भाजपा ने असम के नतीजों पर दी चेतावनी, कांग्रेस ने कहा- ‘यह घबराहट है’

जम्मू और कश्मीर में झारखंड मुक्ति मोर्चा का प्रदर्शन

रांची. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम विधानसभा चुनाव में पहली बार भाग लिया, जिसमें पार्टी ने 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए। हालांकि, JMM कोई सीट जीतने में असफल रही, लेकिन दो सीटों पर दूसरे स्थान पर रही और सात सीटों पर 15,000 से अधिक वोट प्राप्त किए। इस पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि JMM ने कांग्रेस की स्थिति को कमजोर किया है और झारखंड में भी एक बड़ी चुनौती पेश की है। इस पर JMM और कांग्रेस ने कड़ा जवाब दिया।

JMM के चुनावी आंकड़े

JMM ने 16 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारा और पार्टी को कुल वोटों का लगभग 1.16 प्रतिशत मिला। परिणामों के अनुसार, JMM ने गोसाईगांव और माजबात की दो सीटों पर दूसरा स्थान प्राप्त किया। कुल 14 सीटों पर पार्टी तीसरे स्थान पर रही। इसके अलावा, सात सीटों पर JMM को 15,000 से अधिक वोट मिले, जबकि तीन सीटों पर ही जमानत बची, शेष 13 सीटों पर जमानत ज़ब्त हो गई।

विशेष सीटों पर प्रदर्शन

माजबात में JMM की उम्मीदवार प्रीति रेखा बारला ने 29,172 वोट प्राप्त किए और दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं, गोसाईगांव में फेडरिकसन हांसदा ने 21,417 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति बनायी। इन दोनों सीटों पर JMM ने कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया।

हेमंत सोरेन का वक्तव्य

JMM के नेता हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर असम की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी ने असम में अपनी पहचान बनाने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस प्रदर्शन को सकारात्मक बताया और कहा कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई चुनाव के बाद भी जारी रहेगी। उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने भी चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

भाजपा की प्रतिक्रिया और विवाद

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने एक पोस्ट में कहा कि JMM के उम्मीदवारों ने कांग्रेस के वोटों को काटा, जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘JMM ने कांग्रेस की लंका लगा दी है।’ इसके अलावा, उन्होंने झारखंड में भाजपा के संभावित शासन के बारे में भी एक विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई।

JMM और कांग्रेस का जवाब

JMM के महासचिव सुप्रिया भट्टाचार्य ने भाजपा की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड कोई साधारण बांध नहीं है, बल्कि यह भाखड़ा नंगल बांध की तरह मजबूत है। उन्होंने कहा कि असम में पार्टी ने एक रणनीति के तहत चुनाव लड़ा था।

कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दुबे ने भी भाजपा की टिप्पणियों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है और उसे इस तरह के आंकड़ों से कमजोर नहीं किया जा सकता। झारखंड के संदर्भ में भाजपा की टिप्पणी को राजनीतिक घबराहट के रूप में देखा गया।

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