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  • शाहरुख खान ने बचपन में शिक्षिका को यूं बेवकूफ बनाया

    शाहरुख खान ने बचपन में शिक्षिका को यूं बेवकूफ बनाया

    शाहरुख खान की बचपन की शैतानियाँ

    मुंबई। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की अदाकारी और उनकी विनम्रता के प्रशंसक हर जगह हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने अपने बचपन में अपनी शिक्षकों को अपनी अदाकारी के माध्यम से कैसे बेवकूफ बनाया? शाहरुख ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वे अपनी एक्टिंग के जरिए टीचर्स को इस तरह प्रभावित करते थे कि वे मासूम और बेचारे लगते थे, जबकि उनकी दिमाग में हमेशा कोई शरारत चल रही होती थी।

    बचपन के शैतान का राज़

    एक न्यूज शो में बातचीत के दौरान, शाहरुख खान ने बताया, “मेरी टीचर मुझे कहती थीं कि तुम्हारी मुस्कान शैतानी है। जैसे ही मैं मुस्कुराता था, मुझे माफी मिल जाती थी। मैंने स्कूल के केमिस्ट्री लैब में कई चीजें तोड़ी थीं। जब टीचर मुझे पकड़ती थीं, तो मैं रोने लगता था और बताता था कि मेरे माता-पिता मेरे साथ बुरा व्यवहार करते हैं। वह भी मुझे अपनी मां की तरह समझकर रोकती थीं।”

    टीचर का भ्रम

    शाहरुख ने आगे बताया, “जब मैं स्कूल में घूमता था, तो हंसता था। लेकिन टीचर्स को लगता था कि मैं बहुत तेज रो रहा हूँ।” शाहरुख की शरारतें बचपन से ही काफी प्रसिद्ध रही हैं और आज भी वे दर्शकों का मनोरंजन करती हैं। वर्क फ्रंट पर, शाहरुख खान जल्द ही दर्शकों के सामने अपनी नई फिल्म **किंग** के साथ वापसी करने वाले हैं। दर्शक उन्हें एक बार फिर एक्शन करते देखने के लिए बेताब हैं, लेकिन क्या यह फिल्म भी उनके पिछले हिट **पठान** और **जवान** की तरह सफल होगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

  • डॉन की शूटिंग में फरहान को मिली शाहरुख की कमजोरी

    डॉन की शूटिंग में फरहान को मिली शाहरुख की कमजोरी

    शाहरुख खान की अनजानी कमजोरी का खुलासा

    मुंबई। बॉलीवुड के बादशाह **शाहरुख खान** की जोड़ी उनके फैंस के दिलों में हमेशा खास स्थान रखती है। उनकी अदाकारी, आकर्षक लुक्स और खासियतें हर किसी को भाती हैं। लेकिन उनके एक ऐसे पहलू से भी पर्दा उठा है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं।

    फरहान अख्तर को मिली जानकारी

    <p>फिल्म डॉन की शूटिंग के दौरान, निर्देशक फरहान अख्तर** को शाहरुख की एक खास कमजोरी के बारे में पता चला। यह बात तब सामने आई जब फरहान ने देखा कि शाहरुख कुछ मामलों में कितने संवेदनशील हो जाते हैं। हालांकि, इस कमजोरी ने उनकी कला को और भी अधिक गहरा बना दिया है।

    शाहरुख की बहुआयामी प्रतिभा

    काफी लोगों का मानना है कि शाहरुख केवल एक अभिनेता नहीं हैं, बल्कि एक सम्पूर्ण कलाकार हैं। उनकी प्रतिभा कई क्षेत्रों में फैली हुई है, लेकिन यह नई जानकारी उनकी आदाओं में और भी गहराई जोड़ सकती है।

  • कंगना रनौत ने शाहरुख़ खान से की तुलना, कहा – ‘मेरी सफलता अधिक चुनौतीपूर्ण’

    कंगना रनौत ने शाहरुख़ खान से की तुलना, कहा – ‘मेरी सफलता अधिक चुनौतीपूर्ण’

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कंगना रनौत: शाहरुख खान से अपनी सफलता की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण सफर का दावा

    कंगना रनौत, जो न केवल एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री हैं बल्कि बीजेपी की सांसद भी हैं, ने हाल ही में बॉलीवुड में अपने सफर के संघर्षों के बारे में बात की। कंगना ने अपनी उपलब्धियों की तुलना करते हुए कहा कि उनकी सफलता का रास्ता शाहरुख खान की तुलना में कहीं अधिक कठिन रहा है। एक कार्यक्रम के दौरान, कंगना ने अपनी पृष्ठभूमि और उन कठिनाइयों की चर्चा की जिनका सामना उन्हें छोटे गांव से आने के कारण करना पड़ा।

    अपने अनुभव साझा करते हुए कंगना ने बताया कि “क्या वजह है कि मुझे इतनी सफलता मिली? शायद कोई और नहीं है जो गांव से आकर मुख्यधारा में ऐसा मुकाम हासिल कर सका हो। शाहरुख खान की तुलना में, वे दिल्ली से हैं और कॉन्वेंट से पढ़े हैं, जबकि मैं भामला नामक एक छोटे से गांव से हूं। हो सकता है कि लोग इस बात से सहमत न हों, लेकिन मुझे लगता है कि मेरी ईमानदारी ने मुझे यहां तक पहुंचाया है।”

    15 साल की उम्र में घर छोड़ने वाली कंगना, 19 में बनीं ‘गैंगस्टर’ की नायिका

    कंगना ने 15 साल की उम्र में अपने गृहनगर भामला को छोड़ दिया और 19 वर्ष की आयु में फ़िल्म ‘गैंगस्टर’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस दौरान, उन्होंने खुद को देश की सबसे प्रशंसित अभिनेत्रियों में से एक के रूप में स्थापित किया है और चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं। जबकि शाहरुख खान, जो दिल्ली से हैं, ने टेलीविजन में अपने करियर की शुरुआत की और 1991 में मुंबई आकर भारतीय सिनेमा के बड़े सितारे बने।

    ‘इमरजेंसी’ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अवतार

    हाल ही में कंगना ने अपनी निर्देशित फ़िल्म ‘इमरजेंसी’ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया। यह फ़िल्म 1975 से 1977 तक भारत में लागू किए गए आपातकाल के विषय में है। रिलीज़ से पहले इस फ़िल्म को धर्म के गलत चित्रण के लिए कुछ विवादों का सामना करना पड़ा था, और बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं रहा।