झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति रुकी, राज्यपाल ले रहे हैं कानूनी सलाह

राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नामों पर विचार

झारखंड राज्य सरकार ने सूचना आयुक्त के पद के लिए वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा, झामुमो के आईटी सेल प्रभारी तनुज खत्री, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के नामों पर विचार किया है। इन नामों को लेकर यह चर्चा उठी है कि क्या ये सभी व्यक्ति सूचना आयुक्त बनने के मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

राज्यपाल ने मांगी विधिक सलाह

राज्यपाल ने विधि विशेषज्ञों से स्पष्ट पूछा है कि क्या इन नेताओं की नियुक्ति इस पद के लिए उचित है। कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि राजनीतिक दलों के सदस्यों को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करना उचित नहीं होगा। इस कारण राज्यपाल मामले को कानूनी दृष्टिकोण से देखने का प्रयास कर रहे हैं।

निर्णय में देरी संभव

सूत्रों के अनुसार, यदि विधिक सलाह में इन नामों को अयोग्य माना जाता है, तो राज्यपाल सरकार की अनुशंसा को वापस भी कर सकते हैं। इस स्थिति में नियुक्ति प्रक्रिया और भी लंबी खिंच सकती है।

हाई कोर्ट में मामला लंबित

इस मामले की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में 13 अप्रैल को निर्धारित की गई है। अदालत ने पहले ही निर्देश दिया था कि इन पदों को शीघ्र भरा जाए। राज्य सरकार ने 7 अप्रैल तक नियुक्ति करने का आश्वासन दिया था, लेकिन विवाद के चलते मामला अटक गया है।

पदों की स्थिति

जानकारी के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। सरकार ने अभी तक केवल चार सूचना आयुक्तों के नाम ही प्रस्तावित किए हैं, जबकि दो पद अभी भी खाली रह सकते हैं।

जल्द आ सकता है निर्णय

यह माना जा रहा है कि हाई कोर्ट की सुनवाई से पहले राज्यपाल इस मामले में कोई निर्णय ले सकते हैं। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधिक सलाह का परिणाम क्या होता है और नियुक्ति प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ती है।

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