जामताड़ा में बकरीद की नमाज अकीदत से अदा, प्रशासन सतर्क रहा

जामताड़ा में बकरीद का पर्व

जामताड़ा में बकरीद के अवसर पर सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर शुभकामनाएं दीं, जिससे सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस वर्ष बकरीद का पर्व पाकडीह और सरखेलडीह ईदगाह में मनाया गया, जहां नमाज के दौरान इमाम मौलाना अख्तर रजा ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

बकरीद का महत्व

इमाम ने कहा कि ईद-उल-अजहा बलिदान, त्याग और संयम का पर्व है, जो इस्लामी कैलेंडर के अंतिम माह जिलहिज्जा की दसवीं तारीख को मनाया जाता है। उन्होंने कुर्बानी को आत्मा को शुद्ध करने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया और कहा कि इसमें दिखावे की भावना नहीं होनी चाहिए। इस्लाम का संदेश इंसानियत, शांति और भाईचारे का है, और लोगों को एक दूसरे के साथ प्रेम और सद्भाव से रहना चाहिए।

जिला प्रशासन की तैयारी

बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती। जिले के सभी प्रमुख ईदगाहों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और पर्व का आयोजन सुचारू रूप से हो सके।

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