BGT के लिए BCCI का खास प्लान, ODI की बजाय टेस्ट पर ध्यान

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले महीने आयोजित टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट के बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आगामी आईसीसी टूर्नामेंट के लिए एक रणनीति तैयार करने में जुट गई है। वर्तमान में, बीसीसीआई, टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की प्राथमिकता आगामी टेस्ट और वनडे मैचों पर केंद्रित है, जहां प्रमुख चिंता का विषय स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड का संतुलन बनाए रखना है। उनकी फिटनेस और उपलब्धता आने वाले अभियानों की सफलता को तय कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार, बोर्ड चाहता है कि बुमराह आगामी सत्र में अधिकतर टेस्ट मैच खेलें। हालांकि, उनकी गेंदबाजी शैली को देखते हुए वर्कलोड प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यह उनके शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड बुमराह को सभी टेस्ट मैचों के लिए फिट रखने की योजना बना रहा है।

बुमराह के वर्कलोड पर विशेष ध्यान

बीसीसीआई के एक सूत्र ने जानकारी दी कि, ‘टीम प्रबंधन की कोशिश है कि बुमराह पूरे टेस्ट सीजन के दौरान फिट रहें। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले चार टेस्ट मैचों में उनकी भागीदारी की उम्मीद है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) सीरीज के लिए उन्हें पूरी तरह तरोताजा रखना हमारी प्राथमिकता होगी।’

इसका प्रमुख कारण यह है कि टेस्ट प्रारूप में भारतीय टीम का प्रदर्शन हाल के समय में गिरावट का सामना कर रहा है। भारतीय टीम ने WTC 2025-2027 चक्र में 9 मैच खेले हैं, जिसमें से केवल 4 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इस स्थिति के कारण टीम WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर है।

वनडे और टी20 में सीमित भूमिका

इसके अलावा, सूत्र ने यह भी बताया कि चयनकर्ता बुमराह को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी से पहले कुछ वनडे श्रृंखलाओं से आराम देने का विचार कर रहे हैं। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनकी भागीदारी काफी सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि अगला बड़ा टी20 टूर्नामेंट अभी काफी दूर है।

टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित

टीम प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि फिट खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहना अत्यंत आवश्यक है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला टेस्ट भले ही WTC चक्र का हिस्सा न हो, लेकिन इसे तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले, भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में सफलतापूर्वक क्लीन स्वीप किया था।

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