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  • श्रेय घोषाल का पहला गाना बना राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता

    श्रेय घोषाल का पहला गाना बना राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता

    श्रेया घोषाल की अनोखी शुरुआत: एक गाने ने बदल दी जिंदगी

    नई दिल्ली। बॉलीवुड की दुनिया में कई कहानियां होती हैं जो फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती, और श्रेया घोषाल की यात्रा भी ऐसी ही है। महज 16 साल की उम्र में, उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि वे देश की सबसे बड़ी गायिकाओं में शामिल हो गईं।

    देवदास में श्रेया का जादू

    यह कहानी शुरू होती है संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास से, जब भंसाली एक नई आवाज की तलाश में थे। उनकी नजर श्रेया घोषाल पर पड़ी, और उन्हें फिल्म के एक विशेष गाने बैरी पिया के लिए चुना गया। यह गाना ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान पर फिल्माया गया था, जिसमें एक मासूम लेकिन मजबूत आवाज की जरूरत थी।

    रिकॉर्डिंग का दिलचस्प किस्सा

    जब श्रेया पहली बार रिकॉर्डिंग स्टूडियो में पहुंचीं, तो उन्हें बताया गया कि यह केवल एक ट्रायल सेशन है। बिना किसी दबाव के, उन्होंने हेडफोन लगाया और गाना शुरू किया। उनकी आवाज में इतनी सहजता और मासूमियत थी कि हर सुर दिल को छू गया। भंसाली ने उन्हें गाना जारी रखने को कहा, और श्रेया ने बिना यह सोचे कि यह असली रिकॉर्डिंग है, पूरा गाना गा दिया।

    रातों-रात स्टार बनीं श्रेया

    स्टूडियो में उपस्थित सभी लोग उनकी आवाज की परिपक्वता और भावनाओं की गहराई से हैरान थे। जिस टेक को उन्होंने प्रैक्टिस समझकर गाया, वही फिल्म का फाइनल वर्जन बना। इस गाने में उदित नारायण की आवाज भी शामिल थी, जिसने इसे और खास बना दिया। जब फिल्म रिलीज हुई, तो यह गाना लोगों के दिलों में बस गया और श्रेया घोषाल रातों-रात एक बड़ा नाम बन गईं।

    नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित

    श्रेया की आवाज की मिठास और भावनाओं की सच्चाई ने उन्हें अन्य गायकों से अलग पहचान दिलाई। अपने पहले ही बॉलीवुड गाने के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जो किसी नए कलाकार के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।

    श्रेय की सफलता की कहानी

    इस एक गाने ने श्रेया के करियर की दिशा पूरी तरह बदल दी। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक हिट गाने देकर खुद को बॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद और प्रतिभाशाली गायिकाओं में स्थापित कर लिया। आज भी जब देवदास के गानों की बात होती है, तो बैरी पिया सबसे पहले याद आता है, और उसके पीछे है एक 16 साल की लड़की की वह आवाज जिसने दिल से गाकर इतिहास रच दिया।

  • सलमान खान और ऐश्वर्या राय पहले हुए थे बेहद करीबी

    सलमान खान और ऐश्वर्या राय पहले हुए थे बेहद करीबी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    इस्माइल दरबार ने संजय लीला भंसाली के साथ अपने रिश्ते पर खींचा पर्दा

    म्यूजिक डायरेक्टर इस्माइल दरबार ने हाल ही में फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली के साथ अपने संबंधों को लेकर खुलासा किया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि दोनों के बीच एक लंबा सफर रहा है, जिसमें उतार-चढ़ाव भी शामिल हैं।

    सलमान और भंसाली के बीच क्यों आई दरार? 🤔

    इस्माइल ने बताया कि भंसाली द्वारा ‘देवदास’ में शाहरुख खान को कास्ट करने के फैसले ने सलमान और भंसाली के रिश्ते में दरार पैदा की। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “जब मुझे काम की जरूरत थी, तब भंसाली ने मुझे ‘हम दिल दे चुके सनम’ दी, और जब उन्हें मेरी ज़रूरत थी, तब मैंने अपना सारा काम छोड़कर उनके लिए काम किया। वो मेरे लिए इंडस्ट्री में एक गॉडफादर की तरह थे।”

    उन्होंने आगे कहा, “मेरे मन में यह धारणा है कि सलमान के साथ उनके रिश्ते में दरार का कारण शाहरुख को साइन करना था। सलमान ने हमेशा उनका समर्थन किया, यहां तक कि जब फिल्म ‘खामोशी’ फ्लॉप हुई थी। अगर मैं आपकी दो बार मदद करूं और आप तीसरी बार मेरे प्रतिस्पर्धी को चुन लें, तो निश्चित रूप से मैं दुखी होऊंगा।”

    सलमान-ऐश्वर्या की लड़ाइयों का असर 🎬

    इस्माइल दरबार से जब पूछा गया कि क्या सलमान खान और ऐश्वर्या राय के रिश्ते की वजह से उन्हें फिल्मों में कास्ट नहीं किया गया, तो उन्होंने कहा, “उनकी लड़ाइयों की खबरें मीडिया में हर जगह फैली हुई थीं। हमें बहुत बुरा लगता था, क्योंकि वे एक-दूसरे के लिए बहुत महत्वपूर्ण थे। यह सब पुरानी बातें हो गई हैं, सलमान भी अब समझदार हैं और इस पर बात नहीं करते।”

    इस तरह के खुलासे दर्शाते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में रिश्तों की जटिलताएँ कई बार काम पर भी असर डालती हैं।

  • ‘बैजू बावरा’ में रणवीर सिंह की जगह रणबीर कपूर, संजय लीला भंसाली ने दिया खास तोहफा

    ‘बैजू बावरा’ में रणवीर सिंह की जगह रणबीर कपूर, संजय लीला भंसाली ने दिया खास तोहफा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    संजय लीला भंसाली की फिल्म बैजू बावरा पर नई जानकारी

    संजय लीला भंसाली की बैजू बावरा एक ऐसी फिल्म है, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भंसाली ने यह फिल्म रणबीर कपूर को उनके जन्मदिन पर एक ‘तोहफे’ के रूप में पेश की है। पहले इस फिल्म के लिए रणवीर सिंह का नाम सामने आया था, लेकिन अब कास्टिंग को लेकर स्थिति और भी जटिल हो गई है।

    प्रोजेक्ट की प्रगति और रणबीर की रुचि

    डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भंसाली की टीम ने फिल्म के लिए प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू कर दिया है। रणबीर कपूर, जो 1950 के दशक के संगीत के बड़े प्रशंसक माने जाते हैं, अपनी बेटी राहा को इस पुरानी संगीत से परिचित करा रहे हैं। वे अक्सर बैजू बावरा के अमर गाने सुनते हैं।

    रणबीर को मिला ‘तोहफा’?

    सूत्रों की मानें, तो रणबीर कपूर को उनके 43वें जन्मदिन पर यह फिल्म एक ‘तोहफा’ के रूप में दी गई है। पहले इस भूमिका के लिए रणवीर सिंह की चर्चा थी। कहा गया था कि उन्होंने फिल्म की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन परियोजना को रोक दिया गया था। फिलहाल, कास्टिंग संबंधी जानकारी में काफी अनिश्चितता बनी हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म में रणवीर सिंह और आलिया भट्ट दिखाई देंगे, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण का नाम लिया गया है।

    रणबीर और भंसाली का पुराना संबंध

    रणबीर कपूर और संजय लीला भंसाली ने सांवरिया (2007) में पहली बार सहयोग किया था, लेकिन वह फिल्म खास सफलता प्राप्त नहीं कर सकी। इसके बाद से दोनों ने कभी एक साथ काम नहीं किया। कुछ श्रोतों का मानना है कि यह संभवतः रणबीर की भंसाली के साथ दोबारा काम करने की झिझक का परिणाम है। एक सूत्र के अनुसार, “रणबीर बैजू बावरा और धर्मा प्रोडक्शंस के बीच असमंजस की स्थिति में हैं। ऐसा लगता है कि वह भंसाली के साथ दोबारा काम करने से hesitant हैं।”

    फिल्म की कास्टिंग और प्रोजेक्ट की अन्य जानकारी पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि भंसाली के प्रोजेक्ट्स हमेशा से लोगों के दिलचस्पी का केंद्र रहे हैं।