📌 गांडीव लाइव डेस्क:
नई जीएसटी दरें: महत्वपूर्ण जानकारियां
जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भारत में वस्तुओं और सेवाओं पर लागू एक प्रमुख अप्रत्यक्ष कर है। यह कई विभिन्न करों जैसे उत्पाद शुल्क और सेवा कर को समाप्त करके एकीकृत बाजार की स्थापना में सहायक है।
संशोधित जीएसटी दरों का कार्यान्वयन
जीएसटी परिषद की सिफारिश के अनुसार, नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी। इस तिथि से, कई वस्तुओं और सेवाओं पर दरों में संशोधन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दरों को सरल बनाना और प्रणाली को उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है।
पंजीकरण नियमों में कोई परिवर्तन?
नहीं, जीएसटी पंजीकरण की सीमाएं यथावत रहेंगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केवल कुछ आपूर्तियों पर टैक्स की दरों में परिवर्तन किए जा रहे हैं।
चालान की स्थिति
यदि किसी वस्तु या सेवा की आपूर्ति जीएसटी दर में परिवर्तन से पहले हुई थी और चालान बाद में जारी किया गया, तो लागू दर का निर्धारण सीजीएसटी अधिनियम की धारा 14 के अनुसार होगा। अर्थात्, यदि आपूर्ति और भुगतान दोनों 22 सितंबर से पहले किए गए थे, तो पुरानी दर लागू होगी।
आईटीसी का प्रबंधन
यदि आपूर्ति या चालान 22 सितंबर के बाद जारी हो गया, तो संशोधित दर लागू होगी। इसी तरह, यदि अग्रिम राशि 22 सितंबर से पहले प्राप्त हुई थी, तो पुरानी दर से टैक्स लागू होगा।
ई-वे बिल का सत्यापन
ई-वे बिल जो दरों में परिवर्तन से पहले जारी किए गए हैं, अपने वैधता के दौरान मान्य रहेंगे। नए दरों के लागू होने के बाद पुराने ई-वे बिल के आधार पर चालना जारी रखा जा सकता है।
स्टॉक प्रबंधन
यदि आपके पास पहले से स्टॉक हैं, तो नई दरों का पालन करते हुए 22 सितंबर से बाद में की गई आपूर्ति पर जीएसटी लागू किया जाएगा।
विशिष्ट छूट और सेवाएं
जीएसटी दरों में भी कई प्रकार की छूट दी गई हैं, जैसे व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसी और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर। यह छूट उन सभी व्यक्तिगत पॉलिसियों पर लागू होती है, जिनमें टर्म प्लान और एंडोमेंट पॉलिसी शामिल हैं।
स्थानीय डिलीवरी सेवाओं पर जीएसटी
स्थानीय डिलीवरी सेवाओं पर जीएसटी की दर 18% निर्धारित की गई है। इस मामले में, यदि सेवा प्रदाता पंजीकृत है, तो वह कर का भुगतान करेगा।
नई जीएसटी दरों के संदर्भ में सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए, यह आवश्यक है कि सभी व्यापार और प्रोफेशनल सेवाएं नई दरों की जानकारी से अवगत रहें।