मंईयां योजना में बड़ा घोटाला! सरकारी शिक्षक और रेलवे कर्मचारी की पत्नियाँ उठा रही लाभ

दुमका में मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा उजागर

दुमका जिले में मंईयां सम्मान योजना में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हाल में की गई जांच से पता चला है कि रेलवे के कर्मचारियों और सरकारी शिक्षकों की पत्नियां भी इस योजना का लाभ उठा रही थीं। इसके साथ ही पारा शिक्षकों की पत्नियां, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार जैसे सरकारी कर्मचारियों के परिवार भी इस मामले में शामिल पाए गए हैं। मामले के खुलासे के बाद प्रशासन ने इन सभी को योजना से बाहर करने और अब तक प्राप्त राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जांच की प्रक्रिया

शनिवार को बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने विभिन्न गांवों में लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया, जिसके बाद कई ऐसे मामले सामने आए, जहां लाभार्थियों ने पात्रता के बिना मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ उठाया। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि पात्रता की जांच निरंतर जारी रहेगी, और जो लोग गलत जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।

फर्जी लाभार्थियों की पहचान

जांच में यह भी सामने आया कि दो पारा शिक्षकों की पत्नियां, चार पोषण सखी, एक एएनएम और एक चौकीदार के परिवार ने भी नियमों के खिलाफ जाकर योजना का लाभ प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, पाथरा गांव में पति-पत्नी द्वारा अलग-अलग राशन कार्ड के माध्यम से सरकारी लाभ लेने का मामला भी उजागर हुआ है। प्रशासन ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेकर फर्जी लाभार्थियों को तत्काल योजना से बाहर कर दिया है। उन्हें अब तक प्राप्त सरकारी राशि वापस करने के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। राशन कार्ड से जुड़ी मामलों में भी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

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