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  • श्रावणी मेला: शिवगंगा को सजाने की तैयारी, राजकीय महोत्सव की गतिविधियाँ तेज़।

    श्रावणी मेला: शिवगंगा को सजाने की तैयारी, राजकीय महोत्सव की गतिविधियाँ तेज़।

    दुमका। शिवगंगा नदी की साफ-सफाई और बेहतर सज्जा के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यह जानकारी बासुकिनाथ मंदिर के सभागार में आयोजित राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव की तैयारी संबंधी बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार ने की।

    बैठक में मेला आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने पांच स्थानों पर शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने, पेयजल व्यवस्था के लिए डीप बोरिंग कराने और मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।

    सभी एंट्री प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगाने का निर्देश

    आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला महोत्सव के आयोजन में किसी प्रकार की कमी न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को अपनी कार्य योजना शीघ्र तैयार करने को कहा गया। उन्होंने मेला क्षेत्र के सभी एंट्री प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगाने और सुचारु आवागमन के लिए ट्रैफिक रूट प्लान तैयार करने पर जोर दिया।

    बासुकिनाथ मंदिर मार्ग को करें दुरुस्त

    आयुक्त ने बासुकिनाथ मंदिर जाने वाले मार्गों की स्थिति सुधारने के लिए बासुकिनाथ-दुमका रोड को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि मेला के दौरान अक्सर बच्चे और परिजन बिछड़ जाते हैं, ऐसे में मेला क्षेत्र में लगे स्क्रीन के माध्यम से उनकी सूचना का प्रसारण किया जाए ताकि उन्हें शीघ्र उनके परिजनों से मिलाया जा सके।

    उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के आवास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, लॉकर सिस्टम, पार्किंग स्थल और पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था करने पर जोर दिया। नंदी चौक सहित प्रमुख स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यकता अनुसार मंदिर गार्ड की प्रतिनियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से करने और फायर स्टेशन के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजने की बात कही गई।

    बैठक से पूर्व आयुक्त ने रूट लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने मेला के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, आयुक्त के सचिव, नगर पंचायत बासुकीनाथ के अध्यक्ष, पंडा समाज के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • झारखंड मंत्री ने अवैध खनन पर उठाए सवाल, सीएम से कार्रवाई की मांग की

    झारखंड मंत्री ने अवैध खनन पर उठाए सवाल, सीएम से कार्रवाई की मांग की

    रांची: झारखंड की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ तब आया, जब राज्य सरकार के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने संताल परगना क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर खनन पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

    मंत्री ने एक निजी मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा कि संताल क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। इस अवैध गतिविधि के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिससे लोगों की जान भी गई है। उन्होंने बताया कि अवैध बालू और पत्थर से भरे ट्रक और हाइवा तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे सड़क पर हादसों की संख्या बढ़ रही है।

    दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई

    मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले की गहरी जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी, माफ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

    इस संदर्भ में मंत्री ने प्रदीप यादव द्वारा भेजे गए पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें एक बालू घाट से प्रतिदिन 27 लाख रुपये की अवैध कमाई का आरोप लगाया गया था। उनका कहना है कि यह समस्या केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में अवैध खनन का जाल फैला हुआ है।

    उन्होंने यह भी बताया कि महगामा, हंसडीहा और अन्य क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां चरम पर हैं और इन स्थानों की पुलिस कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गंभीर आपराधिक घटनाओं पर पर्याप्त कार्रवाई न होने पर सवाल उठाया। उन्होंने पुनः कहा कि राज्य में अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए।