झारखंड सरकार पर भाजपा का तीखा आरोप
रांची: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने शुक्रवार को झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं और इसके साथ ही आम जनता पर बिजली की दरें बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। साहू ने यह भी बताया कि ट्रेजरी घोटाले की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि राज्य के कर्मचारियों और संवैधानिक पदों के वेतन का भुगतान भी प्रभावित हो रहा है।
सरकार की विफलता और भ्रामक वादे
साहू ने एक प्रेस बयान में कहा कि सरकार जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है। उन्होंने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना को भ्रामक करार दिया। उनका मानना है कि यदि सरकार की नीयत सही होती, तो खान-खनिज से प्राप्त रॉयल्टी और डीएमएफटी जैसे फंड का सही उपयोग करके जनता को राहत दी जा सकती थी, लेकिन इन संसाधनों का गलत दिशा में उपयोग किया गया है।
बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं से दूर होती जा रही है। बिजली व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, ट्रांसफार्मर समय पर नहीं बदले जा रहे हैं, और उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। कई लोगों को एक साथ लाखों रुपये के बिल थमाए गए हैं, जिससे वे दफ्तरों के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। साहू ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे को भी उठाया, यह कहते हुए कि इससे आम उपभोक्ता और भी परेशान हो रहे हैं। अचानक पुराने बिल जोड़कर बड़ी रकम भेजी जा रही है और भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा की मांग और आंदोलन की चेतावनी
साहू ने स्पष्ट किया कि भाजपा जनता की भावनाओं के साथ खड़ी है और सरकार से बढ़ी हुई बिजली दर को तत्काल वापस लेने की मांग करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करेगी।