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भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 20वें टॉस में किया निराशाजनक प्रदर्शन
दूसरे वनडे के लिए भारत और साउथ अफ्रीका की प्लेइंग 11
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले दूसरे वनडे मैच के लिए दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग 11 की घोषणा कर दी है।
साउथ अफ्रीका की प्लेइंग 11
इस मैच में साउथ अफ्रीका का चयन इस प्रकार है: क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), एडन मार्क्रम, टेम्बा बवुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्जके, टोनी डी जोर्जी, डेवाल्ड ब्रेविस, मारको जैंसन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, नंद्रे बर्गर, और लुंगी एनगिडी।
भारत की प्लेइंग 11
भारत के खिलाड़ियों का चयन इस प्रकार है: यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, वॉशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेटकीपर/कप्तान), रवींद्र जड़ेजा, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, और प्रसिद्ध कृष्णा।
साउथ अफ्रीका में टेम्बा बवुमा की वापसी
इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बवुमा की वापसी हो रही है। उन्हें पहले मैच में आराम दिया गया था, और अब उनकी टीम में वापसी से बल्लेबाजी में मजबूती आएगी।
साउथ अफ्रीका का पहले गेंदबाजी करने का फैसला
दूसरे वनडे मैच में टॉस जीतकर साउथ अफ्रीका ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया है। इससे यह स्पष्ट है कि वे विपक्षी टीम को जल्दी आउट करने की कोशिश करेंगे।
रायपुर में दूसरा वनडे मैच
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह महत्वपूर्ण मैच रायपुर में खेला जाएगा। टॉस 1 बजे होगा, जबकि मैच की शुरुआत 1:30 बजे से होगी। दोनों टीमों के लिए यह एक निर्णायक मुकाबला साबित हो सकता है।
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रांची वनडे मैच से पहले टेम्बा बवुमा ने विराट-रोहित के बारे में की चर्चा
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका: वनडे श्रृंखला की तैयारी
रांची: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन वनडे मैचों की श्रृंखला की शुरुआत 30 नवंबर को रांची में होने जा रही है। इस श्रृंखला से पहले दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बवुमा ने अपनी टीम के दृष्टिकोण के बारे में खुलकर बात की।
रोहित और विराट का प्रभावी खेल
बवुमा ने स्टार स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में कहा, “जब रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय पिच पर होते हैं, तो माहौल में विशेष ऊर्जा का संचार होता है। ये दोनों खिलाड़ियों का होना किसी भी प्रतियोगिता में एक अलग ही रंग भर देता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रशकों के लिए यह खुशी का विषय है कि ये दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर अपने घरेलू मैदान पर बल्लेबाजी करेंगे।
लंबे ब्रेक के बाद वापसी
रोहित और विराट इस श्रृंखला में लंबे ब्रेक के बाद वनडे टीम में वापसी कर रहे हैं। भारतीय टीम हाल के मैचों में लगातार हार का सामना कर रही है, ऐसे में इन अनुभवी खिलाड़ियों का आना टीम को नई ऊर्जा देने की आशा है।
तैयारी में निरंतरता
बवुमा ने कहा, “हम दोनों खिलाड़ियों का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारी तैयारी पहले जैसी ही रहेगी। हम अपने प्लान पर भरोसा करते हैं। हां, मैदान पर जोश थोड़ा और बढ़ सकता है, लेकिन यह हमारे लिए एक रोमांचक चुनौती है।”
भारत में दक्षिण अफ्रीका का दबदबा
दक्षिण अफ्रीका का भारत में वनडे खेलने का एक शानदार इतिहास रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक 55 वनडे मैच खेले जा चुके हैं, जिसमें से अफ्रीका ने 31 मैच जीते हैं, जबकि भारत ने 23 मैचों में जीत हासिल की है। 2023 के विश्व कप में भी अफ्रीकी टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी, जहाँ उन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किए।
कप्तानी की निरंतरता
बवुमा ने बताया कि कप्तान के रूप में उनका दृष्टिकोण वही रहेगा। “मैं बल्ले से रन बनाऊंगा और मैदान पर उचित निर्णय लूंगा। मेरे तरीके में कोई बदलाव नहीं आने वाला, चाहे विपक्षी टीम में कोई भी खिलाड़ी हो।”
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एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की कप्तानी की MS धोनी से की तुलना
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रसिद्ध बल्लेबाज एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की टेस्ट कप्तानी के बारे में एक दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि बवुमा ने सबको चौंका दिया है और उनकी कप्तानी की शैली महेंद्र सिंह धोनी से बहुत मिलती-जुलती है।
यह जानकारी भी महत्वपूर्ण है कि बवुमा ने अपनी कप्तानी में अब तक कोई भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। इसी वजह से डी विलियर्स ने उनकी कप्तानी की तुलना धोनी से की और उन्हें एक शांत कप्तान बताया।
डी विलियर्स को विश्वास नहीं था
2023 में जब बवुमा को दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया, तब एबी डी विलियर्स इस निर्णय को लेकर संशय में थे। उस समय दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम कठिन परिस्थिति में थी। बवुमा का बल्लेबाजी औसत भी लगभग 30 था, जिसके चलते कई लोगों को लगा कि यह एक जोखिम भरा कदम है।
एबी ने यह स्वीकार किया कि पहले कुछ वर्षों तक वे भी इस फैसले पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों से इस विषय पर लंबे समय से चर्चा कर रहा था। शुरू में, मुझे यह कहने में संकोच होता था कि मुझे यह निर्णय सही लग रहा है।”
धोनी जैसी शांत कप्तानी
डी विलियर्स ने बवुमा की तुलना सीधे-सादे एमएस धोनी से की। उन्होंने कहा कि बवुमा का कद भले ही छोटा है और स्वभाव शांत है, लेकिन ड्रेसिंग रूम में उनकी बातों को पूरा सम्मान मिलता है।
उन्होंने कहा, “बवुमा कभी जोर से नहीं बोलते, वे शांत रहते हैं, लेकिन जब बोलते हैं, तो सभी सुनते हैं। यही स्थिति धोनी की भी थी। धोनी भी कम बोलते थे, लेकिन उनकी हर बात का महत्व होता था।”
भारत को उसके घर में 2-0 से हराया
हाल ही में, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसकी जमीन पर टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराया। यह किसी विदेशी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कोलकाता और गुवाहाटी की चुनौतीपूर्ण पिचों पर बवुमा ने पहले बल्ले से योगदान दिया और फिर कप्तानी करते हुए टीम को शानदार जीत दिलाई। दूसरे टेस्ट में टीम को 408 रनों के बड़े अंतर से जीत मिली।
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टेम्बा बावुमा ने दक्षिण अफ्रीकी कोच के ‘ग्रोवेल’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने दूसरे टेस्ट के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘ग्रूवल’ टिप्पणी पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में कुछ खिलाड़ियों ने सीमाएं पार की हैं, जबकि अपनी टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की।
कप्तान की मीडिया बातचीत
भारत के खिलाफ गुवाहाटी में शानदार जीत के बाद बावुमा ने मीडिया से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कोच शुकरी कोनराड की ‘ग्रूवल’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों ने भी मर्यादा का उल्लंघन किया है। जसप्रीत बुमराह द्वारा की गई ‘बौना’ टिप्पणी का उल्लेख करते हुए, बावुमा ने अपनी टीम की मानसिक मजबूती की प्रशंसा की।
कोच की टिप्पणी का संदर्भ
दूसरे टेस्ट के बाद, जब बावुमा से कोच शुकरी कोनराड की ‘ग्रूवल’ टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी-अभी मैच पर ध्यान केंद्रित किया है और कोच से इस मामले पर बातचीत नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि कोनराड अपने बयान पर विचार करेंगे और यह भी जोड़ा कि कुछ खिलाड़ियों ने इस सीरीज में सीमा को पार किया है, लेकिन उन्होंने किसी विशेष खिलाड़ी का नाम नहीं लिया।
‘खिलाड़ियों के सम्मान पर कहे गए शब्द’
बावुमा के बयान का इशारा जसप्रीत बुमराह द्वारा उन्हें ‘बौना’ कहने की ओर था। यह शब्द आमतौर पर कम ऊंचाई वाले व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और इसकी व्याख्या को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। बावुमा ने स्पष्ट किया कि ऐसी टिप्पणियाँ खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा को हानि पहुँचाती हैं।
दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका का उत्कृष्ट प्रदर्शन
गुवाहाटी में खेले गए इस टेस्ट में भारतीय टीम पूरी तरह बैकफुट पर नजर आई, जबकि मेहमान दक्षिण अफ्रीका ने हर क्षेत्र में सर्वोच्च प्रदर्शन किया। उनकी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ने दिखाया कि वे किस तरह से आगे थे। बावुमा ने कहा कि उनकी टीम ने सभी चुनौतियों का अच्छी तरह से सामना किया।
सीरीज जीत पर कप्तान की प्रतिक्रिया
बावुमा ने भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप करने को एक ‘विशेष उपलब्धि’ बताया। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश में इतनी बड़ी जीत हासिल करना आसान नहीं है। मानसिक दृढ़ता और अनुभव के आधार पर उन्होंने उल्लेख किया कि यह जीत उनके आत्मविश्वास को और अधिक बढ़ाएगी।
‘टीम की तैयारी और फॉर्म’
बावुमा ने कहा कि सीरीज से पहले की तैयारी इस सफलता के लिए महत्वपूर्ण रही। खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाओं का सही ज्ञान था और हर सदस्य की इच्छा थी कि वह टीम के लिए योगदान दे सके। उन्होंने यह भी कहा कि बेंच पर बैठे खिलाड़ी भी मैच जीतने की क्षमता रखते हैं। कप्तान ने बताया कि टीम इस समय शानदार फॉर्म में है और यह लय आगे भी उनके लिए लाभदायक साबित होगी।
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भारत में टेस्ट सीरीज जीतने का साउथ अफ्रीका का पुराना अनुभव
साउथ अफ्रीका का टेस्ट सीरीज में जीत की खोज
नई दिल्ली । टेंबा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका की टीम भारत में टेस्ट सीरीज जीतने के लिए बेताब है। हाल ही में कोलकाता में भारत को हराने के बाद, अब उनकी नजरें गुवाहटी टेस्ट पर टिकी हुई हैं। हालांकि, यह चुनौती उनके लिए सरल नहीं होगी क्योंकि टीम इंडिया हमेशा वापसी करने के लिए जानी जाती है। साउथ अफ्रीका अगर भारत में टेस्ट सीरीज जीतने में सफल होता है, तो यह उनके लिए एक अद्वितीय उपलब्धि होगी। आखिरी बार साउथ अफ्रीका ने भारत में टेस्ट सीरीज 2000 में जीती थी, जब सचिन तेंदुलकर टीम इंडिया के कप्तान थे। उस समय साउथ अफ्रीका ने सीरीज में 2-0 से जीत हासिल की थी।
2000 का यादगार सीरीज
उस सीरीज में साउथ अफ्रीका के कप्तान रहे हैंसी क्रोनजे, जिन्हें बाद में मैच फिक्सिंग के मामले में जीवनभर के लिए धारण कर दिया गया था। पहला टेस्ट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था, जहां साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से जीत हासिल की। इस मैच में भले ही सचिन तेंदुलकर को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, लेकिन वह अपनी टीम की हार को टाल नहीं पाए। सचिन ने उस मैच में 97 रनों की पारी खेली थी।
दूसरी टेस्ट की स्थिति
दूसरा टेस्ट बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुआ, जिसमें भारत को एक और बुरी हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया की पहली पारी मात्र 158 रनों पर समाप्त हुई, जबकि साउथ अफ्रीका ने 479 रनों का विशाल स्कोर बनाया। दूसरी पारी में भी भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वे 250 रनों पर ऑल आउट हो गए। हालांकि, मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस बीच एक शानदार शतक (102 रन) बनाया था।
साउथ अफ्रीका की नई चुनौती
अब टेंबा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका 25 साल से जारी जीत के सूखे को समाप्त करना चाहती है। कोलकाता टेस्ट जीतकर मेहमान टीम 1-0 से आगे है। अगर गुवाहटी में भी उन्हें जीत मिलती है, तो टेंबा बावुमा भारत में टेस्ट सीरीज जीतने वाले दूसरे साउथ अफ्रीकी कप्तान बन जाएंगे।
