गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

गौतम गंभीर का हॉरर शो, टीम इंडिया के नाम दर्ज हुए 35 शर्मनाक रिकॉर्ड!

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के 92 साल के इतिहास में ऐसा अभूतपूर्व घटनाक्रम गौतम गंभीर के मुख्य कोच रहते देखने को मिला है। इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार केवल एक खेल की हार नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की एक स्पष्ट पहचान है जिसने प्रशंसकों को परेशानी में डाल दिया है।

गौतम गंभीर, जिन्होंने खुद को बेहतरीन बल्लेबाज और कप्तान कहा था, अब सबसे खराब कोच माने जा रहे हैं। आने वाले समय में उनकी कोचिंग की स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है।

इंदौर में भारतीय दृढ़ता का पतन

इंदौर का होल्कर स्टेडियम भारत के लिए एक अभेद्य किला रहा है, जहां भारत ने कभी भी वनडे नहीं हारा था। लेकिन कीवी टीम ने न केवल भारत को 41 रनों से मात दी, बल्कि पहली बार भारत में वनडे श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट का मान झुक गया। विराट कोहली के 124 रन भी इस हार के पीछे की टीम की कमजोर गेंदबाजी और खराब योजना को छिपा नहीं सके।

गौतम गंभीर के कार्यकाल के नकारात्मक रिकॉर्ड

गौतम गंभीर के कोचिंग के दौरान टीम इंडिया को जीत की तुलना में अनचाहे रिकॉर्ड्स के लिए अधिक चर्चा का विषय बनते देखा गया है। प्रशंसक आश्चर्यचकित हैं कि क्या यह वही आक्रामक भारत है जिसे वे जानते हैं।

घरेलू पिचों पर हार: 12 वर्षों में पहली बार घर में टेस्ट श्रृंखला हारना और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट एवं वनडे दोनों में हारना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सबसे बड़ा कलंक है।

इतिहास की सबसे बड़ी हार: 408 रनों की हार और 124 रनों का लक्ष्य हासिल न कर पाना अब इस टीम की नई पहचान बन गया है।

असफलता का सिलसिला: घरेलू मैदान पर 50 रन के अंदर ऑल-आउट होना और वानखेड़े में 147 रन के लक्ष्य को न हासिल कर पाना प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सदमा है।

प्रशंसकों का आक्रोश

सोशल मीडिया पर “Sack Gambhir” जैसे ट्रेंड चल रहे हैं। प्रशंसकों का गुस्सा बिल्कुल सही है, क्योंकि 36 वर्ष बाद न्यूजीलैंड से घर में टेस्ट हारना और 25 वर्ष बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हारना सहन करने योग्य नहीं है। एक निराश प्रशंसक ने कहा, “हम रिकॉर्ड बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब हम रिकॉर्ड तोड़ने के लिए जाने जाते हैं। गंभीर के आगमन ने भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को नष्ट कर दिया है।”

WTC फाइनल में असफलता

भारत पहली बार WTC फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। एडिलेड से लेकर मैनचेस्टर और लॉर्ड्स से इंदौर तक हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 17 साल बाद एडिलेड में वनडे हारना और 45 साल बाद एक कैलेंडर वर्ष में एक भी वनडे न जीत पाना टीम की तैयारियों की पोल खोलता है।

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