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  • जमशेदपुर: गालूडीह बीए कॉलेज के हॉस्टल में शिक्षक की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटी।

    जमशेदपुर: गालूडीह बीए कॉलेज के हॉस्टल में शिक्षक की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटी।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जमशेदपुर: बीए कॉलेज के हॉस्टल में शिक्षक की संदिग्ध मौत 🏫

    गालूडीह थाना क्षेत्र स्थित ‘बीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ के हॉस्टल में रविवार रात एक शिक्षक का शव संदिग्ध हालात में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 44 वर्षीय डॉ. अभिनंदन मखाल के रूप में हुई है, जो कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर थे। घटना की जानकारी तब मिली जब उनके सहकर्मियों ने उन्हें कमरे में अचेत अवस्था में देखा। इस पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    <h3>पुलिस जांच का क्रम</h3>
    <p>पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए जांच शुरू की। फिलहाल, शव को एमजीएम अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अंकु कुमार ने बताया कि डॉ. अभिनंदन असल में पश्चिम बंगाल के हुबली (कोलकाता) के निवासी थे और कॉलेज में लंबे समय से अपनी सेवाएँ दे रहे थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु ने कॉलेज में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।</p>
    
    <h3>मौत के कारणों पर संदेह 💔</h3>
    <p>पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि मृतक के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि यह किसी जहरीले पदार्थ के सेवन के कारण हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि वे अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं। मामले में सटीक कारणों का पता करने के लिए शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।</p>
  • ‘ऋतिक रोशन ने 18 साल की उम्र में शिक्षक एमएम बेग को याद किया’

    ‘ऋतिक रोशन ने 18 साल की उम्र में शिक्षक एमएम बेग को याद किया’

    ऋतिक रोशन ने एमएम बेग को श्रद्धांजलि अर्पित की

    हाल ही में ऋतिक रोशन ने एक भावुक नोट के माध्यम से प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एमएम बेग को श्रद्धांजलि दी। शनिवार को साझा किए गए इस संदेश में, उन्होंने बेग को अपने गुरु मानते हुए उनके प्रति अपने सम्मान और श्रद्धा को प्रकट किया।

    ऋतिक का करियर में योगदान

    ऋतिक ने उल्लेख किया कि जब उन्होंने केवल 18 वर्ष की उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा, तब एमएम बेग ने उन्हें इस क्षेत्र में सही दिशा दिखाई थी। ऋतिक का यह बयान उनके गुरु की कड़ी मेहनत और मार्गदर्शन के महत्व को दर्शाता है।

    बेग का महत्व

    एमएम बेग, जो भारतीय फिल्म उद्योग में एक प्रमुख नाम रहे हैं, ने अपनी उत्कृष्ट कृतियों से दर्शकों का दिल जीता। उनके निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोक में है, और ऋतिक जैसे सितारे उनके योगदान को ने केवल याद कर रहे हैं बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत मानते हैं।

  • शाहरुख खान ने बचपन में शिक्षिका को यूं बेवकूफ बनाया

    शाहरुख खान ने बचपन में शिक्षिका को यूं बेवकूफ बनाया

    शाहरुख खान की बचपन की शैतानियाँ

    मुंबई। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की अदाकारी और उनकी विनम्रता के प्रशंसक हर जगह हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने अपने बचपन में अपनी शिक्षकों को अपनी अदाकारी के माध्यम से कैसे बेवकूफ बनाया? शाहरुख ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वे अपनी एक्टिंग के जरिए टीचर्स को इस तरह प्रभावित करते थे कि वे मासूम और बेचारे लगते थे, जबकि उनकी दिमाग में हमेशा कोई शरारत चल रही होती थी।

    बचपन के शैतान का राज़

    एक न्यूज शो में बातचीत के दौरान, शाहरुख खान ने बताया, “मेरी टीचर मुझे कहती थीं कि तुम्हारी मुस्कान शैतानी है। जैसे ही मैं मुस्कुराता था, मुझे माफी मिल जाती थी। मैंने स्कूल के केमिस्ट्री लैब में कई चीजें तोड़ी थीं। जब टीचर मुझे पकड़ती थीं, तो मैं रोने लगता था और बताता था कि मेरे माता-पिता मेरे साथ बुरा व्यवहार करते हैं। वह भी मुझे अपनी मां की तरह समझकर रोकती थीं।”

    टीचर का भ्रम

    शाहरुख ने आगे बताया, “जब मैं स्कूल में घूमता था, तो हंसता था। लेकिन टीचर्स को लगता था कि मैं बहुत तेज रो रहा हूँ।” शाहरुख की शरारतें बचपन से ही काफी प्रसिद्ध रही हैं और आज भी वे दर्शकों का मनोरंजन करती हैं। वर्क फ्रंट पर, शाहरुख खान जल्द ही दर्शकों के सामने अपनी नई फिल्म **किंग** के साथ वापसी करने वाले हैं। दर्शक उन्हें एक बार फिर एक्शन करते देखने के लिए बेताब हैं, लेकिन क्या यह फिल्म भी उनके पिछले हिट **पठान** और **जवान** की तरह सफल होगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।