श्रेणी: Jharkhand

  • बाइक सवार की मदद करते समय सब्जी लदा पिकअप पलट गया, फिर…

    बाइक सवार की मदद करते समय सब्जी लदा पिकअप पलट गया, फिर…

    गिरिडीह में सब्जी लदा पिकअप वाहन हुआ पलट

    गिरिडीह: गिरिडीह-पचंबा मुख्य मार्ग पर अंबेडकर चौक के निकट देर रात एक सब्जी लदा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना बाइक सवार को बचाने के प्रयास में हुई। चालक इस हादसे में पूरी तरह से सुरक्षित बच गया, लेकिन वाहन में लदी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया।

    बाइक सवार को बचाने में हुआ हादसा

    जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन टाटा से सब्जियां लादकर गिरिडीह होते हुए बेगूसराय की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन अंबेडकर चौक के पास पहुंचा, अचानक सामने से एक बाइक सवार आ गया। चालक ने बाइक सवार को बचाने के लिए तुरंत वाहन को मोड़ दिया, जिससे पिकअप का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।

    सड़क पर सब्जियां बिखरी, यातायात प्रभावित

    पिकअप पलटने के बाद उसमें लदी सब्जियां सड़क पर फैल गईं, जिससे मुख्य मार्ग कुछ समय के लिए पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। यह हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। हालांकि, रात का समय होने के कारण सड़क पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    स्थानीय लोगों ने बढ़ाया सहयोग

    घटना के बाद आसपास मौजूद दुकानदार और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और सब्जियों को सड़क से हटाने में मदद की। स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति को संभाला गया और रास्ता साफ करने का कार्य शुरू किया गया।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया

    सूचना मिलने पर नगर थाना की पेट्रोलिंग टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने चालक से पूछताछ की और स्थानीय लोगों की सहायता से पिकअप वाहन को सड़क किनारे हटवाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।

    चालक सुरक्षित, नुकसान का आकलन जारी

    इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, सब्जियों को नुकसान पहुंचा है और वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ है। पुलिस इस मामले की जानकारी जुटा रही है।

  • झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 7 इंजीनियरों का ट्रांसफर

    झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 7 इंजीनियरों का ट्रांसफर

    झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग में प्रशासनिक बदलाव

    झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग में हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत, विभाग के अंतर्गत सात इंजीनियरों का ट्रांसफर और नई पोस्टिंग की गई है। यह कदम विभाग के कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    नए पदस्थापनों की सूची

    इस फेरबदल में कई अधीक्षण और कार्यपालक अभियंताओं को नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। इन अभियंताओं के स्थानांतरण से विभाग के विभिन्न कार्यों में सुधार की उम्मीद की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर ये परिवर्तन विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

    फेरबदल का उद्देश्य

    ट्रांसफर और पोस्टिंग का यह निर्णय विभाग की योजनाओं और कार्यों की गति को तेज करने के लिए लिया गया है। इससे न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि अभियंताओं के बीच अनुभव का आदान-प्रदान भी होगा, जो कि विभाग के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

    प्रभावित अभियंताओं की जानकारी

    विभाग के अधिकारियों द्वारा जारी की गई सूची में उन अभियंताओं के नाम शामिल हैं, जिन्हें नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इन परिवर्तनों से विभाग की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    इन परिवर्तनों के साथ, झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यों की अधिकतम दक्षता और प्रभावशीलता की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है।

  • चैत्र नवरात्रि का नवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती की जानकारी लें।

    चैत्र नवरात्रि का नवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती की जानकारी लें।

    फीचर डेस्क: चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन, जिसे महानवमी कहा जाता है, मां सिद्धिदात्री की पूजा का महत्व विशेष होता है। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होने का विश्वास है।

    महानवमी पर कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है, जहां छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें भोजन व उपहार देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है।

    मां सिद्धिदात्री का स्वरूप और महिमा

    मां सिद्धिदात्री को सिद्धियों की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वे अपने भक्तों को ज्ञान, शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद देती हैं। माता का रूप अत्यंत शांत और दिव्य होता है।

    मां सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान होती हैं और उनकी चार भुजाएं होती हैं। उनके हाथों में शंख, चक्र और कमल सुशोभित होते हैं। लाल वस्त्र धारण करने वाली मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं।

    महानवमी पूजा विधि

    महानवमी के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को शुद्ध करें। इसके बाद मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें।

    पूजा के दौरान निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

    • मां को लाल पुष्प, अक्षत और चंदन अर्पित करें।
    • धूप-दीप जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें।
    • मां को उनके प्रिय भोग अर्पित करें।
    • दुर्गा सप्तशती या सिद्धिदात्री मंत्र का पाठ करें।
    • अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।

    इसके बाद कन्या पूजन कर उन्हें भोजन और दक्षिणा देकर विदा करना शुभ माना जाता है।

    मां सिद्धिदात्री का प्रिय भोग

    नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग अर्पित किया जाता है। इस दिन हलवा, काले चने, पूड़ी, खीर और नारियल का भोग अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

    इन्हीं प्रसादों को कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को खिलाया जाता है। मान्यता है कि इससे मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

    मां सिद्धिदात्री मंत्र

    मां सिद्धिदात्री की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है:

    ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः।

    इस मंत्र का श्रद्धा पूर्वक जाप करने से सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • भारतीय रेलवे: रिश्वत मामले के बाद श्रेया सिंह ने शुचि सिंह की जगह ली सीनियर डीसीएम पद

    भारतीय रेलवे: रिश्वत मामले के बाद श्रेया सिंह ने शुचि सिंह की जगह ली सीनियर डीसीएम पद

    रांची रेलवे में प्रशासनिक फेरबदल

    झारखंड की राजधानी रांची में रेलवे प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। वरिष्ठ डिप्टी कमर्शियल मैनेजर (DCM) शुचि सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। इस निर्णय के पीछे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई कार्रवाई को माना जा रहा है। नए सीनियर DCM के रूप में श्रेया सिंह की नियुक्ति की गई है, जो इस क्षेत्र में अपने अनुभव और क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं।

    सीबीआई की कार्रवाई का प्रभाव

    सीबीआई द्वारा की गई जांच और कार्रवाई के बाद यह प्रशासनिक बदलाव किया गया। रेलवे के भीतर चल रही गतिविधियों और संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से रेलवे प्रशासन में सुधार होगा और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

    श्रेया सिंह की प्रोफाइल

    नव नियुक्त सीनियर DCM श्रेया सिंह ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे अपने कार्यकाल के दौरान अपनी उत्कृष्टता के लिए पहचान बना चुकी हैं। अब उन्हें उम्मीद है कि वे रेलवे के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने में सफल होंगी।

    भविष्य की दिशा

    इस बदलाव के बाद रेलवे प्रशासन की गतिविधियों में नए दृष्टिकोण और रणनीतियों की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम रेलवे के विकास के लिए सकारात्मक साबित होगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि श्रेया सिंह अपने नए पद पर किस प्रकार के सुधार लेकर आती हैं।

  • झारखंड में अंबा प्रसाद का बयान: डीजीपी का नाम ‘हताशा मिश्रा’ होना चाहिए

    झारखंड में अंबा प्रसाद का बयान: डीजीपी का नाम ‘हताशा मिश्रा’ होना चाहिए

    झारखंड में कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद की टिप्पणी

    रांची, 26 मार्च: बड़कागांव की पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने झारखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने डीजीपी तदाशा मिश्रा के सेवानिवृत्ति के बाद भी पद पर बने रहने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उनका नाम ‘तदाशा’ नहीं, बल्कि ‘हताशा मिश्रा’ होना चाहिए।

    पुलिस की स्थिति पर सवाल

    अंबा प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पुलिस की मुखिया का पद अब केवल दिखावे के लिए है। रिटायरमेंट के बाद डीजीपी की नियुक्ति ने जनता का पुलिस पर विश्वास पूरी तरह से हिला दिया है। अपराधियों का मनोबल उच्च स्तर पर है, जबकि व्यवसायी बेहद डरे हुए हैं।”

    पुलिस हेल्पलाइन की विफलता

    उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 100 का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग सौ बार कॉल करने के बाद भी फोन नहीं उठाते थे। अब नया नंबर 112 भी स्थिति में कोई सुधार नहीं ला सका। उन्होंने बड़कागांव में एक बच्ची के गायब होने और हजारीबाग में एक किशोरी से दुष्कर्म के मामलों का उदाहरण देते हुए पुलिस की निष्क्रियता पर कटाक्ष किया।

    अपराध की बढ़ती घटनाएं

    अंबा प्रसाद ने कहा कि पहले गुमला हत्या के मामलों में आगे था, लेकिन अब रांची अपराध की राजधानी बन चुकी है। इस पर उन्होंने राजनीतिक तंज करते हुए कहा कि सरकार के पास रिमोट तो है, लेकिन इसकी बैटरी अमित शाह के पास है। उन्होंने इसे “स्पॉन्सर सरकार” करार दिया।

    अपराधियों के संरक्षण का आरोप

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपराधी फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भाग रहे हैं और ड्रग्स का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जो कि पुलिस के संरक्षण में हो रहा है।

    डीजीपी तदाशा मिश्रा का विवाद

    तदाशा मिश्रा, जो 1994 बैच की IPS अधिकारी हैं, झारखंड की पहली महिला डीजीपी हैं। उनकी नियुक्ति और रिटायरमेंट (31 दिसंबर 2025) के बाद सेवा विस्तार को लेकर यूपीएससी ने आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार और केंद्र के बीच लंबा विवाद चल रहा है। अंबा प्रसाद का यह बयान उस समय आया है जब झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। उन्होंने अपनी ही गठबंधन सरकार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाकर राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

    राज्य सरकार से मांग

    अंबा प्रसाद ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, अन्यथा जनता का विश्वास पूरी तरह से टूट जाएगा।

  • पंडरा फायरिंग मामले में भाजपा नेता के भाई सहित चार गिरफ्तार, हथियार बरामद।

    पंडरा फायरिंग मामले में भाजपा नेता के भाई सहित चार गिरफ्तार, हथियार बरामद।

    पंडरा ओपी क्षेत्र में बच्चों के विवाद ने लिया गंभीर मोड़

    रांची: पंडरा ओपी इलाके में बच्चों के बीच हुई एक मामूली झगड़ा अचानक बड़ा विवाद बन गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने रायफल से फायरिंग की और पत्थरबाजी की। इसके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी पत्थरबाजी की। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और लोग भय के कारण अपने घरों में बंद हो गए।

    गुरुवार सुबह हुआ विवाद

    यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे की है। शुरुआत में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों के बड़े लोग भी विवाद में शामिल हो गए। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया और फिर फायरिंग शुरू हो गई।

    फायरिंग और पत्थरबाजी से फैली दहशत

    एक वीडियो में देखा गया कि एक पक्ष ने रायफल से गोली चलाई और पत्थरबाजी की। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी जवाबी पत्थरबाजी की। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना दिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर लोग अपने घरों में छिप गए।

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

    घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी पारस राणा, कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए, सुखदेवनगर थाना और पंडरा ओपी की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाते हुए मामले की जांच आरंभ की।

    आरोपी को पकड़कर हथियार जब्त

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी उदय शंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया और फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच होगी।

    इलाके में पुलिस तैनात, शांति बनाए रखने की अपील

    घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि कोई फिर से तनाव फैलाने की कोशिश न कर सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है।

  • चाईबासा: मंत्री दीपिका पांडेय ने कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया

    चाईबासा: मंत्री दीपिका पांडेय ने कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया

    चाईबासा में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का दौरा

    चाईबासा : झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गुरुवार को चाईबासा का दौरा किया। इस अवसर पर जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकू और पश्चिमी सिंहभूम जिला के उपायुक्त चंदन कुमार ने उनका स्वागत किया। ज्ञात हो कि 22 मार्च से 31 मार्च तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का झारखंड-ओडिशा राज्य के कांग्रेस जिलाध्यक्षों का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें मंत्री ने भाग लिया।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण नेता शामिल होंगे

    31 मार्च को इस कार्यक्रम के समापन के अवसर पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तथा अन्य कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे। इस कड़ी में गुरुवार को मंत्री दीपिका सिंह पांडे के साथ झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो के अलावा प्रबंधन टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। इनमें युवा कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन सौरभ अग्रवाल, कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सवैयां, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर दास और संजय कुमार शामिल हैं।

    कांग्रेस को मजबूती देने का आश्वासन

    मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के आगमन से कांग्रेस पार्टी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में उन्हें मनरेगा और पेसा कानून के बारे में जानकारी देने का अवसर मिला है। मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड में ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ के तहत ट्राइबल क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। लोगों की मांग पर ही पेसा कानून राज्य में लागू हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी लाभ होगा।

  • चाईबासा में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ, झारखंड-ओडिशा के जिलाध्यक्ष सक्रिय

    चाईबासा में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ, झारखंड-ओडिशा के जिलाध्यक्ष सक्रिय

    झारखंड में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान

    सिमडेगा: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे ‘संगठन सृजन अभियान’ के अंतर्गत झारखंड और ओडिशा के जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के लिए एक 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम) में 22 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है। यह प्रशिक्षण शिविर 31 मार्च 2026 तक चलेगा।

    भूषण बाड़ा का सक्रिय सहभागिता

    इस शिविर में सिमडेगा के विधायक और कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उन्होंने आम जनता से संवाद करने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया है। भूषण बाड़ा, सामान्य नागरिकों की तरह मैजिक वाहन में सवार होकर विभिन्न गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उनके इस सरल और जमीनी जुड़ाव को स्थानीय लोगों ने काफी सराहा।

    शिविर का उद्देश्य और प्रशिक्षण

    भूषण बाड़ा ने शिविर के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और आम जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। उनका कहना है कि पार्टी की पकड़ गांव-गांव तक मजबूत करना हमारा मुख्य लक्ष्य है।

    इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, नेतृत्व विकास, जमीनी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने, और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रशिक्षण प्रदान करना है।

    विशेष प्रशिक्षण और फील्ड विजिट

    शिविर के दौरान जिला अध्यक्षों को पार्टी के इतिहास, संगठन विस्तार की रणनीतियों और जनसंपर्क के तरीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दो दिनों के फील्ड विजिट भी शामिल हैं, जहां वे स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधे संवाद करेंगे।

    समापन समारोह में राहुल गांधी की संभावित उपस्थिति

    31 मार्च को शिविर के समापन के अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य राष्ट्रीय नेताओं के भी आने का उल्लेख है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो रहा है।

    शिविर का आयोजन स्थान

    यह प्रशिक्षण शिविर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (TRTC) चाईबासा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें झारखंड के लगभग 25 और ओडिशा के करीब 35 जिला अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह शिविर पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • जामताड़ा प्रशासन अलर्ट मोड में, रामनवमी से पहले DC-SP का फ्लैग मार्च

    जामताड़ा प्रशासन अलर्ट मोड में, रामनवमी से पहले DC-SP का फ्लैग मार्च

    जामताड़ा में रामनवमी पर्व की तैयारी

    जामतारा : रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जामताड़ा प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। उपायुक्त रवि आनंद और पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता के नेतृत्व में शहर में सशस्त्र पुलिस बलों के साथ फ्लैग मार्च आयोजित किया गया। यह मार्च जिला नियंत्रण कक्ष से शुरू होकर गांधी चौक, सुभाष चौक, वीर कुंवर सिंह चौक, जामताड़ा बाजार, इंदिरा चौक और बस स्टैंड होते हुए यज्ञ मैदान तक पहुंचा। प्रशासन की सक्रियता से लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा। इस मार्च में अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लागोरी, पुलिस उपाधीक्षक और नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हुए।

    प्रशासन की सतर्कता

    डीसी रवि आनंद ने कहा कि जिला प्रशासन रामनवमी के पर्व को बिना किसी बाधा के मनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने जिलेवासियों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे और शांति के साथ पर्व मनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। एसपी राजकुमार मेहता ने फ्लैग मार्च के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य लोगों में सुरक्षा का विश्वास स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और सभी को बिना किसी डर के त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया।

    फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया और लोगों में सुरक्षा का विश्वास जगाने का प्रयास किया। प्रशासन का कहना है कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि रामनवमी पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।

  • झारखंड में सर्पदंश को अधिसूचित रोग घोषित, रिपोर्टिंग अब अनिवार्य

    झारखंड में सर्पदंश को अधिसूचित रोग घोषित, रिपोर्टिंग अब अनिवार्य

    झारखंड सरकार का सर्पदंश रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम

    रांची: झारखंड सरकार ने सर्पदंश से होने वाली बढ़ती मौतों पर नियंत्रण पाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य में सर्पदंश को अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, अब हर सर्पदंश के मामले और उससे होने वाली मौत की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।

    रिपोर्टिंग की अनिवार्यता

    विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, जिनमें मेडिकल कॉलेज, कॉर्पोरेट अस्पताल, रेलवे, आर्मी और आयुष संस्थान शामिल हैं, को सर्पदंश के हर मामले की जानकारी प्रदान करनी होगी। रिपोर्टिंग में चूक करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

    सर्पदंश से होने वाली उच्च मृत्यु दर

    सरकार का यह निर्णय भारत में सर्पदंश से होने वाली उच्च मृत्यु दर को मद्देनजर रखते हुए लिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 3 से 4 मिलियन सर्पदंश के मामले सामने आते हैं, जिनमें लगभग 58 हजार लोग अपनी जान गवा देते हैं। झारखंड में मानसून और उमस भरे मौसम में ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जाती है।

    आंकड़ों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया

    स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि सभी संस्थानों को सर्पदंश से संबंधित आंकड़े आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में एक अलग पंजी भी संधारित करना होगा और हर महीने की 5 और 20 तारीख तक रिपोर्ट सिविल सर्जन को भेजनी होगी। इसके बाद, जिला स्तर से समेकित रिपोर्ट हर महीने की 10 तारीख तक विभाग को भेजी जाएगी।

    स्नेक बाइट प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोग्राम

    राज्य में पहले से ही ‘स्नेक बाइट प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोग्राम’ चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही, झाड़-फूंक जैसी कुरीतियों को रोकने और लोगों को आधुनिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

    नीतिगत निर्णय और आंकड़ों का महत्व

    स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने निर्देशित किया है कि नेशनल स्नेकबाइट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा के आधार पर ही प्रभावी नीतियां बनाई जा सकेंगी, जिससे भविष्य में सर्पदंश से होने वाली मौतों और विकलांगताओं को कम किया जा सकेगा।

  • रुपये देकर रूस में नौकरी का वादा; पलामू के युवाओं से ठगे 6.25 लाख रुपये, एक Arrest.

    रुपये देकर रूस में नौकरी का वादा; पलामू के युवाओं से ठगे 6.25 लाख रुपये, एक Arrest.

    रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, पलामू के युवाओं से ठगे 6.25 लाख रुपये

    झारखंड के पलामू जिले में युवाओं को रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6.25 लाख रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया है और जांच शुरू कर दी है। ठग ने युवाओं को आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव दिए थे, जिसके बदले में उसने पैसे की मांग की थी।

    ठगी का तरीका

    आरोपी ने युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया। उसने पहले एक आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव दिया और फिर आवश्यक दस्तावेजों के लिए पैसे मांगने लगा। युवाओं ने उसकी बातों पर विश्वास कर पैसे ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने मामले की शिकायत की।

    पुलिस की कार्रवाई

    पलामू पुलिस ने ठगी की शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह ठगी का एक संगठित मामला है और जांच जारी है। पुलिस ने सभी पीड़ितों को आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

    जागरूकता की आवश्यकता

    इस घटना ने युवाओं के बीच रोजगार के मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। पुलिस और अन्य संस्थानों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे किसी भी नौकरी के प्रस्ताव पर जल्दी विश्वास न करें और हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।

  • अम्बा प्रसाद ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कहा, डीजीपी ‘जनता की हताशा’ हैं

    अम्बा प्रसाद ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कहा, डीजीपी ‘जनता की हताशा’ हैं

    झारखंड में कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

    रांची: झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने राज्य पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस अपने मूल कर्तव्यों से भटक गई है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

    अपराध की घटनाओं में वृद्धि

    अम्बा प्रसाद ने आरोप लगाया कि झारखंड में चोरी, डकैती, लूट और दुष्कर्म जैसी घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल व्याप्त है। उन्होंने राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा पर सीधे निशाने साधते हुए कहा कि वह “भाड़े की कुर्सी पर” बैठी हैं और अब रिटायर हो चुकी हैं। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि सरकार में होने के बावजूद हमें गलतियों पर चुप नहीं रहना चाहिए।

    राजनीतिक गठबंधन पर टिप्पणी

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में अम्बा प्रसाद ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा असम में अकेले चुनाव लड़ने के निर्णय पर भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे “एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर” की संज्ञा देते हुए कहा कि झारखंड में कांग्रेस के साथ गठबंधन है, जबकि बाहर किसी और को समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है और वह जनता की सेवक हैं।

    सत्ताधारी गठबंधन में मतभेद

    यह बयान झारखंड की सत्ताधारी गठबंधन सरकार के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर से उजागर करता है, विशेषकर कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के मुद्दों पर। अम्बा प्रसाद का यह बयान सरकार के भीतर के असंतोष को दर्शाता है, जो आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

  • जमशेदपुर समाचार: एमजीएम अस्पताल में होमगार्डों की गुंडागर्दी, मरीज के साथ बदसलूकी की।

    जमशेदपुर समाचार: एमजीएम अस्पताल में होमगार्डों की गुंडागर्दी, मरीज के साथ बदसलूकी की।

    जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल में होमगार्डों की गुंडागर्दी

    जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में हाल ही में होमगार्डों द्वारा एक मरीज के साथ बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। इस घटना में एक ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अस्पताल में पहले से ही सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

    घटना का विवरण

    जानकारी के अनुसार, एमजीएम अस्पताल में एक मरीज के इलाज के दौरान होमगार्डों ने उसके ड्राइवर के साथ मारपीट की। इस घटना के कारण ड्राइवर का सिर फट गया और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी। witnesses के अनुसार, होमगार्डों ने बिना किसी कारण के ड्राइवर पर हमला किया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

    स्थानीय प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कई लोगों ने कहा है कि इस प्रकार की घटनाएँ अस्पताल के वातावरण को असुरक्षित बना रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अस्पताल में ऐसी गुंडागर्दी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

    अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया

    अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना पर चिंता जताई है और कहा है कि वे घटना की जांच करेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ न हों। अस्पताल की तरफ से सुरक्षा के इंतजामों को और मजबूत करने का आश्वासन दिया गया है।

    जमशेदपुर में हो रही इस तरह की घटनाएँ न केवल स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय हैं, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।

  • जमशेदपुर अपराध समाचार: बिरसानगर में महिला से चेन लूट, बदमाश अभी तक फरार; पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    जमशेदपुर अपराध समाचार: बिरसानगर में महिला से चेन लूट, बदमाश अभी तक फरार; पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    जमशेदपुर में महिला से चेन छिनतई की घटना

    झारखंड के जमशेदपुर जिले के बिरसानगर क्षेत्र में एक महिला से चेन छिनने की घटना सामने आई है। स्थानीय निवासी रजनी उपाध्याय, जो शिव मंदिर के पास रहती हैं, पर यह हमला हुआ। बदमाशों ने रजनी के गले से सोने की चेन छीन ली, जिसके बाद वह तुरंत मदद की तलाश में दौड़ीं।

    घटना का विवरण

    घटना की जानकारी के अनुसार, रजनी उपाध्याय अपने घर के पास थीं जब दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला किया। यह घटना उस समय हुई जब वह घर से बाहर थीं। चेन छिनने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए, जिससे रजनी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    स्थानीय पुलिस की कार्रवाई

    इस घटना के बाद, स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने का निर्णय लिया है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत हैं।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    बिरसानगर क्षेत्र के निवासी इस घटना से भयभीत हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे क्षेत्र में गश्त बढ़ाएं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    निष्कर्ष

    यह घटना झारखंड के जमशेदपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। स्थानीय प्रशासन को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • बंद घर में ताला तोड़कर चोरी, चोरों ने 2 लाख का सामान चुराया

    बंद घर में ताला तोड़कर चोरी, चोरों ने 2 लाख का सामान चुराया

    धनबाद में चोरों ने किया बड़ा चोरी का मामला

    धनबाद: धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित तपोवन कॉलोनी में चोरों ने एक खाली घर को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोरों ने घर से लगभग 2 लाख रुपये मूल्य के सामान चुरा लिए। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

    परिवार वेल्लोर में इलाज के लिए गया था

    जानकारी के अनुसार, तपोवन कॉलोनी के निवासी सुदेश दुबे अपने परिवार के साथ लगभग एक सप्ताह पहले वेल्लोर में इलाज के लिए गए थे। इसी दौरान चोरों ने उनके सूने घर को अपना लक्ष्य बनाया और चोरी की घटना को अंजाम दिया।

    सुबह दरवाजा टूटा देख खुला मामला

    गुरुवार की सुबह जब स्थानीय लोगों ने घर का मुख्य दरवाजा टूटा और अंदर सामान बिखरा हुआ देखा, तब उन्हें चोरी की घटना की जानकारी हुई। इसके बाद तुरंत सरायढेला थाना पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

    सोना-चांदी के साथ अन्य कीमती सामान चोरी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोर घर से दस चांदी के सिक्के, चांदी का पायल, चांदी का नोट, एक सोने की अंगूठी, एलईडी टीवी, महंगी साड़ियां और कुछ नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी जा रही है।

    चोरी की योजना बनाने की आशंका

    पड़ोसियों का कहना है कि रात के समय किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने पहले से पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है

    घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय निवासी राजकुमार ने सुदेश दुबे को फोन कर सूचना दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। परिवार के लौटने के बाद चोरी गए सामान की पूरी सूची और सही मूल्य का आकलन किया जाएगा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है।

  • पलामू में आवासीय स्कूल से चार नाबालिगों की फरारी, पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बचाया

    पलामू में आवासीय स्कूल से चार नाबालिगों की फरारी, पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बचाया

    पलामू में नाबालिग छात्रों का अपहरण: पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू

    पलामू: पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी आवासीय विद्यालय से चार नाबालिग छात्र-छात्राएं लापता हो गए थे। सभी बच्चे देर रात स्कूल से बाहर निकलकर अपने घर की ओर पैदल जा रहे थे। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की सजगता और पुलिस की तत्परता से सभी बच्चे सुरक्षित बरामद कर लिए गए।

    छात्र-छात्राएं स्कूल से निकले

    यह घटना ज्ञान गंगा आवासीय स्कूल की है, जहां पढ़ने वाले दो लड़के और दो लड़कियां बुधवार रात चुपचाप स्कूल परिसर से निकल गए। चारों बच्चे अपने गांव की ओर पैदल जा रहे थे।

    ग्रामीणों ने सूचित किया, पुलिस ने बचाया

    रास्ते में कुछ ग्रामीणों ने चारों बच्चों को संदिग्ध अवस्था में देखा और तुरंत तरहसी थाना को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आनंद राम के नेतृत्व में पुलिस ने सक्रियता दिखाई और सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया।

    गांव की दूरी और नक्सल प्रभावित क्षेत्र

    पुलिस के अनुसार, चारों बच्चों में दो जोड़ी भाई-बहन शामिल हैं। एक जोड़ी का संबंध मनातू थाना क्षेत्र के मझौली गांव से है, जबकि दूसरी डुमरी क्षेत्र की है। दोनों गांव स्कूल से करीब 35 किलोमीटर दूर हैं और यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित तथा जंगलों से घिरा हुआ है। समय पर बच्चों का मिलना एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

    घर जाने की थी इच्छा

    एसपी रीष्मा रमेशन ने मीडिया को बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों का रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे अपने घर जाने के लिए निकले थे। थाना प्रभारी आनंद राम ने पुष्टि की कि बच्चों को पैदल जाते देखा गया था और उन्हें सुरक्षित वापस लाया गया।

    स्कूल प्रबंधन की लापरवाही उजागर

    इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। ज्ञात हुआ है कि विद्यालय में लगभग 20 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन वहां नाइट गार्ड की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, बच्चों के फरार होने की सूचना भी स्कूल द्वारा तत्काल पुलिस को नहीं दी गई।

    जांच प्रक्रिया जारी

    पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है।

  • पिठोरिया बिजली ग्रिड लूटकांड: रांची पुलिस ने छह अपराधियों को गिरफ्तार किया, नकदी और सामान बरामद।

    पिठोरिया बिजली ग्रिड लूटकांड: रांची पुलिस ने छह अपराधियों को गिरफ्तार किया, नकदी और सामान बरामद।

    रांची : पिठोरिया थाना क्षेत्र के सत कनादू गांव में स्थित बिजली ग्रिड में हुई लूट के मामले में रांची पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में लगभग छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, लूटे गए तांबे के तार और नगद राशि भी बरामद की गई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    सोमवार रात हुई लूट की वारदात

    जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने सोमवार रात को पिठोरिया थाना क्षेत्र के सत कनादू गांव के बिजली सब स्टेशन में घुसकर बड़ी लूट को अंजाम दिया। चोरों ने एसएसटी 33/4 केवी ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया और लगभग 1000 किलोग्राम तांबे को निकालकर फरार हो गए।

    लूटे गए तांबे की अनुमानित कीमत

    पुलिस और विभागीय सूत्रों के मुताबिक, लूटे गए तांबे की कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। घटना के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में तांबा लूटना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है।

    जांच में शामिल तकनीकी टीम और डॉग स्क्वायड

    घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस ने जांच को तेज कर दिया। मामले में तकनीकी टीम की सहायता ली गई थी। इसके साथ ही, अपराधियों के सुराग पाने के लिए डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। इस टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सहायता मिली।

    सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी

    पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की समीक्षा की। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया गया कि लूट के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में तांबे को निकालकर ले जाना आसान नहीं था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और अंततः आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस की आगे की कार्रवाई

    सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि लूटे गए तांबे को कहां बेचा जाना था और इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं। पुलिस को संदेह है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और लूट के सामान की पूरी बरामदगी के लिए अभियान जारी है।

  • उप-राष्ट्रपति की झारखंड यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत, रांची और खूंटी में 22 डीएसपी तैनात

    उप-राष्ट्रपति की झारखंड यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत, रांची और खूंटी में 22 डीएसपी तैनात

    रांची : उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का 28 मार्च को रांची और खूंटी जिले का दौरा सुनिश्चित करने के लिए झारखंड पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों को तेज कर दिया है। उप-राष्ट्रपति के आगमन के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए राज्य पुलिस सेवा के 22 अधिकारियों को रांची और खूंटी में तैनात किया गया है। यह निर्णय रांची प्रक्षेत्र के एडीजी के अनुरोध पर लिया गया है, और प्रतिनियुक्ति का आदेश आईजी (मानवाधिकार), झारखंड, रांची द्वारा जारी किया गया है।

    रांची जिले में विशेष पुलिस तैनाती

    रांची जिले में उप-राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए कुल 12 पुलिस अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर तैनात किया गया है। ये अधिकारी 26 मार्च 2026 के अपराह्न से लेकर उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक रांची में सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंधन करेंगे।

    रांची जिले में तैनात अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

    क्रम संख्या नाम पदनाम स्थान/जिला अवधि/तैनाती
    1 अभिषेक कुमार वरीय डीएसपी, विशेष शाखा (एसआईबी) झारखण्ड, राँची 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    2 समीर कुमार तिर्की वरीय डीएसपी (मुख्यालय) लोहरदगा 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    3 नूर मुस्तफा अंसारी डीएसपी, झा.स.पु.-01 राँची जिला 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    4 संतोष कुमार मिश्रा डीएसपी, विशेष शाखा झारखण्ड, राँची 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    5 साजिद जफर डीएसपी, एसआईएसएफ बोकारो 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    6 सुजीत राय डीएसपी, सीटीसी स्वासपुर, मुसाबनी 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    7 प्रदीप उराँव डीएसपी (मुख्यालय) सरायकेला-खरसावाँ 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    8 संजीव कुमार मिश्रा डीएसपी (मुख्यालय) लातेहार 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    9 फौजान अहमद परीक्ष्यमान डीएसपी रामगढ़ 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक
    10 सुनील कुमार सिंह परीक्ष्यमान डीएसपी धनबाद 26.03.2026 के अपराह्न से उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम समाप्ति तक

    खूंटी जिले के लिए सुरक्षा प्रबंध

    खूंटी जिले में भी उप-राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए सुरक्षा को और सुदृढ़ किया गया है। यहां 12 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिनका ड्यूटी पर रहने का निर्देश 25 मार्च के पूर्वाह्न से कार्यक्रम समाप्ति तक दिया गया है।

    खूंटी जिले में तैनात अधिकारियों में शामिल हैं:

    • रामजी महतो
    • हिमांशु चन्द्र मांझी
    • डेविड ए. ढोढ़राय
    • राजेश कुमार
    • विरेन्द्र टोप्पो
    • शंकर कामती
    • इकुड डुंगडुंग
    • वेंकटेश कुमार
    • कुमार विनोद

    पुलिस अधिकारियों के लिए रिपोर्टिंग निर्देश

    पुलिस मुख्यालय ने सभी तैनात अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने नाम के सामने अंकित तिथि पर संबंधित जिले के एसएसपी या एसपी को रिपोर्ट करें। यदि कोई अधिकारी अवकाश पर हो या अन्य कार्य में व्यस्त हो, तो उनके पर्यवेक्षक को उनके स्थान पर दूसरा अधिकारी भेजना अनिवार्य होगा।

    सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी

    उप-राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर रांची और खूंटी दोनों जिलों में पुलिस की निगरानी को सख्त किया गया है। कार्यक्रम स्थल, रूट सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर प्रशासन पूरी तरह से सजग है। पहले से तैनात पुलिस अधिकारियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दौरे के दौरान किसी भी स्थिति का त्वरित समाधान किया जा सके।

  • कोडरमा में ऑटो दुर्घटना, मुंबई से लौटते समय 5 प्रवासी मजदूर घायल, एक की स्थिति गंभीर

    कोडरमा में ऑटो दुर्घटना, मुंबई से लौटते समय 5 प्रवासी मजदूर घायल, एक की स्थिति गंभीर

    कोडरमा में ऑटो पलटने से पांच प्रवासी मजदूर घायल

    कोडरमा: कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र में ढाब-पांडेयबारा रोड पर गुरुवार की सुबह एक ऑटो पलटने से पांच प्रवासी श्रमिक घायल हो गए। इनमें से एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

    हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 5 बजे घटित हुई। सभी श्रमिक मुंबई से ट्रेन द्वारा कोडरमा स्टेशन पहुंचे थे और अपने घर जाने के लिए एक ऑटो किराए पर लिया था।

    चालक का नियंत्रण खोना

    सूत्रों के अनुसार, जैसे ही ऑटो चंदवारा मस्जिद के निकट पहुंचा, चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। इसके परिणामस्वरूप ऑटो सड़क पर पलट गया, जिससे उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए।

    मौके पर अफरा-तफरी का माहौल

    ऑटो पलटने के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। इस दुर्घटना के बाद वहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय निवासियों ने तुरंत चंदवारा थाना पुलिस को सूचित किया और घायलों की सहायता की।

    पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा

    पुलिस सूचना मिलने के बाद तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, कोडरमा भेजा गया। अस्पताल में सभी का उपचार जारी है, और डॉक्टरों के अनुसार, एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है।

    घायलों का संबंध हजारीबाग से

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी घायल श्रमिक हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के निवासी हैं। वे मुंबई में काम कर रहे थे और अब अपने गांव लौट रहे थे।

  • नवरात्रि 2026 का आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा का महत्व, विधि, मंत्र और भोग जानें।

    नवरात्रि 2026 का आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा का महत्व, विधि, मंत्र और भोग जानें।

    फीचर डेस्क : नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना की जाती है। यह तिथि पवित्रता, साधना और आत्मशुद्धि का प्रतीक मानी जाती है। दुर्गा अष्टमी के रूप में प्रसिद्ध यह दिन भक्तों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन की गई पूजा से जीवन के कष्ट समाप्त होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

    मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और कल्याणकारी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी उपासना से पापों का क्षय होता है, साथ ही मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है।

    मां महागौरी का स्वरूप और विशेषताएं

    मां महागौरी का वर्ण अत्यंत गौर और उज्ज्वल है। उनकी कांति शंख, चंद्रमा और कुंद पुष्प के समान मानी जाती है। वे श्वेत वस्त्र और आभूषण धारण करती हैं, जो शुद्धता और सादगी का प्रतीक है। उनकी आयु आठ वर्ष की मानी जाती है, इसलिए उन्हें कई स्थानों पर बालरूप में भी पूजा जाता है।

    वे वृषभ (बैल) पर सवार रहती हैं और उनकी चार भुजाएं होती हैं। दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और त्रिशूल है, जबकि बाएं हाथ में डमरू और वर मुद्रा होती है। यह स्वरूप भक्तों को आशीर्वाद देने और भय का नाश करने का प्रतीक है।

    मां महागौरी की पौराणिक कथा

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इस तप के परिणामस्वरूप उनका शरीर काला पड़ गया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगाजल से उनका शुद्धिकरण किया, जिससे उनका शरीर अत्यंत गौर और तेजस्वी हो गया। इसी कारण उनका नाम महागौरी पड़ा।

    पूजा विधि

    नवरात्रि 2026 के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा विधि सरल और प्रभावशाली मानी जाती है। प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को शुद्ध करें। मां महागौरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर उन्हें सफेद पुष्प अर्पित करें। इसके बाद धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

    पूजा के दौरान “ॐ देवी महागौर्यै नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इस दिन ध्यान और साधना पर विशेष जोर दिया जाता है।

    मां महागौरी को अर्पित भोग

    दुर्गा अष्टमी के दिन मां महागौरी को सफेद रंग के भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। नारियल और सफेद मिठाइयों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन भोगों को अर्पित करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

    कन्या पूजन का महत्व

    नवरात्रि के आठवें दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है। यह परंपरा श्रद्धा, समर्पण और देवी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। कई स्थानों पर इस दिन अन्नपूर्णा स्वरूप की भी पूजा की जाती है।

    मां महागौरी की पूजा से प्राप्त फल

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की उपासना से सभी पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। उनकी कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कठिन कार्य भी सफल होते हैं। साधक को मानसिक शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

  • रांची में LPG कालाबाजारी का भंडाफोड़, छापेमारी में कई सिलेंडर और उपकरण बरामद

    रांची में LPG कालाबाजारी का भंडाफोड़, छापेमारी में कई सिलेंडर और उपकरण बरामद

    रांची जिले में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कार्रवाई

    रांची : रांची जिले में गैस सिलेंडरों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर प्रशासनिक दल ने एदलहातु क्षेत्र में एक घर पर छापा मारा, जहां घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण और रिफिलिंग की जा रही थी।

    छापेमारी के दौरान बरामद सामान

    यह छापेमारी रात लगभग 8:55 बजे की गई। मौके से कई गैस सिलेंडर और रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि एक व्यक्ति किराए पर लिए गए मकान में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों को छोटे सिलेंडरों में भरकर कालाबाजारी कर रहा था।

    • 14.2 किलो के 3 भरे और 2 खाली घरेलू गैस सिलेंडर (इंडेन)
    • 14.2 किलो का 1 भरा घरेलू गैस सिलेंडर (एचपी)
    • 5 किलो का 1 खाली छोटा सिलेंडर
    • 19.2 किलो के 2 खाली व्यावसायिक सिलेंडर (गो गैस)
    • गैस रिफिलिंग मशीन, रेगुलेटर और पाइप
    • डिजिटल वजन मापने की मशीन

    मौके पर सभी सामान की विस्तृत जप्ती सूची तैयार की गई। बरामद सिलिंडर और उपकरण संबंधित गैस एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं।

    सख्त कार्रवाई के लिए निर्देश

    डीसी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। संबंधित थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है।

    प्रशासन की सतर्कता

    जिले में इन दिनों घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी की शिकायतें बढ़ रही हैं। इसी संदर्भ में प्रशासन लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चला रहा है, ताकि कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

    जनता से अपील

    जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी स्थान पर गैस सिलिंडर की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या रिफिलिंग की जानकारी मिले, तो वे तुरंत प्रशासन या नजदीकी थाना को सूचित करें।