भारत-बांग्लादेश क्रिकेट मामले में नया मोड़
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक तनाव ने क्रिकेट में भी असर डाला है। आईपीएल 2026 से बांग्लादेश के प्रमुख तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से रिलीज करने के लिए बीसीसीआई के निर्देश के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीसीबी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अनुरोध किया है कि टी20 विश्व कप 2026 के उनके सभी मैच भारत में न होकर सह-मेजबान श्रीलंका में आयोजित किए जाएं।
टी20 विश्व कप की तैयारियाँ प्रभावित
यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होने वाला है और बांग्लादेश के ग्रुप मैच कोलकाता और मुंबई में निर्धारित हैं। विवाद उस समय शुरू हुआ जब बीसीसीआई ने “हालिया घटनाक्रमों” का हवाला देते हुए केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का आदेश दिया। मुस्तफिजुर को दिसंबर 2025 की नीलामी में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की रिपोर्ट और दोनों देशों में बढ़ते तनाव के कारण यह निर्णय लिया गया।
बांग्लादेश का आईपीएल का प्रसारण बैन
बांग्लादेश ने आईपीएल का प्रसारण भी बैन कर दिया है और विश्व कप मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की है। बीसीबी ने आईसीसी को एक और पत्र भी भेजा है जिसमें सुरक्षा चिंताओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
तमीम इकबाल की विवादास्पद टिप्पणी
इस पूरे मामले में बांग्लादेश क्रिकेट के भीतर मतभेद भी उभरकर सामने आए हैं। पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने सलाह दी कि बोर्ड को कोई भी फैसला लेने से पहले बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य और हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर फंडिंग आईसीसी से आती है, इसलिए भावनाओं में बहकर निर्णय नहीं लेना चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना उचित होगा।
बीसीबी के अधिकारी की प्रतिक्रिया
तमीम के इस बयान पर बीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी एम नजमुल इस्लाम ने तीखी प्रतिक्रिया दी, उन्हें “भारतीय एजेंट” करार दिया। इस टिप्पणी के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। बीसीबी के निदेशक ने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट की सुरक्षा को खतरा होने पर बीसीबी ने आईसीसी के साथ बातचीत शुरू की है ताकि टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के मैचों को भारत से श्रीलंका में स्थानांतरित किया जा सके।

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