बोकारो में साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
बोकारो पुलिस ने साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में बिहार के नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो किराए के मकान में रहकर साइबर ठगी का काम कर रहे थे। ये लोग स्वयं को बैंक अधिकारियों के रूप में पेश कर लोगों को ठगते थे और उनकी जमा पूंजी पर डाका डालते थे।
गिरोह की गतिविधियां
गिरोह के सदस्य बोकारो के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र के बारी को-ऑपरेटिव कॉलोनी में किराए पर एक कमरा लेकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा के अनुसार, ये ठग लोगों को फोन के माध्यम से संपर्क कर खुद को आर एम टूर एंड ट्रेवल्स का एजेंट या बैंक अधिकारी बताकर ठगी करते थे।
लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करना
गिरोह टिकट बुकिंग, रिफंड दिलाने, बैंक खाते की KYC अपडेट करने या विभिन्न सरकारी योजनाओं का लालच देकर लोगों से उनकी बैंक जानकारी जुटा लेते थे। जैसे ही उन्हें बैंक डिटेल्स और ओटीपी मिलता था, वे तुरंत लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते थे।
मुख्य आरोपी का संबंध नवादा से
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे ठगी के नेटवर्क का मास्टरमाइंड बिहार के नवादा में स्थित है। वह मोबाइल फोन के जरिए अपने साथियों को निर्देश देता था कि किसे और कैसे निशाना बनाना है। पुलिस ने अब उसके खिलाफ छापेमारी शुरू कर दी है।
बरामद सामान और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने ठगों के ठिकाने से कई सामान जब्त किए हैं, जिसमें 43,100 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 10 डेबिट कार्ड और 3 चेकबुक शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने एक बैंक खाते में जमा 5 लाख रुपये से अधिक की राशि को तुरंत फ्रीज करवा दिया है और 17 अन्य बैंक खातों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सेक्टर तीन के निवासी सिंह सम्राट कुमार विनय, बखियारपुर पटना के निरंजा कुमार, रवि कुमार, सुदामा कुमार, सुबोध कुमार, मिर्जापुर नवादा के नीतीश कुमार, प्रेमचंद्र कुमार, पांडारक पटना के धर्मराज कुमार और सिकंदरा जमुई के ब्रजेश कुमार शामिल हैं। बढ़ते अपराध को देखते हुए एसपी ने लोगों से अपील की है कि बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदारों को न रखें। उन्होंने कहा कि सत्यापन नहीं कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।