टैग: scam

  • जमशेदपुर: छोटो गोविंदपुर में नाबालिग के साथ डेढ़ साल का ब्लैकमेल, लाखों की ठगी की शिकायत।

    जमशेदपुर: छोटो गोविंदपुर में नाबालिग के साथ डेढ़ साल का ब्लैकमेल, लाखों की ठगी की शिकायत।

    जमशेदपुर: छोटा गोविंदपुर में नाबालिग से प्रेमजाल और ब्लैकमेलिंग का मामला

    पुलिस ने शुरू की जांच

    छोटा गोविंदपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 16 वर्षीय नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाकर डेढ़ साल तक ब्लैकमेल किया गया। आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से युवती से दोस्ती की, जो बाद में उसके लिए परेशानी का सबब बन गई। इस मामले को लेकर परसुडीह पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    आरोपी की पहचान

    इस मामले में आरोपी की पहचान बिहार के गाजीपुर निवासी आदित्य कुमार राजपूत के रूप में हुई है। कहा जा रहा है कि उसने अगस्त 2024 से इस नाबालिग को ब्लैकमेल करना शुरू किया था। दोनों के बीच प्रारंभिक दोस्ती प्रेम में बदल गई जिससे आरोपी ने नाबालिग से लाखों रुपये और जेवर ऐंठ लिए।

    नाबालिग का संघर्ष

    जब नाबालिग के पास पैसे और जेवर खत्म हो गए, तब उसने ब्लैकमेलिंग का सामना करना शुरू कर दिया। आरोपी ने युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना आरंभ कर दिया। इसी बीच, नाबालिग ने अपनी मां को सारी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा।

    आरोपी की गतिविधियाँ

    आरोपी आदित्य नियमित रूप से बिहार से गोविंदपुर आता था, जहां वह नाबालिग से मिली और उस पर दबाव डालकर पैसे और जेवर एकत्र करता था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कॉल डिटेल और लोकेशन के जरिए कार्यवाही शुरू कर दी है।

  • श्रेयरस तालपडे और आलोक नाथ को मार्केटिंग धोखाधड़ी में मिली राहत

    श्रेयरस तालपडे और आलोक नाथ को मार्केटिंग धोखाधड़ी में मिली राहत

    श्रेयस तलपदे और आलोक नाथ को मिली राहत

    डेस्क। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता श्रेयस तलपदे और आलोक नाथ के लिए अच्छी खबर आई है। हाल ही में, दोनों ने एक मार्केटिंग कंपनी का प्रचार किया था, जो बाद में एक बड़े घोटाले में फंस गई। इस मामले में कई लोगों पर आरोप लगाकर केस दर्ज किया गया था, जिसमें ये दोनों भी शामिल थे।

    कोर्ट में रखा अपना पक्ष

    हालांकि, दोनों अभिनेताओं ने इस मामले में कोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उनके द्वारा पेश किए गए सबूतों और तर्कों के आधार पर अब उन्हें कोर्ट से राहत मिल गई है। यह निर्णय उनके लिए एक विशेष राहत की बात है।

    मामले का स्वरूप

    घोटाले के मामले में अन्य कई व्यक्तियों के नाम भी शामिल थे, परंतु श्रेयस और आलोक ने अपने पेशेवर करियर को प्रभावित करने वाले इस मामले में अपनी ईमानदारी साबित की। कोर्ट के निर्णय से उनकी कठिनाइयां कम हुई हैं, जिससे वे अब अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

  • इमरजेंसी कॉल के नाम पर निकाल लिए 10 हज़ार

    इमरजेंसी कॉल के नाम पर निकाल लिए 10 हज़ार

    जनवरी 2023 में पुणे की 24 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इंस्टाग्राम पर एक लड़के से चैट शुरू की। उसने खुद को अमीर और अमेरिका में सेटल्ड बताया। दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए, फिर कॉल और वॉट्सऐप पर बात होने लगी। लड़के ने लड़की को गोल्ड और डायमंड की ज्वेलरी गिफ्ट में भिजवाई।

    लड़के ने कहा कि गिफ्ट कस्टम में अटका है, इसलिए वो कस्टम ड्यूटी भेज दे। लड़की ने पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद गिफ्ट के ट्रांसफर चार्ज और इधर-उधर के बहाने से 11 लाख रुपए ऐंठ लिए गए। आखिरकार लड़की को एहसास हुआ कि वो एक स्कैम का शिकार हो गई है। उसने 7 फरवरी को पुणे के वाकड़ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है।

    धोखाधड़ी करने वाले अब बैंक डिटेल्स, OTP जैसे पुराने तरीके नहीं, बल्कि मिस्ड कॉल, बिजली बिल, पार्सल जैसे नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं।