🏆 सेमीफाइनल से ग्रैंड फिनाले तक: बुंदेली शेफ 2025 की कड़ाही में पक रही है संस्कृति और आत्मनिर्भरता
📅 स्थान: झाँसी
📍 तारीख: 11 मई, 2025
📝 रिपोर्ट: इंदौर से, 6 मई, 2025
बुंदेलखंड की पहचान बन चुका “बुंदेली शेफ सीज़न 2” अब अपने अंतिम और सबसे रोमांचक चरण ग्रैंड फिनाले में प्रवेश कर चुका है। 11 मई को झाँसी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 5 महिला फाइनलिस्ट आमने-सामने पाक कौशल में भिड़ेंगी।
🍲 सेमीफाइनल में छाईं ये 5 फाइनलिस्ट महिलाएं
बेसन आधारित व्यंजनों की जाँच के आधार पर 7 महिला जजों ने सेमीफाइनल राउंड में 5 फाइनलिस्ट का चयन किया। सभी प्रतिभागियों ने परंपरागत व्यंजनों के जरिए अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
फाइनलिस्टों के नाम और उनके व्यंजन:
- रश्मि ठाकुर (सागर): पारंपरिक मोहनथाल
- रुचि जैन (ललितपुर): मीठा मैसूर पाक
- साक्षी श्रीवास्तव (झाँसी): स्वादिष्ट बेसन चूरमा लड्डू
- ज़ाहिदा परवीन (झाँसी): स्थानीय व्यंजन डला टपरिया
- पूनम रैकवार (झाँसी): पारंपरिक बेसन के लड्डू
🎯 11 मई को ग्रैंड फिनाले में होगी रियल टाइम चुनौती
ग्रैंड फिनाले की खास बात यह है कि फाइनल राउंड में प्रतिभागियों को कार्यक्रम स्थल पर ही अचानक एक व्यंजन बताया जाएगा, जिसे तय समय में बनाना होगा। इस निर्णायक राउंड में बुंदेली शेफ सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह भी मौजूद रहेंगी और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करेंगी।
💬 बुंदेली शेफ: पाक कला से आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम
बुंदेलखंड 24×7 के डायरेक्टर आसिफ पटेल ने कहा:
“इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सिर्फ पाक कला को मंच देना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की महिलाओं को उनके आत्मबल और प्रतिभा से जोड़ना है। ‘बुंदेली शेफ’ ये संदेश देता है कि महिलाएं केवल रसोई तक सीमित नहीं हैं, वे समाज में नेतृत्व भी कर सकती हैं।”
🎭 संस्कृति, स्वाद और सशक्तिकरण का संगम
‘बुंदेली शेफ’ सिर्फ एक कुकिंग शो नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है। इसने पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों को एक नई पहचान दी है और महिलाओं को उनके भीतर छिपे हुनर से परिचित कराया है।
यह प्रतियोगिता बुंदेलखंड की रसोई से निकलकर राष्ट्रव्यापी चर्चा का विषय बन रही है और इसमें महिलाओं की भूमिका को नई ऊँचाई मिली है।
🤝 इन साझेदारों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
- 🎨 रुद्राणी कला ग्राम: सांस्कृतिक सहयोगी
- 📰 PR 24×7: पीआर पार्टनर
- 🎁 रसा एरोमा और माय कोकोनट्स: गिफ्ट पार्टनर
- 🌐 OOH बाजार: डिजिटल प्रचारक