AR रहमान ने आलोचनाओं का दिया जवाब, जताया भारत के प्रति सम्मान
मुंबई: संगीत के प्रसिद्ध हस्ताक्षर ए.आर. रहमान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रही विवादों के बीच अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। रहमान ने कहा कि उनके बयान और विचारों को कभी-कभी गलत समझा जाता है।
वीडियो में रहमान ने भारत के प्रति अपनी गहरी भावना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत केवल उनका देश नहीं, बल्कि यह उनका गुरु और घर भी है। संगीत हमेशा से उनके लिए भारतीय संस्कृति से जुड़ने और उसे समझने का माध्यम रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इरादे हमेशा उत्थान और सेवा के लिए होते हैं।
संगीत के माध्यम से देश की सेवा
ए.आर. रहमान ने अपने करियर के जरिए यह बताया कि संगीत का उपयोग उन्होंने कैसे देश को आगे बढ़ाने के लिए किया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारतीय होने पर उन्हें फخر है क्योंकि यह देश अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने समाज के उत्थान की दिशा में अपने योगदान पर जोर दिया।
रामायण के लिए संगीत तैयार करना एक सम्मान
रहमान ने उल्लेख किया कि ‘रामायण’ के लिए संगीत तैयार करना उनके लिए गर्व की बात है। इस प्रोजेक्ट में अंतरराष्ट्रीय संगीतकार हंस जिमर के साथ काम करना उनके अनुभव को और भी खास बनाता है। उनके अनुसार, ऐसे अवसर उनके उद्देश्य को और मजबूती देते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वह युवा नागा संगीतकारों के साथ काम कर रहे हैं और स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा तैयार करने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। भारत के पहले बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड ‘सीक्रेट माउंटेन’ का उल्लेख करते हुए, उन्होंने अपने सामूहिक प्रयासों को साझा किया।
मां तुझे सलाम का भावुक क्षण
अपने वीडियो के अंत में, रहमान ने एक स्टेडियम का फुटेज साझा किया जहां हजारों लोग उनके गीत “मां तुझे सलाम वंदे मातरम” गा रहे थे। इस दृश्य के माध्यम से उन्होंने दर्शाया कि उनका संगीत हमेशा देश को एकजुट करने और सम्मानित करने का काम करता है। रहमान ने कहा कि वह इस देश के प्रति आभारी हैं और आगे भी ऐसे संगीत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे जो अतीत का सम्मान करे।