अजरबैजान से अपराधी सुनील मीणा को झारखंड लाने की ATS की तैयारी पूरी!

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड एटीएस की अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई: सुनील मीणा का प्रत्यर्पण

झारखंड पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने अजरबैजान स्थित अपराधी सुनील मीणा, जिसे मयंक सिंह के नाम से भी जाना जाता है, को लाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एटीएस एसपी ऋषव झा के नेतृत्व में एक टीम अजरबैजान जाएगी। चूंकि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का है, सभी सदस्यों के पासपोर्ट की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई का सहयोगी

सुनील मीणा गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई का करीबी साथी है। वहीं, अमन साहू गैंग के सक्रिय अपराधी रहे हैं। वर्तमान में, सुनील मीणा अजरबैजान की जेल में बंद है, और उसे झारखंड लाने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं। हालांकि, उसका झारखंड आने की तारीख को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, ताकि टीम की कार्यवाही प्रभावित न हो।

इंटरपोल के सहयोग से गिरफ्तारी

झारखंड एटीएस के अनुरोध पर इंटरपोल ने सुनील मीणा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के आधार पर उसकी गिरफ्तारी हुई थी। सुनील मीणा राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के जीडीए पुरानी मंडी का निवासी है। उस पर झारखंड के रामगढ़ में धमकी देने का एक मामला चल रहा है, जिसकी जांच एटीएस कर रही है। एटीएस की टीम ने पहले ही राजस्थान में इश्तेहार वारंट की प्रक्रिया पूरी की है।

रांची और अन्य जिलों में आपराधिक मामलों की भरमार

सुनील मीणा के खिलाफ अधिकांश मामले रांची जिले से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, और पलामू जैसे जिलों में उसके खिलाफ करीब 43 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर गिरिडीह जेल के जेलर को धमकी देने और स्थानीय व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने का आरोप है। लातेहार में रंगदारी को लेकर फायरिंग की जिम्मेदारी भी सुनील मीणा ने ली थी।

इस प्रकार, झारखंड एटीएस की यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य में अन्य अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी है।

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