WPL 2026 का आज होगा ऑक्शन, फ्रेंचाइजियों में होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

WPL 2026 का आज होगा ऑक्शन, फ्रेंचाइजियों के बीच देखने को मिलेगी जबरदस्त जंग | wpl auction 2026 teams purse slots and players lists

नई दिल्ली: महिला प्रीमियर लीग (WPL) का चौथा सीजन, यानी 2026 का आयोजन, तेजी से करीब आ रहा है। आज नई दिल्ली में इस सीजन का मेगा ऑक्शन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें सभी पांच फ्रेंचाइजी अपने खाली स्लॉट भरने के लिए पूरी कोशिश करेंगी।

इस बार की बोली बढ़े हुए रोमांच के साथ होने वाली है क्योंकि कई प्रमुख खिलाड़ियों को टीमों द्वारा रिलीज़ किया गया है, जिससे टीमों को फिर से बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

कितने खिलाड़ियों और कितने स्लॉट्स का होगा ऑक्शन?

इस ऑक्शन में कुल 277 महिला क्रिकेटर्स भाग ले रही हैं, जिनमें भारतीय और विदेशी दोनों प्रकार की खिलाड़ी शामिल हैं। लेकिन पांचों टीमों को कुल मिलाकर केवल 73 खिलाड़ियों को चुनने का अवसर मिलेगा, जिससे हर अच्छे खिलाड़ी के लिए कई टीमों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

किस टीम के पास कितना बजट है?

ऑक्शन में सबसे अधिक पैसे लेकर यूपी वारियर्स मैदान में उतर रही है, जिनके पास 14.5 करोड़ रुपये हैं, जिससे वे सबसे बड़ी बोली लगाकर खिलाड़ियों को अपना बना सकती हैं। दूसरे स्थान पर गुजरात जायंट्स है, जिनके पास 9 करोड़ रुपये का बजट बचा है।

सभी टीमों के पास बचे हुए अंतर्राष्ट्रीय स्लॉट्स

  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) – 6.15 करोड़
  • मुंबई इंडियंस – 5.75 करोड़
  • दिल्ली कैपिटल्स – 5.7 करोड़

कितने खिलाड़ी खरीदने हैं?

यूपी वारियर्स के पास सबसे अधिक खाली स्लॉट हैं, क्योंकि उन्हें 17 खिलाड़ियों की आवश्यकता है, जिनमें से कम से कम 5 विदेशी खिलाड़ी होने जरूरी हैं। गुजरात जायंट्स को 16 (5 विदेशी), RCB को 14 (4 विदेशी), जबकि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स दोनों को 13-13 खिलाड़ियों की आवश्यकता है (हर टीम को 4 विदेशी)।

इन खिलाड़ियों की होगी प्रमुख मांग

  • दीप्ति शर्मा (भारत की स्टार ऑलराउंडर)
  • रेणुका सिंह (तेज गेंदबाज)
  • सोफी डिवाइन और अमेलिया केर (न्यूजीलैंड)
  • सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड की नंबर-1 स्पिनर)
  • एलिसा हीली और मेग लैनिंग (ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज)
  • लॉरा वोलवार्ट (साउथ अफ्रीका की विस्फोटक बल्लेबाज)

ऑक्शन में रोमांच का कारण क्या है?

पिछले सीजन में कई टीमों ने अपनी प्रमुख खिलाड़ियों को रिलीज़ करके सभी को हैरान कर दिया था। अब उन खिलाड़ियों को वापस लाने या नई शक्तिशाली टीम बनाने के लिए फ्रेंचाइजी के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। यूपी वारियर्स और गुजरात जायंट्स के पास पैसे और स्लॉट दोनों अधिक हैं, जिससे वे संभावित रूप से बड़े गेम-चेंजर बन सकते हैं।

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