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  • जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में मरीज ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की, पुलिस कर रही है जांच।

    जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में मरीज ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की, पुलिस कर रही है जांच।

    जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में आत्महत्या का मामला

    जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में एक रोगी ने शुक्रवार की सुबह चौथे तल्ले से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद, उसे तुरंत फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    रोगी का विवरण

    आर्थिक तंगी से जूझ रहा रोगी अरशद आलम तीन दिनों से मेडिसिन विभाग में भर्ती था। घटना के समय उसने अपनी मां से कहा कि वह शौच के लिए जा रहा है। इसके कुछ समय बाद ही लोगों को उसकी आत्महत्या की खबर मिली।

    इमरजेंसी में भर्ती

    चौथे तल्ले से कूदने के बाद अरशद को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के दौरान उसे मृत पाया। यह घटना अस्पताल में हड़कंप मचा देने वाली थी।

    नशे की लत

    परिवार के सदस्यों के अनुसार, अरशद नशे का आदी था, जो उसके परिवार के लिए चिंता का विषय था। शुक्रवार को अचानक आत्महत्या करने के पीछे के कारणों को समझना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

  • जमशेदपुर: नशे के लिए पैसे न मिलने पर युवक ने की आत्महत्या, आजादनगर रोड नंबर 7 पर हुई घटना

    जमशेदपुर: नशे के लिए पैसे न मिलने पर युवक ने की आत्महत्या, आजादनगर रोड नंबर 7 पर हुई घटना

    जमशेदपुर: आत्महत्या की बढ़ती घटनाएँ

    जमशेदपुर में आत्महत्या के मामलों में आश्चर्यजनक वृद्धि देखी जा रही है। हाल ही में आजादनगर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ नशे की लत का शिकार मो. शरीफ (22) ने आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि मो. शरीफ ने अपने घर से नशा के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन पैसे नहीं मिलने पर उसने यह कठोर निर्णय लिया।

    परिवार ने अस्पताल पहुँचाया

    घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य मो. शरीफ के शव को फंदे से उतारकर एमजीएम अस्पताल ले गए। जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। यह घटना शहर में बढ़ती चिंताओं का संकेत देती है।

  • जुगसलाई में पेड़ से लटकी मिली 17 वर्षीय शिवानी का शव, पुलिस सुसाइड की कर रही जांच।

    जुगसलाई में पेड़ से लटकी मिली 17 वर्षीय शिवानी का शव, पुलिस सुसाइड की कर रही जांच।

    जमशेदपुर में युवती के शव की पहचान, पुलिस ने बताया आत्महत्या का मामला

    जमशेदपुर: जुगसलाई थाना क्षेत्र के इस्लाम नगर स्थित पंछी मोहल्ला के निकट जंगल में एक युवती का शव मंगलवार को पेड़ से लटका हुआ मिला। स्थानीय निवासी द्वारा सूचना देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। मृतका की पहचान बिष्टुपुर की निवासी 17 वर्षीय शिवानी कुमारी के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम सुरेश कुमार है।

    पुलिस की कार्रवाई और शव की पहचान

    मानसिक स्वास्थ्य की जांच

    प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि शिवानी मानसिक रूप से बीमार थीं। हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि वह इस सुनसान इलाके तक कैसे पहुंचीं और किस वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लिया। परिजनों के बयान के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।

    जांच का निष्कर्ष

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस स्थायी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार यादव के अनुसार, पहले दृष्टया यह आत्महत्या का मामला नजर आ रहा है, लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहने की स्थिति में होगी। इस संबंध में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

  • ईast सिंहभूम: कोवाली में वार्ड बॉय की पत्नी ने आत्महत्या की

    ईast सिंहभूम: कोवाली में वार्ड बॉय की पत्नी ने आत्महत्या की

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पूर्वी सिंहभूम में वार्ड बॉय की पत्नी ने की आत्महत्या

    पूर्वी सिंहभूम: कोवाली के पोड़ाडीहा दानीसाई गांव में, 23 वर्षीया पूजा मिश्रा ने शनिवार की सुबह अपने घर में आत्महत्या कर ली। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत वार्ड बॉय की पत्नी ने गले में गमछा डालकर आत्महत्या का कदम उठाया। पति सुमित मिश्रा निजी अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर थे, जबकि सास सहायिका के रूप में कार्यरत थीं। जैसे ही घटना की जानकारी परिवार को मिली, वे तुरंत घर पहुंचे।

    घटना का विवरण

    परिजनों ने पूजा को फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। इसके बाद कोवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया। परिवार के सदस्यों ने पश्चिम बंगाल के बड़ाबाजार से यहां आकर स्थिति का जायजा लिया।

    पति की प्रतिक्रिया

    पिता सुमित मिश्रा ने बताया कि पूजा के साथ उनका कोई विवाद नहीं था। वह हमेशा कहती थी, “मैं फांसी लगा लूंगी,” लेकिन उन्होंने कभी इसकी गंभीरता को नहीं लिया। घटना के बाद क्षेत्र में कई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका की एक 5 वर्ष की बेटी भी है, जो इस समय मामा के घर पर है।

    पुलिस जांच जारी

    इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की गई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि पूजा का मानसिक स्वास्थ्य ठीक था, बावजूद इसके कि उसने ऐसा कदम उठाया। आने वाले समय में मामले की तहकीकात से ही सच्चाई सामने आएगी।

    इस दुखद घटना पर स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।

  • पिता से फोन पर बोला मरने जा रहा हूं…

    पिता से फोन पर बोला मरने जा रहा हूं…

    कानपुर। गुजैनी के अंबेडकरनगर में बुधवार सुबह प्रतियोगी छात्र अजीत यादव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जब छानबीन की तो कई तथ्य चौंकाने वाले मिले।  उसने बुधवार सुबह 9:14 बजे व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा…अलविदा..बाय-बाय..। फिर उसने अपने पिता शिव प्रताप यादव को फोन किया।

    पिता से बोला कि वह खुद को गोली मारने जा रहा है। पिता कुछ समझ पाते तब तक अजीत ने कॉल कट कर दी। चंद सेकेंड में उसने खुद की कनपटी में गोली मार ली। गोली की आवाज से जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो देखा कि अजीत खून से लथपथ पड़ा है। एक हाथ में पिस्टल है।

    जब पिता ने परिजनों को फोन कर अजीत के बारे में पूछा, तो वह घटना जान सन्न रह गए। नौबस्ता एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय का कहना है कि जिस तरह से अजीत ने स्टेटस लगाया। पिता को फोन किया। उससे ऐसी आशंका है कि अजीत ने बाकायदा योजना बनाकर खुदकुशी की है। शायद वह काफी समय से खुदकुशी की सोच रहा था।

    पुलिस कार्रवाई का विरोध, सड़क जाम कर प्रदर्शन
    बुधवार सुबह अजीत ने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लिहाजा पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। सड़क-जाम कर प्रदर्शन करने लगे। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मामला शांत कराया और शव को मोर्चरी भिजवाया। डिप्रेशन की वजह से खुदकुशी करने की बात सामने आ रही है।

    अंबेडकरनगर निवासी अजीत यादव (24) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके पिता शिव प्रताप यादव पुलिस में ड्राइवर हैं। वर्तमान में पनकी थाने की पीआरवी में तैनाती है। नौबस्ता एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार सुबह करीब दस बजे अजीत ने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को सील कराया।

    तभी अजीत के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और विरोध पर उतर आए। शव रखकर सड़क जाम कर दी। पुलिस अफसरों से उनकी नोकझोंक भी हुई। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि पोस्टमार्टम के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। तब उच्चाधिकारियों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराने को वह राजी हुए। सड़क से शव हटाया और तब जाम खुला।

    डिप्रेशन का चल रहा था इलाज
    पुलिस को परिजनों ने बताया कि अजीत पिछले चार साल से डिप्रेशन में था। लखनऊ से उसका इलाज भी चल रहा था। डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस तरह की घटना हुई, उससे यही लगता है कि डिप्रेशन की वजह से ही उसने खुदकुशी की। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अगर कोई तहरीर मिलती है, तो जांच होगी।

  • पूजा के बोनस से खरीदना था बेटी का कपड़ा, पर उससे पहले ही….

    सीसीएल कर्मी ने फांसी लगाकर दे दी जान

    डकरा खलारी। सीसीएल एनके एरिया में अकाउंट्स विभाग में कार्यरत 47 वर्षीय मनोज भुंइया नामक युवक ने अपने आवास संख्या बी 102 में आज शनिवार की सुबह फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के सबन्ध में मिली जानकारी के अनुसार मनोज सुबह उठकर पूजा करने के लिए फूल तोड़कर लाया इसके बाद उसकी पत्नी फूलमती देवी और बेटी अमृता पास के देवी मंडप एवं दुर्गा पूजा पंडाल में पूजा करने गई। जब पूजा कर एक घंटे के बाद वापस मां बेटी आवास पहुचे तो देखा कि बेडरुम के पंखे में फंदा लगाकर मनोज लटका हुआ है। फूलमती देवी ने इसकी जानकारी आस-पड़ोस के लोगों को दिया जब लोग पहुचे उससे पहले उसकी सांस थम चुकी थी। बाद में इसकी सूचना खलारी पुलिस को दी। पुलिस शव को फंदा से उतार कर अपने कब्जे में लेकर परिजनों से पूछताछ की। बताया जाता है कि मनोज का दिमागी हालात कुछ दिनों से ठीक नहीं था। उसके दो बेटी एक बेटा है। बेटा अंकित रांची में पढ़ाई कर रहा है, वही बड़ी बेटी अंजली मौसी के यहां हजारीबाग गई है। मृतक मनोज मूल रूप से हजारीबाग जिले के मांडू रहने वाला था। एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के अकाउंट ऑफिस में कार्यरत था। उसके मौत की खबर सुनकर महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने उनके आवास में जाकर उसकी पत्नी को ढांढस बंधाया।

    मनोज को सीसीएल कंपनी की ओर से सालाना बोनस पैसा उसके अकाउंट में मिला था। उसने दुर्गा पूजा में सभी बच्चों को नया कपड़ा ले देने की बात कही थी। छोटी बेटी अमृता बताती है कि पापा की दिमागी हालात इन दिनों समान्य थे। लेकिन चार पांच दिनों से थोड़ा चिंता में रह रहे थे।