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  • डोनाल्ड ट्रंप ने की चीनी उत्पादों पर 100% टैरिफ का ऐलान, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध फिर शुरू

    डोनाल्ड ट्रंप ने की चीनी उत्पादों पर 100% टैरिफ का ऐलान, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध फिर शुरू

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    अमेरिका द्वारा चीन के खिलाफ नए व्यापार उपाय

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चीन के खिलाफ असाधारण व्यापार उपायों की घोषणा की है। उनके अनुसार, 1 नवंबर 2025 से सभी चीनी आयातों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा और अमेरिका में निर्मित महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण सख्त किया जाएगा। यह कदम विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मौजूदा तनाव को और बढ़ा सकता है।

    चीन पर आरोप और चेतावनी ⚠️

    सोशल मीडिया पर ट्रंप ने बीजिंग पर व्यापार में अत्यधिक आक्रामक नीतियों का पालन करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका भी इसी प्रकार जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, “1 नवंबर, 2025 से, अमेरिका चीन पर 100% टैरिफ लागू करेगा, जो वर्तमान में लग रहे टैरिफ के अतिरिक्त होगा।”

    चीन की व्यापारिक रणनीतियों पर प्रतिक्रिया

    ट्रंप के अनुसार, यह निर्णय उन रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है, जिनमें कहा गया है कि चीन अपने उत्पादों पर व्यापक निर्यात प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। उन्होंने इसे अन्य देशों के साथ व्यापार में नैतिक अपमान करार दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इसका प्रभाव सभी देशों पर पड़ेगा और यह कि चीन ने यह योजना कई वर्षों पहले तैयार की थी।

    संभावित प्रभाव 📊

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक कई क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। वर्तमान में इन क्षेत्रों पर पहले से ही टैरिफ का दबाव है। यह ट्रंप के कार्यकाल के दौरान उठाया गया सबसे कठोर संरक्षणवादी कदम होगा।

    शी जिनपिंग के साथ बैठक रद्द

    ट्रंप का यह बयान चीनी सामानों पर नए शुल्क लगाने के संकेत देने वाले एक पूर्व पोस्ट के बाद आया है। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक रद्द करने की चेतावनी भी दी। यह बीजिंग के प्रति एक कड़ा संदेश था, जिससे वैश्विक व्यापार संबंधों में और खटास आई है।

    निष्कर्ष

    यह नया व्यापारिक निर्णय अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है, जिससे अमेरिका और चीन के बीच की प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र हो जाएगी।

  • भारत-चीन विवाद से ध्यान हटाकर टैरिफ युद्ध का विरोध करें; ट्रंप के बयान पर चीनी राजदूत का गुस्सा

    भारत-चीन विवाद से ध्यान हटाकर टैरिफ युद्ध का विरोध करें; ट्रंप के बयान पर चीनी राजदूत का गुस्सा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    भारत-चीन संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का आह्वान

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर भारत और चीन पर की जा रही आलोचना के बीच, चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने इन दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने का सुझाव दिया है। उन्होंने राजनीतिक शक्ति, वर्चस्ववाद, और व्यापार युद्धों का मिलकर सामना करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है।

    चार प्रमुख बिंदु

    शू ने 76वीं चीनी राष्ट्रीय दिवस समारोह में एक चार बिंदुओं का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने कहा कि भारत और चीन को आपसी संबंध सुधारने के लिए पारस्परिक सम्मान, विश्वास, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, और साझा विकास के सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

    द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि

    उन्होंने उल्लेख किया कि जनवरी से अगस्त 2025 तक, भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.4% की वृद्धि के साथ 102 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। शू ने कहा कि चीन भारत के साथ साझा हितों को विकसित करने के लिए तैयार है।

    भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी

    इस वर्ष, चीनी दूतावासों ने भारतीय नागरिकों को 2,65,000 से अधिक वीजा जारी किए हैं। शू ने कहा, “हम हर स्तर पर भारत के साथ मित्रता एवं सहयोग बढ़ाना चाहते हैं और आपसी समझ को और गहरा करना चाहते हैं।”

    आगामी बैठक की संभावना

    राजदूत ने हाल ही में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चीन दोनों नेताओं की साझा समझ के आधार पर भारत-चीन संबंधों को स्थिर और सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    ट्रंप द्वारा किया गया आरोप

    वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और चीन पर आरोप लगाया कि दोनों देश रूस से ऊर्जा खरीदकर यूक्रेन युद्ध की वित्तीय सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “चीन और भारत का रूस से तेल खरीदना उनकी नीति के लिए नकारात्मक है। उन्हें तुरंत यह प्रक्रिया रोकनी चाहिए।”