गिरिडीह में बाबूलाल मरांडी का बयान, सरकार छात्रों की आवाज को दबा रही है

गिरिडीह में बाबूलाल मरांडी का प्रेस वार्ता

गिरिडीह में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार और झामुमो पर गंभीर आरोप लगाए। मरांडी ने हाल ही में गिरिडीह, रांची और हजारीबाग में छात्रों और छात्र नेताओं के साथ हुई हिंसा और पुतला दहन कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए सरकार को निशाने पर लिया। उनका आरोप है कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्यवाही की जा रही है।

आंदोलन रोकने के लिए रणनीति बनाने का आरोप

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों के आंदोलन और विरोध को कुचलने के लिए पार्टी स्तर पर पूर्व में ही रणनीति बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि जब भी छात्र अपनी आवाज उठाते हैं या सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो उनके साथ हिंसा की जाती है और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने से रोका जाता है।

पुतला दहन को लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया

उन्होंने कहा कि पुतला दहन करना लोकतांत्रिक विरोध का एक तरीका है। इसके बावजूद, छात्रों को पुतला दहन करने से रोकना और उनके साथ हिंसा करना सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। मरांडी ने यह भी कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और उनकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।

परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीबीआई जांच की मांग

परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले पर बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने कभी भी किसी परीक्षा को रद्द करने की मांग नहीं की है। उन्होंने बताया कि विपक्ष की मांग केवल निष्पक्ष जांच की है। उनका कहना है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

मरांडी ने कहा कि दोषी चाहे किसी भी राजनीतिक दल, पद या प्रभाव से जुड़े व्यक्ति हों, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की अपील की।

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