झारखंड में बिजली गिरने से 18 की जान गई; 8 अगस्त तक चेतावनी जारी

झारखंड में वज्रपात से भारी तबाही, 18 लोगों की मौत

झारखंड में मंगलवार को दोपहर बाद राज्य के विभिन्न जिलों में दो से तीन घंटे तक लगातार बारिश हुई, लेकिन इसके साथ ही वज्रपात ने गंभीर नुकसान पहुँचाया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में 18 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब लोग खेतों में धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य में व्यस्त थे।

वज्रपात के शिकार बने कई लोग

मोहम्मदगंज, पलामू में पुष्पा देवी (38) की वज्रपात से मौत हो गई। इसी प्रकार, गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव में कदरून खातून (45), लातेहार के जालिम गांव के शिवनाथ उरांव और चंदवा के सुरली गांव के उपेंद्र उरांव (18) की भी जान गई। दुमका के रामगढ़ में आलतामुनी मरांडी (20), बाबूलाल हेंब्रम (30) और रोहित कुंअर (35) की मौत भी इसी घटना में हुई। चतरा के लावालौंग में संजय भुईयां (30) की भी वज्रपात से जान गई। गिरिडीह में ठनका गिरने से चार किशोरों सहित 10 लोगों की जान चली गई, जबकि नौ अन्य घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

रांची समेत कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

राज्य की राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में बारिश ने किसानों को राहत प्रदान की है, लेकिन वज्रपात की घटनाओं ने इस राहत को भारी क्षति पहुंचाई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में और बारिश की संभावना जताई जा रही है, जो किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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