बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव: बैलट पेपर से मतदान की वापसी
बेंगलुरु। कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनावों में मतदान के लिए बैलट पेपर के उपयोग की घोषणा की है। यह निर्णय 25 वर्षों के बाद लिया गया है, जिसमें ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अंतर्गत आने वाले पांच नई नगर निगमों के चुनाव बैलट पेपर से होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी.एस. संगरेशी ने इस निर्णय को कानूनी रूप से वैध बताते हुए कहा कि इसका सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से कोई टकराव नहीं है। पिछले चुनावों में, 2000 के आस-पास बैलट पेपर का उपयोग किया गया था, जबकि हाल ही में ईवीएम का चलन रहा है। अब पारंपरिक मतदान प्रणाली की वापसी हो रही है।
चुनाव की तारीखें और मतदाता संख्या
इन चुनावों का आयोजन 25 मई के बाद और 30 जून के पहले करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है, ताकि यह समय 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के बाद का हो। लगभग 88.91 लाख मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल होंगे, जिनके नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स में शामिल हैं। राज्य चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि इस वर्ष के अंत में होने वाले जिला और तालुक पंचायत चुनाव भी बैलट पेपर के माध्यम से होंगे। इस कदम को पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मतगणना की प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना में कोई देरी नहीं होगी, इसके लिए सभी आवश्यक लॉजिस्टिक्स, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बल की व्यवस्था की जाएगी। चुनाव एक ही दिन में संपन्न हो जाएगा और परिणाम तुरंत घोषित करने की योजना है। जीबीए के अंतर्गत 5 नगर निगमों में कुल 369 वार्ड हैं और लगभग 89 लाख मतदाता चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगे। ड्राफ्ट मतदाता सूची 19 जनवरी को जारी की गई थी, जिसमें आपत्तियां 20 जनवरी से 3 फरवरी तक स्वीकार की जा सकती हैं। अंतिम सूची 16 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। यह फैसला पिछले वर्ष कर्नाटक कैबिनेट की सिफारिश के अनुरूप लिया गया है और वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे लागू किया जा रहा है।

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