पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच कानूनी विवाद: अक्षरा सिंह का समर्थन
मुंबई: भोजपुरी फिल्म उद्योग में एक बार फिर व्यक्तिगत जीवन से संबंधित मामला चर्चा में है। अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रही कानूनी प्रक्रिया में नया मोड़ आया है। ज्योति ने गुजारा भत्ता के तौर पर 10 करोड़ रुपये की मांग की है। इसी बीच अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने ज्योति की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि विवाह के बाद महिलाओं को उनके अधिकार मिलना आवश्यक है।
एक मीडिया इंटरव्यू में अक्षरा ने कहा कि यदि एक महिला ने शादी में समय और भावनाएं लगाई हैं, तो अलगाव की स्थिति में उसे आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि रकम का आकार महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह आवश्यक है कि महिला को उसका कानूनी हक मिले। अक्षरा ने कहा कि ऐसे मामलों को समाज को संवेदनशीलता के साथ समझा जाना चाहिए। उन्होंने पवन सिंह के साथ कई फिल्मों में काम किया है, लेकिन शादी के बाद दोनों की राहें अलग हो गईं।
पवन सिंह और ज्योति सिंह का तलाक
पवन सिंह और ज्योति सिंह का विवाह 2018 में हुआ था। कुछ समय बाद दोनों के रिश्तों में खटास की खबरें आने लगी थीं। 2022 में, पवन ने आरा की फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका दायर की। इसके बाद से दोनों पक्षों की ओर से विवादास्पद आरोप लगाए जाते रहे हैं।
गंभीर आरोप और सफाई
अक्टूबर 2025 में ज्योति ने एक वीडियो में दावा किया कि उन्हें लखनऊ स्थित अपने घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उनका कहना था कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। पवन सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने बात करने के लिए बुलाया था और मामले को सुलझाने की कोशिश की थी।
ज्योति ने पवन पर मानसिक दबाव और जबरन दवा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन सिंह ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष कहा है। मामला वर्तमान में अदालत में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही लिया जाएगा। पवन सिंह की निजी जिंदगी पहले भी चर्चा में रही है। उनकी पहली पत्नी नीलम देवी का विवाह के कुछ समय बाद निधन हो गया था, और इसके बाद उन्होंने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की। अब यह रिश्ता भी कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहा है। अक्षरा सिंह के बयान से यह विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है, और सोशल मीडिया पर लोग विभिन्न राय रख रहे हैं। हालांकि, कानून का फैसला अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।