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  • रांची समेत 7 जिलों में अगले 48 घंटे तक ऑरेंज अलर्ट…

    रांची समेत 7 जिलों में अगले 48 घंटे तक ऑरेंज अलर्ट…

    रांची | 25 जुलाई 2025:
    झारखंड में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जिलों के लिए अगले 48 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    क्या है ऑरेंज अलर्ट?

    ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसमें तेज बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की आशंका रहती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    यह भी पढ़े : बिहार में मानसून की दस्तक! 24 घंटे में 18 जिलों में होगी तेज बारिश और गरज!


    किन जिलों में होगी भारी बारिश?

    • रांची
    • पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)
    • पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)
    • सरायकेला-खरसावां
    • खूंटी
    • सिमडेगा
    • गुमला

    इन इलाकों में अगले 48 घंटे के दौरान कहीं-कहीं तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।


    बीते 24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई?

    जिलाबारिश (मिमी)
    गढ़वा116 मिमी
    गारू (लातेहार)102.2 मिमी
    रांची57.02 मिमी
    लातेहार57.02 मिमी
    चक्रधरपुर40.01 मिमी
    सरायकेला33.03 मिमी
    पूर्वी सिंहभूम31.04 मिमी
    खूंटी30.01 मिमी
    रामगढ़28.04 मिमी
    बोकारो28.02 मिमी
    हजारीबाग26.06 मिमी
    गुमला20.01 मिमी

    अब तक का मानसून रिकॉर्ड कैसा रहा?

    • 1 जून से 24 जुलाई तक झारखंड में कुल बारिश: 660.5 मिमी
      (यह सामान्य से 52% अधिक है)
    • रांची में अब तक बारिश: 888.9 मिमी
      (जो सामान्य से 99% ज्यादा है)

    मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय होता जा रहा है, जिसका असर झारखंड के कई हिस्सों पर दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, यह सिस्टम ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड में प्रवेश कर रहा है और आगे पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा।


    राज्य में तापमान की स्थिति

    • रांची का तापमान: 31.6°C (सामान्य से 1 डिग्री अधिक)
    • सबसे गर्म स्थान: चाईबासा (34.4°C)

    क्या करें, क्या न करें: भारी बारिश के दौरान सावधानियां

    बिजली चमकते वक्त खुले में न जाएं
    वज्रपात से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों में रहें
    बाढ़ या जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाएं
    स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें
    नदियों और तालाबों के किनारे न जाएं
    बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों


    निष्कर्ष:

    झारखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय है और आगामी 48 घंटे दक्षिणी जिलों के लिए बेहद अहम हैं। नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए पूरी तैयारी जरूरी है।

  • इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर बिमल लकड़ा घायल, क्यूरेस्टा हॉस्पिटल में भर्ती

    इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर बिमल लकड़ा घायल, क्यूरेस्टा हॉस्पिटल में भर्ती

    📌 गांडीव लाइव डेस्क

    रांची। झारखंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बिमल लकड़ा की स्वास्थ्य स्थिति अभी नियंत्रण में है। उन्हें 30 जून को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद सिमडेगा से रांची के क्यूरेस्टा अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका इलाज चल रहा है।

    सिर के बाएं हिस्से में लगी है चोट

    विमल लकड़ा अपने घर में बेहोश होकर गिर गए जिसके बाद उन्हें पहले सिमडेगा में प्राथमिक उपचार दिया गया था। हालांकि उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए रांची के दीपा टोली स्थिति क्यूरेस्टा हॉस्पिटल रेफर किया जहां वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. संजय कुमार और डॉ. पैट्रीक प्रबोध मिंज की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

    बिना सर्जरी ठीक हो सकती है चोट

    वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जब बिमल लकड़ा को क्यूरेस्टा हॉस्पिटल लाया गया था तब उनकी स्थिति गंभीर थी और काफी खून निकल गया था लेकिन हमने उन्हें स्टेबल किया और फिर उनकी चोट की ठीक तरीके से जांच करने बाद उनका इलाज शुरू किया। अभी उनकी स्थिति ठीक हो रही है लेकिन शरीर में कमजोरी है जो धीरे-धीरे ठीक होगी। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. संजय कुमार ने कहा कि बिमल लकड़ा को आईसीयू में रखा गया है जहां उनकी स्वास्थ्य की हर पल अपडेट ली जा रही है।

  • Ranchi Weather Update: अगले 7 दिन तक मिलेगी गर्मी से राहत, बारिश-ठंडी हवा से मौसम होगा सुहाना

    Ranchi Weather Update: अगले 7 दिन तक मिलेगी गर्मी से राहत, बारिश-ठंडी हवा से मौसम होगा सुहाना

    रांची | 29 अप्रैल 2025 — राजधानी रांची और झारखंड के अन्य जिलों के लोगों के लिए गर्मी से राहत की अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले 7 दिनों तक रांची सहित पूरे झारखंड में मौसम ठंडा और आरामदायक बना रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और कई जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे पारा गिरेगा और गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।


    🌦️ Ranchi का 7 दिन का मौसम पूर्वानुमान (29 अप्रैल से 5 मई 2025 तक)

    📅 दिनांक🌤️ मौसम का हाल🌡️ अधिकतम तापमान🌡️ न्यूनतम तापमान🌪️ विशेष जानकारी
    29 अप्रैलहल्की बारिश, बादल32°C21°Cशाम को तेज हवा
    30 अप्रैलमध्यम बारिश30°C20°Cओलावृष्टि संभव
    1 मईहल्की बारिश, ठंडी हवा31°C19°Cमौसम सुहाना
    2 मईबादल छाए रहेंगे33°C20°Cहल्की बूँदाबाँदी
    3 मईतेज हवाओं के साथ बारिश29°C18°Cतापमान में गिरावट
    4 मईमध्यम बारिश30°C19°Cशाम को गरज-चमक
    5 मईमौसम साफ, ठंडी हवा32°C20°Cराहत भरा दिन

    🌧️ मौसम विज्ञान केंद्र रांची का अलर्ट

    रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार:

    • अगले 2 से 3 दिनों तक तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी।
    • तापमान में 4 से 10 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है।
    • अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा।
    • बारिश के कारण नमी बढ़ेगी और हवा में ठंडक बनी रहेगी।

    🏙️ झारखंड के अन्य जिलों में भी रहेगा राहतभरा मौसम

    पलामू, लोहरदगा, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, बोकारो समेत राज्य के कई जिलों में भी बारिश और ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे गर्मी से परेशान जनता को राहत मिलेगी। सोमवार शाम को रांची, चाईबासा और घाटशिला में तेज हवा और बारिश दर्ज की गई थी।


    क्या करें और क्या न करें? (Weather Safety Tips)

    • बाहर निकलते समय छाता और हल्के कपड़े पहनें
    • तेज बारिश और ओलावृष्टि के समय खुले में ना रहें
    • बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाएं
    • मोबाइल में मौसम ऐप अपडेट रखें और अलर्ट्स पर नजर रखें

    📌 निष्कर्ष

    अगर आप रांची या झारखंड के किसी जिले में हैं, तो यह सप्ताह आपके लिए गर्मी से राहत भरा और ठंडक से भरा हो सकता है। मौसम का यह बदलाव खेतों, किसानों और आम जनता सभी के लिए फायदेमंद रहेगा। यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें।

  • भीषण गर्मी में ओरमांझी जू के जानवर ले रहे हैं कूलर की ठंडी हवा और फ्रूट्स का मज़ा !

    भीषण गर्मी में ओरमांझी जू के जानवर ले रहे हैं कूलर की ठंडी हवा और फ्रूट्स का मज़ा !

    🔥 क्या है खबर?

    झारखंड की तपती गर्मी सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि वन्य जीवों को भी प्रभावित कर रही है। लेकिन रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान (ओरमांझी जू) में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं।


    🐘 हाथियों की ठंडी दावत और पानी वाला स्नान

    • लखी रानी और छोटे सम्राट नाम के हाथियों को अब रोज़ मिल रहा है:
      • तरबूज, खीरा, चना, गन्ना
      • बरगद व पीपल के पत्ते
      • ग्लूकोज मिला ठंडा पानी
    • उन्हें सुबह-शाम पानी के टैंक में नहलाया जाता है ताकि वे तरोताजा रहें।

    🦌 हिरणों से लेकर भालुओं तक, सबको मिल रही स्पेशल डाइट

    • हिरण, नीलगाय, कृष्ण मृग, चीतल: नियमित भोजन के साथ खीरा
    • हिमालयन और देसी भालू: दूध, केला, सेब, तरबूज और खीरा
    • बाघ, शेर, तेंदुआ:
      • मल्टीविटामिन
      • ग्लूकोज सप्लिमेंट्स
      • रेस्ट एरिया में लगे कूलर और जूट पर्दे
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    ❄️ कूलर, पर्दे और ठंडी हवा का इंतज़ाम

    • सभी मांसाहारी जानवरों के विश्राम कक्षों में:
      • कूलर लगे हैं
      • खिड़कियों पर जूट के पर्दे जो पानी से भीगे रहते हैं
      • इससे पूरे माहौल में बनी रहती है ठंडक

    👨‍⚕️ डॉक्टर की सलाह

    चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश साहु के अनुसार:

    “गर्म हवाओं की वजह से जानवरों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ग्लूकोज और ताजे फल ज़रूरी हैं।”

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    🐅 क्यों ज़रूरी हैं ये उपाय?

    • भीषण गर्मी में जानवरों को ठंडक देना उनके स्वास्थ्य और व्यवहार दोनों के लिए अहम है।
    • इससे उनकी एनर्जी बनी रहती है, और गर्मी से होने वाली बीमारियों से भी बचाव होता है।

    🔍 निष्कर्ष

    भगवान बिरसा जैविक उद्यान में जानवरों की गर्मियों में देखभाल का यह तरीका दूसरे चिड़ियाघरों के लिए मिसाल बन सकता है। ऐसे प्रयास न सिर्फ उनकी सेहत के लिए जरूरी हैं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी यह देखने योग्य अनुभव बनते हैं।

  • स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा फैसला! रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार को पद से हटाया

    स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा फैसला! रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार को पद से हटाया

    प्रशासनिक लापरवाही और आदेशों की अनदेखी के चलते तुरंत प्रभाव से हटाए गए

    झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) के निदेशक डॉ. राजकुमार को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा लिया गया है, जो रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष भी हैं।


    🚨 क्यों हटाया गया डॉ. राजकुमार को?

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि डॉ. राजकुमार ने—

    • विभाग और शासी परिषद द्वारा दिए गए कई जरूरी निर्देशों का पालन नहीं किया
    • प्रशासनिक लापरवाही बरती
    • सरकारी आदेशों की अनदेखी की
    • विभागीय कार्यों को जानबूझकर टालते रहे
    • और अपनी जिम्मेदारियों से भागते रहे

    📄 सरकार ने क्या कहा?

    राज्य सरकार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि:

    • डॉ. राजकुमार रिम्स अधिनियम 2002 के तहत तय किए गए लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सके
    • उन्हें नियम-9(vi) के तहत हटाया गया है
    • हालांकि, उन्हें 3 महीने का वेतन और भत्ता देने का आदेश भी दिया गया है
    • यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी के बाद लिया गया

    📆 कब से थे पद पर?

    • डॉ. राजकुमार को 31 जनवरी 2024 को रिम्स निदेशक के रूप में तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था
    • वर्तमान में वह दिल्ली में हैं और उन्होंने मीडिया को बताया कि उन्हें हटाए जाने की सूचना मिली है, लेकिन ठोस कारण स्पष्ट नहीं किया गया है

    🏥 GB मीटिंग में सामने आई गड़बड़ियां

    हाल ही में हुई शासी परिषद (GB) की मीटिंग में रिम्स की कार्यशैली और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे।
    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में:

    • आदेशों का पालन नहीं हुआ
    • प्रशासनिक प्रक्रिया में लापरवाही रही
    • मरीजों और अस्पताल की ज़रूरतों की अनदेखी की गई

    📣 निष्कर्ष

    सरकार का यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश है। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया है कि कोई भी अधिकारी लापरवाही करेगा, तो उस पर कार्रवाई ज़रूर होगी।

  • SBI में खाता है? तो झारखंड के कर्मचारियों को मिल सकता है 1 करोड़ का बीमा

    SBI में खाता है? तो झारखंड के कर्मचारियों को मिल सकता है 1 करोड़ का बीमा

    सरकार और बैंक की ये डील आपके लिए ‘लाइफसेविंग’ साबित हो सकती है – जानिए कैसे…

    क्या आप झारखंड सरकार के कर्मचारी हैं?
    और आपका खाता SBI (State Bank of India) में है?

    तो अब आपको मिल सकता है इतना जबरदस्त फायदा जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी—बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 1 करोड़ रुपये तक का बीमा!

    जी हां, ये कोई अफवाह नहीं, बल्कि एक सरकारी एमओयू (MoU) के तहत की गई घोषणा है, जो झारखंड सरकार और SBI के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में हुई है।


    📝 क्या है ये नई योजना? और किन्हें मिलेगा फायदा?

    झारखंड सरकार और एसबीआई के बीच हुए इस समझौते के मुताबिक, अगर किसी राज्यकर्मी का वेतन खाता SBI में है, तो उसे मिलेगी एक संपूर्ण सुरक्षा पैकेज—जो न केवल उनके जीवन को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि उनके परिवार की सेहत का भी ख्याल रखेगा।

    इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए राज्यकर्मी को कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा।


    🛡️ जानिए कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी – आपको यकीन नहीं होगा!

    सुविधालाभ
    🚑 दुर्घटना बीमा₹1 करोड़ तक
    ♿ स्थायी अपंगता (Disability)₹1 करोड़ तक
    🦵 आंशिक अपंगता₹80 लाख
    💀 जीवन बीमा₹10 लाख
    ✈️ हवाई दुर्घटना बीमा₹1.06 करोड़
    🏥 हेल्थ इंश्योरेंस (परिवार के 4 सदस्यों के लिए)₹5 लाख प्रति सदस्य
    💳 एटीएम/मनी ट्रांजैक्शन शुल्कनिःशुल्क

    और सबसे खास बात – ये सभी सुविधाएं अपने आप लागू होंगी, आपको इसके लिए कोई अलग आवेदन नहीं करना होगा।


    👨‍⚖️ मुख्यमंत्री ने क्या कहा इस योजना के बारे में?

    इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा:

    “हर परिवार और कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इस एमओयू के तहत जो सहूलियतें दी गई हैं, वो एक ऐतिहासिक कदम है। आज से राज्यकर्मियों के लिए इस योजना की औपचारिक शुरुआत हो रही है, और यह हमारे राज्य के लिए एक सौगात है।”

    वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी इसे एक “गौरवशाली दिन” बताया, जो राज्यकर्मियों की सुरक्षा और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।


    📍 किन अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता?

    • 🧑‍💼 सीजीएम के. बंगाराजू
    • 🧑‍💼 प्रभाष बोस
    • 🧑‍💼 देवेश मित्तल
    • और कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी

    🧠 आपके मन में सवाल हो सकते हैं…

    ❓ क्या इस सुविधा के लिए कोई फॉर्म भरना होगा?

    नहीं, अगर आपका खाता SBI में है और आप झारखंड सरकार के कर्मचारी हैं, तो ये सुविधा स्वतः लागू होगी।

    ❓ क्या रिटायर्ड राज्यकर्मी को भी इसका लाभ मिलेगा?

    फिलहाल यह योजना सिर्फ वर्तमान में कार्यरत राज्यकर्मियों के लिए है।

    ❓ हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम कैसे होगा?

    पूरी प्रक्रिया और नेटवर्क हॉस्पिटल की जानकारी SBI की ओर से जल्द साझा की जाएगी।


    🗣️ निष्कर्ष: यह सिर्फ एक योजना नहीं, एक सुरक्षा कवच है!

    SBI और झारखंड सरकार की यह साझेदारी राज्यकर्मियों के लिए “सुरक्षा की गारंटी” बन सकती है।
    आज जब हर चीज़ महंगी होती जा रही है, और मेडिकल खर्चे आकाश छू रहे हैं—ऐसे में इस तरह की योजनाएं किसी वरदान से कम नहीं।

    तो अगर आपका खाता SBI में है, तो आप हैं काफी हद तक सुरक्षित।

    📌 इस पोस्ट को शेयर करें अपने उन साथी कर्मचारियों के साथ जो अब तक इस खबर से अनजान हैं।
    👇 नीचे कमेंट करके बताएं – क्या आपके पास SBI खाता है?

  • 🧊 गर्मी में इन 5 ड्रिंक्स को कहें ‘हां’ और कोल्ड ड्रिंक्स को ‘ना’! 🥤🚫

    🧊 गर्मी में इन 5 ड्रिंक्स को कहें ‘हां’ और कोल्ड ड्रिंक्स को ‘ना’! 🥤🚫

    🌞 जून-जुलाई की झुलसा देने वाली गर्मी में ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स का मन तो करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ड्रिंक्स सिर्फ एक तात्कालिक ठंडक देती हैं, लेकिन आपके शरीर के लिए ज़हर भी बन सकती हैं? ⚠️

    तो अब से कहें ‘ना’ इन बाज़ारू कोल्ड ड्रिंक्स को और अपनाएं ये 5 देसी, प्राकृतिक और हेल्दी ड्रिंक्स! 🧃✅


    ✅ 1. नींबू पानी (Shikanji) 🍋

    क्यों पिएं?
    नींबू पानी में विटामिन C भरपूर होता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और लू से भी बचाता है।

    कैसे बनाएं:
    नींबू + पानी + नमक + शक्कर + काला नमक = परफेक्ट देसी ड्रिंक!


    ✅ 2. बेल का शरबत 🍶

    क्यों पिएं?
    बेल फल ठंडक देने वाला होता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। दस्त, अपच और पेट की गर्मी से राहत दिलाता है।

    Tips:
    इसे खाली पेट पिएं — और महसूस करें ठंडक अंदर से! ❄️


    ✅ 3. नारियल पानी 🥥

    क्यों पिएं?
    इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर नारियल पानी शरीर को अंदर से हाइड्रेट करता है और थकान दूर करता है।

    Bonus:
    यह त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद है। 🌿


    ✅ 4. छाछ (Buttermilk) 🥛

    क्यों पिएं?
    दही से बनी छाछ पाचन के लिए वरदान है। गर्मियों में शरीर को ठंडा रखती है और एसिडिटी से बचाती है।

    प्राकृतिक प्रोबायोटिक:
    ये पेट की दोस्त है, डाइजेशन को सही रखे!


    ✅ 5. आम पन्ना (Aam Panna) 🥭

    क्यों पिएं?
    कच्चे आम से बना ये स्वादिष्ट पेय शरीर को लू से बचाता है और इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है।

    Desi Cooler:
    टेस्टी भी और हेल्दी भी!


    ❌ अब जानिए क्यों कहें “ना” कोल्ड ड्रिंक्स को? 🥤🚫

    • उनमें कैफीन, शुगर और आर्टिफिशियल फ्लेवर होता है जो शरीर को डिहाइड्रेट करता है।
    • ज्यादा सेवन से मोटापा, डायबिटीज और हड्डियों की कमजोरी हो सकती है।
    • कुछ ड्रिंक्स में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड, कैल्शियम को अवशोषित होने से रोकता है।

    सिर्फ तात्कालिक ठंडक नहीं, सोचिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य के बारे में! 🧠💚


    📌 निष्कर्ष:

    गर्मी के मौसम में अपनी सेहत के साथ कोई समझौता न करें। कोल्ड ड्रिंक्स को कहें ‘बाय-बाय’ और अपनाएं ये देसी, हेल्दी और ठंडक से भरपूर ड्रिंक्स! ✅🌿

  • 🧠 10 मानसिक स्वास्थ्य टिप्स जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं!

    🧠 10 मानसिक स्वास्थ्य टिप्स जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं!

    आज के दौर में जहाँ काम का बोझ, व्यक्तिगत अपेक्षाएं और सामाजिक दबाव लगातार बढ़ रहे हैं, वहाँ मानसिक शांति बनाए रखना एक चुनौती बन चुका है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी धीरे-धीरे जीवन को अंधेरे में धकेल सकती है।

    अगर आप मानसिक रूप से मजबूत, शांत और सकारात्मक रहना चाहते हैं, तो ये 10 आसान लेकिन असरदार टिप्स आपकी ज़िंदगी में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं:


    1. 🕒 दिनचर्या में अनुशासन लाएं

    अव्यवस्थित दिनचर्या मानसिक असंतुलन का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। रोज़ एक तय समय पर सोना, उठना, भोजन करना और कार्य करना न केवल शरीर बल्कि दिमाग को भी संतुलन में रखता है।

    फायदा: मस्तिष्क को स्पष्टता मिलती है और बेचैनी कम होती है।


    2. 🧘‍♀️ ध्यान और प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं

    रोज़ाना 10–15 मिनट भी ध्यान (Meditation) और गहरी साँसों के अभ्यास से मन में एक गहराई और शांति आती है। यह तनाव को जड़ से हटाने में मदद करता है।

    कैसे करें: शांत जगह चुनें, आँखें बंद करें, सिर्फ अपने साँसों पर ध्यान दें।


    3. 💪 नियमित व्यायाम करें

    शारीरिक गतिविधि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा इलाज है। योग, सैर, या हल्का जॉगिंग न केवल शरीर को फिट रखते हैं, बल्कि ‘हैप्पी हार्मोन’ जैसे एंडॉरफिन्स भी बढ़ाते हैं।

    टिप: हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 मिनट का एक्टिव मूवमेंट जरूर करें।


    4. 🥗 पोषणयुक्त आहार लें

    दिमाग वही सोचता है जैसा आप खाते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन B12, और मैग्नीशियम से भरपूर भोजन दिमाग को संतुलित रखता है।

    बचें: बहुत अधिक कैफीन, जंक फूड और अत्यधिक चीनी से।


    5. 😌 अपने आप से संवाद करें

    खुद से बातचीत करना (Positive self-talk) एक बेहद शक्तिशाली तकनीक है। दिन में एक बार खुद से पूछें – “मैं कैसा महसूस कर रहा हूँ?” और “मुझे क्या चाहिए?

    लाभ: आत्म-बोध बढ़ता है और निर्णय क्षमता मजबूत होती है।


    6. 👫 सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं

    जिनके साथ आप रहते हैं, वे आपके विचारों को प्रभावित करते हैं। उत्साही, आशावादी और समझदार लोगों के साथ संबंध बनाएं जो आपको प्रेरित करें।

    बचें: नकारात्मकता फैलाने वाले और आलोचनात्मक व्यवहार करने वाले लोगों से।


    7. 📵 डिजिटल डिटॉक्स करें

    मोबाइल, सोशल मीडिया और खबरों की बाढ़ में दिमाग लगातार थका रहता है। दिन में कम से कम एक घंटा बिना स्क्रीन के बिताएं।

    प्रभाव: एकाग्रता बढ़ती है और नींद की गुणवत्ता सुधरती है।


    8. 🌳 प्रकृति के करीब जाएं

    हरियाली, खुला आसमान, और ताज़ी हवा मन को गहराई तक शांति देती है। हफ्ते में एक बार किसी पार्क या शांत स्थल पर ज़रूर जाएं।

    प्रयोग करें: पेड़ के नीचे बैठना, जमीन पर नंगे पाँव चलना (Grounding Technique)।


    9. ✍️ जर्नलिंग करें (मन की डायरी)

    हर दिन के अंत में 5–10 मिनट का समय लेकर अपने विचार, भावनाएं और अनुभव लिखें। यह आपके अंदर की उलझनों को सुलझाने में मदद करता है।

    आश्चर्यजनक लाभ: आत्म-समझ और भावनात्मक संतुलन में वृद्धि।


    10. 💬 मदद लेने में झिझक न करें

    अगर आपको लगे कि आप अकेले इस मानसिक बोझ को नहीं संभाल पा रहे हैं, तो किसी मनोवैज्ञानिक, काउंसलर या अपने विश्वसनीय व्यक्ति से बात करें। मदद माँगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है।


    🧩 निष्कर्ष

    मानसिक स्वास्थ्य केवल मानसिक बीमारी से मुक्त रहना नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का जरिया है। ऊपर बताए गए 10 टिप्स अगर आप ईमानदारी से अपनाते हैं, तो धीरे-धीरे आप खुद में बदलाव महसूस करेंगे — शांत दिमाग, सकारात्मक सोच और बेहतर जीवन।

    आपकी मानसिक शांति ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। उसे संभालें, उसे मजबूत बनाएं।

  • झारखंड का मौसम: गर्मी का पहला झटका, पारा 39 डिग्री पार

    झारखंड का मौसम: गर्मी का पहला झटका, पारा 39 डिग्री पार

    झारखंड (Jharkhand) में इस बार गर्मी का प्रकोप सामान्य से कहीं ज्यादा देखने को मिल रहा है। जहां मार्च (March)के तीसरे सप्ताह में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता था, वहीं इस साल मार्च की शुरुआत में ही तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में बहरागोड़ा (Baharagora) का तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक तापमान है। राज्य के अन्य जिलों में भी दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है, जिससे गर्मी का असर तेज हो गया है।

    रांची का मौसम अपडेट

    राजधानी रांची में भी गर्मी बढ़ती जा रही है। बीते दिन रांची का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 21 डिग्री तक पहुंच गया है। यह सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है, जिसके चलते लोगों को रात में भी गर्मी का एहसास हो रहा है। कई घरों में पंखे, कूलर और एसी का इस्तेमाल शुरू हो चुका है।

    👉 यह भी पढे : “हाल ही में जारी हुए झारखंड बोर्ड डेट शीट 2025 के अनुसार…”

    👉 “झारखंड का लेटेस्ट वेदर अपडेट आप मौसम विभाग की वेबसाइट पर देख सकते हैं।”

    आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान

    मौसम विभाग रांची के मुताबिक, अगले 5 दिनों के भीतर रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे रात की गर्मी में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, दिन के समय तापमान में और वृद्धि की संभावना है, जिससे गर्मी का प्रभाव और तेज होगा। अगले 2 दिनों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने का अनुमान है। इसके बाद, तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, और रात का तापमान भी लगभग 4 डिग्री तक कम होने की उम्मीद है।

    निष्कर्ष

    झारखंड में इस बार मार्च की शुरुआत से ही झुलसाने वाली गर्मी ने दस्तक दे दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी हफ्तों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि गर्मी से बचाव के लिए पानी अधिक पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें, और दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचें

  • HMPV: कोरोना वायरस से कितना अलग है एचएमपीवी?

    HMPV: कोरोना वायरस से कितना अलग है एचएमपीवी?

    HMPV Virus: Covid 19 के बाद चीन से निकला एक और वायरस दुनिया की चिंता बढ़ा रहा है. नाम है ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (Human metapneumovirus) यानी HMPV. भारत में इसके तीन मामले सामने आ चुके हैं. इसे लेकर तमाम तरह की आशंकाएं चल रही है.

    आइये 8 पॉइंट्स में आपको बताते हैं HMPV के लक्षण, प्रसार, रोकथाम और उपचार के बारे में…

    HMPV क्या है?

    ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक श्वसन (सांस के जरिए फैलने वाला) वायरस है, जो सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करता है. इस वायरस का पता सबसे पहले 2001 में लगा था. यह पैरामिक्सोविरिडे (Paramyxoviridae) परिवार से संबंधित है और रेस्पिरेटरी सिंसीशियल वायरस (RSV) से मेल खाता है. यह खांसने, छींकने से उत्पन्न श्वसन बूंदों, संक्रमित सतहों के संपर्क, या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से फैलता है.

    अधिकांश संक्रमण हल्के होते हैं, मगर यह नवजात शिशुओं, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है. यह वैश्विक स्तर पर देर सर्दियों और शुरुआती बसंत में चरम पर होता है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यह पूरे वर्ष सक्रिय रहता है.

    HMPV के लक्षण

    HMPV के लक्षण व्यक्ति के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के आधार पर भिन्न होते हैं.

    हल्के लक्षण: बहती नाक, गले में खराश, खांसी और बुखार, जो सामान्य सर्दी जैसे होते हैं.

    मध्यम लक्षण: लगातार खांसी, घरघराहट और थकान.

    गंभीर लक्षण: उच्च जोखिम वाले समूहों में ब्रोंकाइटिस, ब्रोंकिओलाइटिस या निमोनिया जैसी जटिलताएँ हो सकती हैं. गंभीर सांस संबंधी बीमारी (SARI) के मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है.

    प्रसार और रोकथाम

    HMPV का प्रसार RSV और इन्फ्लूएंजा की तरह ही होता है, जो श्वसन बूंदों या दूषित सतहों के माध्यम से फैलता है.

    रोकथाम के उपाय:

    • साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना.
    • खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना.
    • भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क पहनना.
    • बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करना.
    • संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से बचना.

    HMPV कितने समय तक रहता है?

    हल्के मामलों में, HMPV कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह तक रहता है. हालांकि, खांसी जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं. गंभीर मामलों में, विशेष रूप से अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए, ठीक होने में अधिक समय लग सकता है.HMPV की जांच

    HMPV का निदान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि इसके लक्षण RSV और इन्फ्लूएंजा से मिलते-जुलते हैं.

    जांच के तरीके:

    RT-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन): HMPV RNA का पता लगाने के लिए सबसे बेहतर तरीका

    एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट: तेज़ रिजल्ट देते हैं. 

    भारत में निगरानी:

    ICMR और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) जैसी एजेंसियाँ HMPV और अन्य श्वसन वायरसों की नियमित निगरानी करती हैं.

    ये भी पढ़ें- दिल्ली से बिहार तक भूकंप के झटके…

    HMPV का उपचार

    फिलहाल, HMPV के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. फिलहाल उपचार लक्षणों के आधार पर ही किया जा रहा है.

    हल्के मामले: आराम, पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन और बुखार व नाक बंद होने के लिए ओवर-द-काउंटर दवाएं.

    गंभीर मामले: अस्पताल में भर्ती, ऑक्सीजन थेरेपी, और गंभीर मामलों में यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता हो सकती है.

    जब तक लक्षित उपचार और वैक्सीन का विकास नहीं होता, रोकथाम और शुरुआती इलाज ही एक मात्र तरीका है.

    वैश्विक और राष्ट्रीय निगरानी

    यह एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लिए मजबूत निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है. भारत में, ICMR और IDSP जैसी संस्थाएँ HMPV, इन्फ्लूएंजा और RSV सहित श्वसन बीमारियों की निगरानी और नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

    HMPV और COVID-19 में अंतर

    हालांकि HMPV और COVID-19 दोनों श्वसन वायरस हैं, लेकिन इनमें कई अंतर हैं.

    समानताएँ:

    श्वसन बूंदों और दूषित सतहों के माध्यम से फैलाव.

    हल्के से गंभीर श्वसन लक्षण उत्पन्न करना.

    शिशुओं, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों के लिए उच्च जोखिम.

    अंतर:

    COVID-19 (SARS-CoV-2 वायरस) में गंध/स्वाद की कमी और रक्त के थक्के बनने जैसे प्रणालीगत लक्षण शामिल होते हैं.

    COVID-19 के लिए वैक्सीन और एंटीवायरल उपचार उपलब्ध हैं, जबकि HMPV के लिए केवल सहायक उपचार उपलब्ध है.

    इससे से घबराना भले ही ना हो, मगर सतर्क रहने की जरूरत तो है ही. इसके असर को कम करनेे के लिए जागरूकता, रोकथाम और शुरुआती इलाज का सही होना बेहद जरूरी हैं. 

  • Ranchi में खुलेगा Apollo Hospital

    Ranchi में खुलेगा Apollo Hospital

    CM हाउस में अपोलो हॉस्पिटल और राँची नगर निगम के बीच हुआ डीड पर हस्ताक्षर

    राँची। राजधानी में अपोलो हास्पिटल खोलने का रास्ता साफ़ हो गया है। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में ए ओ बोलो हॉस्पिटल और राशि नगर निगम के बीच डीड पर हस्ताक्षर हुआ। रांची स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट क्षेत्र में अपोलो अस्पताल के निर्माण के लिए रांची नगर निगम और अपोलो हॉस्पिटल इंटरप्राइजेज लिमिटेड, चेन्नई के बीच सब लीज डीड पर हस्ताक्षर किया गया।

  • आश्वासन पर चल रहा झारखंड के सदर अस्पतालों का DIALYSIS CENTER…

    आश्वासन पर चल रहा झारखंड के सदर अस्पतालों का DIALYSIS CENTER…

    PM Dialysis Programme के तहत इसकी शुरुआत साल 2016 में राज्य के 16 जिलों में की गई थी. जिससे गरीबों का आधे दामों में इलाज होता है. आपको बता दें कि इस कि इस कार्यक्रम के तहत आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का मुफ्त में इलाज होता है.

    इस के साथ ही उनको सस्ते दर पर डायलिसिस करने के लिए संस्था को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आर्थिक मदद दी जाती है. लेकिन पिछले कुछ महीनों से सदर अस्पतालों में डायलिसिस सेंटर चला रही संस्था को सब्सिडी का पैसा नहीं दिया जा रहा. विभिन्न जिलों में चल रहे सेंटर का करोड़ों रुपए बकाया होने की वजह से शुक्रवार को सभी केंद्र ने अपना काम बंद कर दिया.

    जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत के बाद सभी सेंटर शनिवार को वापस से खोले गए.इस मामले पर रांची सदर अस्पताल डायलिसिस सेंटर के यूनिट इंचार्ज आजाद अंसारी ने बताया कि सरकार से बातचीत के बाद सेंटर दोबारा खोल दिए गए हैं. लोगों की परेशानियों को देखते हुए हमने सेंटर को दोबारा से खोल दिया है.

    वहीं दूसरी तरफ वहां के उपाधीक्षक डॉक्टर ए खेतान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है. अस्पताल प्रबंधन अपने मरीजों की सुविधा के लिए सजग है, जल्द ही बकाया पैसे के भुगतान करने का आश्वासन विभाग की तरफ से दिया गया है.

  • होली पर बनाएं नारियल की बर्फी

    होली पर बनाएं नारियल की बर्फी

    होली के त्योहार में चंद दिन ही बचे हैं और घरों में तैयारियां जोरों के साथ जारी हैं। मिठाई, गुझिया और नमकीन बनाने का दौर चल रहा है। लोग इंटरनेट पर तरह-तरह की रेसिपी की तलाश कर रहे हैं। जो कम समय में स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में उनकी मदद कर सके। तो इसी कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं नारियल की बर्फी बनाने की बेहद ही आसान रेसिपी। इस रेसिपी को आप केवल होली के त्योहार पर ही नहीं बल्कि किसी भी नार्मल दिन में भी आसानी से तैयार कर सकते हैं।
    बनाने की विधि
    सबसे पहले नारियल के बुरादे को मिक्सी जार में डालकर ग्राइंड कर लें। फिर इसको कढ़ाही में डालकर साथ में पिसी चीनी और दूध मिक्स कर दें। इसके बाद इस मिक्सचर को मीडियम आंच पर रखकर चमचे से तब तक चलायें जब तक ये मिक्सचर गाढ़ा नहीं हो जाता। फिर इसमें मिल्क पाउडर और इलायची पाउडर को भी मिक्स कर दें। लगभग तीन मिनट तक इस मिश्रण को और पकाएं। लेकिन ध्यान रखें कि इसको चम्मच से लगातार चलाते रहें जिससे मिश्रण कढ़ाही में चिपके नहीं।
    इसके बाद किसी प्लेट पर बटर पेपर बिछाकर इस मिक्सचर को उस पर पलट दें। फिर इस मिश्रण को चम्मच से दबाकर एक जैसा कर दें जिससे ये चिकना हो जाये। ऊपर से कटा हुआ पिस्ता डालकर फिर से थोड़ा सा प्रेस कर दें ताकि पिस्ता अच्छी तरह से इसमें चिपक जाये। इसको कुछ देर ठंडा होने के लिए रखें और फिर छोटे-छोटे पीस काट लें। लीजिये आपकी स्वादिष्ट नारियल की बर्फी तैयार है। अगर आप चाहें तो इसको बनाकर कुछ दिनों के लिए स्टोर भी कर सकते हैं।
    सामग्री
    नारियल का बुरादा 250 ग्राम
    दूध 1 कप
    पिसी हुई चीनी 100 ग्राम
    हरी इलायची पाउडर 1/4 चम्मच
    मिल्क पाउडर 100 ग्राम
    कटा हुआ पिस्ता एक 1 चम्मच

  • होली पर रंगों से हो स्किन तो एलर्जी तुरंत अपनाएं यह पांच घरेलू नुस्खे

    होली पर रंगों से हो स्किन तो एलर्जी तुरंत अपनाएं यह पांच घरेलू नुस्खे

    होली का त्‍योहार 8 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन लोगों में होली का खुमार अभी से देखा जा सकता है। लोग होली पार्टी अरेंज करने में लगे है या रंगों की खरीददारी कर रहे हैं। हालांकि बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंगों की वजह से कई लोगों को अभी से ही होली में स्किन एलर्जी का डर सता रहा है। रंगों की वजह से स्किन पर रैश, जलन, खुजली आदि की समस्‍याएं शुरू हो जाती हैं। लेकिन इस साल आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आप अगर पहले से कुछ घरेलू उपायों को जान लें, तो स्किन एलर्जी की समस्‍या को आसानी से दूर कर सकते हैं।
    दही का करें इस्‍तेमाल : अगर आप स्किन को एलर्जी से बचाना चाहते हैं तो त्‍वचा पर दही का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ये स्किन को नरिश करने के साथ साथ एलर्जी से बचाने में मदद करेगा। आप इसमें बेसन, पिसा दाल पाउडर भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। अगर स्किन पर जलन हो रहा हो तो आप होली खेलने के बाद पूरे शरीर पर दही लगाकर कुछ देर सूखने दें, फिर पानी से धो लें।
    घी करें अप्‍लाई : अगर होली खेलने के दौरान आपकी स्किन पर किसी तरह की समस्‍या लगे या जलन महसूस हो तो आप तुरंत उस जगह को धो लें और त्‍वचा पर गाय का घी लगाकर मालिश कर लें। कुछ ही देर में स्किन की समस्‍या शांत हो जाएगी।
    नारियल का तेल : अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो आप होली खेलने से पहले त्वचा पर कोकोनट आॅयल लगा सकते हैं। इससे कैमिकल वाले रंगों का प्रभाव स्किन पर कम पड़ेगा और ये स्किन के पहली सतह पर एक लेयर बना देगी। इस तरह एलर्जी की संभावना भी कम होगी।
    बेसन का इस्‍तेमाल : सबसे पहले पानी और बेसन का घोल बना लें और होली खेलने के बाद आप इसकी मदद से स्किन के रंगों को निकालें। इसके लिए आप पहले त्‍वचा को धो लें और फिर क्रीम की तरह इस घोल को पूरे बॉडी पर लगा लें। आप एक कटोरी में 4 चम्‍मच बेसन, एक चम्‍मद हल्‍दी, पानी मिलाकर इसे बना सकते हैं। अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप इसमें नारियल या सरसों तेल भी मिलाकर लगा सकते हैं। ऐसा करने से रंग बिना नुकसान पहुंचाए आसानी से निकल जाएंगी।

  • हल्का-फुल्का डिनर करना है तो बनाएं मसाला पापड़

    हल्का-फुल्का डिनर करना है तो बनाएं मसाला पापड़

    पुराने जमाने से कहावत चली आ रही है कि सुबह का नाश्ता राजा और रात का खाना कंगाल की तरह खाना चाहिए। हेल्दी रहने के लिए कई डायटीशंस भी ऐसी ही सलाह देते हैं। वजन कम करने वाले लोग खास तौर पर डिनर हल्का ही खाना चाहते हैं। आॅप्शन में ज्यादातर प्रोटीन वाला डिनर होता है या कुछ फ्रूट्स। अगर आप भी रात में कुछ हल्का-फुल्का खाना चाहते हैं तो मसाला पापड़ आपके लिए बेस्ट आॅप्शन हो सकता है। कभी-कभी भारी खाना स्किप करके भी इसे ट्राई किया जा सकता है। रेस्ट्रॉन्ट्स में मसाला पापड़ काफी महंगा मिलता है। इसे आप घर पर अपने हिसाब से चीजें मिक्स करके बना सकते हैं। तो फटाफट सीख लीजिए रेसिपी।
    बनाने की विधि
    अगर आप डायट कॉन्शस हैं तो पापड़ गैस पर सेंकना बेस्ट रहेगा। वर्ना आप तेल में तल भी सकते हैं। सबसे पहले आप प्याज, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च, धनिया सबको बारीक काट लें। इसमें काला
    नमक मिलाएं।
    अब 2 पापड़ लें इनको छोटे टुकड़ों में तोड़ें। टुकड़े ज्यादा छोटे न करें। इसमें कटी हुई सब्जियां मिला लें। साथ ही पनीर को टुकड़ों में काट लें। इसमें थोड़ा सा नमक, चाट मसाला, नींबू और सॉस (ऐच्छिक) मिलाएं। इस पनीर को भी पापड़ के साथ मिलाएं। सारी चीजें अच्छे से मिला लें। ऊपर से थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर भी डाल लें। पापड़ में काली मिर्च पहले से ही होती है। शाम के लिए आपका परफेक्ट डिनर तैयार है। पापड़ और पनीर से आपको प्रोटीन मिलेगा। साथ में कच्ची सब्जियों से फाइबर। आप चाहें तो पनीर को घी में तल भी सकते हैं।
    सामग्री
    दाल का पापड़ (मूंग दाल बेस्ट आॅप्शन है), प्याज, टमाटर, खीरा, पनीर, चाट मसाला, टमैटो सॉस, मिर्च, फ्रेश हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, सफेद नमक, नींबू।

  • बाजरा आटे से बने गुजराती ढेबरे

    बाजरा आटे से बने गुजराती ढेबरे

    गुजराती फूड डिश ढोकला, फाफड़ा, थेपला तो आपने कई बार खाया होगा लेकिन क्या कभी गुजराती ढेबरे का टेस्ट लिया है। फेमस गुजराती फूड्स में इसे भी शामिल किया जा सकता है। बाजरा आटा और मेथी पत्तों से बनने वाला गुजराती ढेबरे स्वादिष्ट होने के साथ ही पौष्टिकता से भी भरपूर होता है। आप अपने दिन की शुरूआत ढेबरे के ब्रेकफास्ट के साथ कर सकते हैं। इसका स्वाद बड़ों के साथ बच्चों को भी पसंद आएगा। इसे बनाना भी काफी आसान है और ये एक बेहतरीन स्नैक्स भी है। आप चाहें तो गुजराती ढेबरे को दिन के वक्त या फिर शाम की चाय के साथ स्नैक्स के तौर पर भी खा सकते हैं। आज हम आपके साथ गुजराती ढेबरे की रेसिपी साझा करेंगे।
    बनाने की विधि
    एक मिक्सिंग बाउल में सारी चीजें डाल दें और उन्हें अच्छी तरह से मिक्स कर दें। (दही को छोड़कर, इसे सबसे आखिर में डालें और डो तैयार करें।) इस डो को तैयार करने के लिए पानी का इस्तेमाल न करें।
    अब तैयार आटे से लोई बनाकर मोटी रोटी बनाएं और उसे कटर या लिड की मदद से काट लें। अब ढेबरे को तवे पर डालकर दोनों ओर से अच्छी तरह से पकाएं। अब थोड़ा सा तेल डालें और इसके दोनों ओर लगातार दोबारा अच्छी तरह से सेक लें। गुजराती ढेबरे बनाने में काफी कम तेल का प्रयोग किया जाता है।गुजराती ढेबरे को आप ब्रेकफास्ट, स्नैक्स या डिनर में भी खा सकते हैं। इसे एक हफ्ते तक के लिए स्टोर भी किया जा सकता है।
    सामग्री
    बाजरा आटा-1 कप
    गेहूं आटा-4 टेबलस्पून
    मेथी पत्ते कटे-1/2 कप
    धनिया कटा-2 टेबलस्पून
    अदरक-हरी मिर्च पेस्ट-2 टी स्पून
    तिल-1 टेबलस्पून
    कलौंजी-1/2 टी स्पून
    भुना जीरा पाउडर-1 टी स्पून
    काली मिर्च पाउडर-1/4 टी स्पून
    हल्दी पाउडर-1/2 टी स्पून
    नमक-3/4 टी स्पून
    अजवाइन-1/4 टी स्पून
    बटर-1 टेबलस्पून
    गुड़ का पानी-1 टेबलस्पून गर्म पानी + 1 टेबलस्पून गुड़
    दही-3-4 टी स्पून

  • ठंडे पानी से नहाने में कई फायदे

    ठंडे पानी से नहाने में कई फायदे

    ठंडे पानी से नहाना सुनने और करने दोनों में अजीब लगता है पर क्या आप जानते हैं कि ये तरीका सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ठंडे पानी से नहाना सेहत और दिमाग दोनों के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे ब्लड सकुर्लेशन में सुधार, फर्टिलिटी के बढ़ने जैसे कई हेल्थ बेनिफिट्स मिलते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्यों हमें ठंडे पानी से नहाना चाहिए।
    फर्टिलिटी बढ़ती है : बिगड़े हुए लाइफस्टाइल के कारण मां या पिता न बन पाने की समस्या कॉमन हो गई है। लेकिन रिपोर्ट्स में सामने आया है कि कोल्ड शावर लेने से फर्टिलिटी बढ़ती है और हेल्दी सेक्स लाइफ भी मिलती है।
    ब्लड सकुर्लेशन इंस्प्रूव हो पाता है : बॉडी में अगर ब्लड सकुर्लेशन सही न हो तो इस कारण कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती है। वैसे आप ठंडे पानी से नहाकर ब्लड सकुर्लेशन को दुरुस्त बना सकती हैं।
    आत्म शक्ति होती है मजबूत : ठंड के दौरान कोल्ड शावर लेना संभव नहीं है पर आपको बता दें कि इस तरीके को अपनाकर आप आत्म शक्ति को भी मजबूत कर सकते हैं। वैसे भी अब गर्मियां आने वाली है तो जमकर ठंडे पानी से नहाएं और हेल्दी रहें।
    स्ट्रेस कम होता है : हम सभी जानते हैं कि स्ट्रेस या डिप्रेशन के पीछे अहम कारण बिगड़ी हुई मेंटल हेल्थ होती है। स्ट्रेस को खत्म या कम करने के लिए योग, थेरेपी या फिर दूसरे तरीके आजमाएं जा सकते हैं और इन्हीं में से एक कोल्ड शावर भी है।
    अलर्टनेस बढ़ती है : दिमाग को शांत करने में काम आने वाला ठंडे पानी से नहाने का तरीका बॉडी में अलर्टनेस भी बढ़ाता है। सर्दियों के दौरान नहाते समय सर्दी फील हो सकती है पर बॉडी के नॉर्मल होने पर दिनभर फ्रेशनेस बनी रहती है।
    स्किन और हेयर : ठंड से बचने से लिए लोग ज्यादा गर्म पानी से नहाने की भूल करते हैं और इसका बुरा असर स्किन व बालों को झेलना पड़ता है। स्किन पर रैशेज और बालों का झड़ना शुरू हो सकता है। इसलिए रोज ठंडे या नॉर्मल पानी से नहाने की आदत डालें।
    वेट लॉस हो पाता है : एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोल्ड शावर बाथ वजन घटाने में मददगार है। इस तरीके को अपनाकर आप अपनी लुक को और भी बेहतर बना सकते हैं।
    टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने में मददगार : इसका एक फायदा ये भी है कि ये हमारे अंदर लव हार्मोन टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने का काम भी करता है।

  • बेसन से ज्यादा क्रिस्पी बनते हैं चना दाल पकौड़े

    बेसन से ज्यादा क्रिस्पी बनते हैं चना दाल पकौड़े

    आपका दिल अगर कुछ चटपटा खाने का कर रहा है, तो आप चने की दाल के पकौड़े ट्राई कर सकते हैं। इन पकौड़ों की सबसे खास बात यह है कि यह बेसन से ज्यादा क्रिस्पी बनते हैं।
    बनाने की विधि
    सबसे पहले चने की दाल को धोकर पानी में 3 से 4 घंटे के लिए भिगोकर रख दें।
    तय समय के बाद दाल में बड़े टुकड़ों में कटा हुआ प्याटज, हरी मिर्च, अदरक , लहसुन, हींग, जीरा और थोड़ा सा पानी डालकर पीस लें।
    अब इस पेस्टा को एक बॉउल में निकाल लें और इसमें बारीक कटा प्याटज और नमक मिलाएं।
    अब इस पेस्टा में चुटकीभर बेकिंग सोडा डालें।
    मीडियम आंच में एक कड़ाही में तेल गरम करें।
    तेल के गरम होते ही इसमें चना दाल के पेस्टो को पकौड़ों के शेप में डालें।
    पकौड़ों को सुनहरा होने तक दोनो साइड से तले और आंच बंद कर दे।
    तैयार है चना दाल प्याज पकौड़ा। हरी चटनी या टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें।
    सामग्री
    आधा कप चना दाल, एक छोटा चम्मच जीरा, लहसुन की 2-3 कलियां (बारीक कटी हुई), आधा इंच अदरक (बारीक कटा हुआ), एक हरी मिर्च (बारीक कटी हुई), एक प्याज (बारीक कटा हुआ), एक प्याज (बड़े टुकड़ों में कटा हुआ), चुटकीभर हींग, दो बड़ा चम्म(च हरा धनिया ( बारीक कटा हुआ), नमक स्वादानुसार, तेल तलने के लिए

  • फुट ट्रीटमेंट के स्टेप्स से रखें पैरों का ख्याल और खूबसूरती बरकरार

    फुट ट्रीटमेंट के स्टेप्स से रखें पैरों का ख्याल और खूबसूरती बरकरार

    पैरों की खूबसूरती पर अगर आप ध्यान नहीं देती तो बता दें ये भी बहुत ही जरूरी चीज है। क्योंकि पैर पर भी प्रदूषण, धूल का अटैक होता है और धीरे-धीरे इसकी खूबसूरती और नमी खोती जाती है। तो सैलून जाने की जगह हफ्ते में एक बार खुद से घर पर ही इसका ट्रीटमेंट करें इन स्टेप्स के साथ।
    फुटबाथ है जरूरी : पैरों की खूबसूरती बरकरार रखने के लिए हफ्ते में एक बार पैरों को अच्छे से जरूर धोएं। अच्छे से वॉश का मतलब है एक टब में गुनगुना पानी लें और इसमें शैंपू या बॉडी वॉश कुछ भी लेकर, उसकी कुछ बूंदें और साथ ही तेल की भी कुछ बूंदें मिलाएं, 20 मिनट के लिए पैरों को इसमें भिगोएं और फिर ब्रश की मदद से रगड़ कर साफ कर लें।
    अप्लाई करें फुटमास्क : पैरों को साफ करने के बाद फुटमास्क भी अप्लाई करना चाहिए। मास्क बनाने के लिए केला, नींबू का रस और नारियल तेल की कुछ बूंदें मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें। पैरों को इससे अच्छी तरह से कवर कर लें। कम से कम 20 मिनट लगाकर रखें फिर ठंडे पानी से वॉश कर लें।
    नेल्स को समय-समय पर काटें : पैरों के नेल्स को काटना और फाइल करना भी जरूरी है। अगर आप लंबे नेल्स रखना चाहती हैं, तो आपको डेली इनको साफ करते रहना चाहिए। साथ ही हर हफ्ते पैरों से नेल पेंट हटाएं फिर नया शेड लगाएं। उसी के ऊपर कोटिंग करने की गलती न करें क्योंकि इससे नेल्स खराब होने लगते हैं।
    एप्पल साइडर विनेगर है फायदेमंद : पैरों में बहुत ज्यादा पसीना आने से फंगल इंफेक्शन जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। इससे बचने के लिए एप्पल साइडर विनेगर फुट बाथ काफी हेल्पफुल होता है। इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी लीजिए और इसमें कुछ एप्पल साइडर विनेगर की कुछ बूंदे मिक्स कर दीजिए, इसके बाद पैरों को थोड़ी देर उसमें डालकर बैठ जाइए, लेकिन अगर आपके पैर पर खुले घाव या कट है तो इससे बचें। पैरों की करें स्क्रबिंगजिस तरह से फेस की स्क्रबिंग करने से डेथ स्किन सेल्स दूर होती है। उसी तरह से पैरों की स्क्रबिंग करने से डेड स्किन सेल्स से छुटकारा मिलता है। इसके लिए दो टेबलस्पून ब्राउन शुगर और दो टेबलस्पून जैतून का तेल मिलाएं।
    इसके बाद पैरों को ठंडे पानी से वॉश करें और इसके पेस्ट से पैरों पर कम से कम दस मिनट तक स्क्रब करें। इसके बाद पैरों में फुटक्रीम या मॉइश्चराइजर लगाएं।

  • शिवरात्रि व्रत के लिए बनायें साबूदाना रिंग्स

    शिवरात्रि व्रत के लिए बनायें साबूदाना रिंग्स

    महाशिवरात्रि पर आपने भी अगर उपवास रखा है तो फलाहार में साबूदाना रिंग्स की रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं। आमतौर पर साबूदाना खिचड़ी को फलाहार के तौर पर लिया जाता है, लेकिन आप चाहें तो साबूदाना से अन्य टेस्टी आइटम्स भी बना सकते हैं। उनमें ही से एक है साबूदाना रिंग्स। स्वाद में लाजवाब साबूदाना रिंग्स बनाने में भी आसान हैं और कम वक्त में ही बनकर तैयार भी हो जाते हैं। पारंपरिक साबूदाना खिचड़ी और साबूदाना वड़े के बजाय आप साबूदाना रिंग्स को भी फलाहार के तौर पर ट्राई कर सकते हैं।
    बनाने की विधि
    व्रत के लिए फलाहार के तौर पर साबूदाना रिंग्स बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले साबूदाना को साफ कर पानी में भिगो दें। साबूदाना पानी में 2-3 घंटे तक गलाने से वे अच्छी तरह से नरम होकर फूल जाते हैं। इसके बाद आलू को उबाल लें और उनके छिलके उतार लें। अब एक मिक्सिंग बाउल लें और उसमें भिगोए हुए साबूदाना को डाल दें। इसके बाद आलू को अच्छी तरह से मैश करते हुए मिक्सिंग बाउल में डाल दें। अब साबूदाना और आलू को अच्छी तरह से मिक्स करें। इसके बाद इस मिश्रण में कद्दूकस अदरक, कटा हुई हरी मिर्च, कटा हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, जीरा, नींबू रस, कुटे मूंगफली के दाने डालकर सभी को अच्छी तरह से मैश कर लें। अब इस मिश्रण को हाथों में लेकर गोल-गोल करते हुए रिंग्स का शेप दें। अब एक नॉनस्टिक पैन में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो तैयार किए हुए साबूदाना रिंग्स को कड़ाही में डालें और उन्हें तब तक डीप फ्राई करें जब तक कि साबूदाना रिंग्स का कलर गोल्डन ब्राउन होकर वे क्रिस्पी न हो जाएं। इस तरह व्रत के दौरान फलाहार के लिए टेस्टी साबूदाना रिंग्स को बनाकर खाया जा सकता है।
    सामग्री
    साबूदाना-1 कप, उबले आलू-1 कप, अदरक कद्दूकस-1 टेबलस्पून, हरी मिर्च कटी-1-2 टी स्पून, हरा धनिया-2 टेबलस्पून, भुने मूंगफली दाने कुटे-1/2 कप, प्रोटीन पाउडर (या बेसन)-2 टेबलस्पून (वैकल्पिक), नींबू रस -1 टी स्पून, जीरा-1/2 टी स्पून, तेल-तलने के लिए, काला नमक-स्वादानुसार

  • घर पर ऐसे दें आईब्रो को शेप चार टिप्स से मिलेगा बेस्ट लुक

    घर पर ऐसे दें आईब्रो को शेप चार टिप्स से मिलेगा बेस्ट लुक

    कई बार बिजी शेड्यूल के चलते लोगों को पार्लर जाने का टाइम नहीं मिल पाता है। वहीं आइब्रो ग्रोथ के कारण चेहरे का लुक भी खराब लगने लगता है। ऐसे में अगर आप चाहें तो कुछ बातों को ध्यान में रखकर घर पर खुद से आइब्रो को बेस्ट शेप दे सकते हैं। घर पर आइब्रो की थ्रेडिंग करना काफी आसान काम होता है। ऐसे में कुछ टिप्स एंड ट्रिक्स फॉलो करके आप पार्लर गए बिना भी आइब्रो को परफेक्ट शेप दे सकते हैं। तो आइए जानते हैं आइब्रो थ्रेडिंग के कुछ ईजी तरीके, जिसकी मदद से आप घर बैठे बेस्ट लुक कैरी कर सकती हैं।
    एक्सपीरियंस है जरूरी : घर पर आइब्रो थ्रेडिंग करने के लिए प्रॉपर एक्सपीरियंस होना जरूरी है। वहीं अनुभव ना होने पर थ्रेडिंग के दौरान आपके हाथ कांप सकते हैं। जिससे आपकी आइब्रो का शेप भी खराब हो जाता है। इसलिए थ्रेडिंग करने का तजुर्बा होने के बाद ही आइब्रो को शेप देना बेहतर रहता है। इसके लिए आप घर पर प्रैक्टिस करती रहें तो बेहतर होगा।
    थ्रेड की वैरायटी : घर पर आइब्रो की थ्रेडिंग करने के लिए मार्किट में कई क्वालिटी के थ्रेड मौजूद रहते हैं। ऐसे में कुछ लोग जानकारी के अभाव में मोटा धागा खरीद लाते हैं। जिससे आपको आइब्रो बनाने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए आइब्रो थ्रेडिंग करने के लिए पतला धागा खरीदना बेस्ट आॅप्शन होता है। इससे आइब्रो के बाल आसानी से रिमूव हो जाते हैं।
    बालों की ग्रोथ चेक करें : आइब्रो थ्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले बालों की ग्रोथ चेक कर लें। अब जिस दिशा में बालों की ग्रोथ हो उसी दिशा में थ्रेडिंग करें। इससे आइब्रो के बाल आसानी से निकल जाएंगे और आपको शेप देने में भी काफी मदद मिलेगी।
    सावधानी बरतना ना भूलें : आइब्रो को शेप देने के लिए मार्किट में थ्रेडिंग के अलावा वैक्सिंग और ट्वीजिंग जैसे कई तरीके मौजूद हैं। मगर थ्रेडिंग के जरिए आइब्रो के बाल रिमूव करना काफी पुराना फॉमूर्ला है। बेशक घर पर आइब्रो की थ्रेडिंग करना काफी आसान होता है। मगर कुछ लोग अक्सर ओवर कॉन्फीडेंस में आइब्रो का शेप खराब कर लेते हैं। इसलिए आइब्रो की थ्रेडिंग करते समय खास सावधानी बरतना ना भूलें।