नई दिल्ली: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में भारतीय फिल्म उद्योग और फिल्मों के सामाजिक प्रभाव पर एक खुला बयान दिया। विक्की कौशल की फिल्म **छावा** के विषय पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विषय है जो दर्शकों को बांट सकता है, लेकिन इसकी आत्मा बहादुरी की कहानी में छिपी हुई है। रहमान ने यह भी कहा कि दर्शक समझदार हैं और वे सिनेमा और सच्चाई के बीच का अंतर स्पष्ट कर सकते हैं।
<h3><strong>'दर्शकों की समझ पर भरोसा'</strong></h3>
<p>एआर रहमान ने दर्शकों की समझ पर भरोसा जताया। उन्होंने यह उठाया कि क्या लोग वास्तव में फिल्मों से प्रभावित होते हैं। रहमान का मानना है कि हर व्यक्ति में एक अंतरात्मा होती है, जो सही और गलत के बीच की पहचान कर सकती है। उन्होंने कहा कि लोग अब इतने भोले नहीं हैं कि किसी भी तरह के झूठे प्रभाव में आ जाएं।</p>
<h3><strong>संभाजी महाराज की कहानी और सम्मान</strong></h3>
<p>फिल्म **छावा** महान मराठा योद्धा **छत्रपति संभाजी महाराज** के जीवन पर आधारित है। रहमान ने बताया कि इस किरदार की गहराई हर मराठा के खून में मौजूद है। उन्होंने फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य की बात करते हुए कहा कि एक लड़की द्वारा बोले गए कविता के पंक्तियाँ दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं। फिल्म का संगीत तैयार करना उनके लिए गर्व की बात है।</p>
<h3><strong>धार्मिक शब्दों पर उठे सवाल</strong></h3>
<p>फिल्म में कुछ धार्मिक शब्दों के उपयोग को लेकर हुई आलोचना पर रहमान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऐसे आरोपों को पुराना और असहज बताया। रहमान का मानना है कि इंसानियत पर विश्वास बनाए रखना अनिवार्य है। लोगों के पास दिल, संवेदना और करुणा होती है, और वे सही और गलत सिनेमा को आसानी से पहचान सकते हैं।</p>
<h3><strong>फिल्मों के चयन को लेकर सोच</strong></h3>
<p>एआर रहमान ने स्पष्ट किया कि वे अब फिल्मों का चयन सोच-समझकर करते हैं। उनके अनुसार, कुछ फिल्में गलत इरादों से बनाई जाती हैं, और वे ऐसी परियोजनाओं से दूरी बनाते हैं। **छावा** ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कलेक्शन किया है, जिसमें फिल्म ने वर्ल्डवाइड 800 करोड़ से अधिक की कमाई की थी।<br/></p>

प्रातिक्रिया दे