जामताड़ा में प्रसूतिका की मौत से भड़का आक्रोश
जामताड़ा थाना क्षेत्र के कटंकी गांव में स्थित एसएस हॉस्पिटल में एक 20 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है, जिसे लापरवाही के चलते गंभीर माना जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और शव को जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया।
ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप
मृतका की पहचान भंडारो गांव की निवासी सुनीता मरांडी के रूप में हुई है, जिनका विवाह मुकेश हांसदा से हुआ था। परिजनों के मुताबिक, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी एक मुख्य नस कट गई, जिससे उनकी तबियत तेजी से बिगड़ने लगी।
धनबाद रेफर, इलाज के दौरान मौत
परिजनों ने आरोप लगाया कि 22 अगस्त की रात अस्पताल प्रबंधन ने अपनी विफलता को छिपाने के लिए पुलिस की मदद से सुनीता को धनबाद रेफर कर दिया। उन्हें धनबाद के जेपी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनका रक्तचाप अत्यधिक बढ़ चुका है और लिवर तथा किडनी में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो चुकी हैं। इलाज के दौरान 24 अगस्त की रात सुनीता की मृत्यु हो गई।
अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और सड़क जाम
मंगलवार को परिजन शव लेकर एसएस हॉस्पिटल पहुंचे। अस्पताल में प्रबंधन को गायब और परिसर में ताला लटका देखकर परिजनों का गुस्सा भड़क गया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद, शव को जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग पर उदल बनी के पास रखकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया गया। उग्र ग्रामीण उच्च स्तरीय जांच, दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई और पीड़िता के परिवार को उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।