भारत ने यूएन में ब्रिटेन के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान किया, तनाव बढ़ा लंदन में
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दिल्ली ब्लास्ट के बाद भारत ने UN को बताया, सीमा पार हथियारों की तस्करी बर्दाश्त नहीं होगी
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से अपील की है कि हथियारों की तस्करी करने वालों के प्रति कठोर रुख अपनाया जाए। उनका यह बयान हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद सामने आया है।
आतंकवाद से भारत की निरंतर पीड़ा 🕵️♂️
हरीश ने सोमवार को ‘यूएन सिक्योरिटी काउंसिल स्मॉल आर्म्स ओपन डिबेट’ में कहा कि भारत कई वर्षों से आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। इसके चलते, देश छोटे हथियारों और अमान्य हथियारों की आपूर्ति के खतरों से भली-भांति परिचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे हथियारों का उपयोग भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
हालिया ब्लास्ट की पृष्ठभूमि 🚨
दिल्ली में लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट में 12 लोगों की मृत्यु और 25 लोगों के घायल होने की सूचना है। यह धमाका सोमवार की शाम को हुआ, जब एक धीमी गति से चल रही कार में अचानक विस्फोट हुआ। हरीश ने पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए कहा कि भारत को सीमा पार से आतंकवाद के कारण गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है, जिसमें ड्रोन और अन्य अवैध हथियार शामिल हैं।
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भारत ने म्यांमार स्थिति पर यूएन रिपोर्ट को अस्वीकार किया, पक्षपाती और संकीर्ण विश्लेषण बताया।
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
भारत ने म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर जताई चिंता
भारत ने हाल ही में म्यांमार में मानवाधिकारों के मसले पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के संदर्भ में की गई ‘पक्षपातपूर्ण और संकीर्ण टिप्पणी’ की निन्दा की है। सरकार ने पड़ोसी देश में हो रही हिंसा को रोकने और समावेशी राजनीतिक संवाद को शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
कांग्रेस समिति की बैठक में भारत का स्टैंड
संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में मंगलवार को म्यांमार की स्थिति पर चर्चा आयोजित हुई। इस अवसर पर लोकसभा सांसद दिलीप सैकिया ने भारत का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि भारत उन सभी पहलों का समर्थन करता है जो म्यांमार में शांति, स्थिरता और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए वहां के लोगों और सरकार के नेतृत्व में चलती हैं।
हिंसा के खिलाफ भारत की अपील
सैकिया ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हिंसा का तत्काल अंत हो, राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जाए, मानवीय सहायता का स्वतंत्र रूप से वितरण किया जाए और समावेशी राजनीतिक संवाद को प्रारंभ किया जाए।” यह चर्चा म्यांमार में 2021 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद बढ़ती हिंसा की पृष्ठभूमि में की गई थी।
भारत की स्थायी स्थिति
सैकिया, जो भाजपा सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में एक बहुपरकीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, ने यह भी कहा कि भारत हमेशा जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देता है। ज्ञात हो कि उन्होंने यूएन की रिपोर्ट में भारत के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर अपनी गंभीर आपत्ति व्यक्त की।
भारत की यह स्थिति दर्शाती है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानवाधिकारों की रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में प्रतिबद्ध है।
