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  • CM मोहन यादव ने वंदे मातरम के अपमान पर कांग्रेस से इस्तीफे की मांग की

    CM मोहन यादव ने वंदे मातरम के अपमान पर कांग्रेस से इस्तीफे की मांग की

    इंदौर में वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस पार्षदों का विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

    इंदौर: इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर उठे विवाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रगीत गाने से मना किया, जिसके चलते मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

    मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस को अपने दोहरे चरित्र से बाहर निकलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की महिला पार्षदों ने ‘वंदे मातरम’ गाने से मना करके बेशर्मी की हद पार कर दी है। उन्होंने कहा कि देशभक्तों का अपमान करना कांग्रेस का पुराना चरित्र रहा है, और उन्होंने पूछा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस मामले पर चुप क्यों हैं।

    कांग्रेस पर आरोप

    यादव ने कहा कि कांग्रेस के नेता हमेशा भगवान राम और हिंदुओं का अपमान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के छह छंदों को सभी के दिलों में स्थान दिया है, जबकि कांग्रेस ने इस गीत को लेकर विवाद खड़ा किया था। यादव ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से इस पर कार्रवाई की मांग की है।

    विवाद का उग्र रूप

    इस विवाद ने अब एक नया मोड़ लिया है, जब हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट किया। उन्होंने कहा है कि जो भी फौजिया शेख अलीम का मुंह काला करेगा, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब नगर निगम की बैठक में फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार कर दिया।

  • टी. राजा सिंह का राम नवमी पर बयान – ‘भारत हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं बन सकता?’

    टी. राजा सिंह का राम नवमी पर बयान – ‘भारत हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं बन सकता?’

    टी. राजा सिंह का विवादास्पद बयान

    हैदराबाद। तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी. राजा सिंह ने राम नवमी के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा के दौरान ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने वालों के खिलाफ बोलते हुए सवाल उठाया कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने में क्या समस्या है।

    विरोध का सामना

    उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग भारत को अपना देश मानते हैं, उन्हें इन नारों का विरोध नहीं करना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि इन नारों को लगाने या गीत गाने से किसी धर्म को खतरा नहीं होता है।

    हिंदू एकता की अपील

    हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर चर्चा करते हुए, सिंह ने हिंदुओं से जातिगत भेदभाव भुलाकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में कई इस्लामी देश हैं, तो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने में क्या आपत्ति हो सकती है। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न राज्यों की पुलिस द्वारा संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी की सराहना भी की।

    फिल्मों की बदलती दिशा

    इस कार्यक्रम के दौरान, टी. राजा सिंह ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर 2’ की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले की फिल्मों में भारत को कमजोर दिखाया जाता था, जबकि अब ऐसी फिल्में बन रही हैं जो लोगों को जागरूक कर रही हैं।

    राजनीतिक बहस का तापमान बढ़ता हुआ

    सिंह ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि यदि कोई देश या धर्म को गलत दृष्टिकोण से देखेगा, तो उसे माफ नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद, हिंदू राष्ट्र पर राजनीतिक चर्चा एक बार फिर से तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • वंदे मातरम पर संसद में आज चर्चा, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

    वंदे मातरम पर संसद में आज चर्चा, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

    संसद में ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा शुरू

    नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है, और आज (08 दिसंबर) को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। इस बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में करेंगे, जबकि राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह इस पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। इस चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

    लोकसभा में 150 वर्ष पुरानी गीत पर चर्चा

    आज लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा होगी, जो 150 वर्ष पूर्व लिखी गई है। इस ऐतिहासिक गीत के महत्व पर चर्चा का आगाज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे। विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई समेत आठ सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, और चर्चा का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उद्धबोधन से होगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 7 नवंबर को इस राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई थी।

    विभाजन का आरोप

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालही में कहा कि 1937 में वंदे मातरम के टुकड़े किए गए थे, जिससे विभाजन की सोच का बीज बोया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्र-निर्माण के इस महत्वपूर्ण गीत के साथ ऐसा अन्याय क्यों हुआ। उन्होंने माना कि यह सोच आज की पीढ़ी के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।

    इमाम एसोसिएशन का बयान

    संसद में बहस शुरू होने से पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने टिप्पणी की है कि मुस्लिम समुदाय को राष्ट्रगीत से कोई घृणा नहीं है। उनकी आपत्ति धार्मिक मान्यताओं और गीत के अगले हिस्से में मूर्ति पूजा के भाव को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत की शुरुआती दो पंक्तियों को गाने में किसी मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

    गीत का ऐतिहासिक संदर्भ

    सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम का पहला प्रकाशन 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में हुआ। 1882 में यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना। बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया और यह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए आजादी की लड़ाई में प्रेरणा का स्रोत बना। भारत सरकार ने 24 जनवरी, 1950 को वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया।