नई दिल्ली: अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी सौंपी गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय बुधवार को कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की आम सभा में लिया गया, जिससे दो दशकों के बाद यह प्रतिष्ठित मल्टी-स्पोर्ट इवेंट फिर से भारत में लौट रहा है।
भारत की बोली को मिली स्वीकृति
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की 74 सदस्य देशों की आम सभा ने भारत की बोली को स्वीकृति प्रदान की। पहले, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के कार्यकारी बोर्ड ने इस बोली की सिफारिश की थी। इसके बाद मूल्यांकन समिति ने प्रस्ताव का गंभीरता से आकलन किया। भारत ने अंतिम बार 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन किया था।
2030 गेम्स का महत्त्व
2030 CWG में भारत की सफलता केवल एक खेल आयोजन का मामला नहीं है, बल्कि यह 2036 ओलंपिक गेम्स की मेज़बानी के लिए भी भारत की महत्वाकांक्षा को प्रोत्साहित करता है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा कि भारत ने अपनी बोली में स्केल, युवा ऊर्जा, खेलों के प्रति उत्साह और सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया है। यह अगले सदी के कॉमनवेल्थ गेम्स को मजबूती प्रदान करेगा।
नाइजीरिया के साथ प्रतिस्पर्धा
भारत की बोली को नाइजीरिया की राजधानी अबुजा से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। हालांकि, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स ने 2034 के खेलों के लिए अफ्रीकी देश को संभावित मेज़बान के रूप में देखा है। 2030 के गेम्स का आयोजन विशेष होगा, क्योंकि यह कॉमनवेल्थ गेम्स का 100वां संस्करण होगा। पहला कॉमनवेल्थ गेम्स, जिसे उस समय ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था, 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुआ था।
अहमदाबाद की तैयारी और उम्मीदें
अहमदाबाद ने अपनी बोली में आधुनिक बुनियादी ढाँचे, खेल सुविधाओं और विश्वस्तरीय आयोजन क्षमता को प्रमुखता से रखा है। इस तैयारी से खेल प्रेमियों और निवेशकों में उत्साह बढ़ा है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में खेल संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाते हुए, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी मजबूत करेंगे।

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