लेखक: Pragya

  • ईस्ट सिंहभूम समाचार: जादूगोड़ा के कांस्टेबल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु जवान की मृत्यु, जानें हंगामे का कारण।

    ईस्ट सिंहभूम समाचार: जादूगोड़ा के कांस्टेबल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु जवान की मृत्यु, जानें हंगामे का कारण।

    पूर्वी सिंहभूम: कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में जवान की मौत से मचा हंगामा

    झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में एक प्रशिक्षु जवान की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यह घटना प्रशिक्षण के दौरान हुई, जिससे अन्य प्रशिक्षुओं में आक्रोश फैल गया। मृतक जवान की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन घटना के बाद परिवार और अन्य जवानों ने न्याय की मांग की है।

    मृतक जवान के परिजनों का विरोध

    मृतक जवान के परिजनों ने आरोप लगाया कि उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण जवान की जान चली गई। उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

    प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद, प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। अधिकारियों का कहना है कि वे मृतक जवान के परिजनों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्पर हैं।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय समुदाय में भी इस घटना को लेकर निराशा है। लोगों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। वे यह मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाए और सुधारात्मक उपाय किए जाएं।

    कानूनी कार्रवाई की संभावना

    इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यदि जांच में लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को किस दिशा में ले जाता है।

  • झारखंड: गिरिडीह में ‘सफेद सोना (लिथियम)’ का पता, GSI ने असुरहड्डी जंगलों में सर्वे पूरा किया

    झारखंड: गिरिडीह में ‘सफेद सोना (लिथियम)’ का पता, GSI ने असुरहड्डी जंगलों में सर्वे पूरा किया

    झारखंड: गिरिडीह में लिथियम के भंडार की संभावना

    गिरिडीह (तिसरी): झारखंड की खनिज संपदा में एक और महत्वपूर्ण तत्व जुड़ने की संभावना सामने आई है। तिसरी प्रखंड के असुरहड्डी और डूबा जंगलों में ‘सफेद सोना’ यानी लिथियम के बड़े भंडार के संकेत मिले हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इस क्षेत्र में अपने सर्वेक्षण और ड्रिलिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

    सघन सर्वेक्षण का कार्य

    जानकारी के अनुसार, GSI की टीम पिछले लगभग एक वर्ष से इस क्षेत्र में लिथियम की खोज में लगी हुई थी। टीम ने विभिन्न जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में आधुनिक मशीनों के माध्यम से ड्रिलिंग कर मिट्टी और पत्थरों के नमूने एकत्रित किए। सर्वेक्षण पूर्ण होने के बाद, GSI ने उन सभी स्थलों को चिन्हित करके सील कर दिया है जहां ड्रिलिंग की गई थी।

    लिथियम भंडार की संभावनाएँ

    ड्रिलिंग पॉइंट्स की मार्किंग और सीलिंग के बाद अब स्थानीय विशेषज्ञों और समुदाय के बीच लिथियम भंडार मिलने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इसकी मात्रा और गुणवत्ता के संबंध में GSI द्वारा कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विभाग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक स्तर पर खनन कार्य कब शुरू होगा।

    खनिज माफियाओं की गतिविधियाँ

    असुरहड्डी की पहाड़ियों में पहले भी अवैध खनन की गतिविधियाँ सामने आई हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व, यहाँ पत्थर माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन की खबरें आई थीं। कहा जाता है कि इस क्षेत्र से पुखराज, गोमेद और त्रिमुल्ली जैसे कीमती पत्थरों की तस्करी की जा रही थी। अब लिथियम की संभावनाओं ने इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।

    भारत के लिए लिथियम का महत्व

    लिथियम को भविष्य का ईंधन माना जाता है। इसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी, स्मार्टफोन और सौर ऊर्जा संग्रहण बैटरियों में अनिवार्य है। यदि गिरिडीह में लिथियम के भंडार की पुष्टि होती है, तो यह झारखंड और भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

    मुख्य बिंदु

    • क्षेत्र: तिसरी प्रखंड, गिरिडीह (असुरहड्डी और डूबा जंगल)
    • एजेंसी: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा ड्रिलिंग कार्य संपन्न
    • वर्तमान स्थिति: ड्रिलिंग पॉइंट्स सील किए गए, रिपोर्ट का इंतज़ार
    • महत्व: EV उद्योग और बैटरी निर्माण के लिए लिथियम की आवश्यकता
  • दीपिका पादुकोण ने ‘धुरंधर 2’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की

    दीपिका पादुकोण ने ‘धुरंधर 2’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की

    रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता पर दीपिका पादुकोण की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। हाल ही में रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता प्राप्त की है, जिससे यह चर्चा का विषय बन गई है। इस सफलता के बीच, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की चुप्पी ने सोशल मीडिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशंसकों और आलोचकों ने उनकी इस चुप्पी पर बहस शुरू कर दी है, जिसके चलते दीपिका ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।

    दीपिका का स्पष्टीकरण

    दीपिका ने बताया कि उन्होंने ‘धुरंधर 2’ को फिल्म की रिलीज से पहले ही देख लिया था। उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि इसी वजह से उनकी प्रतिक्रिया थोड़ी अलग है। उनके इस बयान ने उन सभी अटकलों को समाप्त कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि वे अपने पति की सफलता को लेकर समर्थन नहीं दिखा रही हैं।

    सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएं

    दीपिका के इस स्पष्टीकरण के बाद, कई लोगों ने उनकी चुप्पी को समझा और कहा कि प्रशंसा और समर्थन को हमेशा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना जरूरी नहीं है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि असली समर्थन केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से कहीं अधिक गहरा और व्यक्तिगत होता है। दीपिका ने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखने की बात भी की है।

    आलोचनाएं और समर्थन

    हालांकि दीपिका को कुछ आलोचनात्मक टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा, जिसमें कहा गया कि उन्होंने अपने पति के लिए इस खास मौके पर पर्याप्त समर्थन नहीं दिखाया। उन्होंने इस पर जवाब देते हुए कहा कि हर प्रतिक्रिया को सार्वजनिक रूप से दिखाना आवश्यक नहीं है और निजी समर्थन को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उनके इस जवाब ने यह साबित किया कि वे अपने रिश्ते को लेकर काफी सोच-समझकर कदम उठाती हैं।

    प्रशंसकों का समर्थन

    फिल्म के प्रशंसकों ने दीपिका के रुख का समर्थन किया और कहा कि हर किसी को अपने विचार सार्वजनिक करने की बाध्यता नहीं होती। इस मामले में, उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी को समान महत्व देता है, तो यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। दीपिका के इस जवाब के बाद, सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में सकारात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।

  • यात्रियों को गर्मी में राहत, पटना-चर्लपल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन रांची से होकर चलेगी।

    यात्रियों को गर्मी में राहत, पटना-चर्लपल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन रांची से होकर चलेगी।

    रांची : गर्मी के मौसम में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए, रेलवे मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा के लिए पटना–चर्लपल्ली–पटना स्पेशल ट्रेन (रांची के रास्ते) चलाने का निर्णय लिया है। इस विशेष ट्रेन के संचालन से बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन रांची और हटिया सहित झारखंड के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे यात्रियों को सीधी यात्रा का लाभ मिलेगा और भीड़ को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

    8 अप्रैल से शुरू होगी पटना–चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन

    रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 03253 पटना–चर्लपल्ली स्पेशल का संचालन 8 अप्रैल से 27 मई तक किया जाएगा। यह ट्रेन इस अवधि में हर सोमवार और बुधवार को पटना से प्रस्थान करेगी। कुल 15 ट्रिप संचालित किए जाएंगे।

    पटना से चलने वाली ट्रेन का मार्ग

    यह ट्रेन पटना से दोपहर 3:00 बजे रवाना होगी और गया, कोडरमा, गोमो, बोकारो स्टील सिटी, रांची तथा हटिया होते हुए आगे राउरकेला, दुर्ग, नागपुर, बेल्लमपल्ली के रास्ते चर्लपल्ली तक पहुंचेगी। वापसी के लिए रेलवे ने दो ट्रेनों का प्रबंध किया है।

    ट्रेन संख्या 03254 चर्लपल्ली–पटना स्पेशल

    यह ट्रेन 15 अप्रैल से 27 मई तक चलेगी और हर बुधवार को संचालित होगी। इस ट्रेन में कुल 7 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं।

    ट्रेन संख्या 03255 चर्लपल्ली–पटना स्पेशल

    यह ट्रेन 10 अप्रैल से 29 मई तक चलेगी और हर शुक्रवार को संचालित होगी। इसमें कुल 8 ट्रिप निर्धारित हैं।

    वापसी के दौरान मार्ग

    दोनों वापसी ट्रेनें चर्लपल्ली से निकलकर नागपुर, दुर्ग, राउरकेला, हटिया, रांची, बोकारो, गोमो, कोडरमा और गया होते हुए पटना पहुंचेंगी।

    रांची और हटिया स्टेशन पर ठहराव

    रेलवे ने जानकारी दी है कि इस स्पेशल ट्रेन का रांची और हटिया स्टेशन पर ठहराव रहेगा। पटना से चलने वाली ट्रेन रात 11:25 बजे रांची पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन देर रात और तड़के रांची से गुजरेगी।

    22 कोच की होगी ट्रेन

    रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—

    • जनरेटर यान का 01 कोच
    • एसएलआरडी का 01 कोच
    • सामान्य श्रेणी के 02 कोच
    • द्वितीय श्रेणी स्लीपर के 04 कोच
    • वातानुकूलित 3-टियर के 07 कोच
    • वातानुकूलित 3-टियर (इकोनॉमी) के 07 कोच

    यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

    रेल मंत्रालय के इस निर्णय से गर्मी के मौसम में यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन उपलब्ध होने से टिकट की उपलब्धता में वृद्धि होगी और ट्रेनों में भीड़ कम होने की संभावना है।

  • झारखंड समाचार: गर्मी की छुट्टियों में राजस्थान की यात्रा का आनंद; रांची से अजमेर के लिए विशेष ट्रेनें शुरू।

    झारखंड समाचार: गर्मी की छुट्टियों में राजस्थान की यात्रा का आनंद; रांची से अजमेर के लिए विशेष ट्रेनें शुरू।

    गर्मी की छुट्टियों में यात्रा का सुनहरा मौका

    रांची: गर्मी की छुट्टियों में लंबी दूरी की यात्रा करने के इच्छुक यात्रियों के लिए एक सुखद खबर है। भारतीय रेलवे ने रांची से अजमेर के बीच एक साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन यात्रियों को राजस्थान की अद्भुत सुंदरता का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगी।

    रांची से अजमेर तक की विशेष ट्रेन का विवरण

    यह विशेष ट्रेन रांची से प्रत्येक शनिवार को प्रस्थान करेगी और अजमेर पहुंचने में मदद करेगी। इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने अन्य मार्गों पर भी कुछ नई ट्रेनों की शुरुआत की है, जिससे यात्रियों की यात्रा को और भी सुगम बनाया जा सके।

    यात्रियों के लिए सुविधाएं

    इस विशेष ट्रेन में यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रियों को आरामदायक सीटें, साफ-सुथरे शौचालय और खानपान की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

    अन्य नई ट्रेनों की घोषणा

    भारतीय रेलवे ने केवल रांची से अजमेर तक ही नहीं, बल्कि अन्य कई मार्गों पर भी विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। यह निर्णय यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    यात्रा की योजना बनाना

    जो लोग गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपनी टिकट जल्दी बुक करवा लें, क्योंकि ये विशेष ट्रेनें जल्दी ही भर सकती हैं। यात्रा की योजना बनाते समय यात्रियों को अपने समय और सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।

  • ‘धुरंधर 2’ ने चौथे हफ्ते तोड़ा रिकॉर्ड, बनी सबसे बड़ी फिल्म

    ‘धुरंधर 2’ ने चौथे हफ्ते तोड़ा रिकॉर्ड, बनी सबसे बड़ी फिल्म

    धुरंधर 2 की बॉक्स ऑफिस पर धूम, कमाई का नया रिकॉर्ड

    मुंबई: फिल्म धुरंधर 2 यानी धुरंधर द रिवेंज ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धूम मचाई हुई है। रणवीर सिंह की यह स्पाई एक्शन फिल्म अपने 20वें दिन भी शानदार कमाई कर रही है, जिससे यह साबित होता है कि दर्शकों के बीच इसका आकर्षण अभी भी कायम है। फिल्म ने तीसरे मंगलवार को लगभग 10.10 करोड़ रुपये की कमाई की है, जिससे भारत में इसकी कुल कमाई 1033.37 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

    धुरंधर 2 ने पहले ही 1000 करोड़ क्लब में प्रवेश करके इतिहास रच दिया है। यह हिंदी सिनेमा की पहली फिल्म है, जिसने इतनी विशाल कमाई की है। दिलचस्प यह है कि चौथे हफ्ते में भी इसकी कमाई स्थिर बनी हुई है, जबकि आमतौर पर फिल्मों की कमाई तीसरे हफ्ते के बाद गिर जाती है। यहां कहानी बिल्कुल उलट है।

    हिंदी वर्जन बना कमाई का सबसे बड़ा आधार

    फिल्म के बारे में रिपोर्टों के अनुसार, इसके हिंदी वर्जन ने सबसे अधिक योगदान दिया है। 20वें दिन हिंदी भाषा में लगभग 9.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई। दर्शकों की अच्छी उपस्थिति और लगभग 14 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है कि फिल्म के प्रति लोगों का उत्साह अभी भी बरकरार है। वहीं, अन्य भाषाओं जैसे तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम का योगदान सीमित रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि फिल्म ने हिंदी बाजार में जबरदस्त पकड़ बनाई है।

    ग्लोबल लेवल पर कमाए 1600 करोड़

    फिल्म की ओपनिंग से लेकर अब तक का सफर अत्यंत सफल रहा है। पहले दिन 145 करोड़ रुपये की शानदार शुरुआत के बाद, फिल्म ने लगातार दोहरे अंकों में कमाई की है। दूसरे और तीसरे हफ्ते में भी फिल्म की पकड़ मजबूत बनी रही। खास बात यह है कि वीकेंड पर फिल्म की कमाई में उछाल देखने को मिला, जबकि वीकडेज में भी यह स्थिर रही।

    भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी धुरंधर 2 का जलवा देखने को मिल रहा है। फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1600 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि इसे साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल करती है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।

  • झारखंड समाचार: रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बस यात्रियों की संख्या में कमी

    झारखंड समाचार: रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बस यात्रियों की संख्या में कमी

    रांची : झारखंड में उन ग्रामीण मार्गों पर, जहाँ अब रेल सेवा शुरू हो चुकी है, मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत चलने वाली बसों में यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, परिवहन विभाग ने ऐसे मार्गों का नया आकलन आरंभ किया है, ताकि आवश्यकतानुसार बसों के संचालन का निर्धारण किया जा सके। विभाग को विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है कि कई ऐसे रूट हैं, जहाँ पहले ग्राम गाड़ी योजना की बसें नियमित रूप से संचालित होती थीं, लेकिन रेल संपर्क आरंभ होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी आई है। यात्रियों की कमी के कारण बसों की सीटें अक्सर खाली रहती हैं।

    बस संचालकों को लगातार आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में, अब इन मार्गों पर वर्तमान बस संचालन की उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों और जिला परिवहन अधिकारियों से ऐसे रूटों पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी जाएगी, जहाँ वाहनों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या बहुत कम है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में संसाधनों का पुनः उपयोग करना है, जहाँ मांग में कमी आई है, और उन ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा को मजबूती प्रदान करना है, जहाँ सार्वजनिक परिवहन की अधिक आवश्यकता है।

    601 मार्गों पर 172 बसों का परिचालन

    राज्य में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत 601 से अधिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर वर्तमान में 172 बसों का संचालन हो रहा है। यह संख्या निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है। इस योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं, झारखंड आंदोलनकारियों, दिव्यांगजनों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का प्रावधान है। लाभार्थियों की पहचान कर स्मार्ट कार्ड का वितरण किया जाना है। वहीं, सामान्य यात्रियों से निर्धारित टिकट शुल्क लिया जाता है।

    परिवहन सचिव ने 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

    परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में नए ग्रामीण मार्गों की पहचान कर सेवा का विस्तार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने रेल संपर्क वाले क्षेत्रों के रूट का आकलन करने का भी निर्देश दिया है। सभी जानकारी 15 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

  • रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन पर बीजेपी ने उठाए सवाल

    झारखंड में बजट के केवल 85% खर्च होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के नेता प्रतुल शाह देव ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शेष 15% बजट का खर्च न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

    प्रतुल शाह देव का बयान

    प्रतुल शाह देव ने कहा कि राज्य के विकास के लिए आवंटित धन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च नहीं होता है, तो यह दर्शाता है कि सरकार अपने दायित्वों को निभाने में असमर्थ है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताया और सरकार से इस विषय पर स्पष्टता की मांग की।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    हालांकि, राज्य सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि बजट का खर्च समय-समय पर किया जाता है और कुछ योजनाओं के लिए धन की आवश्यकता के अनुसार खर्च किया जाना आवश्यक होता है। सरकार ने दावे किए हैं कि कई योजनाओं के लिए धन आवंटित किया गया है, जो भविष्य में खर्च किया जाएगा।

    भविष्य की योजनाएँ

    राज्य सरकार ने यह भी बताया कि वे विभिन्न विकास योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, जिसमें आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

  • बोकारो ट्रेजरी स्कैम: लेखापाल ने पत्नी के खाते में चुराए 4.29 करोड़, जांच में खुलासा

    बोकारो ट्रेजरी स्कैम: लेखापाल ने पत्नी के खाते में चुराए 4.29 करोड़, जांच में खुलासा

    बोकारो में ट्रेजरी घोटाले का बड़ा खुलासा

    बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसने सरकारी सिस्टम और ट्रेजरी की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। एक रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के नाम पर पिछले 25 महीनों में फर्जी तरीके से वेतन निकासी की जा रही थी। इस घोटाले के पीछे ट्रेजरी का लेखापाल निकला, जिसने सरकारी खजाने से 4 करोड़ 29 लाख 71 हजार 7 रुपये की अवैध निकासी की और यह राशि अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर की।

    रिटायरमेंट के बाद भी वेतन का जारी रहना

    जांच में यह बात सामने आई है कि उपेंद्र सिंह, जो कि एक हवलदार थे, वर्ष 2016 में ही पुलिस सेवा से रिटायर हो गए थे। हालांकि, आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय ने डिजिटल पोर्टल में गड़बड़ी करते हुए रिटायर्ड कर्मी की जन्मतिथि और बैंक खाता संख्या को संशोधित कर अपनी पत्नी अनु पाण्डेय का बैंक खाता जोड़ दिया।

    25 महीनों में 63 बार निकासी

    बोकारो पुलिस के अनुसार, यह अवैध गतिविधि नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक लगातार चलती रही। कुल 63 बार बिल पास किए गए, जिससे ₹4,29,71,007 की राशि की निकासी हुई।

    घोटाले की प्रक्रिया

    आरोपी लेखापाल खुद ही फाइल तैयार करता था और डी.डी.ओ. के फर्जी हस्ताक्षर करके या उन्हें अंधेरे में रखकर बिल पास करवा लेता था। यह प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म थी कि किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी।

    ऑडिट पर उठे सवाल

    चिंताजनक बात यह है कि एक महीने पहले ही ट्रेजरी का सरकारी ऑडिट हुआ था, लेकिन करोड़ों की इस अवैध निकासी का पता ऑडिट टीम को नहीं चला। जब मामला संदिग्ध बना, तब ‘ई-कुबेर’ पोर्टल के रिकॉर्ड की जांच से इस महाघोटाले का खुलासा हुआ। प्रारंभ में कौशल पाण्डेय ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन जब सबूत सामने आए, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाबचंद उरांव की शिकायत पर बी.एस. सिटी थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 316(5), 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 7 अप्रैल 2026 को आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    जांच का दायरा बढ़ाने की योजना

    बोकारो एसपी ने स्पष्ट किया है कि आरोपी 2018 से जिले में तैनात है, इसलिए जांच केवल पिछले 25 महीनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह संभावना जताई जा रही है कि घोटाला और पुराना हो सकता है। शासन ने अब एक विशेष समिति का गठन किया है, जो ट्रेजरी की कमियों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि इस घोटाले में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे।

  • झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड में आयोगों और निगमों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज

    रांची: झारखंड राज्य में लंबे समय से रिक्त पड़े बोर्ड, निगम और आयोगों के पदों को भरने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे के बाद सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के नामों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक बैठक में इन पदों के लिए नामों पर सहमति बनी है, और प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जा चुका है। अब उनकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

    राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलें

    राज्य सूचना आयोग में सुनवाई का कार्य 8 मई 2020 से ठप पड़ा हुआ है, जब तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इस कारण आयोग में 5000 से अधिक अपीलें लंबित हैं, जो जल्द निपटने की आवश्यकता है।

    लोकायुक्त का पद रिक्त

    इसी तरह, लोकायुक्त का पद भी जून 2021 से खाली है, जब तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय का निधन हुआ। इन पदों की नियुक्ति के बाद इन संस्थानों में कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है। राज्य में महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग सहित 40 से अधिक अन्य पद भी रिक्त पड़े हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस विषय पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार बिना हाईकोर्ट के निर्देश के कोई कदम नहीं उठाती। वहीं, कांग्रेस ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया है कि सभी आयोगों का गठन जल्द ही किया जाएगा।

  • झारखंड इस्पात प्लांट दुर्घटना पर कार्रवाई, श्रम मंत्री ने जांच के आदेश दिए

    झारखंड इस्पात प्लांट दुर्घटना पर कार्रवाई, श्रम मंत्री ने जांच के आदेश दिए

    रामगढ़ इस्पात प्लांट में हादसा: श्रम मंत्री का प्रबंधन पर आरोप

    रांची: झारखंड के रामगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित इस्पात प्लांट में हाल ही में हुए हादसे को लेकर श्रम मंत्री संजय यादव ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मंत्री मंगलवार को रामगढ़ के हेसला बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि प्लांट में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और फर्नेस में विस्फोट की घटना को बेहद गंभीर माना। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संज्ञान लेते हुए जांच समिति का गठन किया है। श्रम विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घायलों से मुलाकात और प्रबंधन की लापरवाही

    रांची के देव कमल अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से मिलने के दौरान, मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन के दबाव में भट्टी को जरूरत से अधिक गर्म किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि भट्टी के पास बनी सीढ़ी अत्यधिक संकरी थी, जिससे आपात स्थिति में बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मजदूरों के अनुसार, उन्होंने पहले से ही भट्टी के अत्यधिक गर्म होने की सूचना दी थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।

    मुआवजा और मंत्री की सहायता का आश्वासन

    मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, सभी स्तरों पर जांच जारी है। इस बीच, प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत, तीन मृतक मजदूरों के परिजनों को 21-21 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। मंत्री संजय यादव ने मृतक मजदूरों की पत्नियों, सावित्री देवी, सुषमा देवी, और सीमा देवी को चेक सौंपा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण में हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद, उन्होंने रांची रोड स्थित होप हॉस्पिटल जाकर इलाजरत मजदूरों का हालचाल लिया और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया।

  • नदी किनारे वरुण धवन और पूजा हेगड़े का रोमांटिक लुक ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में

    नदी किनारे वरुण धवन और पूजा हेगड़े का रोमांटिक लुक ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में

    वरुण धवन की रोमांटिक कॉमेडी ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का रोमांच

    मुंबई: बॉलीवुड में रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों का एक खास स्थान है। इसी कड़ी में आ रही है फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’, जिसमें वरुण धवन मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म का निर्देशन उनके पिता, प्रसिद्ध फिल्मकार डेविड धवन ने किया है, जो अपनी कॉमेडी शैली के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं।

    फिल्म की शूटिंग से वरुण का रोमांटिक लुक

    हाल ही में, वरुण धवन ने फिल्म की शूटिंग से एक खूबसूरत तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में वरुण और पूजा हेगड़े नदी के किनारे खड़े नजर आ रहे हैं। दोनों का पोज बेहद रोमांटिक है। वरुण ने तस्वीर के साथ लिखा है, ‘इश्क सिर्फ एक बार होता है।’ इस कैप्शन ने फैंस को उत्साहित कर दिया है। तस्वीर में वरुण का लुक युवा और ऊर्जा से भरा है, जबकि पूजा का स्टाइल ग्लैमरस और स्वाभाविक दिख रहा है। नदी का दृश्य इस पल को और खास बना रहा है।

    जान्हवी कपूर का मजेदार कमेंट

    इस रोमांटिक झलक पर विभिन्न सेलेब्रिटीज़ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, लेकिन जान्हवी कपूर का कमेंट सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने वरुण के कैप्शन पर मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘लेकिन आप कैप्शन में क्यों चिल्ला रहे हैं?’ जान्हवी की यह चुटकी फैंस को बेहद पसंद आई। सोशल मीडिया पर लोग यह मान रहे हैं कि जान्हवी ने सही समय पर मजेदार पंच मारा। वरुण और जान्हवी पहले भी एक साथ काम कर चुके हैं, इसलिए उनके बीच का यह हल्का-फुल्का मजाक कोई नई बात नहीं है।

    फिल्म की कहानी और रिलीज की तारीख

    फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ युवाओं की जिंदगी, प्यार और मस्ती पर आधारित एक रोमांटिक कॉमेडी है। इसमें डेविड धवन की विशेष कॉमेडी टच के साथ रोमांस की भरपूर मात्रा होगी। शूटिंग के दौरान वरुण और पूजा की मस्ती की कई तस्वीरें वायरल हुईं हैं। फैंस को विश्वास है कि इनकी केमिस्ट्री स्क्रीन पर शानदार होगी। फिल्म पहले मई या जून में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब यह 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी।

    वरुण धवन की सक्रियता और फिल्म का ट्रेलर

    वरुण धवन इस समय फिटनेस और नए प्रोजेक्ट्स को लेकर काफी सक्रिय हैं। ‘है जवानी तो इश्क होना है’ उनके लिए खास है क्योंकि इसमें वे अपने पिता के साथ काम कर रहे हैं। पूजा हेगड़े अपनी ऊर्जा और डांस से दर्शकों का दिल जीत रही हैं, जबकि मृणाल ठाकुर का इस फिल्म में होना और भी रंग भरने वाला है। इसके अलावा, फिल्म का ट्रेलर जल्द ही रिलीज होने वाला है, और फैंस बेसब्री से उसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। वरुण की इस एक तस्वीर ने ही काफी हलचल मचा दी है।

  • झारखंड में वित्तीय अनियमितताओं पर बीजेपी की आलोचना, प्रतुल ने कहा- बजट का 15% खर्च नहीं हुआ

    झारखंड में वित्तीय अनियमितताओं पर बीजेपी की आलोचना, प्रतुल ने कहा- बजट का 15% खर्च नहीं हुआ

    झारखंड की वित्तीय स्थिति पर सियासी बहस तेज

    रांची : झारखंड की वित्तीय स्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ गर्म हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार एक ओर संसाधनों की कमी का हवाला देती है, जबकि दूसरी ओर उपलब्ध धन का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रही है।

    बजट का आकार बड़ा, लेकिन खर्च कम

    प्रतुल शाहदेव ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 का बजट लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन सरकार ने केवल 1.23 लाख करोड़ रुपये ही खर्च किए हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि योजना बनाने और उसे लागू करने में सरकार असफल रही है।

    15 प्रतिशत बजट का न खर्च होना चिंता का विषय

    उन्होंने बताया कि लगभग 15 प्रतिशत बजट खर्च नहीं हो पाया, जिसे उन्होंने सबसे चिंताजनक बताया। उनका मानना है कि यह मात्र एक संख्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव आम जनमानस पर पड़ता है। उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय करार दिया।

    कई विभागों में अधूरा खर्च

    शाहदेव ने कहा कि शिक्षा, पंचायती राज, नगर विकास, कृषि, और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में खर्च 50 से 70 प्रतिशत तक सीमित रहा। उनका कहना है कि यदि इन क्षेत्रों में पूरा बजट खर्च नहीं किया जाएगा, तो विकास की गति कैसे बढ़ेगी।

    जनता, कर्मचारी और पेंशनभोगी परेशान

    बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का असर सीधा लोगों पर दिख रहा है। पेंशन समय पर नहीं मिल रही है और कई स्थानों पर कर्मचारियों के वेतन में भी देरी हो रही है। उन्होंने इसे सरकार की गलत प्राथमिकताओं का परिणाम बताया।

    केंद्र के धन का सही उपयोग नहीं

    शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले संसाधनों का भी सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है। वे यह भी आरोप लगाते हैं कि राज्य सरकार वित्तीय संकट का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रही है।

    सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप

    उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया दोहरापन दर्शाता है। एक ओर कमी का रोना, दूसरी ओर उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग नहीं करना। अगर योजनाएं समय पर लागू होतीं और बजट का पूरा उपयोग होता, तो झारखंड की स्थिति बेहतर होती। अंततः, प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार के पास न तो स्पष्ट सोच है और न ही काम करने की ठोस इच्छाशक्ति, जिसका प्रभाव झारखंड के विकास पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

  • विजय वर्मा ने सट्टा और मटका जुए में गुलशन ग्रोवर को चुनौती दी

    विजय वर्मा ने सट्टा और मटका जुए में गुलशन ग्रोवर को चुनौती दी

    वेब सीरीज ‘मटका किंग’ का ट्रेलर हुआ रिलीज

    नई दिल्ली: अभिनेता विजय वर्मा, सई तम्हांकर और कृतिका कामरा की नई वेब सीरीज मटका किंग का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। 1960 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित इस सीरीज का ट्रेलर आज जारी किया गया है। यह कहानी मुंबई के माहौल में महत्वाकांक्षा, जोखिम और सत्ता के खेल को एक अनोखे तरीके से पेश करती है।

    कहानी का सारांश

    ‘मटका किंग’ एक ऐसे समय की कहानी है जब जुए का कारोबार तेजी से बढ़ रहा था। इस सीरीज में विजय वर्मा एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जो सट्टा और मटका जुए की काली दुनिया में कदम रखता है। वहीं, गुलशन ग्रोवर भी इस सीरीज में नजर आएंगे, जो विजय वर्मा के साथ इस खेल में प्रतिस्पर्धा करते नजर आएंगे।

    प्रमुख कलाकारों की भूमिका

    विजय वर्मा की दमदार एक्टिंग और सई तम्हांकर के साथ कृतिका कामरा की भूमिकाएं इस सीरीज को और भी आकर्षक बनाती हैं। यह कहानी दर्शकों को एक रोमांचक यात्रा पर ले जाने के लिए तैयार है, जहां जुए की दुनिया के रहस्यों और उसके खतरों का सामना करना होगा।

    सीरीज की रिलीज की तारीख

    हालांकि, अभी तक ‘मटका किंग’ की रिलीज की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ट्रेलर ने दर्शकों में उत्साह भर दिया है। यह सीरीज उन सभी के लिए एक दिलचस्प अनुभव होने वाली है, जो थ्रिलर और ड्रामा के शौकीन हैं।

  • असम से लौटे सीएम हेमंत सोरेन, चुनावी दौरे के बाद रांची पहुंचे

    असम से लौटे सीएम हेमंत सोरेन, चुनावी दौरे के बाद रांची पहुंचे

    सीएम हेमंत सोरेन का रांची लौटना: चुनावी गतिविधियों में तेजी

    रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को रांची लौट आए। वे असम में कुछ दिनों तक रहे, जहाँ उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के पक्ष में सक्रिय रूप से प्रचार किया। राजधानी पहुंचते ही उनके कार्यक्रमों में हलचल बढ़ गई है। असम दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने कई चुनावी सभाओं और कार्यक्रमों में भाग लिया और पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का प्रयास किया। उनके भाषणों में आदिवासी, गरीब और वंचित समुदाय के अधिकारों पर विशेष जोर दिया गया।

    नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश का संचार

    चुनावी प्रचार के दौरान, सीएम ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का आयोजन किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और जमीनी स्तर पर कार्य करने की सलाह दी। कार्यकर्ताओं को उन्होंने निर्देशित किया कि जनता से सीधे संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान के लिए कार्य करें।

  • असम विधानसभा चुनाव-2026: चुनावी हलचल के बाद सीएम हेमन्त सोरेन पहुंचे माँ कामाख्या के दरबार

    असम विधानसभा चुनाव-2026: चुनावी हलचल के बाद सीएम हेमन्त सोरेन पहुंचे माँ कामाख्या के दरबार

    असम विधानसभा चुनाव-2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का माँ कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना

    गुवाहाटी / रांची: 7 अप्रैल – असम विधानसभा चुनाव 2026 के भव्य चुनावी प्रचार के समापन पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हुए गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध माँ कामाख्या मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिपूर्वक पूजा करते हुए माता रानी का आशीर्वाद लिया।

    प्रचार के बाद आध्यात्मिक शांति

    असम के विभिन्न जिलों में आदिवासी समुदायों, चाय बागान श्रमिकों और आम जनता के बीच रैलियों का आयोजन करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने दौरे का समापन माँ कामाख्या के दरबार में जाकर किया। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा सम्पन्न कराई, जिसमें मुख्यमंत्री ने दीप जलाकर साष्टांग दंडवत प्रणाम किया।

    सुख-समृद्धि और सामाजिक न्याय की प्रार्थना

    पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने झारखंड और असम दोनों राज्यों की जनता के लिए मंगल कामनाएँ कीं। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित प्रार्थनाएँ कीं:

    • सर्वांगीण विकास: दोनों राज्यों में प्रगति और खुशहाली बनी रहे।
    • आदिवासी हित: जनजातीय समुदायों और पिछड़ों को उनके हक और अधिकार मिलें।
    • शांति और सौहार्द: पूर्वोत्तर सहित पूरे देश में सामाजिक समरसता और भाईचारा मजबूत हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “असम चुनाव के इस महत्वपूर्ण अभियान के अंत में मुझे माँ कामाख्या के चरणों में आने का सौभाग्य मिला। यहाँ की जनता ने जो अपार स्नेह दिया है, वह अभिभूत करने वाला है। माँ की कृपा से झारखंड प्रगति की राह पर है, और मेरी प्रार्थना है कि असम की जनता का भविष्य भी उज्ज्वल और न्यायपूर्ण हो।”

    राजनीतिक हलचलों में चर्चा का विषय

    मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का यह दौरा राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। असम में आदिवासियों और चाय बागान श्रमिकों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की बढ़ती सक्रियता के बीच सीएम का यह मंदिर दर्शन उनके ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और ‘सांस्कृतिक जुड़ाव’ का संकेत माना जा रहा है।

    अब प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद सभी की नज़रें मतदान और चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।

    असम में हेमन्त सोरेन के हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिली, जिसके कारण उन्होंने फोन के माध्यम से जनसभा को संबोधित किया।

  • सलमान खान ने राजपाल यादव का समर्थन करते हुए किया खुलासा

    सलमान खान ने राजपाल यादव का समर्थन करते हुए किया खुलासा

    मुंबई: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने एक बार फिर अपनी दरियादिली का परिचय दिया है। हाल ही में आयोजित चेतक स्क्रीन अवार्ड्स के दौरान कॉमेडियन राजपाल यादव के साथ एक अप्रिय घटना घटित हुई, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। एक पत्रकार ने राजपाल यादव के पुराने चेक बाउंस मामले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चाहे डॉलर की दर कितनी भी बदल जाए, उन्हें उधार लिया गया पैसा लौटाना चाहिए।

    सलमान खान ने राजपाल यादव का समर्थन किया

    इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राजपाल यादव स्पष्ट रूप से असहज दिखे। लेकिन सलमान खान ने इस मामले में चुप्पी साधने की बजाय राजपाल के समर्थन में एक भावुक पोस्ट साझा किया। सलमान ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, ‘राजपाल भाई, आप 30 साल से इस इंडस्ट्री में हैं और हम सबने आपको बार-बार देखा है क्योंकि आप अपने काम को जानते हैं और उसमें एक खासियत लाते हैं। आपको और भी काम मिलेगा और यही डॉलर रेट पर होगा। यह सच है।’

    सलमान ने आगे कहा, ‘याद रखो, कभी-कभी बातों में कुछ निकल जाता है। अगर देना है तो दिल से दे दो। डॉलर की दर ऊपर या नीचे होने से क्या फर्क पड़ता है, देना तो भारत में ही है।’ उन्होंने इस पोस्ट में राजपाल यादव को भी टैग किया। सलमान की इस पोस्ट को देखकर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उनकी सराहना की, और कई लोगों ने कहा कि सलमान हमेशा कठिन समय में अपने दोस्तों का साथ देते हैं।

    कई लोगों ने यह भी लिखा कि सलमान ने न केवल राजपाल का हौसला बढ़ाया बल्कि पत्रकार के तंज को भी अनुचित बताया। राजपाल यादव हाल ही में अपने वित्तीय मामलों को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन उनके साथी कलाकार और दोस्त उनके साथ खड़े हैं। राजपाल बॉलीवुड के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं, जो पिछले तीन दशकों से लगातार काम कर रहे हैं।

  • जमशेदपुर अपराध: कदमा में वाहन चोर गिरफ्तार, तीन बाइक बरामद; मानगो में शराब और बारीडीह में गांजा तस्कर पकड़ाया

    जमशेदपुर अपराध: कदमा में वाहन चोर गिरफ्तार, तीन बाइक बरामद; मानगो में शराब और बारीडीह में गांजा तस्कर पकड़ाया

    जमशेदपुर में वाहन चोरी का मामला: कदमा पुलिस ने चोर को पकड़ा, तीन बाइकें बरामद

    जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वाहन चेकिंग के दौरान की गई, जिसमें पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर एक व्यक्ति को रोका। जांच के दौरान, उसके पास से तीन चोरी की बाइकें बरामद की गईं।

    पुलिस की तत्परता पर सवाल

    कदमा थाना के अधिकारियों ने बताया कि उनकी टीम लगातार इलाके में वाहन चेकिंग अभियान चला रही है। इस दौरान उन्हें एक व्यक्ति पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी तलाशी ली गई। यह गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता और नगर में बढ़ती चोरी की घटनाओं के प्रति सजगता का एक उदाहरण है।

    अन्य आपराधिक गतिविधियों पर कार्रवाई

    इसके अलावा, मानगो क्षेत्र में भी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं, बारीडीह में एक गांजा तस्कर को भी पकड़ा गया। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि पुलिस विभाग न केवल वाहन चोरी, बल्कि अन्य अपराधों पर भी नज़र रखे हुए है।

    समुदाय की भागीदारी

    स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उन्होंने सुझाव दिया है कि पुलिस को ऐसे अभियानों को और बढ़ाना चाहिए ताकि अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके। समुदाय के सहयोग से पुलिस प्रशासन बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

  • ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की ‘दयाबेन’ के पिता का निधन

    ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की ‘दयाबेन’ के पिता का निधन

    नई दिल्ली. लोकप्रिय अभिनेत्री दिशा वकानी (Disha Vakani), जो कि **तारक मेहता का उल्टा चश्मा** की दयाबेन के रूप में जानी जाती हैं, पर हाल ही में दुखों का पहाड़ टूटा है। उनके पिता, भीम वकानी (Bhim Vakani), का निधन हो गया है। हमेशा मुस्कराने वाली दिशा इस कठिन समय में गमगीन हैं और उनके घर में खामोशी छाई हुई है। उनके फैंस और प्रशंसकों ने प्रसिद्ध थियेटर आर्टिस्ट भीम वकानी की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। इस दुखद घड़ी में सभी दिशा को हिम्मत दे रहे हैं।

    <h2>भीम वकानी का करियर</h2>
    <p><strong>कौन थे भीम वकानी?</strong><br/>कम लोग जानते होंगे कि दिशा के पिता भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। उन्होंने कई बड़े बॉलीवुड सितारों के साथ काम किया, जिनमें **शाहरुख खान**, **आमिर खान**, और **माधुरी दीक्षित** शामिल हैं। भीम वकानी एक प्रसिद्ध गुजराती थियेटर आर्टिस्ट थे और उन्होंने आमिर खान की फिल्म **लगान** में सहायक भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, वह शाहरुख खान के साथ **स्वदेश** और माधुरी दीक्षित की फिल्म **लज्जा** में भी नजर आए थे। उनके योगदान को याद करते हुए, उन्होंने अपनी बेटी के हिट शो **तारक मेहता का उल्टा चश्मा** में भी काम किया था।</p>
    
    <h2>तारक मेहता का उल्टा चश्मा में भीम वकानी</h2>
    <p>दिशा के पिता ने शो के एपिसोड नंबर 1320 में चंपकलाल के दोस्त मावजी छेड़ा की भूमिका निभाई थी। उनकी एंट्री ने उस एपिसोड में काफी हलचल मचाई थी। भीम वकानी की दमदार एक्टिंग ने दर्शकों को प्रभावित किया। हिंदी फिल्मों के अलावा, उन्होंने गुजराती सिनेमा में भी उत्कृष्ट कार्य किया है। उनकी एक्टिंग की यह विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।</p>
    
    <h2>दिशा का करियर और पारिवारिक जीवन</h2>
    <p>दिशा वकानी को अभिनय की दुनिया में लाने का श्रेय उनके पिता को जाता है। भीम वकानी ने कम उम्र में ही अपनी बेटी को थियेटर से परिचित कराया। दिशा ने चाइल्ड थियेटर आर्टिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। **तारक मेहता का उल्टा चश्मा** में दयाबेन का किरदार निभाने के बाद उन्हें व्यापक पहचान मिली। इस शो ने उन्हें नाम, दौलत और शोहरत दिलाई। दिशा ने सालों तक दयाबेन बनकर दर्शकों का मनोरंजन किया।</p>
    
    <h2>दिशा वकानी का ब्रेक</h2>
    <p>हालांकि, दिशा 2017 के बाद से **तारक मेहता का उल्टा चश्मा** में नजर नहीं आई हैं। 2015 में, उन्होंने मयूर वकानी से शादी की और पहले बच्चे के जन्म के समय उन्होंने मातृत्व अवकाश लिया था। तब से वह दूसरी बार मां बन चुकी हैं, लेकिन शो में वापसी नहीं की है। यह भी उल्लेखनीय है कि दिशा के भाई मयूर वकानी, शो में सुंदरलाल की भूमिका निभाते हैं और वह अभी भी शो का हिस्सा हैं।</p>
  • झारखंड इस्पात प्लांट हादसे में एक और मजदूर की मौत, मृतकों की संख्या तीन हुई

    झारखंड इस्पात प्लांट हादसे में एक और मजदूर की मौत, मृतकों की संख्या तीन हुई

    रामगढ़ में इस्पात प्लांट में हादसा, तीन मजदूरों की मौत

    रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित एक इस्पात प्लांट में हुए एक दुर्घटना में एक और मजदूर की मौत हो गई है, जिसके बाद मरने वालों की कुल संख्या तीन हो गई है। हाल ही में बृजलाल बेदिया का निधन रांची के देवकमल अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ।

    इससे पहले, इस हादसे में घायल हुए दो अन्य मजदूर, अशोक बेदिया और अखिल राय, भी अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। अभी भी चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।

    फर्नेस फटने से हुआ था हादसा

    जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना प्लांट में स्थित फर्नेस (भट्ठी) के फटने से हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप कई मजदूर झुलस गए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

    मुआवजे पर बनी सहमति, खत्म हुआ विरोध

    सोमवार रात को जिला प्रशासन, ग्रामीणों और प्लांट प्रबंधन के बीच हुई बैठक के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस बैठक में सभी पक्षों के बीच छह बिंदुओं पर सहमति बनी है।

    इस सहमति के अनुसार, प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को 21 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, सभी घायलों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा।

    घायलों को मिलेगा वेतन और सुविधाएं

    प्लांट प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया है कि घायल मजदूरों को तब तक नियमित वेतन दिया जाएगा जब तक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते। इसके अलावा, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा और ईएसआईसी (ESIC) की सुविधाएं भी लागू की जाएंगी।

    अधिकारियों ने यह भी कहा है कि प्लांट में सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

  • रिम्स मामले में एसीबी ने तेज की कार्रवाई, ब्रोकर सहित चार आरोपियों को पकड़ा

    रिम्स मामले में एसीबी ने तेज की कार्रवाई, ब्रोकर सहित चार आरोपियों को पकड़ा

    झारखंड में रिम्स जमीन अतिक्रमण मामले में एसीबी की कार्रवाई

    रांची: झारखंड राज्य में रिम्स जमीन अतिक्रमण से संबंधित मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) ने तेजी से कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें राजकिशोर बड़ाईक, चेतन कुमार, राजेश कुमार झा और कार्तिक बड़ाईक शामिल हैं। ये चारों आरोपी ब्रोकर हैं और जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े हुए हैं।

    गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

    एसीबी को आरोपियों की संलिप्तता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने एसीबी को कई जानकारियाँ दी हैं, जिनकी जांच में एसीबी की टीम जुटी हुई है। यह जानकारी मामले की गहराई को समझने में मदद करेगी।

    आगे की प्रक्रिया

    गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें जेल भेजा जाएगा। एसीबी की यह कार्रवाई जमीन अतिक्रमण के मामलों में कड़ी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।