झारखंड इस्पात प्लांट दुर्घटना पर कार्रवाई, श्रम मंत्री ने जांच के आदेश दिए

रामगढ़ इस्पात प्लांट में हादसा: श्रम मंत्री का प्रबंधन पर आरोप

रांची: झारखंड के रामगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित इस्पात प्लांट में हाल ही में हुए हादसे को लेकर श्रम मंत्री संजय यादव ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मंत्री मंगलवार को रामगढ़ के हेसला बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि प्लांट में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और फर्नेस में विस्फोट की घटना को बेहद गंभीर माना। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संज्ञान लेते हुए जांच समिति का गठन किया है। श्रम विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घायलों से मुलाकात और प्रबंधन की लापरवाही

रांची के देव कमल अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से मिलने के दौरान, मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन के दबाव में भट्टी को जरूरत से अधिक गर्म किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि भट्टी के पास बनी सीढ़ी अत्यधिक संकरी थी, जिससे आपात स्थिति में बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मजदूरों के अनुसार, उन्होंने पहले से ही भट्टी के अत्यधिक गर्म होने की सूचना दी थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।

मुआवजा और मंत्री की सहायता का आश्वासन

मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, सभी स्तरों पर जांच जारी है। इस बीच, प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत, तीन मृतक मजदूरों के परिजनों को 21-21 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। मंत्री संजय यादव ने मृतक मजदूरों की पत्नियों, सावित्री देवी, सुषमा देवी, और सीमा देवी को चेक सौंपा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण में हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद, उन्होंने रांची रोड स्थित होप हॉस्पिटल जाकर इलाजरत मजदूरों का हालचाल लिया और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया।

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