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  • ग्लेन मैक्सवेल ने संन्यास की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी

    ग्लेन मैक्सवेल ने संन्यास की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी

    नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी ऑलराउंडर **ग्लेन मैक्सवेल** ने अपने भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं में खुलकर अपनी राय रखी है। 37 वर्ष के मैक्सवेल ने स्पष्ट किया है कि वह अभी **टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट** से संन्यास लेने की सोच नहीं रहे और 2028 तक खेल जारी रखने की उम्मीद जताई है।

    हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई टीम **टी20 वर्ल्ड कप** के ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई, और इस दौरान मैक्सवेल का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जिसके चलते उनके करियर पर सवाल उठने लगे। पूर्व कप्तान **रिक्की पोंटिंग** ने भी कहा था कि 2028 की टीम में मैक्सवेल का होना मुश्किल प्रतीत होता है। हालांकि, मैक्सवेल ने इन अटकलों को ज्यादा महत्व नहीं दिया है।

    मैक्सवेल का संन्यास पर दृष्टिकोण

    मैक्सवेल ने 4 मार्च को **मेलबर्न** में बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने अपने करियर के लिए कोई अंतिम तारीख तय नहीं की है। उनका ध्यान फिलहाल आने वाले 12 महीनों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि अभी ज्यादा टी20 मैच निर्धारित नहीं हैं, इसलिए संन्यास की औपचारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है। वे यह भी देखना चाहते हैं कि उनका शरीर और फिटनेस कितनी सहयोगी रहती है। यदि भविष्य में अवसर उपलब्ध होते हैं और वे फिट रहते हैं, तो वे टीम के लिए योगदान देना चाहेंगे।

    ‘खेलने की इच्छा रखते हैं’

    2028 में ऑस्ट्रेलिया **टी20 वर्ल्ड कप** की मेज़बानी करेगा और उसी वर्ष लॉस एंजेल्स में ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी होगी। उस समय मैक्सवेल की आयु 40 वर्ष होगी। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि वे फिट और स्वस्थ रहते हैं, तो वह खेलने का प्रयास अवश्य करेंगे।

    टी20 विश्व कप में कमजोर प्रदर्शन

    टी20 वर्ल्ड कप में मैक्सवेल ने 9, 31 और 22 रन की पारियां खेलीं। उनका स्ट्राइक रेट भी उनके आक्रामक खेल के अनुरूप नहीं रहा। पिछले कुछ महीनों में **टी20 इंटरनेशनल** और **बिग बैश लीग** में उनका औसत और स्ट्राइक रेट सामान्य से कम रहा है। गेंदबाजी में उन्होंने कुछ विकेट जरूर लिए हैं।

    मेलबर्न स्टार्स के साथ दो साल का करार

    मैक्सवेल पहले ही **वनडे** क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वर्तमान में, उनका फोकस फिटनेस और उपलब्ध अवसरों पर है। उन्होंने **बिग बैश लीग** में **मेलबर्न स्टार्स** के साथ दो साल का करार किया है और इस साल पहली बार **पाकिस्तान सुपर लीग** में **हैदराबाद किंग्समेन** टीम के लिए खेलते नजर आएंगे।

  • SL बनाम ZIM: जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को हराकर दर्ज की महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स

    SL बनाम ZIM: जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को हराकर दर्ज की महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स

    नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे ने एक और बड़ा कारनामा करते हुए मजबूत मानी जाने वाली श्रीलंका की टीम को 6 विकेटों से पराजित किया। यह मुकाबला गुरुवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया।

    श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 178 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने 179 रनों का लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने 19.3 ओवर में केवल 4 विकेट खोकर इसे सफलतापूर्वक हासिल कर लिया।

    जिम्बाब्वे ने किया बड़ा उलटफेर

    यह जीत जिम्बाब्वे के लिए कई दृष्टियों से खास रही। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनका दूसरा सबसे बड़ा रन चेज है। इसके अलावा, टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ यह उनका दूसरा सबसे सफल रन चेज भी है। इस मैच में उन्होंने कुल 7 छक्के लगाए, जो टी20 वर्ल्ड कप में उनकी किसी एक पारी में सर्वाधिक छक्के हैं। यह किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की पांचवीं जीत है। इससे पहले, उन्होंने आयरलैंड, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को भी हराया था।

    ब्रायन बेनेट बने जीत के हीरो

    जिम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट इस जीत के नायक रहे, जिन्होंने 48 गेंदों में 63 रन बनाकर नाबाद समाप्त किया। बेनेट की पारी में 8 चौके शामिल थे। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 50 से अधिक रन बनाने के मामले में सीन विलियम्स की बराबरी कर ली है, जिससे दोनों के नाम 12-12 बार 50 या उससे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड हो गया है, जो जिम्बाब्वे के लिए संयुक्त रूप से दूसरा सर्वोच्च आंकड़ा है।

    तीसरे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे को बेनेट और तदिवानाशे मारुमानी ने मजबूत शुरुआत दी। इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की, जिससे टीम अच्छी स्थिति में पहुंच गई। मारुमानी ने 34 रन बनाकर अपना विकेट गंवाया। इसके बाद, रयान बर्ल ने 12 गेंदों में 23 रन बनाकर तेज गति से बल्लेबाजी की। मध्य ओवरों में कप्तान सिकंदर रजा ने जिम्मेदारी संभाली और बेनेट के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 69 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

    कप्तान रजा की तूफानी पारी

    रजा ने 26 गेंदों में 45 रन की उपयोगी पारी खेली। अंत में बेनेट ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस जीत से जिम्बाब्वे ने न केवल टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को मजबूत किया, बल्कि यह भी साबित किया कि वे बड़ी टीमों को चुनौती देने में सक्षम हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका यह प्रदर्शन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है。

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में पॉल स्टर्लिंग ने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में पॉल स्टर्लिंग ने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का टी20I रिकॉर्ड टूटा

    नई दिल्ली: टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का सबसे चर्चित रिकॉर्ड अब टूट चुका है। लंबे समय तक टी20I क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी के रूप में उनकी बादशाहत समाप्त हो गई है। यह उपलब्धि आयरलैंड के अनुभवी बल्लेबाज और मौजूदा कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने अपने नाम की है।

    रोहित शर्मा ने 2007 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उस समय यह फॉर्मेट नया था और बहुत से खिलाड़ी इसे लंबे समय तक खेलने की सोच नहीं रखते थे। उन्होंने न सिर्फ इस फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई, बल्कि भारत के लिए कई ऐतिहासिक पारियां भी खेलीं। अपने 17 साल के टी20I करियर में उन्होंने कुल 159 मैच खेले। 2024 में भारत को टी20 विश्व कप जिताने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया था। उस समय तक उनका रिकॉर्ड अटूट माना जा रहा था।

    पॉल स्टर्लिंग ने तोड़ा रिकॉर्ड

    लेकिन लगभग दो साल बाद, आयरलैंड के 35 वर्षीय बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में यूएई के खिलाफ पहले टी20I मैच में स्टर्लिंग ने अपने करियर का 160वां टी20I मैच खेला। इस उपलब्धि के साथ, वे दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मुकाबले खेले हैं। हालाँकि, यह मैच स्टर्लिंग के लिए बल्लेबाजी के लिहाज से ज्यादा खास नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए।

    स्टर्लिंग ने हासिल किया बड़ा मुकाम

    पॉल स्टर्लिंग पिछले कई सालों से आयरलैंड क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। बतौर ओपनर और कप्तान, उन्होंने अपनी टीम को कई पुरस्कार विजेता उपलब्धियों की ओर अग्रसर किया है। सीमित संसाधनों और कम अंतरराष्ट्रीय मैचों के बावजूद उन्होंने लगातार खेलते हुए यह मुकाम हासिल किया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    सचिन का दबदबा कायम

    वहीं, टेस्ट और वनडे क्रिकेट में अब भी सचिन तेंदुलकर का दबदबा बरकरार है। सचिन ने अपने 23 साल के करियर में 200 टेस्ट मैच और 463 वनडे मुकाबले खेले हैं। इन दोनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड आज भी उनके नाम है। मौजूदा दौर में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    तेजी से आगे बढ़ रहे हार्दिक पांड्या

    इसी कारण से माना जा रहा है कि यह नया रिकॉर्ड भी ज्यादा लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। जॉर्ज डॉकरेल, मोहम्मद नबी, और जोस बटलर पहले से ही सबसे ज्यादा टी20I मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में मौजूद हैं। वहीं, बाबर आजम और हार्दिक पंड्या भी तेजी से अपने मैचों की संख्या बढ़ा रहे हैं। आने वाले समय में 200 टी20I मैच खेलने वाले खिलाड़ियों का आना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।