पटना सिविल कोर्ट में बम से उड़ाने की धमकी, न्यायिक कार्य बाधित
पटना: सोमवार को पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुआ। इस स्थिति के चलते पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर प्रस्तावित सुनवाई को टाल दिया गया। कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा की दृष्टि से एमपी–विधायक विशेष अदालत की कार्यवाही भी नहीं हो सकी, जिसके चलते पप्पू यादव को अभी जेल में रहना पड़ेगा। वे वर्तमान में पटना की बेऊर जेल में बंद हैं। उन्हें जेल भेजे जाने से पहले पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जहां उनकी सेहत सामान्य बताया गया।
बम की धमकी से हड़कंप
सोमवार सुबह सिविल कोर्ट को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसमें विस्फोटक रखे जाने का दावा किया गया था। इस सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए। एहतियात के तौर पर सिविल कोर्ट और एमपी–विधायक अदालत को भी खाली करा लिया गया। जज, वकील, अदालत कर्मी और आम जनता को परिसर से बाहर निकाला गया। सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इसी कारण पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी।
31 वर्ष पुराने मामले में गिरफ्तारी
पप्पू यादव को 31 वर्ष पुराने एक मामले में शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वे राष्ट्रीय स्तर पर एक संवेदनशील मामले को लेकर सक्रिय थे। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आईं।
नीट छात्रा में लापरवाही को लेकर मुखर
पप्पू यादव हाल के दिनों में नीट परीक्षा से जुड़ी एक छात्रा के कथित इलाज में लापरवाही पर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों के कथित ऑडियो संवाद भी जारी किए थे, जिनमें इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया गया था। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने बिहार में कई जगह आवाज उठाई और अंततः इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाना शुरू किया।
संसद से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन
नीट छात्रा को न्याय दिलाने की मांग करते हुए पप्पू यादव संसद परिसर के बाहर भी प्रदर्शन करते देखे गए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इस कड़ी में रविवार को पटना से दिल्ली तक उनके समर्थन में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘पप्पू यादव को रिहा करो’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही, कई स्थानों पर सरकार विरोधी नारेबाजी हुई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पोस्टर जलाए गए। दिल्ली में भी जंतर-मंतर पर पप्पू यादव के समर्थन में प्रदर्शन हुआ, जिसमें पीड़िता के परिजन भी शामिल थे।

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