छापेमारी में नहीं मिले किसी बाल श्रमिक, प्रशासन की की गई सराहना

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

सिमडेगा में बाल श्रम उन्मूलन की तेज़ मुहिम

सिमडेगा: जिले में बाल और किशोर श्रम के खिलाफ प्रशासन की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार और श्रम अधीक्षक कार्यालय ने मिलकर एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। यह अभियान शहर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में संचालित हुआ, जहाँ टीम ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

औचक निरीक्षण में सफलता

टीम ने सदर प्रखंड के बीरू, अरानी, और प्रिंस चौक जैसे विभिन्न इलाकों में श्रम कानूनों का पालन, कामकाजी युवाओं की आयु, कार्यस्थल की स्थिति और नियोजन प्रक्रिया की गहन जांच की। यह जानकर प्रसन्नता हुई कि इस जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में बाल या किशोर श्रमिक नहीं पाए गए। अधिकारियों ने इसे जिले में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों और प्रशासनिक निगरानी का सकारात्मक परिणाम बताया।

समाजिक ज़िम्मेदारी की अहमियत

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव, मरियम हेमरोम ने कहा कि “बाल श्रम उन्मूलन सभी की साझा जिम्मेदारी है। बच्चों का भविष्य केवल शिक्षा और सुरक्षित वातावरण में ही तैयार हो सकता है। इसलिए, उन्हें किसी भी प्रकार के श्रम से दूर रखना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि जिले में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बाल श्रम निषेध के कानूनों की जानकारी प्रदान की जा रही है।

कानूनी चेतावनी

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर कहीं भी बाल श्रम का मामला सामने आया, तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

इस अभियान में श्रम अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी शामिल थे जिन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों को श्रम कानूनों का पालन करने, बच्चों को कार्यपर रखने से बचने और किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी।

अधिकारियों ने दोहराया कि बाल श्रम के खिलाफ इस तरह के प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।

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