गंगा जल में बिहार को मिलेगा हिस्सा
पटना। बिहार को पहली बार गंगा के पानी का एक निर्धारित हिस्सा मिलने की संभावना है। केंद्र सरकार द्वारा 900 क्यूसेक गंगाजल के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है। यह ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि पहले बिहार के लिए गंगा नदी के पानी का कोई तय खाता नहीं था। राज्य ने पहले 2000 क्यूसेक पानी की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने 900 क्यूसेक की अनुशंसा की है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की समिति की अनुशंसा
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एक आंतरिक समिति ने बिहार को पानी देने के लिए अनुशंसा की है, जिसमें कहा गया है कि शुष्क मौसम के दौरान, विशेषकर मानसून से पहले के पांच महीने में, बिहार को यह पानी दिया जाएगा। यह अवधि जनवरी से मई के बीच की मानी जाती है, जब गंगा का जलस्तर काफी कम होता है। हालांकि, इस अनुशंसा पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
बिहार की आपत्ति और केंद्रीय बैठक
हाल ही में, बिहार ने बांग्लादेश को पानी की आपूर्ति के मुद्दे पर आपत्ति जताई थी। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी और प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। राज्य ने इस वार्ता के दौरान संधि में एक पक्ष बनने की इच्छा भी प्रकट की थी।

