ब्रेकिंग: जामताड़ा में RPF-GRP ने बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 7 बच्चों को बचाया, 3 तस्कर गिरफ्तार।

जामताड़ा में बाल मजदूरी के प्रयासों का सफलतापूर्वक मुकाबला

जामताड़ा में सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए कई बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल में धकेलने से बचाया है। इन बच्चों को जबरन काम कराने के लिए हावड़ा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पटना-हावड़ा जन शताब्दी एक्सप्रेस से सात नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर तस्करों से मुक्त कराया। इस मामले में बिहार के झाझा जमुई से तीन युवक गिरफ्तार किए गए हैं और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी

जीआरपी पीपी प्रभारी विमल कुमार के अनुसार, सुरक्षा बलों को ट्रेन के माध्यम से बच्चों की तस्करी की पुख्ता जानकारी मिली थी। जैसे ही सूचना प्राप्त हुई, RPF और GRP ने एक विशेष योजना बनाई। पटना-हावड़ा जन शताब्दी एक्सप्रेस के चित्तरंजन रेलवे स्टेशन पर रुकने पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जनरल कोच में अचानक छापेमारी की। पुलिस ने पूरे कोच को घेर लिया और संदेह के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लिया, जो बच्चों के साथ थे।

तस्करों की पहचान और उनके मकसद

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान बिहार के जमुई जिले के झाझा निवासी इजाज अंसारी (25 वर्ष), मो. सूफियान (25 वर्ष) और मो. साजिद अंसारी (25 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि ये तीनों नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर हावड़ा की एक फैक्ट्री में बाल मजदूरी कराने के लिए ले जा रहे थे।

बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले किया गया

जीआरपी प्रभारी ने बताया कि रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को कानूनी प्रक्रियाओं के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सुपुर्द किया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच कर रही है ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

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