📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने एसटी/एससी थाना प्रभारी महेश मुंडा पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। रविवार को लाइन टैंक रोड स्थित एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच में आरोप सही नहीं पाए गए हैं, फिर भी आरोपों से संबंधित दबाव बढ़ता जा रहा है, जो गलत है।
जमीन विवाद से संबंधित मामला
पुलिस एसोसिएशन के अनुसार, बंदी खलखो नामक महिला ने एसटी/एससी थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि 2 जनवरी 2025 को जब वह अपनी जमीन पर कृषि कार्य कर रही थीं, तब प्रमोद साह और अनीता देवी ने उनके साथ जातिसूचक गालियाँ दीं और मारपीट की।
जांच में सामने आई सच्चाई
मामले की जांच एसटी/एससी थाने के एसआई महेंद्र बाड़ा ने की। जांच में पाया गया कि आरोपियों की उम्र लगभग 70 वर्ष है। दोनों ने कहा कि वे बंदी खलखो को नहीं जानते और उनसे कभी मिले नहीं हैं। हालांकि, बंदी खलखो ने प्रमोद साह की उम्र लगभग 35 वर्ष बताई और यह भी कहा कि उनकी उनसे कभी मुलाकात नहीं हुई। जांच में बयानों में विरोधाभास के कारण थाना प्रभारी ने केस दर्ज नहीं किया।
केस दर्ज कराने को लेकर बढ़ता दबाव
एसोसिएशन का आरोप है कि 5 फरवरी को बंदी खलखो अन्य महिला अधिवक्ताओं के साथ थाना पहुंचीं और केस दर्ज कराने का दबाव बनाया। थाना प्रभारी ने महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सभी तथ्यों को स्पष्ट किया, परंतु इसके बाद भी दबाव जारी रहा। 6 फरवरी को करीब 50 और 7 फरवरी को 10-15 अधिवक्ताओं ने एसटी/एससी थाना के बाहर नारेबाजी की।
पुलिस एसोसिएशन की चेतावनी
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने स्पष्ट किया कि बिना सबूत के किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होती है, बिना जांच के, तो एसोसिएशन विधि सम्मत कठोर कदम उठाएगी। उन्होंने रांची बार एसोसिएशन से भी अनुरोध किया कि वे अपने स्तर पर मामले की उचित जांच करें और यदि कोई अधिवक्ता दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
यहां थे मौजूद
इस प्रेस वार्ता में वरीय उपाध्यक्ष मो. महताब आलम, उपाध्यक्ष रोहित रजक, संयुक्त सचिव संतोष कुमार महतो, रांची शाखा अध्यक्ष आनंद राज खलखो, सचिव देवताचरण उपाध्याय, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार, वितंतु शाखा अध्यक्ष रजनीश कुमार, प्रक्षेत्रीय मंत्री भागवत मुर्मू और केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्यारेलाल साहू समेत कई सदस्य उपस्थित थे।