकी चिंता को सही माना।

    सच्चाई का सम्मान

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन समिति किसी खिलाड़ी को जबरदस्ती संन्यास लेने के लिए नहीं कह सकती। चयनकर्ता केवल खिलाड़ियों से उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछ सकते हैं। सचिन से पूछने पर उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे अभी खेलना जारी रखना चाहते हैं, और चयन समिति ने उनके इस निर्णय का सम्मान किया।

    सुनहरे युग का अंत

    वास्तव में, 2011 में ICC वनडे विश्व कप जीतने के बाद सचिन का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा। वर्ष 2012 उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, जिसमें उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में लगभग 23.80 की औसत से रन बनाए। वहीं, 10 वनडे मैचों में उनका औसत करीब 31.50 रहा, जिसके दौरान उनके बल्ले से एक भी शतक नहीं आया। अंततः, जब सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया, तो उन्होंने इसकी सूचना चयन समिति को भी दी, जिससे क्रिकेट जगत के एक सुनहरे युग का अंत हुआ।

  • सचिन तेंदुलकर ने बेटे अर्जुन की शादी में पीएम मोदी को बुलाया, धन्यवाद किया सलाह के लिए

    सचिन तेंदुलकर ने बेटे अर्जुन की शादी में पीएम मोदी को बुलाया, धन्यवाद किया सलाह के लिए

    मुंबईः क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के घर जल्द ही खुशी का आयोजन होगा। उनके बेटे अर्जुन की शादी की तारीख नजदीक आ गई है, और तेंदुलकर परिवार इस खास मौके के लिए पूरी तैयारी में लगा हुआ है। इसी बीच, सचिन ने एक पोस्ट के जरिए सभी को चौंका दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने बेटे की शादी के समारोह में आमंत्रित किया है। साथ ही, उन्होंने इस युवा जोड़े के लिए आशीर्वाद और मार्गदर्शन देने के लिए धन्यवाद भी दिया।

    सचिन का सोशल मीडिया पोस्ट

    सचिन तेंदुलकर ने ‘X’ पर लिखा, “हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को अर्जुन और सानिया की शादी में आमंत्रित करने की खुशी है। मोदी जी, इस युवा जोड़े के लिए आपके आशीर्वाद और विचारशील सलाह के लिए धन्यवाद।”

    शादी का कार्यक्रम

    अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी इस साल के अंत में होने जा रही है। शादी की विभिन्न रस्में 3 मार्च से आरंभ होंगी, जबकि औपचारिक समारोह 5 मार्च को परिवार के करीबी सदस्यों और दोस्तों के साथ आयोजित होगा। 26 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्जुन ने पिछले वर्ष अगस्त में बिजनेसमैन रवि घई की पोती चंडोक से सगाई की थी।

    जानकारी सानिया चंडोक के बारे में

    सानिया चंडोक मुंबई के एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंधित हैं और वर्तमान में वह मिस्टर पॉज़ पेट स्पा एंड स्टोर LLP में डिज़िग्नेटेड पार्टनर और डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। घई परिवार की हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में अच्छी पहचान है, जिसमें इंटरकॉन्टिनेंटल होटल और ब्रुकलिन क्रीमरी शामिल हैं।

    अर्जुन तेंदुलकर का करियर

    अर्जुन ने 2021 में मुंबई इंडियंस से 20 लाख रुपये की बेस प्राइस पर जुड़कर अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन चोट के कारण वह उस सीजन में नहीं खेल पाए। फ्रैंचाइजी ने उन पर भरोसा बनाए रखा और 2022 की नीलामी में उन्हें 30 लाख रुपये में वापस शामिल किया। उन्होंने 2023 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ IPL में डेब्यू किया और अब तक 5 मैचों में 3 विकेट लिए हैं। हालांकि, पिछले साल उनके खेलने के अवसर कम हो गए, क्योंकि वह केवल एक मैच में खेल पाए और उसमें सफल नहीं हो सके।

  • भारत की घरेलू हार के पांच मुख्य कारण: रोहित, गिल और कोहली का असफल प्रदर्शन

    भारत की घरेलू हार के पांच मुख्य कारण: रोहित, गिल और कोहली का असफल प्रदर्शन

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन एक बड़े झटके के रूप में सामने आया। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आयोजित वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से मात देकर पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतने का कारनामा किया।

    338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम के अन्य खिलाड़ियों ने निराश किया। इस हार के बाद फैंस सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। आइए इस हार के कारणों पर नजर डालते हैं।

    1. रोहित शर्मा: कप्तान की खामोशी

    कप्तान रोहित शर्मा से बड़े लक्ष्य के सामने बड़ी पारी की उम्मीद थी, किंतु वह महज 11 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी सीरीज में उन्होंने केवल 61 रन बनाए, जो फैंस को निराश करने वाला रहा। अब वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    2. शुभमन गिल: उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे

    घरेलू मैदान पर रनों की बौछार करने वाले शुभमन गिल इस निर्णायक मैच में केवल 23 रन बना सके। उन पर कप्तान के रूप में बड़ी पारी खेलने का दबाव था, लेकिन वह असफल रहे। गिल के विदाई के बाद फैंस ने kritik की कि वह अपनी गलती से आउट हुए।

    3. श्रेयस अय्यर: उप-कप्तान का प्रदर्शन निराशाजनक

    उप-कप्तान श्रेयस अय्यर से उम्मीद की गई थी कि वह मिडल ऑर्डर में पारी को संभालेंगे, लेकिन उन्होंने सिर्फ 3 रन बनाए। पिछले दो मैचों की निराशाजनक पारियों ने भारत की स्थिति को कमजोर किया। जब कोहली को समर्थन की आवश्यकता थी, अय्यर ने निराश किया।

    4. रवींद्र जडेजा: न बल्ला न गेंद

    ऑलराउंडर जडेजा ने इस सीरीज में सबसे बड़ी निराशा लोगों के लिए प्रदान की। निर्णायक मैच में वह केवल 12 रन बना सके और गेंदबाजी में 6 ओवर में 41 रन खर्च कर एक भी विकेट नहीं लिया। उनके प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    5. कुलदीप यादव: मिडिल ओवर्स में बेअसर

    कुलदीप यादव की गेंदबाजी कीवी बल्लेबाजों के सामने प्रभावी साबित नहीं हुई। उन्होंने 6 ओवर में 48 रन खर्च किए और केवल एक विकेट लिया। टीम को जब विकेट की जरूरत थी, तब वह संघर्ष करते नजर आए।

    फैंस का गुस्सा

    हनसे लेकर सोशल मीडिया तक, फैंस इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं। एक प्रशंसक का कहना है, “विराट कोहली अकेले कब तक लड़ेगा? सीनियर खिलाड़ियों को अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए।” गौतम गंभीर और रोहित शर्मा की जोड़ी अब लोगों की आलोचना का शिकार बन गई है।

  • गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के 92 साल के इतिहास में ऐसा अभूतपूर्व घटनाक्रम गौतम गंभीर के मुख्य कोच रहते देखने को मिला है। इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार केवल एक खेल की हार नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की एक स्पष्ट पहचान है जिसने प्रशंसकों को परेशानी में डाल दिया है।

    गौतम गंभीर, जिन्होंने खुद को बेहतरीन बल्लेबाज और कप्तान कहा था, अब सबसे खराब कोच माने जा रहे हैं। आने वाले समय में उनकी कोचिंग की स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है।

    इंदौर में भारतीय दृढ़ता का पतन

    इंदौर का होल्कर स्टेडियम भारत के लिए एक अभेद्य किला रहा है, जहां भारत ने कभी भी वनडे नहीं हारा था। लेकिन कीवी टीम ने न केवल भारत को 41 रनों से मात दी, बल्कि पहली बार भारत में वनडे श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट का मान झुक गया। विराट कोहली के 124 रन भी इस हार के पीछे की टीम की कमजोर गेंदबाजी और खराब योजना को छिपा नहीं सके।

    गौतम गंभीर के कार्यकाल के नकारात्मक रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर के कोचिंग के दौरान टीम इंडिया को जीत की तुलना में अनचाहे रिकॉर्ड्स के लिए अधिक चर्चा का विषय बनते देखा गया है। प्रशंसक आश्चर्यचकित हैं कि क्या यह वही आक्रामक भारत है जिसे वे जानते हैं।

    घरेलू पिचों पर हार: 12 वर्षों में पहली बार घर में टेस्ट श्रृंखला हारना और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट एवं वनडे दोनों में हारना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सबसे बड़ा कलंक है।

    इतिहास की सबसे बड़ी हार: 408 रनों की हार और 124 रनों का लक्ष्य हासिल न कर पाना अब इस टीम की नई पहचान बन गया है।

    असफलता का सिलसिला: घरेलू मैदान पर 50 रन के अंदर ऑल-आउट होना और वानखेड़े में 147 रन के लक्ष्य को न हासिल कर पाना प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सदमा है।

    प्रशंसकों का आक्रोश

    सोशल मीडिया पर “Sack Gambhir” जैसे ट्रेंड चल रहे हैं। प्रशंसकों का गुस्सा बिल्कुल सही है, क्योंकि 36 वर्ष बाद न्यूजीलैंड से घर में टेस्ट हारना और 25 वर्ष बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हारना सहन करने योग्य नहीं है। एक निराश प्रशंसक ने कहा, “हम रिकॉर्ड बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब हम रिकॉर्ड तोड़ने के लिए जाने जाते हैं। गंभीर के आगमन ने भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को नष्ट कर दिया है।”

    WTC फाइनल में असफलता

    भारत पहली बार WTC फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। एडिलेड से लेकर मैनचेस्टर और लॉर्ड्स से इंदौर तक हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 17 साल बाद एडिलेड में वनडे हारना और 45 साल बाद एक कैलेंडर वर्ष में एक भी वनडे न जीत पाना टीम की तैयारियों की पोल खोलता है।

  • किंग कोहली का 54वां शतक, कीवी टीम पर ऐतिहासिक जीत

    किंग कोहली का 54वां शतक, कीवी टीम पर ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्लीः भारत-न्यूजीलैंड सीरीज के अंतिम मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का जादू दिखाया। जब टीम इंडिया के प्रमुख बल्लेबाज रोहित शर्मा और शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए, तब देश भर की उम्मीदें विराट पर टिकी थीं। उन्होंने एक बार फिर रन चेज करने में अपनी महारत साबित की और अपने करियर का 54वां शतक लगा दिया। कोहली ने यह प्रदर्शन दबाव में किया, जिससे उनकी स्थिति और मजबूत हुई।

    टीम इंडिया को शुरूआत में लगे झटके

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की पारी की शुरूआत बेहद ही नकारात्मक रही। कप्तान शुभमन गिल 23 रन और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा 11 रन बनाकर जल्दी ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद श्रेयस अय्यर 3 और केएल राहुल 1 रन पर आउट हो गए। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 150 रनों के भीतर ही समेट दी जाएगी, लेकिन विराट कोहली ने क्रीज पर अपने अनुभव का परिचय दिया।

    100 गेंदों में बनाए 114 रन

    विराट कोहली ने दबाव से उबरते हुए अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 100 गेंदों में नाबाद 114 रनों की पारी खेली, जिसमें 8 शानदार चौके और 3 छक्के शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का 54वां शतक है, जिसने यह साबित कर दिया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर्स में से एक हैं।

    नीतीश रेड्डी और हर्षित राणा का महत्वपूर्ण योगदान

    कोहली को दूसरे छोर पर युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का समर्थन मिला। उन्होंने 57 गेंदों में 53 रनों की बेहतरीन पारी खेली और पुष्पा स्टाइल में अपना पहला अर्धशतक मनाया। अंत में हर्षित राणा ने भी ताबड़तोड़ 42 रन बनाकर भारत के स्कोर को मजबूत किया।

    स्कोरकार्ड पर एक नजर:

    रोहित शर्मा: 11 (13 गेंद)

    शुभमन गिल: 23 (18 गेंद)

    विराट कोहली: 114* (100 गेंद)

    नीतीश रेड्डी: 53 (57 गेंद)

    हर्षित राणा: 42* (34 गेंद)

    न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का सामना

    न्यूजीलैंड की तरफ से क्रिस क्लार्क और जेडेन लेनोक्स ने प्रभावी गेंदबाजी की, लेकिन वे कोहली के मजबूत इरादों को ध्वस्त करने में असफल रहे। कोहली ने इंदौर के छोटे मैदान का फायदा उठाते हुए हर दिशा में शॉट्स लगाए और तेज रनों की भागदौड़ में टीम को महत्वपूर्ण समर्थन दिया।

  • विनोद कांबली का जन्मदिन: सचिन तेंदुलकर से तुलना, अब छिपी हुई जिंदगी जी रहे

    विनोद कांबली का जन्मदिन: सचिन तेंदुलकर से तुलना, अब छिपी हुई जिंदगी जी रहे

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के क्षेत्र में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने तीव्र गति से लोकप्रियता हासिल की किन्तु लंबे समय तक अपने करियर को स्थायी नहीं रख पाए। विनोद कांबली की कहानी भी कुछ इसी तरह की है। एक समय था जब उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती थी, परंतु आज वह क्रिकेट की दुनिया से दूर, एक गुमनाम जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

    विनोद कांबली का क्रिकेट का सफर

    मुंबई का शिवाजी पार्क कई महान क्रिकेटरों की कर्मभूमि रहा है और विनोद कांबली भी इन्हीं में से एक थे। उनके खेल में बचपन से ही आत्मविश्वास और आक्रामकता की झलक मिलती थी। उन्होंने उसी स्कूल और कोच के साथ क्रिकेट सीखा, जहां सचिन तेंदुलकर ने अपने खेल का आधार तैयार किया।

    कांबली और तेंदुलकर की महान जोड़ी

    विद्यालय क्रिकेट में कांबली और सचिन की जोड़ी ने एक अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किया। दोनों के बीच हुई 664 रनों की साझेदारी आज भी स्मरण की जाती है। इस मैच में कांबली ने नाबाद 349 रन बना कर एक सितारे के रूप में पहचान बनाई।

    शानदार आरंभ और उल्लेखनीय रिकॉर्ड्स

    घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद विनोद कांबली को भारतीय टीम में स्थान मिला। उन्होंने अपने पहले टेस्ट मैचों में ही दोहरे शतक बनाकर सभी को हैरत में डाल दिया। उन्होंने बहुत जल्दी 1000 टेस्ट रन का आंकड़ा पार किया, जो उस समय एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड था। उनका टेस्ट औसत 50 से ऊपर रहा, जो उनकी अद्वितीय प्रतिभा को दर्शाता है। वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और ऐसा लगा कि भारतीय टीम को एक और उभरता सितारा मिल गया है।

    अनुशासन की कमी और गिरता हुआ करियर

    हालाँकि, जैसे-जैसे कांबली का नाम बढ़ा, उनके करियर में गिरावट भी तेजी से आई। शॉर्ट बॉल के खिलाफ उनकी कमजोरी, फिटनेस पर ध्यान न देना और मैदान के बाहर का व्यवहार उनकी प्रमुख समस्याएँ बन गईं। 1996 विश्व कप के बाद उनका प्रदर्शन लगातार घटता चला गया। चयनकर्ताओं का उन पर से विश्वास धीरे-धीरे कम होने लगा और उनकी टीम में जगह असुरक्षित बन गई। कुछ विवाद और भावुक क्षण भी उनके करियर पर भारी पड़े।

    क्रिकेट के बाद का जीवन

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर होने के बाद, विनोद कांबली ने फिल्मों, टीवी और कमेंट्री के क्षेत्र में भी प्रयास किया, लेकिन उन्हें वही पहचान दोबारा नहीं मिल पाई। समय के साथ, वह मीडिया की चकाचौंध से दूर होते चले गए हैं और आज उनकी जिंदगी काफी हद तक गुमनामी में बीत रही है।

  • विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला रन बनाते ही सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा

    विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला रन बनाते ही सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा

    नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच राजकोट में होने वाला वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण बन गया है। जब विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए, तो फैंस की नजरें केवल उनके रिकॉर्ड पर लगी हुई थीं, और उन्होंने निराश नहीं किया। अपने पहले रन के साथ ही उन्होंने नया इतिहास रच डाला।

    न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बैटिंग करने का आमंत्रण दिया। जब विराट कोहली मैदान पर आए, तब उन्हें एक विशेष रिकॉर्ड तोड़ने के लिए केवल एक रन की आवश्यकता थी। जैसे ही उन्होंने अपने पहले रन के रूप में चौका मारा, वे न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।

    सचिन को पीछे छोड़ने का सफर

    सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 42 वनडे मैचों में कुल 1750 रन बनाए थे। इस सीरीज से पहले, विराट को इस आंकड़े तक पहुँचने के लिए 93 रनों की जरूरत थी। वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में विराट ने शानदार 93 रन बनाकर सचिन की बराबरी कर ली थी।

    पहले मुकाबले के बाद, दोनों खिलाड़ियों के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 1750-1750 रन दर्ज थे। लेकिन राजकोट वनडे में पहले रन के साथ ही विराट अकेले नंबर-1 पर पहुँच गए और सचिन दूसरे स्थान पर चले गए।

    शतकों की दौड़ में भी विराट आगे

    वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक शतक लगाने के मामले में विराट कोहली पहले ही सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ चुके हैं। वर्तमान में विराट के नाम 53 वनडे शतक हैं। हालाँकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे अधिक वनडे शतक लगाने में विराट और वीरेंद्र सहवाग बराबरी पर हैं, दोनों ने कुल 6-6 शतक बनाए हैं।

    लगातार 50+ रन बनाने का अवसर

    विराट कोहली के पास एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह लगातार छठी पारी में 50 या उससे अधिक रन बनाते हैं, तो वे ऐसा करने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। यह उपलब्धि अब तक सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों ने भी केवल 5 पारियों में ही की है।

    नंबर-3 पर भी रिकॉर्ड की तलाश

    वनडे क्रिकेट में नंबर-3 पोजीशन पर सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी विराट के निशाने पर है। मैच से पहले विराट के नाम इस पोजीशन पर 12,529 रन थे। उनसे आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग हैं, जिन्होंने इस स्थान पर 12,662 रन बनाए हैं। यदि विराट इस मैच में 134 रन बना लेते हैं, तो वे पोंटिंग को पीछे छोड़ देंगे।

  • किंग कोहली ने पूरे किए 28,000 रन, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

    किंग कोहली ने पूरे किए 28,000 रन, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

    वडोदरा: विराट कोहली की नई उपलब्धि

    भारत के प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली ने वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद विराट ने मैदान में कदम रखा। उन्होंने तेजी से रन बनाते हुए जब 25 रन पूरे किए, तब उनके इंटरनेशनल क्रिकेट में 28,000 रन पूरे हो गए। यह आंकड़ा छूने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

    कोहली का ऐतिहासिक मील का पत्थर

    विराट कोहली से पहले ये उपलब्धि केवल सचिन तेंदुलकर और श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने हासिल की थी। तेजी से 28,000 रन के आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड भी कोहली के नाम है, जिन्होंने इसे अपनी 624वीं पारी में पूरा किया। सचिन ने इसे 644 पारियों और कुमार संगकारा ने 666 पारियों में हासिल किया था। इस प्रकार विराट ने इन दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।

    वीरता की नई ऊंचाइयां

    मैच के दौरान विराट कोहली ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और 42 रन बनाए, जिसके साथ उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। अब वह इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। विराट के कुल रन अब 28,017 हो गए हैं, जबकि कुमार संगकारा ने अपने करियर में 28,016 रन बनाए थे।

    सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पहले स्थान पर

    अभी भी इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के पास है। उन्होंने 664 मैचों में 782 पारियों में 34,357 रन बनाए हैं, जिनका औसत 48.25 है। सचिन ने अपने करियर में 100 शतक और 164 अर्धशतक भी बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली अब दूसरे स्थान पर आ चुके हैं।

    कोहली का लगातार बेहतरीन प्रदर्शन

    गौर करने वाली बात यह है कि विराट कोहली ने टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। फिर भी, उनका प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। उन्होंने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में बेहतरीन खेल दिखाया था।

    आग उगलता बल्ला

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में भी फैंस को विराट से बड़ी पारियों की उम्मीद है। उनका फॉर्म शानदार जारी है। पिछले सात लिस्ट-ए मैचों में विराट ने तीन शतक और चार अर्धशतक बनाए हैं, जिससे उनकी बल्लेबाजी की क्षमता स्पष्ट होती है।

  • IND vs NZ: तेंदुलकर और कैलिस के रिकॉर्ड तोड़ेंगे रोहित-विराट

    IND vs NZ: तेंदुलकर और कैलिस के रिकॉर्ड तोड़ेंगे रोहित-विराट

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम की वनडे यात्रा अब दक्षिण अफ्रीका से आगे बढ़ते हुए न्यूजीलैंड की ओर बढ़ रही है। दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे श्रृंखला का आगाज 11 जनवरी को वडोदरा में होगा। इसके पश्चात् मुकाबले राजकोट और इंदौर में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि यह एक छोटी सी श्रृंखला है, परंतु रिकॉर्ड्स के संदर्भ में यह विशेष रूप से रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    तीन मैचों की इस श्रृंखला में गलतियों की गुंजाइश बहुत कम है। इसीलिए हर प्रमुख पारी सीधे रिकॉर्ड किताब में जगह बना सकती है। रोहित और विराट दोनों ही ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां एक अच्छी शुरुआत उन्हें इतिहास बनाने के और करीब लाकर खड़ा कर सकती है।

    विराट कोहली की नजर तेंदुलकर और संगकारा पर

    विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अब तक 1657 रन बनाए हैं। इस मामले में केवल सचिन तेंदुलकर ही उनसे आगे हैं, जिनके खाते में 1750 रन हैं। इसका मतलब है कि विराट को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए केवल 94 रन की आवश्यकता है।

    इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में विराट के कुल रन 27,975 हैं। वह जैसे ही 25 रन बनाएंगे, 28,000 रन का मील का पत्थर पार कर लेंगे। यदि यह उपलब्धि इस श्रृंखला में हासिल होती है, तो विराट सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा से कम पारियों में यह कारनामा कर सकते हैं।

    संगकारा को पीछे छोड़ने का मौका

    इसके अलावा, विराट कोहली को कुमार संगकारा को पीछे छोड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के लिए केवल 42 रन की जरूरत है। हालांकि, 15,000 वनडे रन का आंकड़ा इस श्रृंखला में थोड़ा चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए विराट को तीन मैचों में 443 रन बनाने होंगे, जो संभव है यदि उनका बल्ला पूरे फॉर्म में हो।

    रोहित शर्मा की नजर जैक कैलिस के रिकॉर्ड पर

    रोहित शर्मा के पास भी इतिहास रचने का अद्भुत अवसर है। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 11,516 रन हैं, जबकि जैक कैलिस के नाम 11,579 रन हैं। इसका मतलब रोहित को जैक कैलिस के आंकड़ों तक पहुंचने के लिए केवल 64 रन की आवश्यकता है। एक बड़ी पारी रोहित को वनडे क्रिकेट के शीर्ष-8 रन बनाने वालों में शामिल कर सकती है।

    हालांकि, 12,000 वनडे रन का आंकड़ा थोड़ा कठिन है। इसके लिए रोहित को तीन मैचों में 484 रन बनाने होंगे, जिसमें से कम से कम एक बड़ी शतकीय पारी की आवश्यकता होगी।

  • सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी की तारीख हुई घोषित

    सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी की तारीख हुई घोषित

    नई दिल्ली: क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में शामिल सचिन तेंदुलकर के परिवार में जल्द ही शादी की रौनक नजर आएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंदोक ने अपनी शादी की तारीख तय कर ली है। दोनों की शादी मार्च में आयोजित होने की संभावना है। लंबे समय से चल रही अफवाहों के बीच, यह सूचना सामने आई है। खास बात यह है कि परिवार इस समारोह को निजी और सीमित मेहमानों के बीच मनाने की योजना बना रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक अर्जुन और सानिया की शादी मार्च महीने में होने वाली है। दोनों परिवारों ने इस विशेष मौके को गुप्त रखने का निर्णय लिया है, जिसके कारण शादी की तारीख और आयोजन से जुड़ी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि शादी का कार्यक्रम एक साधारण लेकिन यादगार समारोह होगा। तेंदुलकर परिवार हमेशा से निजी आयोजनों को शांतिपूर्ण पारिवारिक माहौल में मनाने के लिए जाना जाता रहा है।

    सगाई से रिश्ते पर लगी मुहर

    अर्जुन और सानिया ने पिछले साल अगस्त में अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था, जब दोनों ने करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में एक निजी समारोह में सगाई की थी। यह क्षण उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हुए अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। सगाई के बाद से ही शादी को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे।

    कौन हैं सानिया चंदोक?

    सानिया चंदोक मुंबई के एक प्रमुख व्यवसायी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह प्रसिद्ध उद्योगपति रवि घई की पोती हैं, जो ग्रेविस ग्रुप के मालिक रहे हैं। यह समूह खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र में एक मजबूत पहचान रखता है। भारत में ब्रुकलिन क्रीमरी और बास्किन रॉबिंस जैसे लोकप्रिय आइसक्रीम ब्रांड इसी समूह के अंतर्गत आते हैं। सानिया खुद भी उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

    कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार, सानिया मिस्टर पॉज पेट स्पा एंड स्टोर LLP में नामित पार्टनर और निदेशक हैं। यह मुंबई स्थित उद्यम पालतू देखभाल सेवाएं और रिटेल पर ध्यान केंद्रित करता है। घई परिवार के व्यापारिक हित आतिथ्य क्षेत्र में भी फैले हुए हैं। ग्रेविस फूड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2023-24 में 624 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो उनके व्यापार में वृद्धि का संकेत है।

    अर्जुन तेंदुलकर का क्रिकेट करियर

    अर्जुन तेंदुलकर ने क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है। वह एक बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं। मुंबई के साथ अपने करियर की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने गोवा की ओर से खेलना चुना। अर्जुन ने 2020-21 सीजन में मुंबई के लिए टी20 डेब्यू किया था। अब तक, उन्होंने 22 फर्स्ट क्लास मैचों में 620 रन और 48 विकेट हासिल किए हैं। हाल ही में, उन्हें आईपीएल से पहले मुंबई इंडियंस से लखनऊ सुपर जायंट्स में ट्रेड किया गया है।

  • सिडनी टेस्ट में स्मिथ ने सचिन का शतक रिकॉर्ड तोड़ा, शीर्ष पर दो खिलाड़ी ही आगे

    सिडनी टेस्ट में स्मिथ ने सचिन का शतक रिकॉर्ड तोड़ा, शीर्ष पर दो खिलाड़ी ही आगे

    नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चल रही 5 टेस्ट मैचों की एशेज सीरीज का अंतिम मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में हो रहा है। ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले तीन मैच जीतकर सीरीज पर नियंत्रण बना चुकी है। इस दौरान, टीम के प्रमुख बल्लेबाज स्टीव स्मिथ उत्कृष्ट फॉर्म में हैं।

    सिडनी में स्मिथ का शानदार प्रदर्शन

    सिडनी टेस्ट में स्टीव स्मिथ ने अपनी बल्लेबाजी का एक और बेहतरीन नमूना पेश किया है। इस मैच में उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 37वां शतक बनाया है। इस उपलब्धि के साथ, स्मिथ ने सबसे कम टेस्ट पारियों में 37 शतक बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया है।

    219 पारियों में 37 शतक

    इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने भी उत्कृष्ट शतकीय पारी खेली। हेड ने 166 गेंदों में 163 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। इसके बाद स्टीव स्मिथ ने भी 166 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा किया। यह स्मिथ के टेस्ट करियर की 219वीं पारी है, जिसमें उन्होंने 37 शतक बनाए। सचिन तेंदुलकर ने अपने 37 टेस्ट शतक 220 पारियों में बनाये थे। इस क्रम में ऑस्ट्रेलियाई पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग अभी भी स्मिथ से आगे हैं, जिन्होंने 212 पारियों में 37 टेस्ट शतक लगाए थे। श्रीलंका के कुमार संगकारा ने भी 218 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    कप्तानी में स्मिथ की उपलब्धियां

    इस मैच में स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी कर रहे हैं, क्योंकि नियमित कप्तान पैट कमिंस चोटिल हैं। कप्तान के रूप में यह स्मिथ का 18वां शतक है। कप्तान रहते हुए सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ के नाम है, जिन्होंने 25 शतक लगाए। विराट कोहली ने कप्तान के रूप में 20 टेस्ट शतक बनाये हैं। यदि स्मिथ एक और शतक लगाकर, वह रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड के बराबरी कर लेंगे, जिनके नाम कप्तान के रूप में 19 शतक हैं।

    एशेज की शतकों की सूची में स्मिथ का स्थान

    एशेज सीरीज, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता मानी जाती है। इस ऐतिहासिक सीरीज में स्टीव स्मिथ अब तक 13 शतक लगा चुके हैं। इस मामले में वह दूसरे स्थान पर पहुँच गए हैं। एशेज में सबसे ज्यादा शतक का रिकॉर्ड महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन के नाम है, जिन्होंने 19 शतक इस सीरीज में बनाए थे। स्मिथ ने इस सूची में जैक होब्स को पछाड़ दिया है। हालांकि, ब्रैडमैन का रिकॉर्ड तोड़ना निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन स्मिथ लगातार अपने लक्ष्य के करीब पहुँचते जा रहे हैं।

  • जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 41वां टेस्ट शतक लगाकर पोंटिंग की बराबरी की

    जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 41वां टेस्ट शतक लगाकर पोंटिंग की बराबरी की

    नई दिल्ली: इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाज जो रूट इस समय टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज श्रृंखला के अंतिम टेस्ट में उन्होंने एक और शानदार शतक जड़ा, जो उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पारी के जरिये रूट ने टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है।

    सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस पांचवें टेस्ट में जो रूट ने अपना 41वां टेस्ट शतक बनाया। यह इस श्रृंखला में उनका दूसरा शतक है और इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में तृतीय स्थान पर पहुंच गए हैं, जहां उनके पीछे सचिन तेंदुलकर और जैक कैलिस हैं।

    संयम और क्लास का शानदार मेल

    जो रूट ने यह शतक पूरी सावधानी और मितव्ययिता से बनाया। उन्होंने 146 गेंदों में अपने 100 रन पूरे किए। दूसरे दिन की शुरुआत में रूट 72 रन पर नाबाद थे और उन्होंने अपने समय के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना किया। उनकी पारी में बेहतरीन समय पर शॉट्स को खेलना और संयम का बेहतरीन नमूना देखने को मिला। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए और अपनी टीम को मजबूती प्रदान की।

    ऑस्ट्रेलिया में पहली बार दिखा रूट का दबदबा

    इस दौरे से पहले, जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया में कोई अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं बनाया था। लेकिन इस श्रृंखला में उन्होंने अपनी कमी को पूरा किया। ब्रिसबेन टेस्ट में नाबाद 138 रन बनाने के बाद, अब सिडनी में भी उन्होंने शतक लगाया। इस शतक ने साबित कर दिया कि रूट अब ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं।

    कम मैचों में पोंटिंग की बराबरी

    जो रूट ने 163 टेस्ट मैचों में 41 शतक बनाए हैं, जबकि रिकी पोंटिंग ने इतने ही शतक 168 टेस्ट मैचों में लगाए थे। यह आंकड़ा रूट की निरंतरता और उत्कृष्टता को दर्शाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रूट का वर्ष 2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी

    • सचिन तेंदुलकर – 51 शतक
    • जैक कैलिस – 45 शतक
    • रिकी पोंटिंग – 41 शतक
    • जो रूट – 41 शतक
    • कुमार संगकारा – 38 शतक
  • सुप्रेश मुगाडे को सचिन के क्लोन का खिताब कैसे मिला

    सुप्रेश मुगाडे को सचिन के क्लोन का खिताब कैसे मिला

    नई दिल्ली: मुंबई के युवा बल्लेबाज सुप्रेश मुगाडे, जो केवल 21 वर्ष के हैं, ने सचिन तेंदुलकर के खेल की तकनीक और शॉट्स का प्रभावशाली अनुकरण करके एक विशेष पहचान बनाई है। उनकी वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं, जिसमें सुप्रेश सचिन के शॉट्स का हूबहू प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

    क्रिकेट की दुनिया में ‘छोटा सचिन’

    सुप्रेश ने सचिन की तकनीक को अपनाकर अपनी पहचान बनाई है। क्रिकेट प्रेमी उन्हें ‘छोटा सचिन’ कहकर सराह रहे हैं। उनके वीडियो पर लाखों व्यूज आ चुके हैं, जो उनके क्रिकेट में गहरी रुचि को दर्शाते हैं।

    छह साल की उम्र में क्रिकेट का सफर शुरू

    सुप्रेश ने केवल छह साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। पहले चार वर्षों तक उन्होंने केवल अपने पिता प्रकाश के साथ प्रैक्टिस की। उनके पिता सचिन के बड़े प्रशंसक थे, और उन्होंने उन्हें सचिन की तरह खेलने का सुझाव दिया। समय के साथ, सुप्रेश ने अपने खेल में सचिन की तकनीकों को अपनाना शुरू किया।

    ‘सचिन की तकनीक अपनाना चुनौतीपूर्ण’

    सुप्रेश मानते हैं कि सचिन की तरह बल्लेबाजी करना हमेशा सरल नहीं होता। उन्होंने बताया कि कभी-कभी उनके लिए सचिन की तकनीक को अपनाना कठिनाई का कारण बनता है, और इस दौरान उनके पिता से असहमति भी होती है। इसके बावजूद, वह हर दिन सचिन के शॉट्स अभ्यास करने का प्रयास करते हैं। दो वर्षों की मेहनत के बाद, उन्होंने काफी हद तक सचिन की छवि को अपनाया है।

    ‘सचिन को दी गई प्राथमिकता’

    सुप्रेश ने विराट कोहली को भी सराहा, लेकिन उनका कहना है कि तकनीक और रिकॉर्ड के मामले में उन्होंने हमेशा सचिन को प्राथमिकता दी है। उनका मानना है कि सचिन ने कठिन विकेटों पर ज्यादा रन बनाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।

    सोशल मीडिया पर उभरती पहचान

    सुप्रेश का इंस्टाग्राम अकाउंट ‘supu_onstrike’ है, जहाँ उनके वीडियो लाखों बार देखे जा चुके हैं। उनके पोस्ट को 231,000 से अधिक लाइक्स मिले हैं। समर्थक उनकी प्रशंसा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनकी नकल को लेकर आलोचना भी कर रहे हैं। सुप्रेश का कहना है कि उनका उद्देश्य खेल सीखना और उसमें सुधार करना है।

    शिक्षा और प्रशिक्षण

    सुप्रेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्वामी विवेकानंद स्कूल, कांदिवली से पूरी की और इस समय ठाकुर कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। वह पय्यादे क्रिकेट अकादमी में नियमित प्रैक्टिस करते हैं। हर दिन दो घंटे की नेट प्रैक्टिस और जिम में प्रशिक्षण उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। उनका सपना मुंबई के रणजी ट्रॉफी टीम का प्रतिनिधित्व करना है।

    भविष्य की आकांक्षाएँ

    सुप्रेश का मानना है कि क्लब स्तर पर प्रदर्शन के बाद उन्हें मुंबई की रणजी टीम में खेलने का मौका मिलेगा। उनकी सोच में तकनीक और अनुशासन ही उनके क्रिकेट करियर की कुंजी हैं। सचिन हमेशा उनके लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे और वह उनके साथ प्रैक्टिस करने का सपना भी देखते हैं।

  • वानखेड़े स्टेडियम में लियोनल मेसी का सचिन तेदुलकर से ऐतिहासिक मिलन

    वानखेड़े स्टेडियम में लियोनल मेसी का सचिन तेदुलकर से ऐतिहासिक मिलन

    रविवार की शाम मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम खेल जगत के एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। क्रिकेट के सम्राट सचिन तेंदुलकर और फुटबॉल के सुपरस्टार लियोनेल मेसी एक साथ नजर आए। मेसी के GOAT टूर 2025 के तहत, सचिन ने उन्हें अपनी प्रसिद्ध नंबर 10 वनडे जर्सी भेंट की।

    वानखेड़े में विशेष यादगार मुलाकात

    GOAT टूर 2025 के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में सचिन तेंदुलकर ने मंच पर लियोनेल मेसी का स्वागत किया। जैसे ही सचिन ने मेसी को अपनी नंबर 10 जर्सी सौंपी, स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। यह पल क्रिकेट और फुटबॉल के प्रशंसकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया।

    नंबर 10 का अनोखा संबंध

    इस कार्यक्रम के संचालक ने दर्शकों को याद दिलाया कि सचिन और मेसी दोनों अपने-अपने खेल में नंबर 10 जर्सी के लिए मशहूर हैं। यह संयोग नहीं है, बल्कि यह दोनों महान खिलाड़ियों की पहचान बन चुका अंक है, जिससे इस पल की प्रतीकात्मकता और भी बढ़ गई।

    सचिन का प्रेरणादायक संदेश

    सचिन तेंदुलकर ने मेसी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने खेल के माध्यम से पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। उन्होंने जर्सी को सम्मान और मित्रता का प्रतीक बताया, जिससे उपस्थित दर्शकों के दिलों में भावनाएं उमड़ पड़ीं।

    सुनील छेत्री की विशेष उपस्थिति

    इस कार्यक्रम में भारतीय फुटबॉल के सितारे सुनील छेत्री भी उपस्थित थे। उन्होंने बार्सिलोना की जर्सी पहनी थी, जिसमें नंबर 10 और मेसी का नाम लिखा था। उनकी उपस्थिति ने भारतीय फुटबॉल और अंतरराष्ट्रीय खेलों के बीच संबंध को और मजबूत किया।

    खेल से परे एक सम्मान का क्षण

    यह आयोजन सिर्फ एक जर्सी भेंट करने तक ही सीमित नहीं रहा। यह दो खेलों, दो संस्कृतियों और करोड़ों प्रशंसकों की भावनाओं का मिलन था। वानखेड़े स्टेडियम में बनी यह छवि लंबे समय तक खेल प्रेमियों के दिलों में बसी रहेगी।

  • लियोनेल मेसी के भारत दौरे का दूसरा दिन, तेंदुलकर और रोहित से मुलाकात की संभावना

    लियोनेल मेसी के भारत दौरे का दूसरा दिन, तेंदुलकर और रोहित से मुलाकात की संभावना

    नई दिल्ली: अर्जेंटीना के प्रसिद्ध फुटबॉलर लियोनल मेसी इस समय भारत के दौरे पर हैं। यह उनका 14 साल बाद भारत आना है और इसे ‘GOAT टूर ऑफ इंडिया 2025’ नाम दिया गया है, जिसके तहत वे चार शहरों का दौरा कर रहे हैं।

    यह दौरा 13 दिसंबर से आरंभ हुआ और आज 14 दिसंबर है, जब मेसी मुंबई पहुंचने वाले हैं। यहां कई दिलचस्प कार्यक्रम आयोजित होंगे। फैंस के लिए यह दिन खास होने वाला है, क्योंकि क्रिकेट और बॉलीवुड के सितारे भी इस मौके पर मौजूद रह सकते हैं।

    मुंबई में मेसी का व्यस्त कार्यक्रम

    आज सुबह मेसी मुंबई में कदम रखने वाले हैं। मुख्य कार्यक्रम क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) में होगा, जहां पैडल गोएट कप का आयोजन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी इस मैच में मेसी के साथ भाग ले सकते हैं।

    इससे पहले रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के शामिल होने की भी संभावना है। यह खेल प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अवसर होगा, जहां फुटबॉल और क्रिकेट के दिग्गज एक साथ खेलते हुए नजर आएंगे।

    वानखेड़े स्टेडियम में बड़ा आयोजन

    इसके पश्चात वानखेड़े स्टेडियम में एक बड़ा इवेंट आयोजित होगा। यहां चैरिटी के लिए एक फैशन शो होगा, जिसमें बॉलीवुड के बड़े सितारे जैसे जॉन अब्राहम, करीना कपूर खान और जैकी श्रॉफ शामिल हो सकते हैं। यह कार्यक्रम लगभग 45 मिनट तक चलेगा।

    इसमें मेसी की 2022 विश्व कप से जुड़ी वस्तुओं की नीलामी भी होगी, जिसका लाभ चैरिटी को दिया जाएगा। मुंबई में इस कार्यक्रम के दौरान मेसी के साथ उनके पुराने साथी लुईस सुवारेज और रोद्रिगो डे पॉल भी शामिल रहेंगे, जिससे फैंस को मेसी के करीब आने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

    दौरे की विशेषताएं

    यह दौरा केवल खेल के मुद्दों तक सीमित नहीं है। मेसी युवा खिलाड़ियों को कोचिंग देने के साथ ही कई सामाजिक कार्यों में भी भाग लेने का कार्य करेंगे। कल कोलकाता और हैदराबाद में हुए कार्यक्रमों में फैंस का जोश देखने लायक था। हालांकि, कोलकाता में कुछ व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, लेकिन दौरा समग्र रूप से सफल रहा।

    दिल्ली की यात्रा

    कल 15 दिसंबर को मेसी दिल्ली जाएंगे, जहां अरुण जेटली स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहां मिनर्वा एकेडमी के युवा खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा और बच्चों के लिए एक कोचिंग सेशन भी होगा। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात ये है कि मेसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

    इस आयोजन का आयोजक

    यह पूरा कार्यक्रम स्पोर्ट्स प्रमोटर सतद्रु दत्ता की कंपनी द्वारा आयोजित किया गया है। मेसी का भारत आना फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ा उपहार है। फैंस सोशल मीडिया पर अपनी खुशी प्रकट कर रहे हैं और उम्मीद है कि आज मुंबई में सब कुछ सुचारु रूप से चलेगा।

  • IND vs SA: विराट कोहली को मिल सकते हैं 28,000 रन पूरे करने का अवसर

    IND vs SA: विराट कोहली को मिल सकते हैं 28,000 रन पूरे करने का अवसर

    विशाखापट्टनम: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम में आयोजित होने वाला है। इस मुकाबले में जीत उस टीम की होगी जो इस सीरीज को अपने नाम करेगी।

    इस सीरीज का स्कोर वर्तमान में 1-1 से बराबर है, और भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें एक बार फिर से विराट कोहली पर टिकी हुई हैं। यदि कोहली इस मैच में शतक लगाते हैं, तो वह एक खास रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

    कोहली की शानदार फॉर्म

    विराट कोहली इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। पहले मैच में उन्होंने रांची में 135 रन बनाए और दूसरे मैच में रायपुर में 102 रनों की पारी खेली। ऐसे में तीसरे मैच में यदि वह एक और शतक जड़ देते हैं, तो यह उनके लिए एक नई उपलब्धि होगी। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि यदि वह 90 रन बनाते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे कर लेंगे।

    28,000 रनों का महत्वपूर्ण मील का पत्थर

    • सचिन तेंदुलकर- 34,357 रन
    • कुमार संगकारा- 28,016 रन

    वर्तमान में विराट का स्कोर 27,910 रन है। एक बार 90 रन बनाने पर वह विश्व के तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे जिनके नाम 28,000 से अधिक रन होंगे। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग ने अपने करियर में 27,483 रन बनाए थे, जिसका मतलब है कि विराट पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

    विशाखापट्टनम का मैदान और विराट कोहली

    विराट कोहली को विशाखापट्टनम का मैदान बहुत भाता है। अब तक उन्होंने यहां 7 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उनका औसत लगभग 98 रहा है और उन्होंने 587 रन बनाए हैं। इनमें से 3 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं, जो उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है। ऐसा लगता है कि इस मैदान पर उनका बल्ला हमेशा गरजता है।

    क्या विराट कोहली बनाएंगे लगातार तीसरा शतक?

    पिछले दो मैचों में शतक लगाने के बाद विराट का आत्मविश्वास ऊंचा है। यदि वह विशाखापट्टनम में भी शतक जड़ते हैं, तो वे लगातार तीन वनडे में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।

  • कोहली ने 35 के बाद करियर का सर्वश्रेष्ठ औसत बनाया, आंकड़े दिखाते हैं

    कोहली ने 35 के बाद करियर का सर्वश्रेष्ठ औसत बनाया, आंकड़े दिखाते हैं

    नई दिल्ली: क्रिकेट में यह एक सामान्य धारणा है कि 35 वर्ष की आयु के बाद बल्लेबाजों की गति और क्षमता कम होने लगती है। रिफ्लेक्स धीमे होने लगते हैं, और कई दिग्गज इस उम्र में खेल से संन्यास लेने का फैसला करते हैं।

    लेकिन विराट कोहली ने इन धारणाओं को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। 37 वर्ष की उम्र में भी उनका बल्लेबाज का अंदाज ऐसा है जो युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित कर सकता है। उम्र के साथ उनका खेल और अधिक परिपक्व और खतरनाक होता जा रहा है।

    35 के बाद कोहली का कमाल

    विराट कोहली ने 5 नवंबर 2023 को 35 वर्ष का सफर पूरा किया, और तब से उनके द्वारा वनडे क्रिकेट में किया गया प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है। कोहली ने 19 वनडे मैचों में 60.43 की औसत से 1150 से अधिक रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक शामिल हैं।

    इसका मतलब है कि उनकी औसत 35 के बाद उनके करियर की औसत 58 से अधिक है। यह आंकड़ा अपने आप में अद्भुत है। इस उम्र में भी युवा बल्लेबाज उनकी तुलना में कहीं पीछे हैं। 35 वर्ष की उम्र के बाद सबसे अधिक औसत से रन बनाने में कोहली सबसे आगे हैं।

    यहाँ टॉप-6 की लिस्ट है (35 साल के बाद वनडे में सबसे ज्यादा औसत)

    • विराट कोहली (भारत) – 60.43 (19 मैच, 5 शतक)
    • कुमार संगकारा (श्रीलंका) – 57.49 (71 मैच, 11 शतक)
    • डेविड मलान (इंग्लैंड) – 56.55 (21 मैच, 5 शतक)
    • मैथ्यू हेडन (ऑस्ट्रेलिया) – 54.25 (40 मैच, 5 शतक)
    • जहीर अब्बास (पाकिस्तान) – 52.07 (33 मैच, 5 शतक)
    • सचिन तेंदुलकर (भारत) – 49.19 (46 मैच, 7 शतक)

    महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी 35 के बाद 49 के औसत तक पहुंचे थे, जबकि कोहली का औसत अभी 60 के ऊपर है। यह अंतर दर्शाता है कि विराट कोहली वर्तमान में किस स्तर पर खेल रहे हैं।

    फिटनेस और जुनून का कमाल

    कोहली की इस उम्र में शानदार फॉर्म की मुख्य वजह उनकी फिटनेस है। वह आज भी मैदान पर सबसे फुर्तीले खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। विकेट के बीच दौड़ना, कवर ड्राइव की टाइमिंग, और पुल शॉट की ताकत, सभी में उनकी क्षमता पहले जैसी ही बनी हुई है, बल्कि उसमें और सुधार भी हुआ है।

  • IND vs SA: रायपुर वनडे में कोहली ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड

    IND vs SA: रायपुर वनडे में कोहली ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड

    रायपुर: भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली ने रायपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आयोजित वनडे में शानदार शतक लगाकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। कोहली की इस पारी ने न केवल उनकी टीम को मजबूती प्रदान की बल्कि एक विशेष उपलब्धि भी दिलाई, जो अब तक किसी अन्य खिलाड़ी ने नहीं की थी।

    कोहली का अद्भुत प्रदर्शन

    इस मैच में विराट कोहली ने संतुलित और प्रभावी पारी खेलते हुए 93 गेंदों पर 102 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के लगाए। यह उनके लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 11वां अंतर्राष्ट्रीय शतक है। इसके साथ ही, विराट कोहली दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने चार विभिन्न टीमों के खिलाफ 10 या उससे अधिक अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाए हैं। ये टीमें ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका हैं।

    कोहली ने नया कीर्तिमान स्थापित किया

    यह रिकॉर्ड कोहली से पहले किसी भी बल्लेबाज ने हासिल नहीं किया था। विराट के बाद इस सूची में दिग्गज जैसे सचिन तेंदुलकर, रिकी पोंटिंग और कुमार संगाकारा शामिल हैं। हालांकि, इन तीनों महान खिलाड़ियों ने केवल तीन टीमों के खिलाफ 10 से ज्यादा शतक बनाने का कारनामा किया।

    सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी

    विराट कोहली ने इस मैच में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के घरेलू मैदान (भारत) में वनडे फॉर्मेट में पहले पारी में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। कोहली ने 58 पारियों में यह कीर्तिमान स्थापित किया, जबकि सचिन ने 75 वनडे मुकाबलों में 13 शतक बनाए थे।

    भारत ने खड़ा किया विशाल स्कोर

    रायपुर वनडे में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। भारत के लिए विराट कोहली और ऋतुराज गायकवाड़ ने दोनों ने शतकीय पारियाँ खेलीं। टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवर में 358 रन का विशाल स्कोर बनाया, जिससे दक्षिण अफ्रीका को मैच जीतने के लिए 359 रन बनाने होंगे।

    भारत की प्लेइंग XI:

    यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा।

    साउथ अफ्रीका की प्लेइंग XI:

    क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), एडेन मार्कराम, टेम्बा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्ज़ेक, टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यान्सेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, नंद्रे बर्गर और लुंगी एनगिडी।

  • IND vs SA: रोहित शर्मा 20,000 रन पूरे करने की कगार पर

    IND vs SA: रोहित शर्मा 20,000 रन पूरे करने की कगार पर

    रायपुर: भारतीय क्रिकेट के कप्तान रोहित शर्मा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि से मात्र 41 रन दूर हैं। यदि वह ये रन बना लेते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20,000 रन के आंकड़े को छूने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और राहुल द्रविड़ ही हासिल कर चुके हैं।

    रोहित शर्मा के नाम 19,959 रन

    रोहित शर्मा ने अब तक 503 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 19,959 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 42.46 है और उन्होंने 50 शतक और 110 अर्धशतक जड़े हैं। वह सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 4,301 रन दर्ज हैं।

    इसके अलावा, वनडे में रोहित ने 11,427 रन बनाए हैं, जबकि टी20 क्रिकेट में उनके खाते में 4,231 रन हैं। हालांकि, उन्होंने टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन वनडे प्रारूप में वह अभी भी भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाज हैं।

    20,000 रनों का खास क्लब

    • सचिन तेंदुलकर – 34,357 रन
    • विराट कोहली – 27,808 रन
    • राहुल द्रविड़ – 24,064 रन

    सबसे तेज 352 छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड

    हाल ही में, रोहित ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे मैच में 51 गेंदों पर 57 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 3 छक्के भी जड़े। रोहित ने अपने 352वें वनडे छक्के के साथ शाहिद अफरीदी के द्वारा बनाए गए 351 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ा।

    यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अफरीदी ने यह रिकॉर्ड 369 पारियों में बनाया था, जबकि रोहित ने मात्र 269 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। अब रायपुर में भी रोहित के पास इतिहास रचने का मौका है, क्योंकि वह 20,000 रन के लक्ष्य को छू सकते हैं।

    रायपुर में मौका

    आज, यानी 3 दिसंबर को रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे मैच आयोजित किया जाएगा। इस मैच में रोहित शर्मा को इतिहास रचने का एक और मौका मिलेगा। यदि वह इस मैच में 41 या उससे अधिक रन बनाते हैं, तो वह सचिन, कोहली और द्रविड़ के बाद 20,000 अंतरराष्ट्रीय रनों का आंकड़ा छूने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।