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  • भारत ने छठी बार अंडर-19 विश्व कप जीता

    भारत ने छठी बार अंडर-19 विश्व कप जीता

    आईसीसी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के विजेता टीम इंडिया को क्यों नहीं दी प्राइज मनी?

    नई दिल्ली। आईसीसी (ICC) हर टूर्नामेंट में सफल टीमों को प्राइज मनी प्रदान करता है, लेकिन अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की विजेता टीम इंडिया को किसी भी प्रकार की प्राइज मनी नहीं मिली। भारत ने 6 फरवरी को इंग्लैंड को हराकर यह खिताब जीता है, जो कि उसका छठा अंडर-19 वर्ल्ड कप है। इस मैच के नायक रहे वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने शानदार 175 रनों की पारी खेली। उनकी इस खूबसूरत पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी मिला।

    आईसीसी का डेवलपमेंटल टूर्नामेंट का दृष्टिकोण

    आईसीसी ने क्यों U19 टीम इंडिया को नहीं दी प्राइज मनी?
    आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक डेवलपमेंटल टूर्नामेंट मानता है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देना है। यह कोई कमर्शियल प्रतियोगिता नहीं है। इस ढांचे के अंतर्गत, टीमों को पहले से ही ICC के विकास प्रोग्राम्स के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, और इसलिए फिनिशिंग पोजीशन के लिए अतिरिक्त प्राइज मनी नहीं दी जाती है।

    बीसीसीआई का संभावित योगदान

    बीसीसीआई कर सकता है प्राइज मनी का ऐलान
    हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि भारतीय टीम को कोई पुरस्कार नहीं मिलेगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जूनियर टीमों की सफलता को मान्यता देने के लिए पहले भी कई कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, 2022 में भारत ने यश ढुल की कप्तानी में जब अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था, तो सभी खिलाड़ियों को 40 लाख रुपये इनाम दिए गए थे, जबकि सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को 25 लाख रुपये मिले थे। इसके अलावा, भारतीय महिला U19 टीमों ने 2023 और 2025 में जो खिताब जीते थे, उनके लिए बीसीसीआई ने 5 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया था।

    इस पूर्व अनुभव को देखते हुए, उम्मीद की जा रही है कि मौजूदा अंडर-19 चैंपियन टीम को भी बीसीसीआई से किसी प्रकार का वित्तीय पुरस्कार प्राप्त होगा। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह अपेक्षित है कि बोर्ड जल्द ही खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए उनकी ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत की पहचान के रूप में इंसेंटिव की पुष्टि करेगा।

  • भारत और पाकिस्तान के मुकाबले में टॉस के बाद आयुष म्हात्रे का हाथ मिलाने से इंकार

    भारत और पाकिस्तान के मुकाबले में टॉस के बाद आयुष म्हात्रे का हाथ मिलाने से इंकार

    नई दिल्ली:  U-19 टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा से ही विशेष रहता है। इस बार भी टॉस के समय माहौल में खटास देखी गई। बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मैच में पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ पहले गेंदबाजी करने का विकल्प चुना।

    भारत ने पाकिस्तान पर ‘हैंडशेकर अटैक’ किया

    भारत की टीम अब पहली बल्लेबाजी करेगी। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा टॉस के दौरान भारत के आयुष म्हात्रे और पाकिस्तान के फरहान यूसुफ के बीच ‘हैंडशेक’ न होने की रही। दोनों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया और न ही कोई सामान्य अभिवादन किया।

    यह ‘नो हैंडशेक’ नीति भारत की तरफ से लगातार अपनाई जा रही है, जिसकी शुरुआत सीनियर टीम से हुई और अब यह U-19 स्तर तक पहुँच चुकी है। यह पहली बार नहीं है कि ऐसा हुआ है। पहलगाम अटैक जैसे घटनाओं के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में बढ़ती खटास ने इस स्थिति को और बढ़ावा दिया है। सीनियर पुरुष टीम ने एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ भी हाथ नहीं मिलाना चुना था, और महिलाओं की टीम ने भी विश्व कप में इसी तरह का रुख अपनाया। U-19 एशिया कप में भी आयुष म्हात्रे और फरहान यूसुफ के टॉस पर हाथ न मिलाने का क्रम जारी रहा।

    भारत को पहले बल्लेबाजी का अवसर

    पाकिस्तान ने टॉस जीत कर फील्डिंग करने का निर्णय लिया, जिससे भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका मिला। दोनों टीमों के बीच यह सुपर सिक्स स्टेज का महत्वपूर्ण मैच है। भारत ने हाल ही में जिम्बाब्वे को 204 रनों से हराया था, वहीं पाकिस्तान भी अच्छे फॉर्म में है। मैच के दौरान भारत के वैभव सूर्यवंशी और पाकिस्तान के मजबूत बॉलिंग अटैक का मुकाबला देखने को मिलेगा।

    यह ‘हैंडशेक अटैक’ जैसा माहौल क्रिकेट से ज्यादा राजनीति के असर को दर्शाता है। सीमा पर बढ़ते तनाव और पाकिस्तान की गतिविधियों ने खेल के मैदान पर भी प्रभाव डाला है। ICC ने क्रिकेट को राजनीति से दूर रखने की बात कही थी, लेकिन दोनों बोर्डों के बीच तनाव इसकी अनुमति नहीं दे पा रहा। फैंस इस मुकाबले को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि टॉस का यह क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।

  • 14 वर्ष की आयु में भी दोबारा अंडर-19 वर्ल्ड कप से बाहर वैभव सूर्यवंशी

    14 वर्ष की आयु में भी दोबारा अंडर-19 वर्ल्ड कप से बाहर वैभव सूर्यवंशी

    भारतीय क्रिकेट में कुछ प्रतिभाएं ऐसी होती हैं जो अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता दिखाते हुए सबका ध्यान आकर्षित करती हैं। वैभव सूर्यवंशी भी ऐसी ही एक प्रतिभा हैं। मात्र 14 वर्ष की आयु में आईपीएल और अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर चुके वैभव पर सभी की निगाहें हैं। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी कम उम्र में उनका जूनियर विश्व कप सफर समाप्त होता दिख रहा है। इसका कारण उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि कुछ नियम हैं।

    अंडर-19 विश्व कप में वैभव की पहली बड़ी परीक्षाएँ

    जिंबाब्वे और नामीबिया में शुरू हुए अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे मात्र दो रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, एक मैच में प्रदर्शन से किसी खिलाड़ी को आंकना गलत है। टीम प्रबंधन और क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि आगामी मैचों में वैभव टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    क्यों नहीं खेल पाएंगे अगला जूनियर विश्व कप

    हालांकि वैभव सूर्यवंशी की उम्र अगले अंडर-19 विश्व कप के दौरान नियमों के अनुसार अभी भी पात्रता में होगी, लेकिन वह टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएंगे। इसके पीछे बीसीसीआई का एक नियम है, जो कहता है कि कोई खिलाड़ी केवल एक बार अंडर-19 विश्व कप खेल सकता है। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर भी कोई खिलाड़ी दो से अधिक सीज़न तक जूनियर टीम का हिस्सा नहीं रह सकता।

    बीसीसीआई के नियम के पीछे की सोच

    बीसीसीआई ने यह निर्णय युवा टैलेंट को अधिक अवसर देने के उद्देश्य से लिया है। अंडर-19 विश्व कप हर दो साल में आयोजित होता है, और इस दौरान कई नए खिलाड़ी सामने आते हैं। यदि पुराने खिलाड़ियों को फिर से मौका दिया जाता है, तो नए और प्रासंगिक खिलाड़ियों के लिए अवसर सीमित हो जाते हैं। बोर्ड मानता है कि जो खिलाड़ी टिपण्णी के लायक है, वह एक ही विश्व कप में अपनी छाप छोड़ सकता है।

    दो बार अंडर-19 विश्व कप खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई महान खिलाड़ी हैं, जिन्होंने दो बार अंडर-19 विश्व कप खेला है। इनमें रवींद्र जडेजा, मोहम्मद कैफ, सरफराज खान, आवेश खान, और अभिषेक शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। हालाँकि, किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने तीन बार इस टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया है। समय के साथ-साथ चयन की नीतियाँ भी और अधिक कठोर होती गई हैं।

    एक बार खेलकर ही बने सुपरस्टार

    इतिहास यह सिखाता है कि महान बनने के लिए बार-बार जूनियर विश्व कप खेलना आवश्यक नहीं है। विराट कोहली, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, और शिखर धवन जैसे खिलाड़ी केवल एक बार अंडर-19 विश्व कप खेलकर भारतीय क्रिकेट में बड़े सितारे बन गए। वैभव सूर्यवंशी के लिए भी यही सिद्धांत लागू होता है कि एक ही मंच उनके लिए पर्याप्त हो सकता है, बशर्ते प्रतिभा और मेहनत संग हों।

  • अंडर-19 विश्व कप के लिए महबूब खान ने कप्तान के रूप में अफगानिस्तान टीम की घोषणा

    अंडर-19 विश्व कप के लिए महबूब खान ने कप्तान के रूप में अफगानिस्तान टीम की घोषणा

    अफगानिस्तान अंडर-19 क्रिकेट टीम का विश्व कप में प्रदर्शन

    नई दिल्ली: अफगानिस्तान क्रिकेट का युवा रंगमंच पर एक बार फिर चमकने का समय आ गया है। आईसीसी अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2026 की शुरुआत 15 जनवरी को जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने जा रही है। इस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान का नेतृत्व अनुभवी कप्तान महबूब खान करेंगे, जिन्होंने पहले 2024 और 2025 के अंडर-19 एशिया कप में टीम की कमान संभाली थी। इस बार उनकी टीम स्पिन गेंदबाजी के दम पर विपक्षी टीमों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है।

    टीम की ताकत: गेंदबाजी और बल्लेबाजी

    इस टीम में सबसे प्रमुख नाम वाहिदुल्लाह जादरान का है, जो केवल 18 वर्ष की आयु में ही सीनियर स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने पिछले वर्ष यूएई में आयोजित आईएलटी20 लीग में गल्फ जायंट्स का प्रतिनिधित्व किया और वहां अनुभव प्राप्त किया। हालांकि, दिसंबर 2025 में आयोजित आईपीएल मेगा नीलामी में उनका चयन नहीं हो पाया, लेकिन उनकी काबिलियत पर किसी को कुछ संदेह नहीं है।

    अफगानिस्तान का विश्व कप सफर

    अफगानिस्तान ने पिछले साल एशिया क्वालीफायर में बेदाग प्रदर्शन करते हुए विश्व कप में अपनी जगह बनाई। टीम की बल्लेबाजी भी मजबूत है, जिसमें खालिद अहमदजई, उस्मान सादात और फैसल खान जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। ग्रुप डी में अफगानिस्तान का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और तंजानिया जैसी शक्तिशाली टीमों से होगा। टूर्नामेंट का फाइनल 6 फरवरी को आयोजित किया जाएगा।

    अंडर-19 विश्व कप के लिए अफगानिस्तान का स्क्वाड

    महबूब खान (कप्तान), खालिद अहमदजई, उस्मान सादात, फैसल खान, उजैरउल्लाह नियाजी, अजीज मिया खिल, नजीफ अमीरी, खातिर स्टानिकजई, नूरिस्तानी उमरजाई, अब्दुल अजीज, सलाम खान, वाहिदुल्लाह जादरान, जैतुल्लाह शाहीन, रोहुल्लाह अरब और हफीजुल्लाह जादरान।