श्रेणी: Jharkhand

  • चाईबासा समाचार: निबंध प्रतियोगिता के जरिए “डायन प्रथा” पर जागरूकता फैलायी गई

    चाईबासा समाचार: निबंध प्रतियोगिता के जरिए “डायन प्रथा” पर जागरूकता फैलायी गई

    चाईबासा : किसी भी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। यदि स्कूली बच्चे इस मुद्दे के प्रति जागरूक होंगे, तो अगली पीढ़ी अपनी समझदारी का परिचय दे सकेगी। इसी उद्देश्य के तहत पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय में स्कूली बच्चों के लिए डायन कुप्रथा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

    छात्राओं ने दिया जागरूकता का परिचय

    मुख्यमंत्री उत्कृष्ट स्कॉट उच्च विद्यालय चाईबासा में लीगल लिटरेसी क्लब के तहत, दूसरे शनिवार को “डायन प्रथा” पर अधिकार मित्र द्वारा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा की कई छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने इस कुप्रथा के प्रति जागरूकता का परिचय दिया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य था कि छात्राएं अपने गांव और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं।

    किसी को डायन कहना एक अपराध

    कार्यक्रम में उपस्थित अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर ने छात्राओं को बताया कि किसी महिला को डायन कहकर संबोधित करना कानूनी अपराध है। इसके अलावा, यदि किसी महिला के साथ इस प्रकार का उत्पीड़न किया जाता है या उसके मूल अधिकारों का उल्लंघन किया जाता है, तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जागरूकता, सामान्य ज्ञान और सामाजिक समझ को बढ़ाना था। सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य अनिता सवाइयां, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर एवं हेमराज निषाद का योगदान रहा।

  • चाईबासा समाचार: प्रशासन ने LPG कालाबाजारी पर की कड़ी कार्रवाई, कई सिलेंडर किए जब्त

    चाईबासा समाचार: प्रशासन ने LPG कालाबाजारी पर की कड़ी कार्रवाई, कई सिलेंडर किए जब्त

    चाईबासा : घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) की उपलब्धता में समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के लिए एक और चिंता का विषय कालाबाजारी का बढ़ता मामला है। हालांकि, जिला प्रशासन इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध और व्यावसायिक उपयोग पर प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं।

    मधु बाजार और बड़ी बाजार में कार्रवाई

    चाईबासा के एसडीओ ने मधु बाजार और बड़ी बाजार में छापेमारी की, जिसमें बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो के नेतृत्व में चाईबासा अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार और जिला पुलिस ने दो व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अचानक छापा मारा। जांच में पता चला कि इन दुकानों पर घरेलू LPG सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। मौके पर ही सिलेंडर जब्त कर लिए गए, और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    छोटे सिलेंडरों में रीफिलिंग का मामला

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी बड़े सिलेंडरों को लेकर छोटे सिलेंडरों में रीफिलिंग कर रहे थे। इसके बाद, वे इन छोटे सिलेंडरों को अधिक कीमत पर बेच रहे थे। प्रशासन को यह भी पता चला कि ये लोग घरेलू 14 किलो वाले LPG सिलेंडर को भी ऊंचे दाम पर बेचते थे। इस संबंध में रीफिलिंग के लिए जरूरी सामान भी जब्त किया गया है।

    सिलेंडरों के स्रोत की जांच

    प्रशासन के अधिकारी अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इन बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कैसे हुई। इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा। कालाबाजारी की आशंका को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

    उपायुक्त के निर्देश

    हाल ही में आयोजित एक बैठक में उपायुक्त चंदन कुमार ने घरेलू गैस के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो ने कहा कि ऐसी छापेमारियां आगे भी जारी रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लोग या प्रतिष्ठान घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग न करें।

    सूचना देने की अपील

    प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि किसी को घरेलू सिलेंडरों के अवैध भंडारण या दुरुपयोग की जानकारी हो, तो वे तुरंत जिला प्रशासन या संबंधित थाने को सूचित करें। वर्तमान में देश में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर दबाव है, जिसके कारण कुछ असामाजिक तत्व इन्हें सस्ते दाम पर खरीदकर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों में महंगे दाम पर बेच रहे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता में कठिनाई हो रही है। जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी पर विशेष ध्यान दें और संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्ट करें।

  • श्रावणी मेला: शिवगंगा को सजाने की तैयारी, राजकीय महोत्सव की गतिविधियाँ तेज़।

    श्रावणी मेला: शिवगंगा को सजाने की तैयारी, राजकीय महोत्सव की गतिविधियाँ तेज़।

    दुमका। शिवगंगा नदी की साफ-सफाई और बेहतर सज्जा के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यह जानकारी बासुकिनाथ मंदिर के सभागार में आयोजित राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव की तैयारी संबंधी बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार ने की।

    बैठक में मेला आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने पांच स्थानों पर शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने, पेयजल व्यवस्था के लिए डीप बोरिंग कराने और मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।

    सभी एंट्री प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगाने का निर्देश

    आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला महोत्सव के आयोजन में किसी प्रकार की कमी न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को अपनी कार्य योजना शीघ्र तैयार करने को कहा गया। उन्होंने मेला क्षेत्र के सभी एंट्री प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगाने और सुचारु आवागमन के लिए ट्रैफिक रूट प्लान तैयार करने पर जोर दिया।

    बासुकिनाथ मंदिर मार्ग को करें दुरुस्त

    आयुक्त ने बासुकिनाथ मंदिर जाने वाले मार्गों की स्थिति सुधारने के लिए बासुकिनाथ-दुमका रोड को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि मेला के दौरान अक्सर बच्चे और परिजन बिछड़ जाते हैं, ऐसे में मेला क्षेत्र में लगे स्क्रीन के माध्यम से उनकी सूचना का प्रसारण किया जाए ताकि उन्हें शीघ्र उनके परिजनों से मिलाया जा सके।

    उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के आवास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, लॉकर सिस्टम, पार्किंग स्थल और पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था करने पर जोर दिया। नंदी चौक सहित प्रमुख स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यकता अनुसार मंदिर गार्ड की प्रतिनियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से करने और फायर स्टेशन के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजने की बात कही गई।

    बैठक से पूर्व आयुक्त ने रूट लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने मेला के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, आयुक्त के सचिव, नगर पंचायत बासुकीनाथ के अध्यक्ष, पंडा समाज के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • झारखंड पुलिस: बोकारो और हजारीबाग के बाद पलामू में वेतन घोटाला, वित्त मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

    झारखंड पुलिस: बोकारो और हजारीबाग के बाद पलामू में वेतन घोटाला, वित्त मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

    झारखंड में पुलिस वेतन घोटाला: पलामू में नई जांच शुरू

    झारखंड के पलामू जिले में पुलिस वेतन घोटाले का मामला सामने आया है, जो पहले बोकारो और हजारीबाग में भी उजागर हो चुका है। इस घोटाले में अवैध निकासी की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राज्य के वित्त मंत्री ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। यह निर्णय राज्य में वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

    पलामू में घोटाले की जानकारी

    पलामू में पुलिस वेतन से संबंधित अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद, राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक व्यापक जांच की प्रक्रिया शुरू की है। जांच के आदेश सभी जिलों के लिए दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

    बोकारो और हजारीबाग में पहले ही हो चुकी है कार्रवाई

    इससे पहले बोकारो और हजारीबाग में भी इसी तरह के घोटाले की सूचना मिली थी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू की थी। इन मामलों में भी अवैध तरीके से पुलिस वेतन से राशि की निकासी की गई थी। अब पलामू में हुआ नया खुलासा इस मुद्दे की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    राज्य सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखा जाए और किसी भी प्रकार की धांधली को रोका जा सके।

  • रांची में सीसीटीवी सुरक्षा में सुधार के लिए DGP ने बनाई उच्चस्तरीय समिति

    रांची में सीसीटीवी सुरक्षा में सुधार के लिए DGP ने बनाई उच्चस्तरीय समिति

    रांची : झारखंड की राजधानी रांची में शहरी सुरक्षा को और मजबूत करने और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देशानुसार, शहर में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा, उनकी गुणवत्ता की जांच, रेजोल्यूशन में सुधार और नए स्थानों पर कैमरे लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

    समिति का गठन

    इस समिति का अध्यक्ष सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक को नियुक्त किया गया है। समिति में झारखंड जगुआर के डीआईजी इंद्रजीत महथा और रांची के एसएसपी राकेश रंजन को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

    सीसीटीवी नेटवर्क की व्यापक समीक्षा

    गठित समिति रांची शहरी क्षेत्र में सभी सीसीटीवी कैमरों का विस्तृत निरीक्षण करेगी। इसमें कैमरों की कार्यक्षमता, वीडियो गुणवत्ता, कवरेज क्षेत्र और तकनीकी स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।

    रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

    समिति अपनी समीक्षा के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर, शहर में सीसीटीवी नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम

    पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से रांची में निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अपराध नियंत्रण में सहायता प्राप्त होगी। उन्नत तकनीक और व्यापक कैमरा नेटवर्क के माध्यम से शहर की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

  • जमशेदपुर शिक्षा समाचार: अब प्लस टू स्कूल के शिक्षक प्रारंभिक स्कूल के बच्चों को भी पढ़ाएंगे

    जमशेदपुर शिक्षा समाचार: अब प्लस टू स्कूल के शिक्षक प्रारंभिक स्कूल के बच्चों को भी पढ़ाएंगे

    जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने प्रभावी कदम उठाए हैं। यह निर्णय 16 जुलाई 2025 को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता सांसद बिद्युत बरण महतो ने की। बैठक में विधायक समीर महंती ने ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि +2 विद्यालयों के शिक्षक निचली कक्षाओं में पढ़ाने से हिचक रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस पर समिति ने निर्देश दिया कि +2 विद्यालयों के शिक्षक भी आवश्यकतानुसार निचली कक्षाओं में पढ़ाएं।

    निर्देशों के अनुसार, जिन विद्यालयों में माध्यमिक या प्रारंभिक कक्षाएं हैं और वहां शिक्षकों की कमी है, वहां स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक भी निचली कक्षाओं में अध्यापन करेंगे। इसके अलावा, जिन विद्यालयों का उत्क्रमण हुआ है लेकिन शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं हैं, वहां उपलब्ध शिक्षक सभी कक्षाओं का संचालन करेंगे।

    आदेश का पालन अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई

    शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। जारी आदेश में सभी शिक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित निर्देशों का पालन करें। यदि कोई शिक्षक आदेश का पालन नहीं करता है, तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को ऐसे शिक्षकों की सूची तुरंत विभाग को उपलब्ध करानी होगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वाले शिक्षकों के खिलाफ झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता

    पूर्वी सिंहभूम जिले में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रशासन ने कठोर निर्देश जारी किए हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी के पत्र और 19 मार्च 2026 को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा एवं यातायात समिति की बैठक के निर्देशों के आधार पर सभी विद्यालयों को दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। आदेश के अनुसार, स्कूल बसों और बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। बसों की खिड़कियों में जाली लगाना और निर्धारित सीटों के अनुसार बच्चों को बैठाना सुनिश्चित किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और प्रबंधन समिति की होगी।

    इसके अलावा, प्रत्येक शनिवार को विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें परिचर्चा, सेमिनार, नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग, क्विज, भाषण और वाद-विवाद जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। यह कार्यक्रम छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम आयु के छात्र किसी भी प्रकार के गियरयुक्त वाहन का संचालन नहीं करेंगे, और इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

  • चाईबासा समाचार: गुवा में एक दर्जन लोगों ने झामुमो की सदस्यता ली; सांसद जोबा मांझी ने किया स्वागत

    चाईबासा समाचार: गुवा में एक दर्जन लोगों ने झामुमो की सदस्यता ली; सांसद जोबा मांझी ने किया स्वागत

    चाईबासा में सांसद जोबा मांझी का स्वागत और सभा का आयोजन

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा में विस्थापितों के समर्थन में पहुंची सांसद जोबा मांझी का कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह के बाद, गुवा रामनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के पीछे वर्कर्स सामुदायिक भवन में एक सभा का आयोजन किया गया, जहाँ जोबा मांझी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस सभा में नोवामुंड़ी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक व्यक्तियों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सदस्यता ग्रहण की।

    नए सदस्यों का स्वागत

    इस अवसर पर सांसद जोबा मांझी और झामुमो के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने सभी नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया। नए सदस्यों ने बताया कि वे झामुमो की नीतियों और स्थानीय मुद्दों पर पार्टी के संघर्ष से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं।

    समस्याओं के समाधान का आश्वासन

    अपने संबोधन में, सांसद जोबा मांझी ने कहा कि जनता के विश्वास के कारण ही वे संसद तक पहुँची हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि गुवा क्षेत्र की किसी भी समस्या के लिए लोग सीधे संपर्क कर सकते हैं।

    जोबा मांझी ने कहा, “आप मुझे फोन पर सूचना दें, मैं हर संभव प्रयास करूंगी कि समस्या का समाधान हो सके।” इस मौके पर राहुल आदित्य, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी समेत कई अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।

    संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    कार्यक्रम के अंत में, पार्टी नेताओं ने संगठन को और मजबूत करने तथा विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।

  • रांची विश्वविद्यालय की नई कुलपति बनीं प्रो. सरोज शर्मा, अनुभव के आधार पर मिली जिम्मेदारी।

    रांची विश्वविद्यालय की नई कुलपति बनीं प्रो. सरोज शर्मा, अनुभव के आधार पर मिली जिम्मेदारी।

    रांची विश्वविद्यालय में प्रो. सरोज शर्मा की नियुक्ति

    रांची विश्वविद्यालय में नए कुलपति के रूप में प्रो. सरोज शर्मा की नियुक्ति की गई है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनके व्यापक शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

    प्रो. शर्मा का शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव

    प्रो. सरोज शर्मा शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनके अनुभव ने उन्हें इस नई भूमिका के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाया है।

    नियुक्ति की प्रक्रिया

    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रो. शर्मा की नियुक्ति के दौरान उनके कार्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। यह निर्णय राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    स्टूडेंट्स और फैकल्टी की प्रतिक्रिया

    प्रो. शर्मा की नियुक्ति के बाद रांची विश्वविद्यालय के छात्रों और फैकल्टी में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। सभी ने उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय के विकास और उत्कृष्टता की उम्मीद जताई है।

    भविष्य की योजनाएं

    प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं। उनका लक्ष्य रांची विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान बनाना है।

    निष्कर्ष

    प्रो. सरोज शर्मा की नियुक्ति से रांची विश्वविद्यालय में नई ऊर्जा और दिशा का संचार होगा। उनके अनुभव और दृष्टिकोण से विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की उम्मीद है।

  • झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति रुकी, राज्यपाल ले रहे हैं कानूनी सलाह

    झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति रुकी, राज्यपाल ले रहे हैं कानूनी सलाह

    राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नामों पर विचार

    झारखंड राज्य सरकार ने सूचना आयुक्त के पद के लिए वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा, झामुमो के आईटी सेल प्रभारी तनुज खत्री, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के नामों पर विचार किया है। इन नामों को लेकर यह चर्चा उठी है कि क्या ये सभी व्यक्ति सूचना आयुक्त बनने के मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

    राज्यपाल ने मांगी विधिक सलाह

    राज्यपाल ने विधि विशेषज्ञों से स्पष्ट पूछा है कि क्या इन नेताओं की नियुक्ति इस पद के लिए उचित है। कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि राजनीतिक दलों के सदस्यों को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करना उचित नहीं होगा। इस कारण राज्यपाल मामले को कानूनी दृष्टिकोण से देखने का प्रयास कर रहे हैं।

    निर्णय में देरी संभव

    सूत्रों के अनुसार, यदि विधिक सलाह में इन नामों को अयोग्य माना जाता है, तो राज्यपाल सरकार की अनुशंसा को वापस भी कर सकते हैं। इस स्थिति में नियुक्ति प्रक्रिया और भी लंबी खिंच सकती है।

    हाई कोर्ट में मामला लंबित

    इस मामले की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में 13 अप्रैल को निर्धारित की गई है। अदालत ने पहले ही निर्देश दिया था कि इन पदों को शीघ्र भरा जाए। राज्य सरकार ने 7 अप्रैल तक नियुक्ति करने का आश्वासन दिया था, लेकिन विवाद के चलते मामला अटक गया है।

    पदों की स्थिति

    जानकारी के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। सरकार ने अभी तक केवल चार सूचना आयुक्तों के नाम ही प्रस्तावित किए हैं, जबकि दो पद अभी भी खाली रह सकते हैं।

    जल्द आ सकता है निर्णय

    यह माना जा रहा है कि हाई कोर्ट की सुनवाई से पहले राज्यपाल इस मामले में कोई निर्णय ले सकते हैं। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधिक सलाह का परिणाम क्या होता है और नियुक्ति प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ती है।

  • जमशेदपुर आत्महत्या मामला: बीटेक छात्रा ने प्रेमी की बातों से आहत होकर की आत्महत्या

    जमशेदपुर आत्महत्या मामला: बीटेक छात्रा ने प्रेमी की बातों से आहत होकर की आत्महत्या

    जमशेदपुर में बीटेक इंजीनियर युवती ने की आत्महत्या

    झारखंड के जमशेदपुर शहर के सोनारी क्षेत्र में एक बीटेक इंजीनियर युवती ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी ने अपने प्रेमी की बातों से आहत होकर यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    घटना का विवरण

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। उसके परिवार वाले घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। युवती के पिता का कहना है कि उनकी बेटी अपने प्रेमी के व्यवहार से परेशान थी, जिसके कारण उसने यह दुखद निर्णय लिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे युवती के परिवार से पूछताछ कर रहे हैं और सभी तथ्यों को एकत्रित कर रहे हैं। इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

    परिवार का दुःख

    युवती के पिता ने कहा कि उनकी बेटी बहुत होशियार और मेहनती थी, जिसने अपनी शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल की थी। परिवार इस दुखद घटना से गहरे सदमे में है और न्याय की उम्मीद कर रहा है।

    समाज में जागरूकता की आवश्यकता

    इस घटना ने आत्महत्या के मुद्दे पर समाज में एक बार फिर चर्चा को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। परिवारों को अपने बच्चों के साथ खुलकर संवाद करना चाहिए ताकि वे अपने मन की बात कह सकें।

  • पलामू आत्महत्या मामला: किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, गांव में शोक का माहौल

    पलामू आत्महत्या मामला: किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, गांव में शोक का माहौल

    पलामू में किशोरी ने आत्महत्या की, गांव में छाया मातम

    पलामू: झारखंड के पलामू जिले के पाटन थाना क्षेत्र के जघासा गांव में एक 17 वर्षीय किशोरी ने गुरुवार शाम को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान मजबूल अंसारी की पुत्री रुखसार खातून के रूप में हुई है। घटना के अनुसार, किशोरी ने अपने घर में ही फांसी का फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठाया। इस दुखद घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत सूचना पाटन थाना की पुलिस को दी।

    पुलिस कार्रवाई और जांच

    सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज-अस्पताल भेजा। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद से पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

  • छात्र अपराध: तस्कर के साथ युवक को उठाने वाले पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल; गिद्धौर थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित

    छात्र अपराध: तस्कर के साथ युवक को उठाने वाले पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल; गिद्धौर थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित

    झारखंड: गिद्धौर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों का निलंबन

    झारखंड के **गिद्धौर** थाना क्षेत्र में एक **वायरल वीडियो** के चलते पुलिस के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस वीडियो में एक तस्कर के साथ मिलकर एक युवक को उठाने की कार्रवाई दिखाई गई है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है।

    वीडियो की पुष्टि और कार्रवाई

    वीडियो में पुलिस अधिकारियों की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें वे तस्कर के साथ मिलकर एक युवक को जबरदस्ती उठाते हुए नजर आ रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए **एसपी** ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया। निलंबन की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की पहचान के बाद, जांच का आदेश भी दिया गया है।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    स्थानीय निवासियों ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताया है। उनका कहना है कि पुलिस को तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, न कि उनके साथ मिलकर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होना चाहिए।

    भविष्य की कार्रवाई

    पुलिस विभाग ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में कोई भी दोषी नहीं बचेगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

  • TSPC ने मैक्लुस्कीगंज में फायरिंग की ज़िम्मेदारी ली, प्रेस विज्ञप्ति में दी धमकी

    TSPC ने मैक्लुस्कीगंज में फायरिंग की ज़िम्मेदारी ली, प्रेस विज्ञप्ति में दी धमकी

    टीएसपीसी ने मुंडाधौड़ा गांव में गोलीबारी की जिम्मेदारी ली

    रांची: बीते गुरुवार की सुबह मुंडाधौड़ा गांव में हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी उग्रवादी संगठन टीएसपीसी ने स्वीकार की है। संगठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटना को अंजाम देने की बात कही है। प्रेस विज्ञप्ति में संगठन के सदस्य ऋषिकेश द्वारा इस जिम्मेदारी का दावा किया गया है।

    घटना का विवरण

    प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि यह घटना गुरुवार की सुबह लगभग 6 बजे मुंडाधौड़ा क्षेत्र में लिपटर और पिपरवार के कांटा घर के निकट हुई। इस गोलीबारी में वसुदेव गंगू के घायल होने की सूचना है। संगठन ने यह भी कहा है कि यह कार्य एन.के. और पिपरवार-अशोका क्षेत्र में सक्रिय डियो होल्डर, लिपटर, ट्रांसपोर्टर और डंप कमिटी द्वारा संगठन की अनदेखी के कारण किया गया।

    संगठन की चेतावनी

    टीएसपीसी ने कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत ट्रांसपोर्टर, डंप कमिटी, ट्रक और हाइवा मालिकों, ड्राइवरों और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे संगठन से बात किए बिना कार्य करते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    फायरिंग की घटना के दौरान का माहौल

    गौरतलब है कि गुरुवार की सुबह मुंडाधौड़ा गांव में दहशत का माहौल बन गया जब अज्ञात अपराधियों ने स्थानीय निवासी नसीम खान के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की। यह घटना सुबह लगभग 6:05 बजे हुई, जिसमें अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे और नसीम खान के घर के बाहर चार राउंड गोली चलाई। बाद में वे मौके से फरार हो गए। फायरिंग के दौरान अपराधियों ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि “पैसा नहीं दोगे तो इसी तरह होता रहेगा”, जिससे इस घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

    नसीम खान का बयान

    नसीम खान, जो पेशे से ड्राइवर हैं, ने कहा कि उनका किसी के साथ कोई स्पष्ट विवाद नहीं है। अचानक हुई इस फायरिंग से उनके परिवार में डर का माहौल उत्पन्न हो गया है और गांव के लोग भी सहमे हुए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही मैक्लुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा और पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की है और फायरिंग के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और प्रेस विज्ञप्ति की सत्यता की भी पुष्टि की जा रही है। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

  • अंधविश्वास का अपराध: डायन के संदेह में भतीजे ने चाची की हत्या की, चाचा की हालत गंभीर

    अंधविश्वास का अपराध: डायन के संदेह में भतीजे ने चाची की हत्या की, चाचा की हालत गंभीर

    खूंटी में अंधविश्वास के चलते चाचा-चाची पर हमला

    खूंटी जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक दुखद घटना की जानकारी मिली है। मारंगहादा थाना क्षेत्र के कातुद गांव में, एक भतीजे ने अपने चाचा-चाची पर डायन होने के संदेह में हमला कर दिया। इस हमले में चाची सीनी पहनाइन की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चाचा विया पाहन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनका उपचार खूंटी सदर अस्पताल में चल रहा है।

    घटना का विवरण

    यह घटना मंगलवार रात को हुई। विया पाहन और उनकी पत्नी सीनी पहनाइन अपने घर में सो रहे थे, तभी उनके भतीजे कुंवर पाहन और हंगीरा पाहन अचानक घर में घुस आए और उन पर तेज धार हथियार से हमला किया। दोनों हमलावरों ने सोचा कि वे चाचा-चाची को मार चुके हैं और घटनास्थल से भाग गए।

    अंधविश्वास का मुद्दा

    इस हमले के पीछे अंधविश्वास को मुख्य कारण बताया जा रहा है। घायल विया पाहन ने जानकारी दी कि उनके बड़े भाई की पत्नी अक्सर बीमार रहती थी, जिससे परिवार के कुछ सदस्य सीनी पहनाइन को डायन मानने लगे थे। इस विषय पर मंगलवार को दिन में परिवार में विवाद हुआ था, जो रात में हिंसक घटना में बदल गया।

    इलाज के दौरान चाची की मृत्यु

    हमले के बाद परिवार और गांव के लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने सीनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश गुरुवार को उनकी मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस को इस घटना की जानकारी देर से मिली, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी विवाद को कानूनी तरीके से सुलझाएं।

  • गिद्धौर थाना प्रभारी और दो जवान सस्पेंड, वायरल वीडियो के बाद की गई कार्रवाई

    गिद्धौर थाना प्रभारी और दो जवान सस्पेंड, वायरल वीडियो के बाद की गई कार्रवाई

    चतरा में पुलिस विवाद: दो जवानों का निलंबन

    चतरा: चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र में एक विवादास्पद वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, गिद्धौर थाना प्रभारी शिवा यादव सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

    वीडियो ने बढ़ाया विवाद

    जांच के निष्कर्ष और निलंबन

    पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पुलिस टीम की कार्यप्रणाली में नियमों का उल्लंघन और प्रक्रिया में गड़बड़ी के संकेत मिले। इसी के मद्देनजर, थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

    एसपी की सख्त चेतावनी

    इस मामले पर एसपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि नियमों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यशैली को सहन नहीं किया जाएगा। पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। अगर कोई भी दोषी पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    भविष्य में और कार्रवाई की संभावना

    पुलिस प्रशासन ने यह भी बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी या व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उस पर भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

  • केंदुआडीह में BCCL के दावे असफल, गैस रिसाव का प्रभाव जारी, एक परिवार के तीन सदस्य बीमार।

    केंदुआडीह में BCCL के दावे असफल, गैस रिसाव का प्रभाव जारी, एक परिवार के तीन सदस्य बीमार।

    धनबाद: धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव की समस्या लगातार बनी हुई है। हाल ही में, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे गंभीर चिंता उत्पन्न हुई।

    राजपूत बस्ती के निवासी सन्नी कुमार (24), दिव्या देवी (34) और उनका तीन वर्षीय बेटा डुग्गू चक्कर, उल्टी और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं से जूझने लगे। इनकी हालात बिगड़ने पर, इन्हें सुबह करीब 4 बजे बीसीसीएल के कुस्तौर क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में उनका इलाज जारी है।

    डॉक्टरों के अनुसार, इन लोगों की तबीयत गैस के प्रभाव के कारण खराब हुई है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई लोग गैस रिसाव के कारण अस्पताल पहुंच चुके हैं।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में गैस का रिसाव अभी भी जारी है। बीसीसीएल ने पहले यह दावा किया था कि नाइट्रोजन फिलिंग जैसी उपायों से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन हालात अभी भी सामान्य नहीं हो सके हैं।

    सांस की तकलीफ और अन्य समस्याएं

    गैस रिसाव के कारण स्थानीय लोग प्रतिदिन सांस की तकलीफ, चक्कर और उल्टी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति ने इलाके में भय और चिंता का माहौल बना दिया है।

    यह चिंताजनक है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद बीसीसीएल और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

    निवासियों का कहना है कि वे हर दिन खतरों के बीच जीने के लिए मजबूर हैं। इस घटना ने बीसीसीएल के दावों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय निवासियों ने जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों और वे सुरक्षित माहौल में रह सकें।

  • पश्चिम सिंहभूम समाचार: डेरोवां के निकट सैकड़ों गोवंशीय पशु जब्त, गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई

    पश्चिम सिंहभूम समाचार: डेरोवां के निकट सैकड़ों गोवंशीय पशु जब्त, गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई

    गोइलकेरा में गोवंशीय पशुओं की तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा पुलिस ने डेरोवां के पास एक महत्वपूर्ण छापेमारी की, जिसमें सैकड़ों गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा ले जाए जा रहे गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया गया। जानकारी के अनुसार, ओडिशा से इन मवेशियों को जंगल के रास्ते लाने का प्रयास किया जा रहा था।

    पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया

    गोइलकेरा के थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा ने अपने दल के साथ मिलकर डेरोवां के इलाके में छापेमारी की। इस दौरान गोवंशीय पशुओं को सफलतापूर्वक बरामद किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई में किसी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। ज्ञात रहे कि ओडिशा के खटकुलबहार और राजगांगपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की झारखंड में तस्करी का सिलसिला कई वर्षों से जारी है।

    तस्करी का विस्तृत नेटवर्क

    सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के मनोहरपुर, आनंदपुर और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के गांवों से लगभग 400 गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से झारखंड से पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने इस योजना को विफल कर दिया और पशुओं को बरामद कर लिया। थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा का कहना है कि बरामद पशुओं की संख्या लगभग सौ के करीब थी, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि पकड़े गए मवेशियों की संख्या काफी अधिक थी।

    पशुओं की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई

    पशुओं की तस्करी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है। इस प्रकार की छापेमारी से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन तस्करी के खिलाफ सख्त है और इस पर नजर बनाए हुए है।

  • बड़कागांव में लूट की योजना विफल, 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

    बड़कागांव में लूट की योजना विफल, 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

    बड़कागांव में लूट की साजिश रचने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी

    हजारीबाग: बड़कागांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लूट की योजना बनाते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर मुख्य मार्ग के नजदीक टीपी-05 के क्षेत्र में छापेमारी की गई। संदिग्ध अवस्था में पाए गए इन युवकों को हिरासत में लिया गया और कड़ी पूछताछ के बाद गिरोह का पूरा खुलासा हुआ।

    हथियार के जरिए लूट की तैयारी

    पुलिस की जांच में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी राहगीरों को निशाना बनाकर हथियार के बल पर लूट करने की योजना बना रहे थे। उनके पास से एक देशी पिस्टल, 13 जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और एक अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह इलाके में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।

    ज्वेलरी दुकान लूट में संलिप्तता

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बड़कागांव क्षेत्र में पहले हुई ज्वेलरी दुकान की लूट में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की गई थी और पूरी योजना के तहत लूट को अंजाम दिया गया था।

    सभी सदस्य गिरफ्तार

    इस मामले में पुलिस ने कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें साजिश रचने वाले, सहयोगी और वाहन उपलब्ध कराने वाले सभी शामिल हैं। सभी के खिलाफ बड़कागांव थाना कांड संख्या 54/26 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या लूटे गए गहनों को अन्य राज्यों में बेचने का कोई संबंध है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा किया जा सकता है।

  • छात्रा की अशोका परियोजना में दिनदहाड़े फायरिंग; ट्रक मालिक घायल, पुलिस कारण की जांच कर रही है।

    छात्रा की अशोका परियोजना में दिनदहाड़े फायरिंग; ट्रक मालिक घायल, पुलिस कारण की जांच कर रही है।

    चतरा की अशोका परियोजना में दिनदहाड़े फायरिंग

    चतरा जिले के अशोका परियोजना क्षेत्र में एक गंभीर घटना घटित हुई है, जिसमें एक ट्रक मालिक को गोली लगने की सूचना मिली है। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है और स्थानीय प्रशासन इसकी गंभीरता को समझते हुए मामले की जांच में जुट गया है।

    घायल ट्रक मालिक की स्थिति

    अधिकारियों के अनुसार, ट्रक मालिक को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली लगने की वजह से उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    संभावित कारणों की जांच

    पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह घटना लेवी वसूली या क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई से संबंधित हो सकती है। मामला गहराता जा रहा है और पुलिस विभिन्न कोणों से जांच कर रही है।

    स्थानीय प्रतिक्रिया

    इस घटना ने क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

  • 48 घंटे बाद भी हिमांशु का पता नहीं, दीपाटोली में लापता किशोर की चिंता बढ़ी

    48 घंटे बाद भी हिमांशु का पता नहीं, दीपाटोली में लापता किशोर की चिंता बढ़ी

    रांची : रांची के दीपाटोली क्षेत्र में एक 14 वर्षीय किशोर के लापता होने की सूचना आई है। बांधगाड़ी निवासी हिमांशु मुंडा पिछले 48 घंटे से घर नहीं लौटे हैं, जिससे उनके परिवार और पूरे इलाके में चिंता का माहौल व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमांशु मुंडा 07 अप्रैल 2026 को अपराह्न लगभग 4 बजे खेलने के लिए घर से निकले थे। रोज की तरह वह मोहल्ले में खेल रहे थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले आसपास और रिश्तेदारों के यहां उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

    परिवार की चिंता बढ़ी

    हिमांशु के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा बिना बताए कहीं नहीं जाते थे। अचानक उनका लापता होना परिवार के लिए एक चिंता का विषय बन गया है। मां नीतू नगरुवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता रंजीत मुंडा लगातार बेटे की तलाश में जुटे हुए हैं। परिवार ने बताया कि अब तक कोई कॉल या सूचना नहीं मिली है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

    पुलिस से मदद और लोगों से अपील

    घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए बच्चे को खोजने की मांग की है। इसके साथ ही लोगों से भी अपील की जा रही है कि यदि किसी को हिमांशु के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे, तो तुरंत संपर्क करें।

    लापता किशोर की जानकारी

    • नाम : हिमांशु मुंडा
    • पिता : रंजीत मुंडा
    • माता : नीतू नगरुवार
    • पता : बांधगाड़ी, दीपाटोली, रांची
    • उम्र : 14 वर्ष
    • लापता होने का समय : 07 अप्रैल 2026, दोपहर 4 बजे
    • संपर्क नंबर : 8709002060, 9304946708

    परिवार ने सभी से अनुरोध किया है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि हिमांशु का जल्द पता लगाया जा सके। एक छोटी सी सूचना भी बच्चे को उसके घर वापस लाने में मददगार साबित हो सकती है।

  • रांची आरपीएफ समाचार: हटिया स्टेशन पर 16.9 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, जानें कीमत।

    रांची आरपीएफ समाचार: हटिया स्टेशन पर 16.9 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, जानें कीमत।

    रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई: हटिया स्टेशन पर 16.9 किलो गांजा बरामद

    रांची: रेलवे सुरक्षा बल ने ‘ऑपरेशन नार्कोस’ के अंतर्गत हटिया रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 16.9 किलो गांजा बरामद किया गया है और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियान कमांडेट पवन कुमार के नेतृत्व में रांची रेल मंडल में चलाया जा रहा है।

    चेकिंग अभियान की जानकारी

    8 अप्रैल को, आरपीएफ पोस्ट हटिया और सीआईबी रांची की संयुक्त टीम ने स्टेशन पर चेकिंग अभियान का आयोजन किया। इस दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-2 के फुट ओवरब्रिज के नीचे एक युवक संदिग्ध स्थिति में ट्रॉली बैग के साथ बैठा मिला। उसकी पहचान विशाल पुरकायत के रूप में हुई, जिसका पता जगन्नाथपुर, रांची है।

    गांजे की बरामदगी

    तलाशी के दौरान विशाल के पास मौजूद दो ट्रॉली बैग से कुल तीन पैकेट गांजा बरामद हुए, जिनका कुल वजन 16.900 किलोग्राम था। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 8.45 लाख रुपये आंकी जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अंगुल से गांजा लेकर ट्रेन संख्या 18403 एक्सप्रेस से हटिया पहुंचा था।

    कानूनी कार्रवाई

    विशाल पुरकायत को कानूनी प्रक्रिया के पश्चात जीआरपीएस हटिया को सौंप दिया गया है। वहां एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से रेलवे सुरक्षा बल की सक्रियता और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।