भंसाली ने रियालिटी शो में धुन सुनकर दी फिल्म का प्रस्ताव; गाने से जीता राष्ट्रीय पुरस्कार

मुंबई: भारत की प्रख्यात गायिका श्रेया घोषाल आज संगीत के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन चुकी हैं। उनका जादुई स्वर करोड़ों लोगों के दिलों में गूंजता है। श्रेया 12 मार्च को अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं, लेकिन उनका सफर इतनी आसानी से नहीं बना। उनकी सफलता के पीछे ढेर सारी मेहनत और संगीत के प्रति अटूट लगाव है। कहा जाता है कि मां बच्चे की पहली गुरु होती है, और श्रेया की जीवन यात्रा में यह सच साबित हुआ। उनकी मां एक अद्भुत गायिका थीं और श्रेया को संगीत के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।

<p>सिर्फ 6 साल की उम्र में श्रेया ने संगीत की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी। छोटी उम्र में ही उनकी आवाज ने लोगों का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया था। स्कूल के आयोजनों में जब श्रेया गाती थीं, तो दर्शक मंत्रमुग्ध होकर सुनते थे।</p>

<h3><strong>बचपन से ही पढ़ाई और संगीत दोनों में अव्वल</strong></h3>

<p>श्रेया घोषाल पढ़ाई में भी काफी होशियार थीं। उन्होंने 12वीं कक्षा तक साइंस विषय में अध्ययन किया। हालांकि, संगीत के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि उन्होंने अपने करियर का पूरा ध्यान गायक बनने पर लगाने का निर्णय लिया। संगीत में निपुणता हासिल करने के लिए उन्होंने पद्मश्री स्वर्गीय कल्याणजी भाई और स्वर्गीय मुक्ता भिडेजी से शिक्षा ग्रहण की। इन शिक्षकों की मदद से उनकी आवाज और भी निखर गई।</p>

<h3><strong>रियालिटी शो से बदली जिंदगी</strong></h3>

<p>श्रेया ने बेहद कम उम्र में एक गायक रियालिटी शो में भाग लिया। उस समय उन्हें भी संभवतः अंदाजा नहीं था कि यह शो उनकी जिंदगी को बदल देगा। शो में उनकी मधुर आवाज सुनकर प्रसिद्ध फिल्म निदेशक संजय लीला भंसाली बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने तुरंत शो के प्रोड्यूसर से उस गायिका के बारे में जानकारी मांगी, जिसकी आवाज उन्होंने सुनी थी। इसके बाद श्रेया को ऑडिशन के लिए बुलाया गया, जो उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ बन गया।</p>

<h3><strong>देवदास का गाना बना करियर का टर्निंग प्वाइंट</strong></h3>

<p>संजय लीला भंसाली उस समय अपनी फिल्म **देवदास** के निर्माण कर रहे थे। उन्होंने श्रेया का ऑडिशन लिया और उनकी आवाज सुनते ही उन्हें फिल्म के लिए चुन लिया। श्रेया को फिल्म के प्रसिद्ध गाने **बैरी पिया** के लिए आवाज देने का मौका मिला। उस वक्त उनकी उम्र केवल 15.5 वर्ष थी। लेकिन उनकी आवाज में इतनी मिठास और गहराई थी कि पहली रिकॉर्डिंग में ही गाना पूरा हो गया। कहा जाता है कि जब श्रेया ने पहला गाना गाया, तो भंसाली इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें गले लगा लिया।</p>

<p>**देवदास** का **बैरी पिया** गाना रिलीज होते ही लोगों के दिलों में खास स्थान बना। इस गाने ने श्रेया की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। खास बात यह है कि इस पहले गाने के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। इतनी कम उम्र में इस बड़ी उपलब्धि को प्राप्त करना किसी सपने से कम नहीं था।</p>

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top