नीरज तिवारी
जमशेदपुर: समावेशी विकास और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जमशेदपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स और यंग इंडिया के सहयोग से दिव्यांग युवाओं के लिए विशेष जॉब फेयर ‘प्रोजेक्ट स्माइल’ का आयोजन हुआ।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
जॉब फेयर का प्रमुख उद्देश्य दिव्यांग युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। आयोजकों का कहना है कि ‘प्रोजेक्ट स्माइल’ का लक्ष्य है—हर चेहरे पर मुस्कान लाना और इन विशेष युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना। इस पहल के अंतर्गत लगभग 200 दिव्यांग बच्चों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
बड़े कॉर्पोरेट घरानों की भागीदारी
इस आयोजन की सफलता इस बात से स्पष्ट होती है कि शहर की लगभग 30 प्रतिष्ठित कंपनियों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे प्रमुख कॉर्पोरेट भी शामिल थे। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मौके पर दिव्यांग अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया और उनकी योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया को पूरा किया।
समाज में उत्साह का माहौल
कार्यक्रम स्थल पर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के चेहरे पर उम्मीद और उत्साह स्पष्ट नजर आ रहा था। आयोजकों ने इस आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“हमारी कोशिश केवल दिव्यांगजनों को नौकरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में एक सम्मानजनक स्थान दिलाना है। इस तरह के आयोजनों से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होना ही हमारी असली सफलता है।”
समावेशी समाज की ओर एक मिसाल
‘प्रोजेक्ट स्माइल’ ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर सही अवसर और मंच मिले, तो दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं। यह आयोजन जमशेदपुर के अन्य औद्योगिक घरानों और संस्थाओं के लिए एक उदाहरण है कि वे कैसे सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए एक समावेशी समाज का निर्माण कर सकते हैं।